नाना ने माँ की सील तोड़कर रंडी बनाया

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प्रेषक : अमन …

हैल्लो दोस्तों, में अपनी एक कहानी लेकर आया हूँ, जिसमें में आज आप सभी कामुकता डॉट कॉम के चाहने वालों को बताने वाला हूँ कि कैसे मेरे नाना ने मेरी माँ की सील तोड़कर अनुभवी रंडी बनाया। अब में अपनी आज की कहानी को शुरू करता हूँ। दोस्तों यह बात तब की है, जब सर्दियों के दिनों में हमारी वो मौसी हमारे घर पर आई हुई थी और उनकी उम्र 55 साल की थी, लेकिन उनके गदराए हुए बदन को देखकर लगता ही नहीं था कि वो 55 साल की है, वो मेरी माँ से चार साल बड़ी है, मेरी मौसी जब घर आई तो हम सब उनको देखकर बहुत खुश हुए, मौसी हमारे लिए बहुत से तोफे भी लेकर आई थी और उनके साथ ऐसे ही बातें करते करते पूरी रात गुजर गयी और फिर हम सब खाना खाकर सब सोने चले गये, मेरी दोनों बहने एक कमरे में और मेरी माँ और मौसी एक कमरे में हाँल में सो रही थी। दोस्तों मुझे एक आदत थी कि जब तक में माँ को दो तीन बार चोद ना लूँ तब तक मुझे नींद नहीं आती थी और अब में उस वजह से रात को बाथरूम में जाने लगा। तभी मुझे मेरी माँ के कमरे से कुछ आवाज़े सुनाई देने लगी और फिर मैंने जब उनके कमरे की खिड़की से अंदर की तरफ देखा तो मेरी माँ और मौसी एक दूसरे से बातें कर रही थी। फिर मैंने सुना कि मौसी मेरी माँ से बोली कि तेरे पति को तो मरे हुए पूरे दस साल हो गए है तो तू अब तक कैसे गुज़ारा करती है? माँ उससे बोली कि बस मेरा ऐसे ही गुज़रा हो रहा है, मुझे किसी भी बात की कोई भी परेशानी नहीं है, में अपने इस जीवन से बहुत खुश हूँ और अब माँ भी उनसे पूछने लगी कि दीदी तेरे पति को भी तो मरे हुए पूरे बाराह साल हो गये, तुम कैसे अपना गुज़रा करती हो? तब मौसी बोली कि में तेरी तरह पागल नहीं हूँ। मैंने फिर से शादी कर ली है।

अब माँ चकित होकर पूछने लगी कि किससे? तब मौसी बोली कि एक नीग्रो से, माँ बोली कि क्या वो काले से लोगों से? मौसी बोली हाँ वो बहुत मज़ा देते है और तेरे जीजाजी का लंड चार इंच का था और तेरे नये जीजा जी का लंड करीब 7 इंच का है। अब माँ कहने लगी कि फिर तो तेरी चूत का फालूदा बन गया होगा? तभी मौसी बोली कि नहीं वो बड़े ही प्यार से करता है, सप्ताह में तीन बार ही चूत की चुदाई होती है, बाकी टाईम गांड मारते है और वो अपना पूरा लंड मेरी गांड में डालकर ज़ोर ज़ोर से धक्के मारते है। माँ बोली फिर तो तुम्हें बड़े मज़े आते होगे, मौसी बोली कि हाँ बस सब ठीकठाक मज़े से चल रहा है और मौसी बोली क्यों मेरी कहानी को सुनकर तेरी चूत में भी खुजली होने लगी है ना? और साथ में मौसी ने माँ के बूब्स को सहलाना, दबाना भी शुरू कर दिया था और तभी में बोली कि प्लीज दीदी अब आप रहने दो, वरना मुझे उंगली से काम चलाना पड़ेगा। अब मौसी बोली कि हाँ तभी तो में तेरे लिए अपने साथ में सामान लेकर आई हूँ, क्योंकि