मेरी कज़िन की ख्वाइश

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प्रेषक : दीपक …

हैल्लो दोस्तों। ये कुछ टाईम पहले की बात है। मेरी मौसी की लड़की है, जिसकी उम्र मुझसे छोटी है, हम अक्सर मिलते थे, लेकिन कभी मेरे दिमाग़ उसके लिए ग़लत ख्याल नहीं आया था। अब कभी वो हमारे घर रहने आती थी, तो कभी में उसके घर जाता था। फिर एक दिन वो हमारे घर आई, वो हमेशा स्कर्ट पहनती थी। फिर एक दिन में दोपहर को बालकनी में बैठा था, तो वो मेरे आई और बोली कि आ में तेरा सिर देखती हूँ। तो मैंने कहा कि ठीक है, जब मम्मी नीचे धूप सेकने गई थी, क्योंकि सर्दियां थी और हम दूसरे फ्लोर पर रहते थे, मम्मी सामने पार्क में बैठी थी जो हमारी बालकनी और एक रूम से साफ़ साफ़ दिखता था।

फिर मैंने कहा कि अब में देखता हूँ, तो उसने कहा कि ठीक है, तो मैंने कहा कि पहले में नहा लूँ, तो वो बोली कि ठीक है, तो में नाहकर टावल लपेटकर बाहर आ गया। फिर मैंने कहा कि क्या में थोड़ी देर धूप देख सेक लूँ? तो वो बोली कि ठीक है। फिर मैंने कहा कि लाओ में तब तक तुम्हारा सिर देखूं, तो में सामने कुर्सी पर बैठ गया, तो वो दूसरी तरफ फेस करके बैठ गई। फिर मैंने कहा कि इस साईड से देख लिया है अब मेरी तरफ सिर घुमा लो, अब इस साईड से भी देख लूँ। तो वो बोली कि कोई चीज़ भी नहीं है जिस पर में बैठूं, नीचे ठंड लग रही है क्योंकि उसने खाली स्कर्ट पहनी थी। तो मैंने कहा कि मेरे पैरों पर बैठ जा, तो वो बोली कि ठीक है, तो उसने मेरी तरफ अपना फेस कर लिया। अब मुझे ध्यान नहीं रहा कि में सिर्फ़ टवल में हूँ। फिर वो घूमी तो उसने देखा कि मेरे टावल में से मेरा लंड साफ़-साफ़ दिख रहा है, लेकिन वो चुप रही।

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फिर मैंने महसूस किया कि उसकी स्कर्ट मुझे चुभ रही है तो मैंने कहा कि तेरी स्कर्ट मेरे पैरो में चुभ रही है, थोड़ी ऊपर कर लो। तो उसने अपनी स्कर्ट थोड़ी सी ऊपर कर ली, जिस कारण उसकी चूत मेरे पैरो पर टच होने लगी, लेकिन बाद में मैंने देखा तो वो एकटक मेरा लंड देख रही थी। फिर वो बोली कि पैरो पर बैठकर तो में गिर जाउंगी, तो क्या में कुर्सी और तेरे पैरो को पकड़कर बैठ सकती हूँ? तो मैंने कहा कि हाँ। अब उसको भी मज़ा आ रहा था, अब उसने मेरे पैरो को पकड़ लिया था। फिर उसने धीरे- धीरे मेरे लंड पर अपना हाथ रख दिया, तो में हडबड़ा कर उठा तो मेरा टावल खुल गया और में पूरा नंगा हो गया, तो वो हंस पड़ी। फिर मैंने एकदम से अपना टावल बांधा और अंदर भाग गया, अब तो में उससे आँख भी नहीं मिला पा रहा था।

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फिर वो मेरे पास आई और बोली कि अरे इसमें शर्मा क्यों रहा है? भाई क्या हुआ अगर मैंने देख लिया तो? तो मैंने कहा कि अगर में तुम्हारे साथ ऐसा करूँ, तो वो चुप हो गई। फिर एक दिन वो नाहकर बाहर आई, तो रूम में छुप गया। फिर वो अंदर आई और अपने कपड़े चेंज करनी लगी और जब उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए, तो में भी तब तक अपने कपड़े उतार चुका था, जिसका उसे पता नहीं लगा था। फिर मैंने एकदम से उसे पकड़ लिया तो वो हैरान हो गई और छूटने की कोशिश करनी लगी। तो मैंने कहा कि अब क्या हुआ? अपनी बारी में। तो वो बोली कि अब देख लिया है ना सब, अब छोड़ो मुझे। तो मैंने कहा कि अब नहीं छूट सकोगी, तो वो बोली कि अब और नहीं। तो मैंने कहा कि अच्छा एक बार सब देखने दो और छुने दो फिर कुछ नहीं कहूँगा, तो वो खड़ी हो गई। फिर मैंने एक दो चीज़ यानी चूची और चूत को छू कर देखा और फिर में अपने कपड़े पहनकर बाहर आ गया, अब तो हम खुल चुके थे।
फिर एक दिन रात को हम सो रहे थे, तो मैंने कहा कि आज न्यूड होकर सोए क्या? तो वो बोली कि कुछ करेगा तो नहीं? तो मैंने कहा कि नहीं, तो वो तैयार हो गई। फिर हम पूरी रात मस्ती करते रहे, कभी उसके ऊपर, तो कभी नीचे। फिर मैंने कहा कि क्या पीछे से कर लूँ? मेरी बहुत इच्छा हो रही है, तो वो बोली कि सिर्फ़ पीछे से, तो मैंने कहा कि हाँ। तो तब मैंने उसकी गांड पर खूब सारा तेल लगाया और अपना लंड उसकी गांड में अंदर डाल दिया। अब वो चीख रही थी, लेकिन में रुका नहीं। फिर थोड़ी देर के बाद वो शांत हो गई, अब उसे भी मज़ा आने लगा था। फिर सुबह 4 बजे मैंने देखा कि वो अपनी टांगे खोलकर सो रही है, तो मैंने धीरे से उसकी चूत पर खूब सारा तेल लगाया और अपना लंड धीरे-धीरे अंदर डालने लगा। अभी मेरा लंड आधा ही अंदर गया था कि वो एकदम से उठ गई, तो मैंने कहा कि थोड़ी देर करने दे प्लीज। तो उसने मना किया, लेकिन फिर भी मैंने उसे मना लिया और उसके बाद मैंने उसकी चूत में अपना मोटा सा लंड डाल दिया। तो अचानक से उसकी चीख निकल गई और फिर मैंने देखा कि उसकी सील टूट गई है, लेकिन उसने मेरा साथ दिया और हमने जी भरकर चुदाई की और खूब मजे लिए ।।

धन्यवाद …

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