मेरा प्यार प्रीत

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प्रेषक : कुनाल …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम कुनाल है, में लखनऊ का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 25 साल है, मेरी हाईट 5 फुट 9 इंच है, मेरी गर्लफ्रेंड का नाम प्रीति है। मेरी यह स्टोरी 2 साल पहले की है,  प्रीति दिखने में बहुत सुंदर है, फेयर कलर, हाईट 5 फुट 5 इंच, फिगर साईज 35-30-36 है। अब में आपको ज्यादा बोर ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ। फिर कुछ दिनों के बाद मुझे प्रीति का किसी दूसरे से अफेयर की बात का पता चला तो मैंने प्रीति से बात की तो प्रीति ने मुझसे माफी माँगी। फिर मैंने उसे माफ कर दिया और उससे वाद लिया कि वो अब कभी भी मुझसे झूठ नहीं बोलेगी और हमेशा मेरी बनकर रहेगी।  फिर मैंने उसे अपने घर बुलाया मैंने तो सोचा भी नहीं था कि आज मेरी ख्वाहिश पूरी हो जाएगी, लेकिन वो हो गया जिसका मुझे जन्मों से इंतजार था और हर दिन की तरह वो मेरे घर पर आई और मेरे बेड पर मेरे साथ बैठ गयी।

फिर हमने कुछ देर बातें की में हमेशा सिस्टम पर गाने लगा देता था और हल्के साउंड पर म्यूज़िक ऑन कर देता था। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उसे अपनी तरफ खींचा और उसे अपनी बाँहों में भर लिया वो कभी इसका विरोध नहीं करती थी। फिर में उसे किस करने लगा, अब जब में उसे किस करता था, तो वो कुछ नहीं बोलती थी बस किस इन्जॉय करती थी। फिर मैंने उसके सैंडल उतार दिए और उसे बेड पर  सीधा लेटा दिया और उसके ऊपर आकर उसे किस करने लगा, मुझे भी किस करने में बहुत मज़ा आता है। फिर उसके बाद में अपने एक हाथ से उसके बदन को सहलाने लगा और उसके पेट पर अपना एक हाथ फैरने लगा। अब उस पर भी मदहोशी छाने लगी थी। फिर में अपना एक हाथ उसके कुर्ते में डालकर उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसकी चूचीयाँ दबाने लगा। फिर मैंने पीछे से उसकी ब्रा के हुक खोल दिए और उसकी नंगी चूचीयों को दबाने लगा। अब मेरा भी लंड खड़ा हो गया था और वो भी गर्म हो गयी थी।

फिर में अपना एक हाथ नीचे ले गया और उसकी सलवार में पीछे से अपना एक हाथ डालकर उसकी मोटी गांड को सहलाने लगा। फिर मैंने उसकी सलवार के नाड़े पर अपना एक हाथ डाला और खोलने लगा, लेकिन आज उसने कोई विरोध नहीं किया। ये सब में प्रीति के साथ पहले भी कर चुका था,  लेकिन पहले वो सलवार नहीं उतारने देती थी सिर्फ एक बार मैंने जबरदस्ती उसकी जीन्स उतारी थी, लेकिन चोदा नहीं था, तो तब उसे काफ़ी शर्म आई थी। फिर मैंने उसकी चड्डी भी उतार दी थी और उसकी चूत को सहलाने लगा था, उसकी चूत भीग चुकी थी जिससे उसकी चड्डी भी गीली हो गयी थी।  वो झाटें साफ नहीं करती थी, उसकी झाटें बड़ी-बड़ी थी, तो तब मैंने कहा कि में उसकी चूत चाटूं।

