मौसी का मूत पीकर गांड मारी – 1

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प्रेषक : राहुल …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राहुल है, मेरी उम्र 22 साल है, मेरा लंड 8 इंच लम्बा है और में हमेशा से चूत का दीवाना रहा हूँ। मुझे खासकर आंटियों में ज्यादा दिलचस्बी है, मेरा घर मुंबई में बांद्रा में सी फेस पर है और में हमेशा शाम को वॉक पर आने वाली आंटीयों के बॉल और चूतड़ देखता हूँ। मुझे गैलेरी में खड़े रहकर आंटियों के हिलते हुए चूतड़ देखने में बड़ा मज़ा आता है और मेरा लंड खड़ा हो जाता है। कभी कभी तो कुछ आंटियां इतने टाईट कपड़े पहनती है कि जिसमें से उनके बड़े-बड़े बूब्स और चूतड़ देखकर ऐसा लगता है कि अभी जाकर उनके कपड़े फाड़ दूँ और उनको उधर ही चोद डालूँ और इन ख्यालों में, में अपना तना हुआ लंड अपने हाथ से हिलाता हूँ। मैंने अभी तक कॉलेज की 5 लड़कियों को चोदा है, लेकिन में हमेशा किसी बड़ी उम्र वाली औरत को चोदना चाहता था, बड़ी औरत यानी 26-30 साल वाली, हरी भरी गांड वाली और अगर कुँवारी चूत हो तो मजा आ जाए।

में हमेशा से मेरे पड़ोसवाली आंटियों और रिश्तेदारी में चाची, मामी, मौसी के चूतड़ और बूब्स देखा करता था, लेकिन किसी औरत को चोदने की तमन्ना बाकी थी। मेरी मौसी एक हीरोइन है। में उसे मौसी ना कहकर साक्षी ही कहूँगा, वो मेरी माँ की छोटी बहन है, बहुत लोग ऐसे भी होंगे जो साक्षी के नाम की मूठ मारते है और में भी उनमें से एक हूँ। में बचपन में छुट्टियों में हमेशा साक्षी के घर जाया करता था, वो मुझे बहुत चाहती थी, लेकिन तब में छोटा था। में भी उसे चाहता था मगर एक मौसी की तरह, लेकिन जब में बड़ा हुआ तो मुझे सेक्स के बारे में पता चलने लगा। अब जब भी में साक्षी के घर जाता, तो वो मुझे गालों पर चूमती, मुझे हग करती, तो मेरा लंड खड़ा हो जाता। अब में भी उससे लिपट जाता और उसकी पीठ पर से हाथ घुमा देता, तो कभी-कभी तो उसके बूब्स मेरी छाती पर लगते, तो मुझसे रहा नहीं जाता, लेकिन में खुद पर कंट्रोल कर लेता और बाथरूम में जाकर साक्षी के नाम की मुठ मार लेता था।

अब में रात को सोते समय हमेशा सोचता कि साक्षी मौसी के बूब्स कितने बड़े होगे? उसकी झाटों से भरी चूत को चूमने और चाटने में कितना मज़ा आएगा? और एक बार वो साली अपनी गांड के दर्शन करा दे तो में गंगा नहा लूँ। में हमेशा उनका सीरियल देखा करता, तो उस साड़ी में लिपटी नारी का रेप करने को दिल चाहता, ऐसा लगता मानो अभी टी.वी के अंदर घुसकर उसकी साड़ी में लिपटी गांड पर अपना लंड रगड़ दूँ और उसकी साड़ी ऊपर करके उसकी गांड को चुमू, चाटू और उसकी गांड में अपनी उंगली डाल दूँ, में उसे एक बार नंगी करके चोदना चाहता था।

