मम्मी ने मेरी चूत का उद्घाटन करवाया

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प्रेषक : शशि …

हैल्लो दोस्तों, में दिल्ली में रहती हूँ और मेरा नाम शशि है। मेरी उम्र अभी केवल 18 साल है और में इकलौती हूँ। मेरी माँ अभी केवल 35 साल की है, मेरे छोटे मामा अक्सर हमारे घर आया करते है और वो ज़्यादातर मम्मी के कमरे में ही घुसे रहते है। मुझे पहले तो कुछ नहीं लगा, लेकिन फिर एक दिन में जान ही गयी कि मम्मी अपने छोटे भाई यानि मेरे मामा से ही मज़ा लेती है। अब मुझे बहुत आश्चर्य हुआ, लेकिन उन दोनों को देखकर अजीब सा मज़ा भी मिला। अब में जान गयी थी कि मम्मी अपने भाई से फंसी है और वो दोनों चुदाई का मज़ा लेते है। मामा करीब 25 साल के थे और मामा अब मुझे भी अजीब नजरों से देखते थे, लेकिन में कुछ नहीं बोलती थी।

फिर घर के माहौल का असर मुझ पर भी पड़ा। अब मुझे मामा को अपनी चूचीयों को घूरते हुए देखकर अजीब सा मज़ा मिलता था। अब जब भी पापा घर पर नहीं होते तो मम्मी मामा को अपने रूम में ही सुलाती थी। फिर एक रात में मम्मी के रूम में कान लगाकर उन दोनों की बात सुन रही थी तो में उन दोनों की बात सुनकर दंग रह गयी। मामा ने कहा कि दीदी अब तो शशि भी जवान हो गयी है, दीदी आपने कहा था कि शशि का मज़ा भी तुम लेना। फिर मम्मी बोली कि शह्ह्ह मेरे प्यारे भैया तुमको रोकता कौन है? तुम्हारी भांजी है जो करना है करो, जवान हो गयी है तो साली को चोद दो, जब में शशि की उम्र की थी तो कई लंड खा चुकी थी। में सिर्फ 5 साल से तुमसे ही चुदवा रही हूँ और आजकल तो लड़कियाँ 16 साल कि उम्र में ही चुदवाने लगती है। अब में चुपचाप उन दोनों की बात सुन रही थी और बैचेन हो रही थी। फिर मामा बोले कि वो गुस्सा ना हो जाए। फिर मम्मी बोली कि नहीं होगी, तुम गधे हो और पहली बार सब लड़कियाँ बुरा मानती है, लेकिन जब मज़ा पाएगी तो लाईन देने लगेगी, अब जरा मेरी चूत चाटो। फिर मामा बोले कि जी दीदी और फिर वो मम्मी की चूत को चाटने लगा।

फिर कुछ देर के बाद मामा की आवाज आई दीदी वो पूरी गदरा गयी है। फिर मम्मी बोली कि हाँ हाथ लगाओगे तो और मस्त हो जाएगी, तुम्हें डरने की जरूरत नहीं है अगर नखरे दिखाए तो पटककर चोद दो, फिर देखना मज़ा पाते ही अपने मामा की दीवानी हो जाएगी जैसे में अपने भैया की दीवानी हो गयी हूँ, अब चाटो मेरे भाई मुझे चटवाने में बहुत मज़ा आता है। फिर मामा बोला कि हाँ दीदी मुझे भी तुम्हारी चूत चाटने में बड़ा मज़ा मिलता है। अब में उन दोनों की बात सुनकर मस्त हो गयी थी। अब मेरे मन का डर तो मम्मी की बात सुनकर निकल गया था। अब में जान गयी थी कि मेरा कुंवारापन बचेगा नहीं, अब मम्मी खुद मुझे चुदवाना चाह रही थी। अब में जान गयी थी कि जब मम्मी को इतना मज़ा आ रहा है तो मुझे तो बहुत आएगा।