फिर उसने कहा कि अभी कल ही मेरी एम.सी बंद हुई है और मैंने इसे साफ़ भी नहीं किया है, ये गंदी है  मत करो, लेकिन मैंने कहा कि कोई बात नहीं में फिर भी चाट लूँगा और मैंने उसकी चूत को चाट लिया, लेकिन बड़ी-बड़ी झाटें होने की वजह से मुझे इतना मज़ा नहीं आया और जब उसके बाद मैंने उसे किस करना चाहा। तो उसने मना कर दिया और बोली कि तुम्हारे लिप्स गंदे है, तो मैंने कहा कि तुम्ही से तो गंदे हुए है। फिर में अपने लिप्स धोकर आया और उसे किस किया और फिर वो अपने कपड़े पहनकर चली गयी, लेकिन उस दिन मैंने उसे चोदा नहीं क्योंकि मुझे डर था कहीं वो बुरा ना मान जाए। फिर बाद में मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया और उसकी चड्डी में अपना एक हाथ डाल दिया और उसकी चूत को छूने लगा, उसकी चूत गीली हो गयी थी। फिर मैंने अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाल दी, तो वो आसानी से चली गयी, क्योंकि उसकी चूत पहले से गीली थी। फिर में उसकी चूत में अपनी एक उंगली अंदर बाहर करने लगा। फिर थोड़ी देर के बाद मुझे लगा कि अब लंड डाल देना चाहिए तो मैंने उसकी सलवार और कच्ची उतारनी चाही।

अब में उसकी सलवार और चड्डी एक साथ उतारने लगा था, लेकिन उसने चूड़ीदार सलवार पहन रखी थी  जो कि उसके पैरो में फंस गयी और उतरने का नाम ही नहीं ले रही थी। अब मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था क्योंकि ये मेरा पहला एक्सपीरियन्स था। तो मैंने उससे पूछा कि ये कैसे उतरती है? तो वो मुस्कुराकर बोली कि ये ऐसे उतरती है  इसे नीचे से खींचो। तो में खीचने लगा, लेकिन वो नहीं उतरी, ये तो मेरे साथ खड़े लंड पर धोखा हो गया था, लेकिन मैंने भी इसका हल निकाल लिया और अपने कपड़े उतारकर उसके नीचे से होता हुआ उसके दोनों पैरो के बीच में से उसके ऊपर आ गया। अब में कंडोम पहन चुका था  तो मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुँह पर रखा और एक धक्का दिया, तो मेरा लंड उसकी चूत में चला गया, क्योंकि उसकी चूत काफी गीली थी, तो मुझे कोई परेशानी नहीं हुई।

फिर मैंने उससे पूछा कि दर्द तो नहीं हो रहा ना? तो वो बोली कि हो रहा है। फिर मैंने कहा कि ओके में धीरे-धीरे करूँगा और में अपना लंड अंदर बाहर करने लगा, लेकिन मुझे कोई खास मज़ा नहीं आ रहा था क्योंकि उसे दर्द हो रहा था और में डर गया था कि कहीं कुछ गलत ना हो जाए। अब मेरे सिर पर जो चुदाई को भूत था वो उतर चुका था और मुझे बहुत डर लग रहा था, इसी वजह से में बहुत जल्दी झड़ गया। फिर में उसके ऊपर से हटा और कंडोम उतारकर पूछा कि क्या हुआ? तो वो बोली कि दर्द हो रहा है, तो में और डर गया। फिर मैंने उसे उठाया और फिर उसने अपने कपड़े ठीक किए और घर जाने लगी, अब उसे चलने में तकलीफ़ हो रही थी। फिर में उसे बाहर तक छोड़कर आया और फिर शाम को मैंने उसे कॉल किया और पूछा कि अब क्या हाल है? तो वो बोली कि अब दर्द कम है, तो ये सुनकर मेरी जान में जान आई। फिर मैंने पूछा कि कैसा लगा था?  तो वो बोली कि कुछ नहीं बस दर्द हो रहा था। तो मैंने भी कहा कि मुझे भी मज़ा नहीं आया।