मुझे पता था कि तू उंगली से ही अपना काम चलाती है और उसी समय मौसी ने माँ को एक डब्बा दिया और माँ ने उसको जैसे ही खोला तो उसके बीच में से रबर वाला लंड बाहर निकला और वो भी पूरा पेंटी जैसा कमर से बंधने वाला था। अब माँ उसको देखकर बहुत चकित होकर बोली कि यह क्या है? मौसी बोली कि चल में तुझे इसका कमाल बताती हूँ और इतना कहकर मौसी ने माँ के कपड़े उतरवा दिए, जिसकी वजह से माँ पूरी नंगी हो गई। उसके बाद मौसी ने एक गिफ्ट निकाला और माँ को दे दिया और वो बोली की पहन ले। अब माँ ने डब्बा खोला तो उसमें से ब्रा और पेंटी निकली और एक मेक्सी इतनी सेक्सी थी कि में क्या बताऊं? माँ ने उस ब्रा और पेंटी को पहन लिया और मेक्सी को भी पहन लिया, माँ उसमें इतनी सेक्सी लग रही थी। तभी मौसी माँ को किस करने लगी और माँ भी उनका साथ देने लगी थी, मौसी ने माँ की मेक्सी को उतार दिया और माँ के बूब्स ब्रा के ऊपर से मसलने लगी और मौसी कहने लगी कि तेरे बूब्स तो बड़े बड़े है। अब माँ बोली कि तेरे कौन से छोटे है? तभी मौसी ने माँ के सारे कपड़े उतार दिए और अपने भी। फिर मौसी ने उस लंड को अपनी कमर से बाँध लिया और वो माँ को किस करने लगी। उसके बाद मौसी ने माँ की चूत को चाटना शुरू किया, जिसकी वजह से माँ के मुँह से अब उफ्फ्फफ्फ्फ़ स्सीईईईई की आवाज़े आने लगी थी और माँ एकदम पागलों की तरह मचलने लगी थी। अब माँ मौसी से बोली कि दीदी बस करो अब और ना तड़पा, फाड़ दे मेरी चूत को, चोद दे मुझे आज जमकर रंडी कुतिया और माँ जोश में आकर मौसी को गाली देने लगी थी, जिसकी वजह से मौसी भी एकदम जोश में आ गई और माँ की चूत पर उसने अपना लंड रखा और एक ही झटके में पूरा लंड उनकी चूत के अंदर डाल दिया और माँ उस दर्द से तड़प उठी और वो बोली कि साली कुतिया रंडी की औलाद थोड़ा आराम से चोद मुझे, ऐसे बहुत दर्द होता है, तू तो पिताजी से भी ज्यादा बुरी तरह चोदती है।

फिर मौसी बोली कि पापा से चुदवाने में बड़ा मज़ा आता था, हाँ वो साला चुदाई बहुत अच्छी करता था, में बाहर खड़ा होकर उनकी वो बातें सुनकर एकदम हैरान हो गया कि मेरी चुदक्कड़ माँ अपने बाप के साथ भी अपनी चुदाई करवा चुकी थी। तभी मौसी ने अपने धक्को की स्पीड को भी बढ़ा दिया और माँ बोल रही थी चोद और ज़ोर से चोद रंडी की औलाद चोद, अपनी छोटी बहन की चूत का आज तू भोसड़ा बना दे। फिर मौसी ने पूछा क्यों मज़ा आ रहा है? माँ बोली कि इतना मज़ा तो अपनी रंडी माँ के बूब्स चूसने का भी नहीं आया। तभी मौसी ने एक जोरदार धक्का मार दिया और माँ की चूत का पानी निकल गया। फिर मौसी ने माँ की चूत से लंड को बाहर निकाला और माँ की चूत से निकल रहे पानी को वो अपनी जीभ से कुतिया की तरह चाटने लगी। थोड़ी देर बाद माँ बोली दीदी तुम्हारे इस नकली लंड ने तो असली लंड को भी आज मज़े देने में पीछे छोड़ दिया है। अब मौसी कहने लगी कि देख तो सही अभी तो हमारे पास पूरी