मम्मी की बहन को चोद डाला

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प्रेषक : मधुर …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम मधुर और जैसे कि आप सब मेरे बारे में जानते ही होगें। में बहुत ही अच्छे शहर से हूँ और मुझे अपनी स्टोरी आपको बताने में बहुत मज़ा आता है। यह स्टोरी तब कि है जब में सिर्फ़ 18 साल का था, हमारे घर में बहुत बड़ा प्रोग्राम था और उस प्रोग्राम में सभी आए हुए थे। मेरी मौसी दिखने में बहुत सेक्सी है, उनका नाम कविता है, वो सभी लेडिस की तरह साड़ी पहनती है और उनका साड़ी पहनने का तरीका देखने में और लेडीस से भी अलग था। वो अपनी साड़ी को अपनी मोटी कमर के नीचे पहनती है, वो बहुत ज़्यादा भी मोटी नहीं है मगर साड़ी में उनका सारा मोटापा छुप जाता है, क्योंकि लोगों की नज़र उनके बूब्स पर रहती है, उनकी नाभि भी बहुत नाज़ुक है और उसे देखोगें तो उसे चाटने का मन करेगा। वो पेशे से वकील है और उनकी शादी हो चुकी है, उनके 3 बेटे है, लेकिन फिर भी वो अपनी जवानी में कम नहीं है, उनके बूब्स जैसे एक-एक तरबूज हो ऐसे है, मेरा उन्हें मुँह में लेकर चूसने का मन करता है। वो साड़ी के ब्लाउज बहुत टाईट पहनती है, जिससे उनके बूब्स और भी तने हुए लगते है।

अब वो प्रोग्राम में स्लीवलेस ब्लाउज पहनकर आई हुई थी और उनकी साड़ी हमेशा की तरह उनकी नाभि के नीचे थी। अब मुझे ऐसा लग रहा था कि वहीं सबके सामने उन्हें चोद डालूँ। फिर में उनके पास गया और उनसे बातें करने लगा, तो वो बोली कि अरे मधुर कितना बड़ा हो गया है? बहुत ही अच्छा लग रहा है। तो में मन ही मन में शरमाया और कहा कि मौसी क्या आप कल घर पर फ्री है? में आपके यहाँ आना चाहता हूँ। तो मौसी बोली कि अभी आजा, अभी जब में घर जाउंगी तभी चलना, तो में राज़ी हो गया और वही सोने का प्लान भी बना लिया। अब प्रोग्राम ख़त्म हो चुका था, अब में और मौसी मेरी स्कूटी पर रात के 1 बजे सड़क से जा रहे थे।

अब में जब-जब ब्रेक दबा रहा था, तो तब-तब मौसी के बूब्स मेरी पीठ पर लग रहे थे, अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। फिर में जानबूझ कर ज़ोर-जोर से ब्रेक दबाने लगा, अब मौसी को भी धीरे-धीरे सब समझ में आ रहा था। फिर मौसी ने अचानक से अपना एक हाथ मेरी कमर पर रख दिया, तो तभी मेरे शरीर में अजीब सा करंट दौड़ा। अब में मौसी को चोदने के लिए और भी पागल हो रहा था। अब हम घर पहुँच चुके थे, हमने खाना तो खा लिया था और सिर्फ़ सोने जाना था और जब किस्मत से मौसा जी भी घर से बाहर ट्रिप पर गए हुए थे और उनके बच्चे भी सो चुके थे। फिर मौसी चेंज करके आ गई, अब उन्होंने एक नाइटी पहनी थी, जो जामुनी कलर की थी, मौसी उसमें बहुत सुंदर लग रही थी। अब मौसी ने गलती से अपनी नाइटी के ऊपर के बटन खुले छोड़ दिए थे। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर मैंने मौसी से कहा कि मौसी आपके स्तनों के ऊपर के दो बटन खुले है, जो कि मुझे अंदर का सभी नज़ारा बता रहे थे। मौसी ने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी और ऐसा लगता था कि उन्होंने जानबूझ कर नहीं पहनी थी। अब मौसी को ऐसा बोलते वक़्त मुझे शर्म भी नहीं आई और मौसी ने मेरी तरफ देखकर एक नॉटी सी स्माइल दी। फिर मौसी ने मुझसे कहा कि तुम भी अब लूँगी पहन लो, तो मौसी ने तुरंत मुझे मौसा जी की लूँगी लाकर दी। अब मेरा लंड पूरा खड़ा था, फिर मौसी ने मेरे लंड की तरफ देखा और अपनी आँखे दूसरी तरफ फैर ली। तो मैंने अपना हाथ अंदर डालकर उसे सुला दिया तो मैंने फिर से देखा तो वो फिर खड़ा दिख रहा था। फिर मौसी बोली कि अरे ये क्या बार-बार अंदर हाथ डाल रहे हो? तो मैंने कहा कि कुछ नहीं खुजली हो रही है। तो मौसी तुरंत मेरे पास आकर बोली कि बताओ में देखती हूँ, तो मौसी ने एक झटके में मेरी लूँगी निकाली तो मेरा लंड अभी भी चड्डी के नीचे से और भी बड़ा दिख रहा था और आस पास के बाल भी दिख रहे थे।