अब जब भी वो अपने चुत्तड हिलाकर चलती है, तो ऐसा लगता है कि उसे पीछे से पकड़कर अपना लंड उसकी चूत में डालकर उस रंडी को चोद डालूँ। लेकिन आख़िर में वो मेरी मौसी थी इसलिए में कुछ नहीं कर पा रहा था। फिर लास्ट टाईम जब में साक्षी के घर गया, तो मैंने बाथरूम में उसकी ब्रा और पेंटी देखी, तो मैंने उसकी पेंटी को सूँघा तो मुझे नशा सा होने लगा था, उसकी चूत की क्या मस्त खूशबू थी? फिर मैंने सोचा कि काश में उसकी पेंटी होता तो उसकी चूत से पूरा दिन लिपटा रहता। अब में अकेले में बोले जा रहा था आह साली रंडी साक्षी मौसी चुदवा मुझसे, तुझे तो में रंडी बनाकर चोदूंगा, साली क्या गुलाबी चूत होगी तेरी कुतिया। फिर मैंने उसकी चूत की जगह में अपना लंड निकाला और अपना सारा माल उसकी पेंटी में डाल दिया। अब में अपने कमरे में बैठा हुआ था, तभी साक्षी मौसी अंदर आ गई। तो मैंने उसे स्माइल दी, तो उसने मुझे गालों पर चूमा और हग किया। साक्षी ने पारदर्शी साड़ी और स्लीवलेस ब्लाउस पहना था, उनका ब्लाउज थोड़ा लो कट था और उसे देखकर ही मेरा लंड खड़ा हो गया था, तो वो मुझे देखकर स्माइल करने लगी, फिर में और वो बोली।

साक्षी : राहुल, कैसे हो? पढ़ाई कैसी चल रही है?

में : सब ठीक है मौसी?

साक्षी : कॉलेज में कोई गर्लफ्रेंड बनाई है, या नहीं ?

में : (अब में उनकी यह बात सुनकर शॉक था) नहीं मौसी।

साक्षी : तेरी उम्र में तो सब लड़के लड़कियों के पीछे भागते है?

अब मैंने शर्म से अपनी गर्दन झुका दी और कुछ नहीं बोला। तभी उसका मोबाईल अपने हाथ से गिरा और वो उठाने के लिए झुकी, तो उसका साड़ी का पल्लू नीचे गिरा और अब मेरी नज़र साक्षी के बॉल पर थी, हाय क्या नज़ारा था? फिर उसने देखा कि मेरी नज़र उसके स्तनों पर है, तो वो अपना पल्लू ठीक करके चली गई। फिर दूसरे दिन सुबह जब वो मेरे लिए नाश्ता टेबल पर रख रही थी, तो उसने जानबूझ कर अपना पल्लू नीचे गिरा दिया। अब मेरी नज़र फिर से उसकी चूचीयों पर थी, अब मुझे देखता देखकर साक्षी बोली कि क्या देख रहे हो? पसंद आ गये हो तो बता दो? फिर मैंने सोचा कि यही सही मौका है साली की अभी तक शादी भी नहीं हुई है और यह कुतिया लंड के लिए तड़प रही होगी। तो में हिम्मत करके बोला कि अगर चूसने को मिल जाता तो मजा आ जाता। फिर साक्षी ने अपनी साड़ी खोल दी, अब वो सिर्फ़ पेटीकोट और ब्लाउज में थी। अब में उसके मुलायम होंठ, बूब्स को देखकर पागल हो गया और सीधा जाकर उससे चिपक गया।

फिर मैंने अपना एक हाथ साक्षी के बूब्स पर रखा और अपने एक हाथ से उसके पेटीकोट के ऊपर से उसके चूतड़ सहलाने लगा। तो वो मुझे देखकर मुस्कुराई, तो में उसके होंठो को पागलों की तरह चूमने लगा। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उसका ब्लाउज उतारा और उसके पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया, अब वो सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी। फिर मैंने अपनी पेंट भी उतार दी, फिर मैंने उसके कान में कहा कि में कब से तुम्हें चाहता हूँ? और तेरी चूत मारना चाहता था। फिर साक्षी बोली कि में जानती हूँ मेरे राजा, जब तुम मेरी पेंटी की खुशबू सूंघ रहे थे और अपना लंड हिला रहे थे, तब तुम बाथरूम का दरवाजा लॉक करना भूल गये थे और मैंने वो सब देख लिया था। मैंने उस दिन तेरा लंड देखा तो मेरी चूत में खुजली सी होने लगी थी, तब मुझे लगा कि तू अब बड़ा हो गया है और तुम्हें भी चूत की ज़रूरत है और मैंने वो भी सुन लिया था, जो तुम मेरे बारे में बोल रहे थे।

में : तुम्हें बुरा तो नहीं लगा ना?

साक्षी : उसमें बुरा लगने वाली क्या बात है? अब में तो खुश हूँ कि तू तेरी मौसी को चोदना चाहता है और चुदाई करते समय अगर गंदी-गंदी बातें करे, तो चुदाई का मज़ा और आता है। अब तू बता तू मेरे बारे में क्या सोचता है?