अब मम्मी तो अपने सगे भाई से चुदवा ही रही थी और साथ ही मुझे भी चोदने को कह रही थी। फिर मम्मी और मामा की बात सुनकर में वापस आकर अपने कमरे में लेट गयी। अब मेरी दोनों चूचीयाँ तेज़ी से मचल रही थी और जांघो के बीच की चूत गुदगुदा रही थी। फिर कुछ देर के बाद में फिर से खिड़की के पास गयी और अंदर की बात सुनने लगी तो मुझे अजीब सी पच-पच की आवाज़ आ रही थी तो मैंने सोचा कि यह कैसी आवाज है? तो तभी मुझे मम्मी की आवाज़ सुनाई दी हाए थोड़ा और साले बहनचोद तुमने तो आज थका ही दिया। फिर मामा बोला कि अरे साली रंडी अभी तो 100 बार ऐसे ही करूँगा। अब में उनकी गंदी बातें सुनकर तड़प उठी थी और अब में जान गयी थी कि पच-पच की आवाज चुदाई की है और मम्मी अंदर चुद रही है, अब मामा मम्मी को चोद रहे है। फिर तभी मम्मी ने कहा कि हाए बहुत दमदार लंड है तुम्हारा, गजब की ताक़त है, मेरी चूत दो बार झड़ चुकी है, आआअहह बस ऐसे ही तीसरी बार निकलने वाला है, आअहह बस राजा मेरा निकलने वाला है, तुम सच में एक बार में 2-3 को खुश कर सकते हो, अब जाओ और अगर तुम्हारा मन और कर रहा हो तो जाकर शशि को जवान कर दो।

फिर मामा बोला कि वो कहाँ होगी? तो मम्मी बोली कि अपने कमरे में और जाओ दरवाज़ा खुला होगा, मुझमें तो अब जान ही नहीं रह गयी है। अब मम्मी ने तो यह कहकर मुझे मस्त ही कर दिया था। अब घर में सारा मज़ा था। अब मामा अपनी बड़ी बहन को चोदने के बाद अब अपनी कुँवारी भांजी को चोदने को तैयार थे। फिर में उनके चुप हो जाने के बाद अपने कमरे में आ गयी और अब में जान गयी थी कि मामा मम्मी को चोदने के बाद मेरी कुँवारी चूत को चोदकर जन्नत का मज़ा लेने मेरे कमरे में आएँगे। अब मेरे पूरे बदन में करंट दौड़ने लगा था। फिर मैंने रूम में आकर तुरंत मैक्सी पहनी और में चड्डी पहनकर सोती थी, लेकिन आज मैंने चड्डी भी नहीं पहनी थी, आज तो कुँवारी चूत का उद्घाटन था। अब मेरी चूत की धड़कन तेज हो रही थी और चूचीयों में रस भर रहा था।

अब मेरा मन कर रहा था कि मामा से कह दूँ कि मम्मी तो बूढ़ी है, में जवान हूँ, चोदो मुझे। अब रात के 11 बज चुके थे और मैंने मेरे रूम का दरवाज़ा खुला रखा था। अब मैंने मैक्सी को मेरी एक टाँग से ऊपर चढ़ा दिया था और एक चूची को गले की तरफ से थोड़ी सी बाहर निकाल दी थी और उसके आने की आहट लेने लगी। अब में मस्त थी और ऐसे पोज में थी कि कोई भी आता तो उसे अपनी चूत चखा देती। मैंने अभी तक लंड नहीं देखा था बस सुना था। फिर 10 मिनट के बाद मुझे उसकी आहट मिली, अब मेरे रोएँ खड़े हो गये थे, लेकिन मुझे करार नहीं मिला तो मैंने झटके से मेरी पूरी चूची को बाहर निकालकर अपने आँखें बंद कर ली, जब मामा 35 साल की चूत का दीवाना था तो वो मेरी 18 साल की चूत देखकर तो पागल ही हो जाता। फिर तभी वो मेरे कमरे में आया, अब में गुदगुदी से भर गयी थी। अब मैंने जो सोचा था वही हुआ। अब मेरे पास आते ही उसकी आँखें मेरी बिखरी मैक्सी पर जांघो के बीच में गयी।