रात बाकी है, तुझे में कैसे कैसे मज़े देती हूँ। तभी माँ बोली दीदी मुझे याद है कि पापा कैसे चोदते थे? तभी मौसी बोली कि वो भला में कैसे भूल सकती हूँ, पापा ने ही तो हमारी चूत की सील पहली बार तोड़ी थी और माँ ने भी हमारी उस काम में बहुत मदद की थी। माँ की उस मदद की वजह से हमें इतना सब कुछ सीखने को मिला और हम इतने आगे बढ़े। फिर माँ बोली कि दीदी आप बताओ आपको पापा ने पहली बार कब चोदा था। फिर मौसी बोली तब में 18 साल की थी, उस समय में हर कभी रात को माँ और पापा की चुदाई देखती थी और उसके बाद में गरम होकर अपनी चूत में उंगली किया करती थी, तो एक रात को मैंने पापा और माँ को देखा कि वो दोनों चुदाई के मज़े ले रहे थे और उसी समय वो कहने लगे कि में कल सुबह चार दिनों के लिए बाहर जा रहा हूँ, माँ उनसे पूछने लगी कि क्यों? तब पापा बोले कि मुझे मेरे एक काम की वजह में जाना पड़ेगा और मेरे कल जाना बहुत जरूरी है। अब माँ बोली कि आपके चले जाने के बाद मेरा क्या होगा? मेरी चूत कौन चोदेगा, मेरी प्यास को कौन बुझाएगा तो पापा बोले कि तुम अपने भाई को यहाँ पर बुला लेना। फिर माँ बोली कि नहीं उसका लंड आपके लंड से छोटा है, इसलिए मुझे उसके साथ चुदाई करने में वो मज़ा नहीं आता और तभी पापा बोले कि अपनी बहन को बुला ले, उसके साथ ऊँगली से चुदाई कर ले। फिर माँ बोली कि उसको बुलाना है तो अपनी बेटी कैसे रहेगी, वो भी तो अब जवान हो गयी है, उसके बूब्स भी अब पहले से ज्यादा बड़े होते जा रहे है और पांच महीनो में उसकी ब्रा के आकार बदल गये है, अब उसको 34 साईज़ की ब्रा आती है। फिर पापा बोले कि हाँ मैंने भी देखा है कि नीतू के बूब्स पहले से ज्यादा बड़े हो गए है, उसको देखकर मेरा दिल करता है कि में अभी उसको पकड़कर मसल दूँ। फिर माँ बोली कि अभी थोड़ा सा सब्र करो, अभी वो कच्चा फूल है, उसको थोड़ा सा और जवान होने दो, तब ज्यादा मज़ा आएगा।

फिर पापा बोले कि मेरी जान कच्चा फूल ही मसलने में सबसे ज्यादा मज़ा आता है। फिर माँ बोली कि अपनी दोनों बेटियों को तुम चोद लोगे, लेकिन मुझे तो नया लंड नहीं मिलेगा और मैंने तुमसे कहा था कि एक और बच्चा पैदा कर लो, ताकि मेरी चूत को भी चोदने वाला कोई हो। तभी पापा माँ को एक बार फिर से चोदने लगे और दूसरे दिन सुबह सवेरे ही पापा चले गये। उस दिन माँ ने मुझे स्कूल नहीं जाने दिया। फिर मैंने और माँ ने घर का सारा काम निपटाकर हम दोनों टी.वी. देखने लगे। फिर कुछ देर बाद माँ मुझसे बोली कि नीतू ज़रा अंदर आ, में अच्छी तरह से समझ गई कि माँ अब मेरे साथ क्या करेगी, में और माँ पास वाले कमरे के अंदर चले गए। उसके बाद माँ ने तुरंत अपनी साड़ी को उतार दिया और उसके बाद उन्होंने एक लिफ़ाफ़ा निकाला और मुझे देते हुए वो बोली कि इसमें कुछ कपड़े है। फिर मैंने उसको खोलकर देखा, उसमें माँ की 5-6 ब्रा थी। फिर मैंने उनके पूछा माँ यह सब क्या है? वो मुझसे