ननद और भाभी ने एक साथ मज़ा दिया

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प्रेषक : रवि …

हैल्लो दोस्तों, में रवि आज आप सभी कामुकता डॉट कॉम के चाहने वालों के लिए अपने एक सच्ची घटना को लेकर आया हूँ जिसको में बहुत दिनों आप तक पहुँचाने के बारे में सोच रहा था और मैंने आज इसको लिखकर आपकी सेवा में हाजिर भी कर दिया। दोस्तों मेरे पड़ोस में एक अंकल जिनका नाम सोमनाथ है वो रहते थे, उनके केवल एक लड़का और एक लड़की थी। उनका वो लड़का उस समय 30-32 साल का था और वो किसी दूसरे शहर में नौकरी करता था और उनकी लड़की जिसका नाम मीना था, वो 18-19 साल की थी और वो उन दिनों बी.ए. की पढ़ाई कर रही थी। अब में खुद 35 साल का हूँ और मीना के भाई की शादी सात साल पहले हुई थी और उसकी भाभी जिसका नाम माया था। वो अपनी भरपूर जवानी में थी। दोस्तों मीना का मेरे घर में बहुत बार आना जाना लगा रहता था, मैंने कई बार उसके बूब्स को दबाया और एक बार मैंने उसकी चूत को भी सहलाया था। अब कई दिनों से में और मीना आपस में ऐसे ही मज़ा ले रहे थे, लेकिन अभी तक मैंने उसकी चुदाई के मज़े नहीं लिए थे, केवल बूब्स को दबाए थे और चूत को सहलाया था। एक रात उसके पापा कहीं बाहर गये हुए थे इसलिए मीना सही मौका देखकर चुपके से मेरे घर आ गयी और उसी रात को मैंने उसको पहली बार चोदकर उसकी कुँवारी चूत का असली मज़ा लिया था।

दोस्तों मैंने देखा कि मीना मेरा साथ अपनी चुदाई होने के बाद बहुत खुश थी और वो खुश होकर मुझसे कहने लगी कि मुझे यह सब करके बहुत मस्त मज़ा आया, इसलिए अब तुम मुझे हर रोज़ ऐसे ही चोदना। मैंने उससे कहा कि लेकिन में तुम्हे कैसे चोद सकता हूँ तुम तो हर दिन मेरे पास आती ही नहीं हो? वो कहने लगी कि में तुमसे अपने घर में ही ऐसे मज़े लूंगी। अब मैंने उससे कहा कि वहाँ तो तुम्हारी भाभी भी होगी ना, हम कैसे यह सब कर सकते है? वो बोली अरे तुम नहीं जानते मेरी भाभी बहुत अच्छी है और वो मुझसे बहुत प्यार भी करती है, मैंने तुम्हारे बारे में उनको पहले से ही सब कुछ बता दिया है और वो उसी दिन मुझसे कह रही थी कि तुम अपने उस दोस्त को अपने घर ले आओ और मुझे भी उससे चुदवा दो। दोस्तों में उसके मुहं से यह बात सुनकर बहुत खुश और एकदम चकित होकर होकर उससे पूछने लगा क्या तुम्हारी भाभी भी यह सब करने के लिए तैयार है? वो बोली हाँ मेरी जान तुम्हे पता नहीं है कि मेरी भाभी बहुत चुदक्कड़ है वो साली पहले भी बहुत सारे लंड खा चुकी है और वो कभी कभी मेरे पापा को भी मज़ा देती है इसलिए मुझे लगता है कि अगर वो हमारे साथ रहेगी तो घर में हम लोग हर दिन ही मज़ा ले लिया करेंगे। दोस्तों में यह जानकर बहुत खुश हो गया कि मुझे अब मीना के साथ, साथ उसकी भाभी की चूत भी चोदने के लिए मिलेगी।