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में : साक्षी, आई लव यू में तेरे नाम से बहुत बार अपना लंड हिला चुका हूँ, में तेरे होंठ देखता हूँ तो ऐसा लगता है कि बस चूस डालूँ, तेरे बूब्स का सारा दूध पी लूँ, तेरी गांड की तो सारी दुनिया दीवानी है, तेरी गांड तो मुझे सबसे ज़्यादा पसंद है।

साक्षी : क्यों ऐसी क्या बात है मेरी गांड में?

में : साड़ी में तेरी टाईट गांड देखकर तो बूढ़े का भी लंड खड़ा हो जाए, मन करता है कि तेरी गांड में अपनी उंगली डाल दूँ और तेरी पाद सूंघ लूँ।

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साक्षी : (हँसते हुए) मेरी पाद भी सूँघेगा कुत्ते।

में : में तो तेरा मूत भी पी लूँगा, साली रंडी।

अब मैंने उसकी पेंटी में अपना हाथ डालकर उसकी चूत में उंगली डाल दी और अब वो मेरा लंड सहला रही थी।

साक्षी : और क्या तुझे मेरी चूत अच्छी नहीं लगती?

में : तेरी रसीली चूत का तो सारा इंडिया दीवाना है भोसड़ेवाली, तेरी चूत के चक्कर में कितने अपना लंड रोज़ हिलाते होंगे? मेरे दोस्त भी तो तेरी इसी चूत के पागल है, में तो इस चूत का भूत बनकर रहना चाहता हूँ। अब मैंने उसकी ब्रा और पेंटी भी निकाल दी थी और अब में उसकी गुलाबी चूत देखकर पागल हो गया था। फिर मैंने उसे हर जगह किस करना शुरू किया, अब साक्षी भी मेरा साथ देने लगी थी।

साक्षी : में मूतकर आती हूँ।

में : में तुझे मूत करते हुए देखना चाहता हूँ, तेरा मूत का स्वाद चखना चाहता हूँ।

साक्षी : चल, मादरचोद आज में तुझे अपना मूत पिलाती हूँ।

फिर हम दोनों बाथरूम में गये और वो मूतने बैठ गई। फिर में मेरा मुँह उसकी चूत के पास ले गया और उसका मूत पीने लगा, तो वो हंस पड़ी, क्या टेस्ट था उसके मूत का वाह? फिर हम बेडरूम में आए और फिर मैंने उसे लेटा दिया और उसके ऊपर चढ़ गया। अब मेरा तना हुआ लंड देखकर उसकी चूत में पानी आ गया था और अब मुझे भी उसकी चूत का मज़ा लेना था।

साक्षी : अब देर मतकर और मुझे जल्दी से चोद दे, आज में अपनी चूत अपने बहन के बेटे से मरवाऊंगी डाल अपना लंड मेरी चूत में, हरामी।

अब में साक्षी के मुँह से चुदाई की बातें सुनकर और बेताब हो गया था, तो मैंने उसकी चूत में मेरा लंड डाल दिया। अब साली की चूत में अपना लंड डालने के बाद मुझे ऐसा लगा कि साक्षी कुँवारी नहीं है, साली वो पहले और भी केले खा चुकी थी। फिर मैंने उसे चोदना शुरू किया और अपनी स्पीड बढ़ा दी, अब मेरा पूरा लंड उसकी चूत में अंदर बाहर हो रहा था। अब साक्षी और चोदो, चोदो मुझे आ आ प्लीज़ चोदो अहह बोले जा रही थी। फिर में 15 मिनट तक उसे चोदता रहा और फिर हम दोनों एक साथ झड़ गये और एक दूसरे की बाहों में सो गये। फिर जब दोपहर को मेरी आँख खुली तो मैंने देखा कि साक्षी किचन में खाना बना रही थी, जब उसने सिर्फ़ गाउन पहना था और वो भी पारदर्शी। अब मुझे उसके अंदर का सब कुछ दिखाई दे रहा था, अब मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था तो मैंने पीछे से जाकर उसे पकड़ा और अपन लंड उसकी गांड पर रगड़ने लगा और उसे किस करने लगा।

साक्षी बोली : यह क्या कर रहे हो? मुझे खाना तो बनाने दो।

में : तेरी माँ की चूत रंडी, नाटक दिखाती है, साली चल जल्दी से नंगी हो जा कमिनी, एक तो ऐसे कपड़े पहनती है और फिर मुझे रुकने को कहती है, अभी तो तेरी जाँघ और चूत भी तो चाटनी है।