बोली कि क्या बात है, तेरे बूब्स का आकार दिनों दिन बदलता ही जा रहा है, में उनसे बोली कि नहीं मुझे नहीं पता। तब माँ मुझसे बोली कि तुम मुझसे झूठ मत बोल, तू मुझे सच सच बता कि तू क्या करती है? अब में उनकी वो बातें सुनकर डर गई, में उनसे बोली कि मुझे सच में नहीं पता, तब माँ मेरे पास आई और वो मेरे कपड़ो के ऊपर से ही मेरे बूब्स को ज़ोर ज़ोर से मसलने लगी, जिसकी वजह से मुझे बहुत मज़ा आने लगा था और उसी समय वो मुझसे कहने लगी, वाह तेरे बूब्स तो बड़े ही मुलायम और आकार में बड़े भी है। अब में उनसे बोली कि माँ तुमसे बड़े और मुलायम तो नहीं है ना? माँ बोली क्या सच इतना कहकर उन्होंने मेरी कमीज़ को उसी समय तुरंत उतार दिया और अब वो मेरी ब्रा के ऊपर से ही मेरे बूब्स को मसलने लगी थी, लेकिन कुछ देर दबाने मसलने के बाद उन्होंने मेरी ब्रा को भी उतार दिया और वो मेरे बूब्स की हल्के गुलाबी रंग की निप्पल को भी ज़ोर ज़ोर से मसलने लगी थी, में उनसे बोली कि माँ प्लीज छोड़ दो ना, अब मुझे कुछ कुछ होता है। तभी माँ मुझसे पूछने लगी कि क्या होता है? में बोली कि पता नहीं, लेकिन हाँ मुझे कुछ होता है। फिर माँ मुझसे बोली कि तू मुझसे कहती है ना कि मेरे बूब्स भी बहुत मुलायम है तो तू मेरे भी बूब्स छूकर दबाकर देख ले, यह कितने मुलायम है? अब में माँ के ब्लाउज के ऊपर से ही उनके बूब्स को मसलने लगी थी। तभी माँ पूछने लगी कि तुझे ऐसे कैसे पता लगेगा कि मेरे बूब्स कितने मुलायम है? तब में उनसे पूछने लगी कि आप ही मुझे बताए कि में क्या करूं? माँ बोली कि तू सबसे पहले मेरा यह ब्लाउज पूरा उतार दे और मैंने जैसे ही माँ का ब्लाउज उतारा तो माँ की 46 साईज़ के बूब्स नंगे हो गये। में माँ से बोली कि तुम्हारे तो बूब्स बहुत बड़े है। फिर माँ बोली कि तू अब इनको छूकर देख कि यह कितने मुलायम है? और में जैसे ही माँ के बूब्स को पकड़कर ज़ोर से मसलने लगी, तब माँ के मुँह से सिसकियाँ निकलने लगी और में उनके बूब्स को निचोड़ने लगी। अब माँ कहने लगी हाँ और ज़ोर से मसल पूरा दम लगा और में माँ से बोली कि तुम्हारे तो बूब्स मेरे बूब्स से भी ज्यादा मुलायम है। अब माँ बोली कि तेरे पापा भी मुझसे हमेशा यही बात कहते है और वो मुझसे बोली कि तू ऐसा कर तेल लेकर मेरी आज मालिश कर दे। फिर में जाकर तेल लेकर आई और मैंने माँ एकदम सीधा लेटा दिया। फिर में उनसे पूछने लगी कि माँ अब आप मुझे बताओ कि में कहाँ मालिश करूं? फिर वो बोली कि सबसे पहले तू मेरे बूब्स पर ही मालिश कर दे, तेरे पापा ने कल रात को बहुत ज़ोर से मसले थे। में उनसे पूछने लगी कि माँ क्या पापा भी आपके बूब्स मसलते है? तब वो बोली कि हाँ तभी तो चुदाई का असली मज़ा आता है, चल अब तू मेरा पेटीकोट भी उतार दे। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर मैंने माँ का पेटीकोट भी अब उनके कहने पर तुरंत नीचे उतार दिया। तब मैंने देखा कि माँ की चूत एकदम साफ और चिकनी थी। माँ की चूत पर एक भी बाल नहीं था। फिर मैंने कहा कि माँ क्या बात है आपकी चूत पर एक भी बाल नहीं और मेरी चूत पर देखो कितने बाल है। फिर माँ बोली कि दिखा तो मैंने भी अपनी सलवार को उतार दिया और पेंटी को भी उतार दिया। माँ मुझसे बोली कि तू क्या कभी भी अपनी चूत के बाल साफ नहीं करती? में उनसे पूछने लगी कि वो कैसे करते है? अब माँ मुझसे कहने लगी कि बाथरूम में जाकर पापा के शेव करने का समान लेकर आ और में जाकर वो सब सामान ले आई। अब माँ ने मुझे बेड पर एकदम चिट लेटाकर वो मुझसे बोली कि तू अपने दोनों पैरों को खोलकर चुपचाप लेट जा और में लेट गई। फिर माँ ने मेरी चूत पर बहुत सारी क्रीम लगाई और वो ब्लेड से मेरी चूत के बाल साफ करने लगी थी, जिसकी वजह से अब मेरी भी चूत माँ की चूत की तरह एकदम साफ चिकनी नजर आ रही थी। फिर माँ मुझे बाथरूम में ले गयी और हम दोनों नंगे तो पहले से ही थे। माँ ने पानी को चालू किया और वो मुझे नहलाने लगी, मेरे जिस्म के एक एक अंग को उन्होंने साफ किया। फिर मैंने उसके बाद माँ को नहलाया। उसके बाद हम दोनों बेडरूम में आ गए और माँ मेरे बूब्स को मसलने लगी, उन्होंने मुझे बेड पर एकदम चित लेटा दिया और फिर वो मेरे ऊपर चड़ गयी और कभी वो मेरे बूब्स को मसलती। तभी कभी मेरे होंठो को चूसती और फिर वो मेरी चूत को चाटने लगी, जिसकी वजह से मेरे मुँह से अजीब अजीब सी आवाजे निकलने लगी, लेकिन माँ मेरी चूत को और ज़ोर से चाटने लगी और मेरे मुँह से आईईई आहह्ह् की आवाजे निकल रही थी।

फिर माँ और में 69 के पोज़ में हो गये। में भी माँ की चूत को अपनी जीभ से चाटने लगी थी। फिर थोड़ी देर बाद हम दोनों एक के बाद एक झड़ गये, ऐसा हमारे बीच तीन दिनों तक चलता रहा। फिर तब तक पापा भी आ गए तो पापा ने आते ही मुझे अपने गले से लगा लिया और वो मेरे बूब्स को मसलने लगे। फिर मैंने माँ की तरफ देखा तो माँ मुझे देखकर हंसने लगी। फिर में तुरंत समझ गयी कि माँ ने पापा को सब कुछ बता दिया है, पापा उसी समय मुझे अपनी गोद में उठाकर बेडरूम में ले गये, माँ भी हमारे साथ आ गई। अब माँ मुझसे कहने लगी कि आज तेरी सील जरुर टूटेगी, क्योंकि आज तेरे पापा तेरी चुदाई करेंगे और फिर पापा ने मुझे बेड पर लेटा दिया और अब वो मेरे बूब्स को मसलने लगे थे, पापा ने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और माँ ने पापा और अपने कपड़े भी उतार दिए। अब उस वजह से हम तीनो पूरे नंगे थे और माँ ने पापा का लंड जो कि 6 इंच का था और उसको पाने मुँह में लेकर वो चूसने लगी और पापा मेरी चूत को चाटने लगे। फिर थोड़ी देर के बाद में पापा के मुँह में और पापा माँ के मुँह में झड़ गये। फिर माँ ऊपर आई और पापा के लंड को वो एक बार फिर से अपने मुहं में लेकर चूसने लगी। थोड़ी देर में पापा का लंड दोबारा से तनकर खड़ा हो गया में और माँ 69 की पोजीशन में आ गये।

