मेरी जवान चूत की भड़कती आग

0
loading...

प्रेषक : दीपिका …

हैल्लो दोस्तों, आप सभी को मेरा नमस्ते, मेरा नाम दीपिका है, में 28 साल की हूँ और अजमेर की रहने वाली एक हाउसवाईफ हूँ, मेरे एक 3 साल की छोटी बच्ची है। मेरे पति के पास खुद का बिजनेस है,  जिसमें वो दिन रात मस्त रहते है, उनके पास हमारे लिए टाईम ही नहीं है और वो ना ही मेरी सेक्स  की भूख मिटा सकते है। वो पहले शादी के समय तो ठीक थे, लेकिन शराब और गलत संगत में पड़कर  बहुत कमजोर हो गये है, अब संभला मुश्किल लगता है जबकि में एक सुंदर जवान और बहुत ही सेक्सी औरत हूँ, मेरी साईज 36-32-36 है और में हमेशा एक मस्त चुदाई की चाहत रखती हूँ, लेकिन मेरे दिल की तमन्ना कभी पूरी नहीं होती थी। में कामुकता डॉट कॉम की बहुत बड़ी फैन हूँ और में चाहती थी कि कोई अजमेर का रहने वाला लड़का मिल जाए, जिससे में अपनी प्यास बुझा सकूँ। फिर मैंने फेसबुक पर आई-डी एक बनाई और मुझे फेसबुक पर एक लड़का मिला और मुझे लगा कि ये मेरी समस्या का हल निकाल सकता है तो मैंने उसको एक मैसेज किया, उसमें मैनें अपनी समस्या लिख डाली। फिर उसने उसका जवाब इतने प्यार और विश्वास के साथ दिया कि में तुरंत तैयार हो गयी थी।

फिर मैंने उनसे उनका फोन नंबर मैल के ज़रिए ही लिया और उनको फोन पर बातें करने लगी थी। अब हम रोज घंटो बातें करने लगे थे। अब उसके साथ बात करना मुझे भी अच्छा लगने लगा था। फिर वो सेक्स की बातें करने लगा। अब जब वो सेक्सी बातें करता तो मुझे कुछ-कुछ होने लगता था। फिर हम रोल प्ले करने लगे और इंटरनेट पर ही सेक्स करते थे। फिर एक दिन मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने उसको अपने घर बुला लिया। वो दिखने में भी बहुत स्मार्ट और बोल्ड है। मैंने पहले तो सोचा कि क्या यही वही आदमी है? जो इंटरनेट पर सेक्सी बातें कर-करके ही मुझे फ्री कर देता है।

फिर वो मेरे करीब आया और उसने मुझे अपनी बाहों में ले लिया। एक पल के लिए तो मेरी साँसे थम गयी थी कि अब मेरे साथ क्या होने वाला है? लेकिन दूसरे ही पल मुझे अच्छा लगने लगा था। फिर उसके लिप्स मेरे लिप्स से जा मिले। अब उसके हाथ मेरे बूब्स को दबाने लगे थे, तो मुझ पर नशा छाने लगा और में उसकी बाहों में सिमटने लगी थी। अब मुझे उसके हाथों में जादू सा लगने लगा था, जो मुझे पागल करने लगा था। फिर तब मुझे लगा कि यह आदमी मेरे लिए कमाल का काम करेगा और   फिर में भी उसका साथ देने लगी और उसको अपनी बाहों में कसने लगी थी।

loading...

अब उसके जादू भरे हाथ मेरे बदन पर फिरने लगे थे और मुझको बहाल करने लगे थे, पता नहीं उसमें क्या जादू था? कि में बस बिखरती जा रही थी। अब मेरा मन कर रहा था कि बस वो मुझे चोद दे। फिर जब वो अपने हाथ मेरे बदन पर ऊपर से लेकर नीचे तक लेकर जाता तो बस मेरे मुँह से आहह, उउउफफफफफफ्फ़ की आवाज ही निकलती थी। फिर उसने मेरे कपड़े उतारने शुरू किए, तो मुझे कुछ पता ही नहीं चला कि कब में उसके सामने नंगी हो गयी, क्योंकि उसके हाथों और उसके लिप्स के जादू में मानो में खो गयी थी। फिर थोड़ी देर तक तो मुझे पता ही नहीं चला कि वो मेरे बदन से अलग होकर मुझे नंगा देख रहा है। फिर जब में होश में आई तो मुझे पता चला तो मुझे बहुत शर्म आने लगी। फिर मैंने उसको पास आने को कहा, तो वो नहीं आया। अब में उसकी पागल तो हो चुकी थी तो में ही नंगी उठकर उसको पकड़ने लगी। अब वो रूम में इधर उधर भागने लगा था, लेकिन उसने मुझे पागल कर दिया था तो में भी नंगी ही उसको पकड़ने लगी थी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

loading...