अब मम्मी के पास से वापस आने पर मामा का मज़ा खराब हुआ था, लेकिन अब फिर से आने लगा था। फिर वो अपने दोनों हाथ पंलग पर रखकर मेरी जांघो पर झुके तो मैंने अपनी आँखे बंद कर ली। अब मेरी साँस तेज हो गयी थी और मेरी चूचीयों और चूत में फुलाव आ गया था। अब में अपनी दोनों जांघो के बीच में 1 फुट का फासला किए हुए उसे 18 साल की चूत का पूरा दीदार करा रही थी। फिर कुछ देर तक वो मेरी चूत को घूरता रहा और फिर मेरे दोनों उभरे-उभरे अनारों को निहारते हुए धीरे से बोले कि हाए क्या उम्दा चीज है? एकदम पाव रोटी का टुकड़ा, हाए तू राज़ी हो जाती तो कितना मज़ा आता? और इसके साथ ही उसने झुककर मेरी चूत को बेताबी के साथ चूम लिया। फिर मेरे पूरे बदन में करंट दौड़ा, अब में तो बहाना किए हुए थी। फिर वो चूमकर कुछ देर तक मेरी कुँवारी चूत को देखता रहा और फिर झुककर दुबारा से मेरे मुँह से चूमते हुए अपने एक हाथ से मेरी मैक्सी को ठीक से ऊपर करता हुआ बोला कि हाए क्या मस्त माल है? अब तो चुदी माँ के साथ बेटी की कुँवारी चूत का भी पूरा मज़ा लूँगा। फिर मैंने अपने बहनचोद मामा के मुँह से अपनी तारीफ़ सुनी तो में और मस्त हुई।

अब मेरी चूत पर किस से बहुत गुदगुदी हुई और मन किया कि उससे लिपट कर कह दूँ कि अब में तुम्हारे बिना नहीं रह सकती, में तैयार हूँ, लूटो मेरी कुँवारी चूत को मामा, लेकिन में चुप रही। फिर तभी मामा बेड पर बैठ गये और मेरी जांघो पर अपना एक हाथ फैरकर मेरी चूत को सहलाने लगे। अब उससे अपनी चूत पर अपना हाथ लगवाने में इतना मज़ा आ रहा कि बस मन यह कहने को बेताब हो उठा कि राजा नंगी करके पूरा बदन सहलाओ और मम्मी का कहना सही था कि हाथ लगाओ और मज़ा पाते ही लाईन साफ़ कर देगी। फिर तभी उसकी एक उंगली मेरी चूत की फाँको के बीच में आई तो में तड़पकर बोल ही पड़ी हाए कौन? तो मामा बोला कि में हूँ मेरी जान, तुम्हारा चाहने वाला, हाए अच्छा हुआ तुम जाग गयी, क्या मस्त जवानी पाई है आज में तुमको? और किसी भूखे कुत्ते की तरह मुझे अपनी बाँहो में कसता हुआ मेरी दोनों चूचीयों को टटोलता हुआ बोला कि हाए क्या गदराई जवानी है? अब में अपने दोनों उभारों को उसके हाथ में देते ही जन्नत में पहुँच गयी थी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर वो मेरे मुलायम गालों पर अपने गाल लगाकर और मेरे दोनों बूब्स को दबाकर बोला कि बस एक बार चखा दो, फिर देखो कितना मज़ा आता है? तो में बोली कि हाए मामा आप छोड़ो, आप यह क्या कर रहे है? मम्मी आ जाएगी। फिर मामा बोला कि मम्मी से मत डरो उन्होंने ही तो भेजा है और कहा है कि जाओ मेरी बेटी जवान हो गयी है, उसे जवानी का मज़ा दो और वो बहुत दिनों से ललचा रही है बड़ा मज़ा पाएगी, मम्मी कुछ नहीं कहेगी और इसके साथ ही मेरी चूचीयों को मैक्सी के ऊपर से कसकर दबाया तो मेरा मज़ा सातवें आसमान पर पहुँच गया। फिर मैंने पूछा कि मम्मी सो गयी क्या? तो वो बोला कि हाँ आज तुम्हारी मम्मी को मैंने बुरी तरह से थका दिया है और अब वो रातभर मीठी नींद सोयेगी, बस मेरी रानी एक बार फिर देखना मेरे साथ कितना मज़ा आता है?