फिर अगले दिन सुबह दस बजे में बहुत खुश होता हुआ उसके घर चला गया और मैंने देखा कि मीना मेरे ही इंतज़ार में पहले से ही खड़ी थी और जैसे ही में अंदर गया मीना ने तुरंत दरवाज़ा बंद कर दिया और वो मुझसे कहने लगी कि राजा मैंने भाभी को भी तैयार कर लिया है, लेकिन उसके आगे का काम अब तुम्हे पूरा करना होगा। फिर मैंने मीना के बूब्स को पकड़कर उससे बोला कि तुम बिल्कुल भी घबराओ नहीं तुम्हारे लिए ही तो में तुम्हारी भाभी की लेने आया हूँ। दोस्तों में मीना की भाभी को पहले भी देख चुका था, वो 27-28 की चुदी हुई चुदाई औरत थी वो वैसे सुंदर तो बहुत थी, लेकिन मीना भी उससे कम नहीं थी और फिर वो अभी तक कुँवारी भी थी। दोस्तों मेरे उस पड़ोसी की बहू और बेटी मेरे लिए अब मज़े का ख़ज़ाना बन चुकी थी और बूब्स को दबाते ही मीना का वो गोरा मुखड़ा शर्म से लाल हो गया। वो बोली हाए छोड़ दीजिए क्या यहीं पर शुरू हो गए? अंदर चलकर आराम से करना। में मीना के कूल्हों पर हाथ लगाकर उससे पूछने लगा कि तुम भाभी के सामने शरमाओगी तो नहीं? वो बोली में क्यों शरमाने लगी राजा? लेकिन तुम मेरे दर्द का भी ध्यान रखना। अब मैंने उससे कहा कि तुम्हे उसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है तुम्हे थोड़ा सा दर्द होगा, लेकिन कुछ देर बाद वो ठीक भी हो जाएगा। फिर चलते-चलते उसने मेरे लंड पर अपने एक हाथ को लगा लिया और अब मैंने उससे पूछा तुम्हारी भाभी ने क्या कहा? वो बोली कि भाभी ने कहा है कि उसको घर पर बुला लो, हम भी उसके साथ मज़ा लेंगे, भाभी पूरी तरह से तैयार है और अब तो हम दोनों उनके सामने भी मज़ा ले सकते है।

दोस्तों उससे यह सब बात करते-करते मीना मुझे अपने रूम में ले आई और वो मुझे बैठाकर जाने लगी, तभी मैंने उसके एक हाथ को पकड़कर अपनी तरफ खींचकर अपनी गोद में बैठाकर उसके रसीले होंठो को कसकर चूमते हुए उससे कहा कि तुम दोनों केवल पेटीकोट पहनकर आओ तब ज्यादा मज़ा आएगा। अब वो खुश होकर बोली हाँ ठीक है, गोद में खड़े लंड पर अपनी गांड को रखते ही मीना सब कुछ भूल गयी और अब में सोमनाथ की बहू और बेटी के साथ एक अच्छे पड़ोसी का फ़र्ज़ निभाने के लिए तैयार था। दोस्तों एक ही रात में उस दमदार मस्त चुदाई से मैंने मीना को अपने काबू में कर लिया था। अब में मीना के साथ-साथ उसकी भाभी माया का भी मज़ा लेने के विचार बना रहा था और में बहुत अच्छी तरह से जानता था कि मीना अब मेरी किसी भी बात से मना नहीं करेगी। फिर मैंने उससे कहा कि जाओ मीना तुम भाभी को भी केवल पेटीकोट में और एक क्रीम लेकर तुरंत आ जाओ। दोस्तों माया मीना की भाभी थी और वो दोनों ही बड़ी मस्त माल थी और अब उसकी भाभी को भी चोदना था और मीना मेरी बात को सुनकर चली गयी, उसके चले जाने के बाद में बिना किसी झिझक के उन दोनों मस्त चूत का मज़ा बड़े ही प्यार से लेने के लिए केवल अंडरवियर में ही कुर्सी पर बैठ गया।