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फिर उसने पूछा कि क्यों?  तो मैंने कहा कि क्योकि तुम्हें दर्द हो रहा था ना और में डर गया था, तो वो कुछ नहीं बोली। फिर हम प्यार भरी बातें करने लगे, हम रात में काफ़ी देर तक बात किया करते थे। फिर करीब 2 दिन के बाद मैंने उसे फिर से अपने घर बुलाया। फिर में उसे किस करने लगा और उसे बेड पर सीधा लेटाया और उसे किस करता रहा। फिर में उसकी कुर्ती में अपना एक हाथ डालकर उसकी चूचीयाँ दबाने लगा और उसका बदन सहलाने लगा। आज वो भी मेरा साथ दे रही थी और मेरे बदन को महसूस कर रही थी। फिर मैंने उसकी ब्रा के हुक खोले और उसकी चूचीयाँ पकड़ ली। फिर मैंने उसके सलवार के नाड़े पर अपना हाथ रखा, तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और मना करने लगी, लेकिन में नहीं माना और उसका हाथ हटा दिया और उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया। अब वो सिर्फ़ ऊपर से विरोध कर रही थी और मन से वो भी यही चाहती थी तभी तो उसने दुबारा से मना नहीं किया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने उसकी सलवार और चड्डी दोनों नीचे कर दी और उसकी चूत पकड़ ली। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उसकी सलवार और चड्डी दोनों उतार दी और फिर मैंने उसकी कुर्ती भी उतार दी।  फिर में उसकी शमीज उतारने लगा, तो वो मना करने लगी। फिर में भी मान गया  क्योकि उसे अभी भी शर्म आ रही थी, तो मैंने भी उसकी बात मान ली। तो तब मैंने अपने सारे कपड़े भी उतार दिए और उसके साथ नंगा होकर लेट गया और उसे किस करते-करते उसकी चूत में उंगली करने लगा और फिर मैंने उसकी चूचीयाँ भी पी। फिर मैंने उसका एक हाथ पकड़कर अपना लंड उसे पकड़ा दिया तो उसने तुरंत अपना हाथ हटा लिया, लेकिन मैंने फिर से उसे अपना लंड पकड़ा दिया। फिर इस बार उसने मेरा लंड पकड़ लिया और उसे दबाने लगी। अब में बहुत गर्म हो चुका था, तभी वो मेरे लंड को बड़ी बेदर्दी से दबाने लगी, तो मुझे दर्द होने लगा, लेकिन में कुछ नहीं बोला शायद वो झड़ने वाली थी,  क्योंकि में उसकी चूत में उंगली जो कर रहा था। तब मैंने चोदना ही ठीक समझा, क्योंकि में भी झड़ने वाला था तो मैंने जल्दी से कंडोम पहना और उसके ऊपर आ गया और अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया और उसे चोदने लगा।

अब उसे भी मज़ा आ रहा था, लेकिन थोड़ी ही देर के बाद में झड़ गया और रुक गया। फिर वो बोली कि रुक क्यों गये? तो में कुछ नहीं बोला क्योंकि उसने मेरा लंड बहुत बेदर्दी से दबा दिया था, तो में जल्दी ही झड़ गया। फिर मैंने कंडोम उतारा और उसे किस करने लगा तो थोड़ी ही देर के बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया, तो इस बार मैंने उसे अपने ऊपर लेटा लिया और उसको अपने लंड पर बैठा लिया और फिर उसे किस करते-करते चोदने लगा। अब मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था और उसे भी बहुत मजा आ रहा था। फिर मैंने उससे पूछा कि दर्द तो नहीं हो रहा ना? तो वो बोली कि नहीं। अब में उसे खूब मज़े से चोदने लगा था और उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था, अब में उसे किस भी किए जा रहा था। फिर थोड़ी देर के बाद मुझे लगा कि अब मेरा निकलने वाला है तो मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और ज़ोर-जोर से चोदने लगा।