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फिर पापा मेरे मुँह के पास आए और माँ की गांड पर लंड रखकर उन्होंने एक ज़ोर का धक्का दे दिया और पापा का लंड एक ही झटके में फिसलता हुआ माँ की गांड में घुस गया। माँ दर्द की वजह से बड़ी ज़ोर से चीख पड़ी और पापा ने अपने लंड को बाहर निकालकर अब मम्मी की गांड पर सटा दिया और एक हल्के से झटके के साथ अपनी कमर को उन्होंने हिलाया। फिर मम्मी के मुहं से एक हल्की सी आह निकल गई, पापा ने मम्मी की कमर को पकड़ लिया और वो अपनी कमर को लगातार ज़ोर ज़ोर से आगे पीछे करके हिलाने लगे थे, लेकिन मम्मी भी उनके हर झटके का जबाब सिसकियाँ लेते हुए दे रही थी। फिर थोड़ी देर गांड मारने के बाद पापा ने अपने लंड को जब मम्मी की गांड से बाहर निकालकर उनकी चूत से सटाया, तो मम्मी ने अपनी चूत को थोड़ा सा फैला लिया और वो अब पापा के लंड को अपनी चूत में जाने का सही और सीधा रास्ता दिखा रही थी। फिर पापा ने अपनी कमर को धीरे धीरे आगे धक्का दिया। तब मम्मी के मुहं से आआहहहह उफफ्फ्फ्फ़ मर गई की आवाज़ बाहर आई। तभी में समझ गई थी कि अब मम्मी की चूत में पापा का लंड चला गया है, अब जब पापा ने अपनी कमर को झटके के साथ हिलाना शुरू किया, तब मम्मी दर्द से करहाते हुए बोली कि थोड़ा धीरे धीरे आआआआहह ओउुउउहह ऊऊऊऊओह्ह्ह करो। अब मैंने देखा कि पापा ने मम्मी के दोनों बूब्स को दो तीन बार ज़ोर से दबाया और वो बोले कि वाह कितने टाईट है मज़ा आ गया और यह बात कहते हुए उन्होंने एक ज़ोर का झटका मारा तो मम्मी के मुहं से चीखते हुए वो शब्द निकलने लगे, प्लीज थोड़ा धीरे आईईइईईई रे में मरी आहहह्ह्ह ऊऊऊऊओह प्लीज। अब पापा ने मम्मी की कमर को कसकर पकड़ लिया और मम्मी के एक बूब्स को अपने मुहं में लेकर वो मम्मी के दूध को पीने लगे थे, जिसकी वजह से मम्मी धीरे धीरे जोश में आने लगी थी। फिर कुछ देर तक अपनी तरफ से हल्के झटके लगाने के बाद जब पापा ने ज़ोर ज़ोर से दो, तीन झटके मारे तो मम्मी एक बार फिर ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी थी, अब मम्मी चीखने चिल्लाने के साथ साथ अपनी कमर को भी पीछे की तरफ खींचने लगी थी। फिर पापा ने उनकी कमर को मजबूती से पकड़कर अपनी तरफ खींच लिया। अब मम्मी उनसे कहने लगी कि प्लीज अब आप इसको बाहर निकाल दीजिए अब और नहीं आह्ह्ह्हहह ऊऊओह्ह्ह्ह आअहह्ह्ह और इतना सुनकर जैसे पापा का जोश अब पहले से ज्यादा बढ़ गया और वो मम्मी को जबरदस्ती नीचे पटककर उनके ऊपर चढ़ गये और वो मम्मी को किसी रंडी की तरह अपने ज़ोर ज़ोर से धक्को के साथ चोदने लगे थे। उनको मम्मी का दर्द उसका चीखना या चिल्लाना नजर नहीं आ रहा था और उस वजह से मम्मी ज़ोर ज़ोर से चीखने लगी और पापा के लंड को वो बाहर निकालने की कोशिश करने लगी थी। अब पापा ने मम्मी के दोनों हाथों को पकड़ लिया और अब वो उन्होंने मम्मी के होंठो को चूसना शुरू कर दिया, इसके साथ ही ज़ोर ज़ोर से दो तीन झटके मारे, जिसकी वजह से मम्मी दर्द से छटपटा उठी।