दोस्तों मीना से पहले उसकी भाभी के आने की मुझे उम्मीद थी, क्योंकि मीना को तो मैंने उसकी चूत के बाल साफ करने भेज दिया था। तभी माया केवल पेटीकोट में अपने बड़े बड़े बूब्स को हिलाती हुई अपने एक हाथ में तेल लेकर आ गई और में एक गोरी जवान औरत को इस हालत में देखकर खुश हो गया, माया तो चेहरे से ही मुझे बहुत चुदक्कड़ लग रही थी। अब वो मेरे पास आकर बोली अरे क्यों आप तो मेरे पड़ोस में ही रहते है? मीना आपकी बहुत तारीफ किया कर रही थी, मीना आपकी गर्लफ्रेंड है ना तो क्यों ना आप मुझे भी अपनी फ्रेंड बना लो? आपको एक साथ शादीशुदा और कुँवारी चूत का मस्त मज़ा मिलेगा। दोस्तों मैंने पहले सोचा था कि पहली बार आने पर माया शरमाएगी, लेकिन वो तो मेरे सामने ऐसे खुलकर बात कर रही थी कि जैसे वो मेरी पुरानी कोई रखैल हो। अब में उससे बोला कि तुम सोमनाथ की बहू हो ना? वो कहने लगी हाँ, मीना मुझसे कह रही थी कि आपकी अभी शादी नहीं हुई है इसलिए आपको एक औरत की ज़रूरत है और अब आज से हम दोनों मिलकर आपकी प्यास बुझा देंगे, क्यों आपको मीना के साथ तो बहुत मेहनत करनी पड़ी होगी? प्लीज एक बार आप अंडरवियर को खोलकर तो दिखाओ, मीना इसकी बहुत तारीफ कर रही थी और वो बिना शरम मेरे पास आकर अंडरवियर की तरफ देखने लगी।

दोस्तों में तो माया जैसी चुदी हुई फैली चूत वाली कामुक औरत को अपने लंड से चुदाई करवाने के लिए तरसते हुए देख नशे से भर गया और मुझे उनके उस घर में जन्नत नजर आने लगी। अब में उसके एक बूब्स को पकड़कर उससे बोला कि किसी कुंवारी लड़की को पहली बार चोदना कोई मज़ाक नहीं है और क्या कह रही थी मीना? वो मुझसे कह रही थी कि भाभी मेरे यार का बहुत लंबा और मोटा है, मीना मेरी ननद ही नहीं मेरी एक बहुत प्यारी सहेली भी है, इसलिए तो वो मुझे आज तुमसे चुदाई करवाने दे रही है। अब मैंने उससे कहा कि तुम भी बड़ा मज़ा लेती हो क्योंकि मीना ने पहले ही मुझे सब कुछ बता दिया है। तभी वो कहने लगी राजा में क्या करूं? मीना के भाई का तो आकार में बहुत छोटा, मरियल सा है और वो बस एक मिनट से भी जल्दी झड़ जाता है और इस वजह से मैंने अपने ससुर को अपने जाल में फँसाया है, लेकिन मेरी किस्मत ने वहां भी साथ नहीं दिया क्योंकि उसका ठीक से खड़ा नहीं होता और वो बस मेरी चूत को चाटकर ही मेरा काम चलता है।

फिर एक दिन मीना ने मेरी दुखो से भरी कहानी को सुनकर मुझसे कहा था कि भाभी मेरे बाप और भाई तो मरियल है, लेकिन आप एक बार मेरे यार का चखकर देखो, आप मस्त हो जाओगी। अब तुम ही बताओ में क्या करूँ क्योंकि इस उम्र में तुम्हारे जैसे जवान 18-19 साल के लड़के कुंवारी लड़कियों को ही ज्यादा पसंद करते है? मैंने उससे कहा कि कोई बात नहीं तुमको भी में ही सम्भाल लूँगा। अब वो बोली हाँ ठीक है मेरे राजा तुम जब भी चाहो यहाँ पर आकर मीना से मज़ा ले सकते हो और तुम्हे उसके खूसट बाप से और भाई से डरने की ज़रूरत नहीं है, में उन दोनों के सामने भी मीना की चुदाई करवा दूँगी, लेकिन बस तुम मेरा भी ध्यान रखना। अब मैंने उससे कहा कि तुम घबराओ नहीं, अब मीना के साथ-साथ में तुम्हे भी वो मज़ा जरुर दूँगा। मुझे तुम दोनों के साथ तो बहुत मज़ा आने वाला है, में तुम दोनों को बारी-बारी से चोदकर खुश कर दूंगा और फिर उससे यह बात कहते हुए मैंने उसके निप्पल को चुटकी से दबा दिया। अब जिसकी वजह से मेरे लंड में करंट सा लगा और माया खुश होकर पेटीकोट के ऊपर से अपनी चूत को दबाती हुई बोली कि हाए तुम कितने अच्छे हो? राजा एक दो बार मीना को भी तुम मेरे साथ चोद लो, तब वो भी मेरी तरह खुलकर मज़ा लेने लगेगी।