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फिर उसने मेरे दोनों निप्पल पर चुटकी देकर मुझे राज़ी कर लिया। सच में आज उसकी हरकत में मज़ा आ रहा था, अब मेरे दोनों निपल्स का नशा मेरी जांघो में उतर रहा था। फिर मैंने पूछा कि मामा आप मम्मी के साथ सोते है, वो तो आपकी बहन है। फिर उन्होंने कहा कि आज अपने पास सुलाकर देखो, जन्नत की सैर करा दूँगा, हाए कैसी मतवाली जवानी पाई है? बहन है तो क्या हुआ? माल तो मस्त है मम्मी का। फिर मैंने मज़े से भरकर कहा कि दरवाज़ा खुला है, अब मेरी नस-नस में बिजली दौड़ रही थी, अब मुझे मेरे बदन पर कपड़ा बुरा लग रहा था। अब उसने मेरी चूचीयों को मसलते हुए मेरे होंठो को किस करना शुरू कर दिया था, उसे मेरी जैसी कुँवारी लड़कियों को राज़ी करना आता था। अब उसके होंठ चूसते ही में ढीली हो गयी थी। अब मामा मेरी मस्ती को देखकर एकदम से मस्त हो गये थे और फिर धीरे से मेरे बदन को बेड पर करके मेरी चूचीयों पर झुककर मेरी जांघो पर अपने हाथ फैरते हुए बोले कि अब तुम एकदम जवान हो गयी हो और अपनी जवानी का कब मज़ा लोगी? डरो नहीं तुमको कली से फूल बना दूँगा, मम्मी से मत डरो, उनके सामने तुमको मज़ा दूँगा बस तुम हाँ कर दो। अब मुझे हाथ लगवाने में और मज़ा आ रहा था।

फिर में मस्त होकर उसे देखती हुई बोली कि मम्मी को आप रोज? तो उन्होंने कहा कि हाँ मेरी जान में तुम्हारी मम्मी को रोज चोदता हूँ, तुम तैयार हो तो तुमको भी रोज चोदूंगा, हाए कितनी खूबसूरत हो? ज़रा सा और खोलो ना, तुमसे छोटी-छोटी लड़कियाँ चुदवाती है। अब में तो जन्नत में थी और अब मामा मेरी चूचीयों को दबाए अपना एक हाथ मेरे गाल पर और दूसरा मेरी जांघो के बीच में फैर रहे थे। फिर मैंने पूछा कि मुझसे छोटी-छोटी? तो उन्होंने कहा कि हाँ मेरी जान ज़्यादा बड़ी हो जाओगी तो तुम्हें इसका मज़ा उतना नहीं आयेगा जितना कि अभी आयेगा। तुम्हारी एकदम तैयार है बस तुम हाँ कर दो। फिर मैंने कहा कि में तो अभी बहुत छोटी हूँ और फिर उन्होंने मेरी दोनों जांघो को पूरा खोल दिया।

मामा चालाक थे और अब वो पैर खोलने का मतलब समझ गये थे और मुस्कराकर मेरे होंठ चूमते हुए बोले कि मेरी छोटी बहन को तो तुम जानती हो, वो अभी 18 की भी नहीं है, उसकी चूचीयाँ तो तुमसे भी छोटी है, वो भी मुझसे खूब चुदवाती है और मेरी चूत की फाँक को चुटकी से मसला। फिर में कसमसाकर बोली कि हाए मामा आप अपनी छोटी बहन को भी मेरी मम्मी की तरह चोदते हो? तो उन्होंने कहा कि हाँ यहाँ रहता हूँ तो तुम्हारी मम्मी को यानि अपनी बड़ी बहन को चोदता हूँ और घर में अपनी छोटी बहन यानि तुम्हारी मौसी को खूब चोदता हूँ, तभी वो सोने देती है और तुम्हारी चूचीयाँ तो खूब गदराई है, बोलो हो राज़ी और मेरी मैक्सी के गले से अपना एक हाथ अंदर डाला। फिर में राज़ी हो गयी और बोली कि राज़ी हूँ, लेकिन मम्मी को मत बताना, में उन्हें यह एहसास नहीं होने देना चाहती थी कि में तो जाने कब से राज़ी हूँ? अब मामा के पास आते ही मुझे पूरा मज़ा आने लगा था।