अब मम्मी अपने पैरों को पटकने लगी थी, मम्मी को ऐसा करते देख पापा बोले कि बस अब पूरा चला गया है, अब दो तीन मिनट और लगेंगे और इस तरह मम्मी कुछ देर तक दर्द से करहाती रही, लेकिन मैंने देखा कि अब कुछ देर के बाद मम्मी को भी मज़ा आने लगा था और अब वो भी मस्ती भरी आहों के साथ सिसकियाँ मारने लगी थी और कुछ देर तक ऐसे ही मम्मी की चुदाई होती रही। फिर उसके बाद वो दोनों एक साथ झड़ गये। तब मम्मी ने पापा का लंड अपने मुँह में लेकर वो उसको चूसने लगी थी और पापा मेरी चूत को चाटने लगे थे। अब जब पापा ने मुझसे मेरी चूत को फैलाने के लिए कहा तो फ़ौरन मैंने अपने दोनों हाथों से अपनी चूत की दरार को पकड़कर खोल दिया और पापा अपने घुटनों के बल नीचे बैठ गये और वो मेरी रोएदार चूत पर अपने होंठ रखकर उसको चूमने लगे और पापा के चूमने पर में कांप गयी और चार बार चूमने के बाद पापा ने अपनी जीभ को मेरी चूत के चारों तरफ चलाते हुए चाटना शुरू किया और उस वजह से मुझे ग़ज़ब का मज़ा आ रहा था, क्योंकि पापा मेरी चूत को चाटते हुए चूत के दाने को भी चाट रहे थे, जिसकी वजह से में बड़ी मस्त थी, पापा ने मेरी चूत के बाहर चाट चाटकर पूरा गीला कर दिया था और अब पापा मेरी चूत की दरार में भी अपनी जीभ को चला रहे थे और कुछ देर तक इस तरह करने के बाद पापा ने अपनी जीभ को मेरी गुलाबी रसभरी कामुक, लेकिन अब तक कुंवारी चूत के छेद में पूरा अंदर डाल दिया और उनकी जीभ मेरी चूत के छेद में गई तो मेरी हालत उस वजह से बिल्कुल खराब हो गयी और में जोश, मस्ती से तड़प उठी, क्योंकि उस दिन पहली बार मेरी चूत को कोई मर्द अपनी जीभ से चाट रहा था और मुझे उसमें इतना मज़ा आया कि में नीचे से अपने कूल्हों को उछालने लगी थी।

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फिर कुछ देर बाद पापा मेरी चूत को चाटकर अलग हुए और अब उन्होंने अपने खड़े लंड को मम्मी के मुँह से बाहर निकालकर मेरी चूत पर लगा दिया था और वो अपने लंड से मेरी चूत को रगड़ने लगे थे। दोस्तों मेरी चूत की चटाई के बाद अब लंड की रगड़ाई ने मुझे एकदम पागल बना दिया था और में उतावलेपन से पापा से बोली कि पापा अब डाल भी दो आप इसको मेरी चूत में आअह्ह्ह्हहह ऊऊहहह्ह्ह्ह। फिर मम्मी उनसे कहने लगी, देखा तुम्हारी बेटी कैसे जल्दबाज़ी कर रही है? तब पापा ने मेरे बूब्स को पकड़कर अपनी कमर को थोड़ा सा ऊपर उठाकर धक्का मारा, तो वो करारा धक्का लगने पर पापा का आधा लंड मेरी चूत में चला गया और पापा का मोटा और लंबा लंड मेरी छोटी सी चूत को ककड़ी की तरह चीरकर घुस गया। फिर आधा लंड अंदर जाते ही में दर्द से तड़पकर उनसे बोली आआअहह ऊऊीीईईई माँ में मर गयी, पापा प्लीज धीरे धीरे यह आपका बहुत मोटा है, पापा चूत फट गयी। पापा का मोटा, लंबा लंड