अब में उसके कूल्हों को सहलाकर गाल को चूमकर बोला में सोच रहा हूँ कि आज तो में भी तुम दोनों को एक साथ ही चोदकर वो मज़ा लूँ, पहले तुम ज़रा मालिश कर दो उससे मेरे बदन में ताज़गी आ जाए। वो बोली हाँ ठीक है मेरे राजा, दोस्तों में सोमनाथ की बहू और बेटी के साथ वो मज़ा लेना चाह रहा था जो शायद ही किसी को मिला हो? वैसे तो उसकी बहू तो बेटी से भी ज़्यादा चुदाई के लिए प्यासी लग रही थी, इसलिए वो मुझसे पहली बार में ही मिलकर खुलकर बातें बोल रही थी, जिसकी वजह से मुझे मज़ा आ गया था। अब वो मुझसे बोली राजा तुम लेट जाओ में और मीना मिलकर तो तुम्हारी अच्छी तरह मालिश करके सारी थकान उतार देंगे और अब तुम रोज़ रात को इस कमरे में हम दोनों का एक साथ मज़ा लेना। अब तुम अंडरवियर को उतारो, में नीचे जमीन पर बिस्तर लगाती हूँ और में तुरंत ही उस कुर्सी से उतरकर अपनी अंडरवियर को अलग करके अपने लंड को खड़ा करके खड़ा हो गया। अब मेरे नंगे मोटे लंबे और काले लंड को देखकर माया बहुत खुश हो गयी और जल्दी से उसको पकड़कर वो मस्ती से कहने लगी, हाए आज से पहले कभी मैंने इतना तगड़ा लंड नहीं देखा, यह तो किसी घोड़े का लग रहा है, सच आज तो मेरी जवान पूरी हो जाएगी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर माया के हाथ में जाते ही मेरा लंड जोश में आकर झटके लेने लगा और में माया की कमर में हाथ डालकर उसको अपनी तरफ खिसकाकर उसको सहलाने लगा। मुझे मीना से ज़्यादा मज़ा तो माया के साथ आ रहा था, क्योंकि वो बेशर्म औरत तो सच में बड़ी ही मज़ेदार थी। दोस्तों वो पहली बार मेरे पास आई थी, लेकिन उसकी बातों हरकतों से मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे वो कई बार मेरे लंड का पानी अपनी चूत में डलवा चुकी हो। फिर में उसकी गांड को सहलाते हुए बोला तुम्हारी ननद भी बड़ी दम वाली है। अब वो कहने लगी कि हाँ मेरे राजा अभी उसकी चढ़ती जवानी है, लेकिन वो स्वभाव में थोड़ी सी शर्मीली है। अब माया मेरे लंड को देखती हुई बोली कि घबराव नहीं मेरे पड़ोसी राजा में मीना को अपनी तरह मस्त औरत बना दूँगी, जिसके बाद वो भी दिल खोलकर तुम्हारे साथ मज़ा लेगी, वाह क्या मस्त लंड है इसको देखते ही मेरे मुँह में पानी आ गया। फिर मैंने उससे कहा कि रानी तुम बहुत समझदार हो, लेकिन मेरी शादी नहीं हुई है। अगर तुम दोनों से मज़ा आया तो में दोबारा कहीं और नहीं जाऊंगा, क्योंकि तुम तो मुझसे भी ज़्यादा जानती हो और अगर औरत खुद खेले तो मज़ा ज्यादा आ जाता है।