फिर मौसी बोली कि अरे तेरे वहाँ पर बाल भी उग आए तो में बोला कि हाँ लंड भी बड़ा हो गया है। तो मौसी बोली कि अच्छा तो तू समझ गया कि में तुझे यहाँ क्यों लेकर आई हूँ? अब पता चल ही गया है तो देर क्यों कर रहा है? चल चोद डाल अपनी माँ की बहन को, जो तुझे बचपन में अपनी गोद में खिला चुकी है और तब से तेरा बड़े होने का इंतज़ार कर रही है। अब मौसी मेरे बहुत करीब थी और मुझे चूमने लगी थी और मुझे चूम-चूमकर पूरा गीला कर दिया था। अब मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था। अब मौसी मेरे लंड को अपने हाथों से मसल रही थी। अब में पूरा नंगा हो चुका था, लेकिन मौसी अभी तक पूरे कपड़ो में ही थी। फिर मैंने मौसी से कहा कि चलो अब में तुम्हारे कपड़े उतारूँगा, तो मौसी हँसते हुए बोली कि उतार दे, चोद डाल मुझे, मेरे बूब्स को मसलकर उन्हें अपने मुँह में लेकर पी जा मेरा सारा दूध, तो में मौसी की नाइटी पीछे से धीरे-धीरे उतारने लगा।

अब मौसी के आँखों में हवस भरी हुई थी, फिर मैंने मौसी के पूरे कपड़े उतार दिए और उनके बूब्स को चूसने लगा और उसमें से आता थोड़ा-थोड़ा दूध भी पीने लगा। अब में बहुत पागल हो चुका था, अब में मौसी के बूब्स को एक तरबूज की तरह काट और चूस रहा था, अब मौसी भी हवस से पूरी लथपथ थी। फिर मैंने मौसी के मुँह में अपना लंड दे दिया, तो वो पहले तो हिचकिचाने लगी क्योंकि शायद उन्होंने पहले कभी लंड मुँह में नहीं लिया था इसलिए। फिर मैंने मौसी को कहा कि एक बार लेकर तो देखो बहुत मज़ा आएगा। फिर मौसी मेरे लंड को अपने मुँह में लेने लगी और केले की तरह चूसने लगी। अब में आह हुउऊउउ करने लगा था और मौसी के मुँह में मेरा सारा पानी भरने लगा था और वो भी उसे मज़े से पीने लगी थी। फिर मैंने मौसी को रोका और अब अपने लंड को उनके चूतड़ में घुसा दिया और ज़ोर-ज़ोर से डालने लगा, तो मौसी आआआअहह हुउऊउउ करने लगी। अब में मौसी को चोदते-चोदते उनके बूब्स का दूध भी पी रहा था। फिर 10 मिनट के बाद मैंने अपना वीर्य मौसी की चूत में ही छोड़ दिया।

फिर हम दोनों वैसे ही अपने बिस्तर पर सो गये और सुबह जब उठे तो मौसा जी सामने बैठकर जूस पी रहे थे। फिर मैंने चौंककर मौसी की तरफ देखा, तो वो काफ़ी सामान्य लग रही थी ।।

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धन्यवाद …

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