साक्षी : साले हरामी मुझे रंडी बोलता है, रंडी की औलाद।

फिर मैंने उसकी गाउन ऊपर की और उसकी गांड में अपना लंड डालकर उसे चोदने लगा। तो वो चिल्लाने लगी साले कुत्ते जा अपनी माँ की गांड मार ले, साले मुझे बहुत दर्द होता है निकाल तेरा लंड मादरचोद, लेकिन मैंने उसकी एक नहीं सुनी और उसकी गांड मारता रहा। फिर उसकी गांड मारने के बाद मैंने उसे टेबल पर लेटाया और उसकी चूत और जांघो को चूमने और चाटने लगा। अब में अपनी जीभ को उसकी चूत के अंदर तक ले गया और धीरे-धीरे चूसता रहा, क्या रसीली चूत थी उसकी दोस्तों? अब वो झड़ गयी थी, तो मैंने उसका सारा वीर्य पी लिया, क्या मस्त टेस्ट था उसकी चूत के पानी का क्या बताऊँ?

में : मेरी बरसो की तमन्ना थी तेरी चूत को चाटने की।

साक्षी : मेरी चूत तो चाट ली, अब मे तेरा लंड चुसूंगी और फिर उसने झुककर मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी।

अब लंड चूसते-चूसते में उसके बूब्स और चूतड़ को दबा रहा था। अब वो मेरे लंड का सारा पानी पी गयी थी, अब वो एकदम रांड लग रही थी, फिर हमने होटल से खाना मँगवाया और खाने लगे।

फिर साक्षी बोली कि : कपड़े तो पहने दो।

में : कपड़े तो वैसे भी में 10 मिनट में तेरे उतार ही दूँगा और मैंने उसे खींचकर मेरी जांघो पर बैठा लिया और फिर हम खाना खाने लगे। अब उसकी गांड की गर्मी से मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था और उसकी गांड से टकराने लगा था।

साक्षी : तू तो आज मेरी चूत का भोसड़ा करने वाला है, कितनी बार चोदेगा अपनी इस रंडी को?

में : तुझे तो में ज़िंदगीभर अपनी रंडी बनाकर रखूंगा और एक दिन में 5 बार चोदूंगा, साली आज तक कितने डायरेक्टर और प्रोड्यूसर का केला खाया होगा कुत्ती?

साक्षी : बहुत सारे डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और एक्टर्स के साथ चुदाई की है हरामी, लेकिन कोई तेरे जैसा नहीं मिला।

में : क्या सीरियल वाला ओम अग्रवाल तुझे चोद चुका है?

साक्षी : हाँ साला बहुत हरामी है, वो शूटिंग करते वक़्त मुझे गांड और बूब्स पर छूने की बहुत कोशिश करता था। एक बार आउटडोर शूटिंग थी, तब हम एक होटल में रुके थे और रात को हम सब बाहर बैठे थे, तो मुझे ज़ोर की पेशाब लग गई और में लेडीस बाथरूम में जाने लगी, तो ओम भी मेरे साथ बाथरूम में घुस गया और मेरे बूब्स दबाने लगा।

तो मैंने उसे रोकना चाहा, लेकिन फिर मुझे भी अच्छा लगने लगा। फिर उसने मेरी सलवार खोली और मेरी पेंटी नीचे करके चोदने लगा। फिर वो रात को मेरे कमरे में आया और रातभर मुझे चोदा, आज भी वो सेट पर कभी मेरी चूत या गांड पर हाथ लगाता है, तो कभी मेरी गांड पर पिंच करता है।

में : कोई उसे देखता नहीं है क्या?

साक्षी : नहीं, वो अकेले में ही करता है हरामी, लेकिन एक बार ओम मेरे बूब्स दबा रहा था, तो कृष्णा ने देख लिया, जो सीरियल में मुझे बड़ी माँ बुलाता है।

में : फिर क्या हुआ?

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साक्षी : तो फिर उसने भी घर आकर अपनी बड़ी माँ की चुदाई कर दी थी।

अब यह सब सुनकर मुझसे रहा नहीं गया और फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया और धक्का देने लगा। फिर मैंने उसे थोड़ा झुकाया और पीछे से डॉगी स्टाइल से उसकी चूत का मज़ा लेने लगा। अब वो भी चिल्ला रही थी, उस दिन मैंने उसको 5 बार चोदा और उसकी चूत को चोद-चोदकर लाल कर दिया। अब चुदाई का यह सिलसिला आज भी बाकी है, अब में हर महीने कम से कम 2 दिन के लिए साक्षी मौसी के घर जाकर उसे चोदता हूँ।

धन्यवाद …

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