नाना और मामा के साथ चुदाई

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प्रेषक : नेहा …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम नेहा है, में 22 साल की हूँ। ये आज से 5 साल पहले की बात है, जब में 18  साल की कुँवारी थी, मेरी छाती थोड़ी बड़ी थी, रंग बहुत गोरा और बदन बहुत मुलायम है। में छुट्टियों में मेरे ननिहाल गयी थी, वहाँ नानी का घर बहुत बड़ा है। फिर एक रात में सोई हुई थी तो मुझे लगा कि कोई मेरी चूची को दबा रहा है। अब में डर गयी थी, लेकिन मुझे मज़ा बहुत आ रहा था। तो मैंने देखा कि वो मेरे छोटे मामा थे, उनकी उम्र 35 साल थी। फिर में चुपचाप पड़ी रही, तो वो कुछ देर तक मेरी चूची को दबाते और मसलते रहे और फिर चले गये। फिर दूसरी रात मैंने सोते समय नाइटी के नीचे ब्रा और पेंटी नहीं पहनी और जाकर अपने रूम में सो गयी। तो कुछ देर के बाद मामा फिर से कमरे में आए और फिर उन्होंने मेरी छाती को मसलना शुरू किया। लेकिन जब उन्होंने देखा कि में अंदर से नंगी हूँ, तो वो उत्तेजित हो गये और मेरी नाइटी हटाकर मेरी चूचीयों को अपने मुँह में ले लिया। तो मैंने झट से अपनी आँखें खोल दी, तो वो ये देखकर घबरा गये, लेकिन मैंने कोई विरोध नहीं किया, तो वो फिर से चूसने लगे।

अब मेरे हाथ उनके लंड की तरफ बढ़ने लगे थे, तो ये देखकर उन्होंने मुझे नंगा कर दिया और मेरी चूत पर अपना एक हाथ फैरने लगे। अब में भी उनके लंड को दबाने लगी थी, क्या बड़ा लंड था उनका? अब हम दोनों नंगे थे और एक दूसरे को चूस रहे थे। अब मुझे उनका लंड चूसने में बड़ा मज़ा आ रहा था और जब वो अपनी जीभ से मेरी चूत को चाट रहे थे, तो मेरे मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थी। अब हम दोनों इतने व्यस्त थे कि दरवाज़ा खुलने पर हम दोनों सकपका गये और जो देखा तो सामने मेरे नाना जी खड़े थे। फिर हम दोनों जल्दी से अलग हो गये और मैंने अपने ऊपर चादर डाल ली और मामा अपनी लुंगी पहनने लगे और बाहर चले गये।

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फिर मामा के जाने के बाद नाना मेरे पास आए और मेरी चादर हटा दी। अब में बहुत डर गयी थी, लेकिन नाना ने मेरी छाती को ज़ोर से जकड़ लिया और उसे दबाने लगे। अब में तो पहले ही बहुत हॉट थी तो दूसरे मर्द का स्पर्श पाते ही मेरी चूत में आग बढ़ने लगी तो मैंने झट से नाना की लुंगी में अपना एक हाथ डालकर उनका लंड पकड़ लिया और उसे चूसने लगी, वो तो बहुत ही मज़ेदार था। फिर उसका जो वीर्य निकल रहा था, उसे चाटने लगी और नाना ने मेरे सारे बदन को मखन की तरह फेट दिया और अपनी जीभ से सारे को चाटने लगे, अब में भी बहुत गर्म हो गयी थी। फिर नाना ने जब अपनी जीभ से मुझे छोड़ा तो मैंने उन्हें अपना लंड डालने को कहा तो नाना ने अपने लंड का सुपाड़ा मेरी चूत पर रखा, लेकिन वो तो बहुत टाइट थी, अब मुझे दर्द होने लगा था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर उन्होंने पास में रखी क्रीम उठाई और थोड़ी मेरी चूत पर और खुद के लंड पर लगाई और फिर अपना लंड मेरी चूत पर रखकर धकेल दिया। तो मुझे बहुत दर्द हुआ और मेरी चीख निकल गयी, लेकिन नाना ने पेलना जारी रखा, अब मेरे आँसू निकलने लगे थे। फिर नाना ने मेरी चूची को चूसकर मुझे रिलेक्स किया, अब मुझे भी बड़ा मज़ा आने लगा था। फिर क़रीब 15 मिनट तक नाना मुझे चोदते रहे और इस बीच में 2 बार झड़ गयी थी। फिर कुछ देर में नाना ने भी अपना माल मेरी चूत में ही गिरा दिया और में थककर वैसे ही सो गयी। फिर सुबह जब में उठी तो मैंने देखा कि नाना मेरे सामने ही बैठे थे और अपनी लुंगी से अपना लंड मुझे दिखा रहे थे। तो में शर्मा गयी और उसे टच करके कमरे से बाहर चली गयी। अब बाहर कुँए के पास मामा खड़े थे, तो वो मुझे देखकर मेरे पास आए और मुझे पकड़कर पीछे झाड़ की तरफ ले गये और मेरी चूचीयों को दबाने और चूसने लगे।

अब मुझे बड़ा मज़ा अरहा था तो में वही बैठकर उनका लंड चूसने लगी। फिर उन्होंने झट से मुझे लेटाकर अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया और पेलने लगे। अब मुझे बड़ा ही मज़ा आ रहा था, मामा तो नाना से भी शैर थे। फिर बहुत देर तक चुदाई करने के बाद हम दोनों ढीले हो गये। फिर मामा ने मेरी चूत को चाटा और उसे फिर से गर्म कर दिया, तो तभी मामी की आवाज़ आई तो में उठकर अंदर की तरफ चली गयी। अब तो वहाँ मेरी हर रात दिन सेक्स में ही गुजरती, में कभी नाना का लंड चूसती, तो कभी मामा का दबा देती और जब दिल करता उनसे अपनी छाती चुसवा लेती, तो कभी किसी पेड़ की आड़ में खड़ी होकर अपनी चूत में उंगली करवा लेती। अब तो ये चूत लंड की इतनी दीवानी हो गयी है कि बिना लंड के तड़पती रहती है ।।

धन्यवाद …

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