अब में अपना 18 साल का ताज़ा बदन उसके हवाले करने को तैयार थी और अगर वो मम्मी को चोदकर ना आए होते तो मेरी कुँवारी चूत को देखकर चोदने के लिए तैयार हो जाते, लेकिन वो मम्मी को चोदकर अपनी बेकरारी को काबू में कर चुके थे। अब वो मेरी नयी चूचीयों को अपने हाथ में लेते ही मेरी कीमत जान गये थे और मेरे लिए यह पहला मौका था। अब मामा मुझसे ज़बरदस्ती ना करके प्यार से कर रहे थे। अब तक वो मेरी नंगी चूत को देखकर उस पर अपना एक हाथ फेरकर चूम भी चुके थे, लेकिन मैंने अभी तक उनका लंड नहीं देखा था। अब उन्होंने मेरी मैक्सी के अंदर अपना एक हाथ डालकर मेरी चूचीयों को पकड़कर और बेकरार कर दिया था। फिर मामा ने दुबारा से मेरी मैक्सी के ऊपर से चूचीयों को पकड़कर कहा कि मम्मी से मत डरो, मम्मी ने पूरी चूत दे दी है बस तुम तैयार हो जाओ और मेरी चूचीयों को इतनी ज़ोर से दबाया कि में तड़प उठी और बोली कि मुझे कुछ नहीं आता, में राज़ी हूँ। फिर उसने कहा कि में सिखा दूँगा और मेरे गाल पर काटा, तो में बोली कि ऊई बड़े बेदर्द हो मामा। फिर वो मेरी इस अदा पर मस्त होकर गाल सहलाते हुए मेरी मैक्सी पकड़कर बोले कि इसको उतार दो।

फिर मैंने कहा कि हाए पूरी नंगी करके, तो उन्होंने कहा कि हाँ मेरी जान मज़ा तो पूरा नंगा होने में ही आता है, बोलो पूरा मज़ा लोंगी ना। फिर मैंने कहा कि हाँ, तो उन्होंने कहा कि तो फिर नंगी हो जाओ, में अभी आता हूँ और फिर वो कमरे से बाहर चला गया। अब में कहाँ थी? में आपको बता नहीं सकती और अब मेरे पूरे बदन में चीटियाँ चलने लगी थी और मेरी चूत फुदकने लगी थी। अब में पूरी तरह से तैयार थी। फिर मैंने जल्दी से अपनी मैक्सी उतार दी और पूरी नंगी होकर बेड पर लेट गयी। अब मम्मी तो चुदवाने के बाद अपने कमरे में आराम से सो रही थी और अपने यार को मेरे पास भेज दिया था। अब में अपने नंगे जवान बदन को देखती हुई आने वाले लम्हों की याद में खोई हुई थी कि तभी मेरी माँ का यार वापस आया। अब वो मुझे नंगी देखकर खिल उठा था और पास आकर मेरी पीठ पर अपना हाथ फैरकर बोला कि अब जन्नत का मज़ा आयेगा और फिर उसने झटके से अपनी लुंगी अलग की तो उनका लंड मेरे पास आते ही झटके खाने लगा। अभी उसमें फुल पॉवर नहीं आया था, लेकिन अभी भी उसका कम से कम 6 इंच का था।

अब में गजब का लंड देखकर मस्ती से भर गयी थी। फिर वो बेड पर आए और पीछे बैठकर मेरी कमर पकड़कर बोले कि मेरी गोद में आओ मेरी जान। अब मेरा कमरा मेरे लिए जन्नत बन गया था, अब हम दोनों ही नंगे थे। फिर जब मैंने मामा की गोद में अपनी गांड रखी, तो मामा ने तुरंत मेरी दोनों चूचीयों को अपने दोनों हाथों में ले लिया, तो मेरे पूरे बदन में करंट दौड़ गया। फिर तभी उन्होंने कहा कि ठीक से बैठो तभी असली मज़ा मिलेगा और देखना आज मेरे साथ कितना मज़ा आता है? फिर जब मेरी नंगी चूचीयों पर उनका हाथ चला, तो मेरी आँखें बंद होने लगी। अब सच ही बड़ा मज़ा आ रहा था और फिर उन्होंने पूछा कि कैसा लग रहा है?