मेरी चूत में कसा हुआ था, जिसकी वजह से में करहाने लगी थी। तभी पापा ने अपनी तरफ से धक्के मारना बंद कर दिए और मम्मी ने मेरे बूब्स को मसलना शुरू किया, जिसकी वजह से अब मुझे मज़ा आने लगा था। करीब 6-7 मिनट के बाद मेरा दर्द थोड़ा सा कम हो गया। अब पापा मेरी हालत को देखकर बिना रुके धक्के लगा रहे थे और धीरे धीरे पापा का पूरा लंड मेरी चूत की झिल्ली को फाड़ता हुआ अंदर घुस गया और में दर्द से छटपटाने लगी, मुझे अब ऐसा लगा जैसे मेरी चूत में किसी ने चाकू घुसा है और में कमर झटकते हुए बोली हाए उफ्फ्फ्फ़ पापा मेरी फट गयी है।

अब आप अपने लंड को बाहर निकालो मुझे, अब आपसे नहीं चुदवाना, पापा अपना लंड डालते रहे और मम्मी मेरे गाल चाट रही थी, मम्मी मेरे गाल को चाटकर बोली कि बेटी रो मत अब तो पूरा चला गया और वैसे भी हर एक लड़की को अपनी पहली बार चुदाई के समय दर्द होता है और फिर उसके बाद उसको मज़ा भी बहुत आता है। फिर कुछ देर के बाद मेरा दर्द कम होने के साथ साथ मेरा करहाना भी बंद हुआ तो पापा मुझे अब धीरे धीरे धक्के देकर चोदने लगे। पापा का लंड अब कस कसकर आ जा रहा था और सच में मुझे भी मज़ा आ रहा था। अब जब पापा ऊपर से धक्का लगाते तो में नीचे से गांड उछालती। पापा ने लंड पूरा अंदर तक डाल दिया था और पापा का लंड दमदार होने के साथ साथ बहुत मज़ेदार भी थे और जब पापा धक्के लगाते तो उनके लंड का टोपा सीधा मेरी बच्चेदानी तक पहुंच जाता और मुझे उसके छूने पर जन्नत के मज़े से भी अधिक मज़ा मिल रहा था और में अपने पापा के लंड से अपनी चूत की चुदाई करवाने के बाद अब पूरी तरह से संतुष्ट हो चुकी थी और दोस्तों में वो सब जो में उस समय महसूस कर रही थी, किसी भी शब्दों में लिखकर किसी को नहीं बता सकती कि मेरे मन में तब क्या चल रहा था। तभी पापा ने पूछा बेटी अब दर्द तो नहीं हो रहा है? उफ्फ्फ्फ़ हाए पापा अब तो मुझे बहुत मज़ा आ रहा है आअहह पापा और ज़ोर ज़ोर से अब आप मुझे धक्के देकर चोदीये, पापा उसी तरह करीब बीस मिनट तक मुझे चोदते रहे और बीस मिनट बाद पापा के लंड से गरम गरम मलाईदार पानी मेरी चूत में टपकने लगा था और जब पापा का पानी मेरी चूत में गिरा, तो में पापा से चिपक गयी और मेरी चूत भी झड़ने लगी और हम दोनों एक साथ ही झड़ रहे थे तो पापा ने फिर मुझे जी भरकर चोदा। उसके बाद हम दूसरे दिन सुबह 12 बजे सोकर उठे। फिर मैंने पापा से कहा कि पापा क्या आप आज फिर से मुझे चुदाई के मज़े देंगे? तब वो मुझसे कहने लगे अरे मेरी जान अब तो में कल रात को तेरी चुदाई करके पूरी तरह से बेटीचोद बन गया हूँ, इसलिए अब तो में तुझे हर रोज़ ही चुदाई के मस्त मज़े दूंगा, क्योंकि अब तू मेरी दूसरी बीवी बन गई है और में तुम दोनों की चूत को एक साथ चुदाई के बारी बारी से मज़े दूंगा, जिसको तुम पूरी जिन्दगी याद रखोगी ।।

धन्यवाद …

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