फिर इस बात पर माया मेरे लंड को अपनी मुठ्ठी में दबाती हुई बोली कि हाँ ऐसा ही होगा, इस घर में तुम्हे वा मज़ा मिलेगा, जिसके बारे में तुमने कभी सोचा भी ना होगा और यह बात कहकर उसने झुककर मेरे लंड को चूम लिया, में इस हरकत से मचल गया। अब चालाक माया मेरी बेचैनी को समझकर हसंते हुए बोली कि हाँ तुम ऐसे ही लेटे रहो मेरे राजा, अभी तुमको में वो मज़ा दूँगी जो तुम्हे किसी की चुदाई करने के बाद भी नहीं मिला होगा। दोस्तों में इस मज़े को पाकर सब कुछ भूल गया, उसके बूब्स थोड़े ढीले जरुर थे, लेकिन वो किसी को भी पागल बनाने वाली हरकते बड़ी अच्छी तरह से जानती थी और अब मेरा लंड झटके लेने लगा था। फिर माया मेरे लंड को बड़े ही प्यार से चूमकर बोली कि अब तुमको ज्यादा तरसना नहीं पड़ेगा, क्योंकि बस तुम मुझे अपने तरीके से करने दो। फिर मैंने उससे कहा कि हाँ करो माया जो तुम्हारे मन में आए तुम करो। अब वो मुझसे पूछने लगी, सच बताओ मेरे राजा कितनी बार तुमने अपने लंड को औरतों की चूत में डाला है? मैंने उससे कहा कि बहुत बार मेरी रानी। अब ठीक है तुम अब मेरे जैसी जवानी के मज़े भी लेकर देखो तुम ऐसे ही लेटे रहो और फिर सोमनाथ की जवान बहू ने मेरे लंड को पकड़ा और नीचे झुककर जीभ से वो लंड को चाटने लगी, जिसकी वजह से में एकदम से मस्त हो गया और वो मेरे लंड पर जीभ चलाकर चाट रही थी दोस्तों में पहली बार अपने लंड को चटवा रहा था।

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में उसके बूब्स को पकड़कर अपने लंड को चटवाने लगा और माया का कहना एकदम सही था कि मुझे अब चोदने से ज़्यादा मज़ा आ रहा था। दोस्तों में माया की चुदाई करने के लिए बहुत बेकरार हो गया था। अब वो टोपे को चाटने के साथ वो मुझे देखते हुए बोली कि क्यों मेरे राजा अब तुम्हे कैसा लग रहा है? ओह माया में तुम्हे किसी भी शब्दों में बता नहीं सकता मेरी रानी तुम रूको नहीं चाटो बस चाटती ही रहो। अब वो जोश में आकर बोली कि हाँ यह लो और मज़ा मेरे राजा, मुझे जवान मर्द के साथ खेलने में बहुत मज़ा आता है और जब हम दोनों मिलकर तुम्हारे इस लंड को चाटेंगे तब तुम्हे और भी ज्यादा मज़ा आएगा, वाह तुम्हारा क्या मस्त लंड है, इसको अगर किसी 60 साल की चूत में डाला जाए तो कैसा मज़ा होगा? और तभी तो मेरा ससुर इसलिए मेरे पीछे कुत्ते की तरह लगा रहता है, तुम उससे बिल्कुल भी नहीं डरना, में उस साले के लंड पर तो पेशाब भी नहीं करूँगी। दोस्तों माया मेरी तड़प को अच्छी तरह से समझ गयी थी और आज एक चुदी-चुदाई औरत ने मुझे इतना मस्त मज़ा दे दिया था जो एक कुँवारी मीना ने चुदवाने के बाद भी मुझे नहीं दिया था और में अब नीचे से अपने लंड को उठा उठाकर माया के मुँह में अपने लंड को डालकर अपना लंड चटवा रहा था।

तभी उसी समय मीना भी केवल स्कर्ट पहने आ गई और वो अपने अनार जैसे बूब्स को एकदम नंगे किये अंदर आई थी और उसके आते ही माया ने मेरे लंड को अपने मुँह से बाहर किया। दोस्तों अब मेरा मज़ा खराब हो गया, में जवानी से भरी मीना के खड़े बूब्स को देखकर मचल गया और मीना के आते ही माया मेरे मस्त लंड को एक हाथ से पकड़कर अपनी ननद से कहने लगी कि वाह मीना तुमने तो कमाल कर दिया वाह तुम्हारे यार का लंड तो घोड़े जैसा है मुझे भी इससे बहुत मस्त मज़ा आएगा और मीना यह आज हमारे घर पहली बार आए है इसलिए हमें इनको पूरा मज़ा देना है। अब मैंने कह दिया हाँ में आज पहली बार आया हूँ, लेकिन अब हमेशा आता ही रहूँगा। दोस्तों मीना उस समय केवल स्कर्ट में बहुत ही नशीली बड़ी सेक्सी लग रही थी और मेरे तगड़े लंड को देखकर वो दोनों मस्त हो चुकी थी। अब मीना पास आकर कहने लगी कि मैंने आपसे कहा था ना कि मेरे यार का लंड देखते ही आप मस्त हो जाओगी। फिर माया मेरे लंड को हिलती हुई बोली हाँ तुमने सही कहा था और माया की इन हरकतों को देखकर अब में मीना की कसी चूत को भूलता ही जा रहा था और मीना मेरे पास आकर पिछली रात को अपनी चूत को चोदकर फाड़ने वाले मेरे लंड को देखकर बोली भाभी कि मुझे आप आगे के काम भी सिखाओ।