फिर जब वो मुझे अपनी बाहों में लेकर प्यार करने लगा, तो में फिर से मदहोश होने लगी थी। फिर थोड़ी देर के बाद मुझे होश आया तो मैंने पाया कि अब वो भी नंगा है और मुझे तब पता चला जब प्यार करते-करते उसने मेरा एक हाथ पकड़कर नीचे ले जाकर अपना लंड मेरे हाथ में दे दिया। फिर तब मुझे एकदम से होश आया कि यह क्या है? अब उसको देखकर मुझे थोड़ा डर लगने लगा था कि में इसको कैसे लूँगी? लेकिन मुझे नहीं पता था कि आगे क्या होने वाला है? फिर उसने मुझे बेड पर लेटाकर मेरे पूरे बदन पर अपने लिप्स का जादू डाल दिया और मेरी चूत  को इस तरह सक किया कि में तो दो बार झड़ गयी। अब में उसके प्यार से पागल हो गयी थी। फिर जब मुझे थोड़ा होश आया तो में उसके लंबे गुदगुदे खड़े लंड को अपने हाथ में लेकर सहलाने लगी थी।

loading...

अब उसके लंड को देखकर मेरा मन उसे चूसने को किया तो में बड़े ही प्यार से उसके लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी, वाह क्या स्वाद था?  उसका टोपा तो एकदम गुलाबी और बहुत ही अच्छा था।  फिर उसने मुझे बेड पर लेटा दिया  और कब मैंने उसके लिए अपनी दोनों टांगे खोल दी? मुझे पता ही नहीं चला। फिर जब उसका मस्त लंबा और मोटा गर्मा गर्म लंड जब मेरी चूत पर लगा तो एक पल के लिए मुझे होश आया, लेकिन थोड़ी देर के बाद वो अपने लिप्स मेरे लिप्स से मिलाकर मुझे चोदने लगा। मुझे पता ही नहीं चला कि कब उसका गर्म लंड मेरी चूत में समा गया? फिर जब वो मुझे चोदने लगा, तो मुझे पता चला कि कब उसका लंड मेरे अंदर चला गया? सच में वो बहुत अच्छा सेक्स करता था। उसके सेक्स स्टाइल ने मुझे इतना मस्त कर दिया था कि मुझे दर्द का भी अहसास नहीं हुआ था। उसके लिप्स और हाथों में अजीब सा जादू था, सच में ऐसा पार्टनर मिले जाए तो सेक्स का डर भी गायब हो जाए। अब उस दिन से मेरा सेक्स से डर बिल्कुल दूर हो गया था। फिर थोड़ी देर के बाद वो फ्री हो गया। अब में हैरान थी कि इस बीच में 4 बार फ्री हो चुकी हूँ, लेकिन वो सिर्फ़ एक बार फ्री हुआ है। फिर जब वो मुझसे अलग हुआ तो मैंने देखा कि उसका लंड मेरी चूत के खून में नहाया हुआ है, तो यह देखकर में डर गयी, लेकिन मुझे अच्छा लगा कि मुझे दर्द का एहसास नहीं हुआ था। फिर मैंने उसको अपनी बाहों में लेकर प्यार करना शुरू किया, सच में पता नहीं वो क्या जादूगर है? फिर उसने मुझे 3 बार और चोदा। अब वो सिर्फ़ 3 बार ही फ्री हुआ था, लेकिन में ना जाने कितनी बार फ्री हो चुकी थी? फिर थोड़ी देर के बाद हम दोनों नहा धोकर बैठ गये और फिर थोड़ी देर के बाद वो चला गया। आज भी जब भी मुझे कोई मौका मिलता है तो में उसको बुला लेती हूँ और सेक्स का मज़ा लूटती हूँ। सच में वो इतने प्यार से करता है कि मुझे पता ही नहीं चलता है, बस में खुद को मजे में पाती हूँ। अब उसके चले जाने के बाद भी उसके हाथों और उसके लिप्स का जादू मेरे बदन पर छाया रहता है। अब हम दोनों रोज फोन पर सेक्स करते है। में उसकी बातें सुन-सुनकर ही फ्री हो जाती हूँ। फिर हमें जब भी कोई मौका मिलता है तो हमें रियल में करने में खूब मज़ा आता है। अब उसके कारण आज में हर पल खुश रहती हूँ और एक बच्चे की माँ भी हूँ ।।

धन्यवाद …

Comments are closed.

error: Content is protected !!