अब मेरी गांड में उनका खड़ा लंड रगड़ रहा था, जो मुझे एक नया मज़ा दे रहा था। अब में बदहवास होकर उसकी नंगी गोद में नंगी बैठी अपनी चूचीयों को मसलवाती हुई मस्त होती जा रही थी। फिर तभी मामा ने मेरी चूचीयों के टाईट निप्पल को चुटकी से दबाते पूछा कि बोलो मेरी जान। फिर मैंने कहा कि हाए अब और मज़ा आ रहा है मामा। फिर उन्होंने कि घबराओ नहीं तुमको भी मम्मी की तरह पूरा मज़ा दूँगा, हाए तुम्हारी चूचीयाँ तो दीदी से भी अच्छी है। अब वो मेरी मस्त जवानी को पाकर एकदम से पागल से हो गये थे। अब मेरी निप्पल की छेडछाड़ से मेरा बदन झनझना गया था। फिर तभी मामा ने मुझे गोद से उतारकर बेड पर लेटाया और मेरे निप्पल को अपने होंठो से चूसकर मुझे पागल कर दिया। अब मुझे उनके हाथ की बजाए उनके मुँह से ज़्यादा मज़ा आया था। अब मामा की इस हरकत से में खुद को भूल गयी थी, उनको मेरी चूचीयाँ खूब पसंद आई थी।

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फिर मामा 10 मिनट तक मेरी चूचीयों को चूस-चूसकर पीते रहे और फिर चूचीयों को पीने के बाद मामा ने मुझसे मेरी जांघो को फैलाने को कहा। फिर मैंने खुश होकर अपने बहनचोद मामा के लिए जन्नत का दरवाज़ा खोल दिया। फिर मेरे पैर खोलने के बाद मामा ने मेरी कुँवारी चूत पर अपनी जीभ फैरी तो में तड़प उठी। अब वो मेरी चूत को चाटने लगे थे, अब मेरी चूत चाटते ही में तड़प उठी थी। फिर मामा ने मेरी चूत चाटते हुए पूछा कि बोलो कैसा लग रहा है? तो मैंने कहा कि बहुत अच्छा मेरे राजा। फिर उन्होंने कहा कि तुम तो डर रही थी, अब दोनों का मज़ा एक साथ लो और अपने दोनों हाथों को मेरी मस्त चूचीयों पर लगाकर दोनों को दबाते हुए मेरी कुँवारी गुलाबी चूत को चाटने लगे। फिर में दोनों का मज़ा एक साथ पाकर तड़पती हुई बोली कि हाए आआहह बस करो मामा, ऊई नहीं अब नहीं। फिर उन्होंने कहा कि अभी लेटी रहो, मुझे गज़ब का मज़ा आ रहा है, अब वो भी मेरी जवानी को चाटकर मस्त हो उठे थे।

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फिर मामा 10 मिनट तक मेरी चूत को चाटते रहे। फिर थोड़ी देर के बाद मामा मुझे जवान करने के लिए मेरे ऊपर आए। अब मामा ने मुझे पहले ही मस्त कर दिया था इसलिए मुझे दर्द कम हुआ। अब मामा भी धीरे-धीरे पेलकर चोद रहे थे, मेरी चूत एकदम ताज़ी थी इसलिए मामा मेरे दीवाने होकर बोले कि हाए अब तो सारी रात तुमको ही चोदूंगा। अब में भी मस्त थी इसलिए मुझे दर्द की जगह मज़ा आ रहा था तो मैंने उनसे कहा कि अब में भी आपसे रोज़ चुदवाऊंगी। उस रात मामा ने मुझे दो बार चोदा था और जब वो अगली रात मुझे पेल रहे थे तो अचानक से मम्मी भी मेरे कमरे में आ गयी। फिर में जरा सा घबराई, लेकिन मामा उसी तरह चोदते रहे। फिर मम्मी पास आकर मेरी बगल में लेटकर मेरी चूचीयों को पकड़कर बोली कि ओह बेटी अब तो तुम्हारी चूत चोदने लायक हो गयी है, लो मज़ा मेरे यार के तगड़े लंड का। फिर मैंने कहा कि ओह मम्मी मामा बहुत अच्छे है, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। अब में और मम्मी दोनों साथ ही मामा से चुदवाते है और खूब मजा करते है ।।

धन्यवाद …

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