अब वो बोली हाँ ठीक है, उसके बाद वो मेरे लंड को सहलाते हुए मुझसे बोली अब मीना और में अपने तरीके से तुमको जवानी का मज़ा देंगे। अब उसके यह सब करने से मेरे बदन का रुआ रुआ खड़ा हो गया था और मीना अपने कसे कसे बूब्स के साथ मेरे पास ही खड़ी थी उसके पास आने से मुझे मज़ा और भी मिलने लगा था और फिर में माया का दीवाना होकर उसके बूब्स को पकड़े था और पिछली रात को दमदार चुदाई से मीना को मैंने अपने काबू में कर लिया था। तो इस समय माया ने मेरे लंड को चाटकर सहलाकर मुझे अपने काबू में कर लिया था। अब वो मीना से कहने लगी अब तुम मेरे बताए तरीके से मज़ा लो, वो बोली हाँ ठीक है भाभी। फिर वो मुझसे बोली आओ मेरे राजा अब तुम कुर्सी पर बैठो क्योंकि अब तुम देखना हम दोनों आज कैसे तुम्हारी जवानी को कैसे असली मज़ा देते है? दोस्तों मन ही मन में एक साथ दो चूत को पाकर बहुत खुश था, तुरंत बिस्तर से उठा और दोनों के छोटे और बड़े बूब्स को देखते हुए में कुर्सी पर बैठ गया में अपने दोनों पैरों को फैलाकर बैठा जिसकी वजह से मेरा लंड सीधा खड़ा हो गया और मेरे लंड में 440 वॉल्ट का करंट दौड़ रहा था और उन दोनों को में अपने सामने खड़ा देखकर सातवें आसमान पर था।

फिर कुर्सी पर बैठने के बाद माया ने मीना के कान में कुछ कहा जिसको सुनकर मीना मुस्कुराकर मेरे पास आ गई और वो मेरे पैर के पास बैठी और वो मेरे लंड को पकड़कर कहने लगी, राजा मुझे भी अब तुम अपना लंड चटाओ और में मीना की इस बात से बेहोश सा होने लगा था। फिर उसने मेरे लंड को पकड़कर मुझे जन्नत में ही पहुँचा दिया। तभी उसी समय माया दूसरी तरफ आकर मेरे उसी तरह लंड को पकड़कर मुझसे कहने लगी, राजा मुझे भी अपना लंड चटाओ। अब में यह शब्द सुनकर गदगद हो गया, क्योंकि यह सबसे अलग हटकर अनुभव था जिसको में किसी भी शब्दों में लिखकर नहीं बता सकता और में इस मज़े के आगे बहुत बेकार हो गया। दोस्तों क्योंकि आज एक साथ दो हाथ में अपने लंड को देकर में बहुत खुश हुआ। अब माया ने मुझसे कहने लगी कि राजा जब हम दोनों एक साथ तुम्हारे लंड को चाटेंगी तब तुम्हे बहुत मज़ा आएगा और अब तुम हम दोनों के एक-एक बूब्स को पकड़ो और जब हम लंड को चाटे तो तुम इनको मसलना। दोस्तों अब मेरे एक हाथ में मीना का अनार था और दूसरे हाथ में माया का पपीता जिसको में मसल रहा था और वो दोनों अपने एक-एक हाथ से मेरे लंड को पकड़कर एक साथ चाट रही थी और दूसरे हाथ से मेरी जांघो को भी सहला रही थी और माया बीच-बीच में अपनी ननद को लंड चाटने का सही तरीका भी बता रही थी।