अब उसका भी निकलने वाला था, अब में धक्के लगाए जा रहा था, तो तभी मेरा निकलने लगा और मैंने  ज़ोर लगाकर अपना पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया और झड़ने लगा। अब वो भी झड़ रही थी, अब हम दोनों एक दूसरे से चिपक गये थे। फिर थोड़ी देर तक हम ऐसे ही पड़े रहे, फिर हम अलग हुए और मैंने कंडोम उतारा और फिर उसके साथ लेट गया और उसे किस करने लगा। फिर तब मैंने उससे पूछा कि मज़ा आया, तो वो बोली कि हाँ, तो में बहुत खुश हुआ और वो भी बहुत खुश थी। में फिर से उसे किस करने लगा और उसकी गांड सहलाने लगा, तो वो कुछ नहीं बोली और मज़े से किस किए जा रही थी। फिर थोड़ी देर के बाद में उठा और वैसलीन ले आया और उसकी गांड के अंदर और अपने लंड पर खूब सारी वैसलीन लगा ली। फिर मैंने उसे उल्टा लेटने को कहा, तो वो लेट गयी और में उसके ऊपर लेट गया और उसकी गांड में अपना लंड डालने लगा, लेकिन उसकी गांड बहुत टाईट थी और मेरा लंड घुस नहीं रहा था, लेकिन में अपना लंड घुसाने में लगा हुआ था।

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फिर थोड़ी देर के बाद मेरा लंड स्लिप होकर उसकी चूत में चला गया और में उसे चोदने लगा। अब मुझे भी लगा कि मेरा लंड चूत में है तो मैंने उससे पूछा कि लंड आगे तो नहीं चला गया ना? तो वो बोली कि हाँ। तो मैंने तुरंत अपना लंड बाहर निकाला और देखा तो सही में मेरा लंड उसकी चूत में चला गया था और मैंने कंडोम भी नहीं पहना था क्योंकि गांड में प्रेग्नेंसी का डर तो होता नहीं है। फिर मैंने उसकी गांड को थोड़ा चौड़ा किया और उसकी गांड के छेद पर अपना लंड सही से रखा और घुसाने लगा। अब मेरा लंड धीरे-धीरे उसकी गांड में घुसने लगा था। फिर में उसके ऊपर लेट गया और अपना लंड और अंदर करने लगा। फिर जब मेरा लंड उसकी गांड में घुस गया तो में उसे चोदने लगा। अब मुझे बहुत मज़ा आने लगा था, लेकिन तभी मुझे ख्याल आया कि कहीं प्रीति को दर्द तो नहीं हो रहा तो मैंने उससे पूछा तो वो बोली कि हाँ हो रहा है, तो में रुक गया।

फिर थोड़ी देर के बाद में फिर से धीरे-धीरे चोदने लगा, वैसे थोड़ा दर्द तो मुझे भी हो रहा था क्योंकि उसकी गांड बहुत टाईट थी, लेकिन मुझे मज़ा भी आ रहा था। फिर में उसे ऐसे ही चोदता रहा, अब शायद उसे भी मज़ा आ रहा था। फिर थोड़ी देर के बाद में उसकी गांड में ही झड़ गया। फिर मैंने अपना लंड उसकी गांड से बाहर निकाला और उसके साथ लेट गया, अब में उसे किस करने लगा था। फिर थोड़ी देर बाद मैंने कहा कि मेरा लंड चूसो तो उसने मना कर दिया, तो में उसकी चूत की तरफ अपना मुँह करके लेट गया और उसकी चूत चूसने लगा और अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया। फिर वो मना नहीं कर पाई और मेरा लंड चूसने लगी। फिर उस दिन मैंने उसे 5 बार चोदा, 4 बार चूत और 1 बार गांड मारी। फिर इस तरह से हम कई महीनों तक चुदाई करते रहे, लेकिन किसी की नजर हमारे प्यार को लग गयी और हम अलग हो गये, वो दिन मेरे दिल में हमेशा बसे रहेंगे, में करीब 2 साल से अकेला हूँ और किसी का इंतज़ार कर रहा हूँ ।।

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धन्यवाद …

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