दोस्तों वो दोनों बड़े ही प्यार से एक साथ मेरी जांघो पर हाथ फेरती हुई लंड को जीभ चला चलाकर चाट रही थी और उन दोनों को भी बड़ा मज़ा आ रहा था और जिसकी वजह से उनका चेहरा लाल हो गया था। फिर कुछ देर बाद माया ने मुझे अपनी नशीली आँखों से देखते हुए कहा राजा अब तुम खड़े होकर चटवाओ और अब में तुरंत ही कुर्सी से उतारकर उन दोनों के सामने खड़ा हो गया। मेरा लंड एकदम सीधा खड़ा था और वो दोनों लंड को मुठ्ठी में लेकर चाटने लगी। दोस्तों मुझे खड़े होकर चटवाने से और ज्यादा मज़ा मिला और फिर माया मेरे लंड को दबाकर कहने लगी कि हाँ ऐसे ही खड़े रहो मेरे राजा अब में कुछ देर मीना को चाटती हूँ और इतना कहकर माया मेरे पीछे आ गई। अब माया मेरे लंड को सहलाकर मीना को चटवाने लगी और वो उसके बदन को सहलाकर चाटने लगी। दोस्तों इस तरह से वो दोनों ननद भाभी से मेरे लंड को चाट चाटकर मज़ा ले रही थी और में एक अच्छे पड़ोसी का फ़र्ज़ निभा रहा था। मुझे इतना मज़ा आ रहा था कि उनकी चुदाई करने का मन ही नहीं हो रहा था। फिर माया सामने आकर मीना की पतली कमर में हाथ डालकर उसको मेरे सामने सीधा खड़ा करती हुई बोली कि राजा अब तुम इसके बूब्स को दबाओ और मीना तुम स्कर्ट को उतारकर राजा के लंड को अपनी जांघो के बीच दबाकर राजा से चिपककर खड़ी हो जाओ।

अब मीना ने अपनी स्कर्ट को खोल दिया और मैंने देखा कि उसकी झांटे एकदम साफ थी और पिछली रात को जमकर चुदी 18 साल की चूत को देखते ही में बेचैन होकर उसके दोनों खड़े खड़े बूब्स को बेताबी से बड़ी ज़ोर से दबाने लगा जिसकी वजह से मीना सिसक गयी। अब माया मेरे लंड को पकड़कर अपनी ननद की चिकनी जवान चूत को सहलाकर बोली कि राजा तुम अब इसके बूब्स को मसलो, अब में पीछे से चाटना शुरू करती हूँ, तुम देखना इस बार तुम्हारा पानी निकल जाएगा। अब मीना मेरी कमर में हाथ डालकर अपने बूब्स को मसलवा रही थी और में लंड को मीना की जांघो के बीच से डाले था जिसको पीछे से माया चाट रही थी। दोस्तों में उजाले में 18 साल की नंगे बदन की सुंदरता को देखकर उसकी चूत को अपने लंड से रगड़ते हुए उसके संतरे से गोल-गोल बूब्स को मसल रहा था और उसकी भाभी माया पीछे से रसगुल्ले की तरह मेरे लंड के टोपे को मुँह में लेकर चूस रही थी। अब में उस मज़े मस्ती में एकदम खो चुका था और माया चाटने की बजाए मेरे लंड को चूस रही थी, मीना मेरे और अपनी भाभी के बीच फंसी चुपचाप अपने बूब्स को मसलवा रही थी और माया मेरे लंड को चूसती हुई मीना की गांड भी सहलाते हुए चाट रही थी। दोस्तों बिना चोदे ही झड़ने वाला था और अब माया ने मुझसे कहा कि राजा अब तुम ज़रा मीना के बूब्स को मुँह में लेकर पियो।

अब में तो उसकी हर बात को मान रहा था और में झुककर उसके एक बूब्स को अपने मुँह में लेकर दबा दबाकर पीने लगा। मैंने अभी चार पांच बार ही बूब्स को चूसा था कि उसी माया ने मेरे लंड को कसकर अपने मुँह में लेकर चूसा और में मीना को कसकर दबाते हुए झड़ने लगा और माया मेरे लंड की रसमलाई को पीने लगी और उसने लंड को अपने मुँह से एक बार भी बाहर नहीं किया था और उसने मेरे कूल्हों पर हाथ लगाकर मुझे अपने ऊपर कसकर दबा लिया और मीना बीच में फंसी थी। मेरे हाथ में उसके बूब्स थे। फिर में झड़कर उनसे अलग हुआ तो माया मेरे लंड की मलाई को चाटते हुए बोली कि राजा बहुत स्वादिष्ट था और फिर माया ने मीना की स्कर्ट से मेरे लंड को साफ कर दिया। आज एक साथ दो कामुक चूत के साथ मेरी जवानी मस्त हो चुकी थी। अब मुझे मीना के कुंवारे बदन से ज़्यादा मज़ा उसकी चुदी भाभी के साथ आ रहा था। दोस्तों मीना पूरी नंगी थी, लेकिन माया अभी पेटीकोट पहने थी। अब में माया की इस हरकत से मस्त होकर उसकी चूत को देखने के लिए उससे बोला कि माया पेटीकोट को खोल दो। फिर माया लंड को साफ करने के बाद अपनी चूत को भी मीना की स्कर्ट से साफ करके मुझसे कहने लगी कि राजा अब तुम बिस्तर पर लेटो।

अब में तुरंत ही बेड पर लेट गया और माया मेरे सर के पास बैठकर मेरे गाल पर हाथ फेरकर कहने लगी कि सच राजा तुम्हारा लंड इतना मस्त है कि मज़ा आ गया और अब तुम इस घर में रोज़ आना। फिर में मस्ती से भरकर खुश होकर बोला कि हाँ में रोज़ आ जाऊंगा तुम अब अपनी चूत दिखाओ और उस समय मीना मेरे सामने बैठी थी। में दो चूत को देखकर खुश था। फिर में माया के बूब्स को पकड़कर बोला कि उतार दो ना और वो हंसकर कहने लगी हाँ में उतार देती हूँ मेरे राजा, लेकिन मेरी चूत मीना जैसी लड़कियों वाली नहीं होगी, इसलिए मेरी चूत में तुम्हारा लंड बड़े आराम से चला जाएगा, लेकिन तुम्हे मज़ा बड़ा आएगा। अब में माया के बूब्स को पकड़ते हुए बोला कि अब में तुम्हारी चुदाई करूंगा और फिर माया मेरे मुहं से यह बात सुनकर खुश होकर मुझे कसकर भींचकर बोली कि हाँ तुम मुझे जमकर चोदना, तुम आज एक साथ टाईट और ढीली चूत का मज़ा लो। फिर मीना शहद की शीशी लेकर आई और माया ने मीना के और अपने बूब्स पर शहद लगाया और वो मेरे सामने खड़ी हो गई। अब मैंने उन दोनों के बूब्स को अपनी जीभ से चटा जिसकी वजह से मुझे बड़ा मीठा मज़ा मिलने के साथ ही मेरा लंड एकदम से तनकर खड़ा हो गया।

फिर माया शहद मुझे देकर मुझसे कहने लगी, राजा अब तुम अपने हाथ से इस शहद को हम दोनों की चूत पर लगाकर जितना चाट सको चाट लो और पहले तुम मीना की चाटो। अब में तुरंत मीना की फैले हुए पैरों के बीच आ गया और अपने लंड को झटका देता हुए में उसकी चूत पर शहद डालकर चाटने लगा और में मस्ती से झूम उठा। मुझे उसकी मीठी चूत को चाटने में बहुत मज़ा आने लगा। अब मीना बेचैनी के साथ अपने एक हाथ से चूत की फाँको को फैलाकर मेरी जीभ को चूत के छेद में अंदर डलवाकर चटवा रही थी। फिर उसी समय माया अपने पेटीकोट को उठारकर अपनी बड़ी और चुदी हुई चूत को मुझे दिखाती हुई कहने लगी कि अब तुम मेरी चूत को भी चाटो मेरे राजा। अब में माया की गुलाबी चूत पर शहद लगाकर उसकी चूत को चाटने लगा और जब मेरी जीभ माया की चूत में घुसी तब माया अपने दोनों पैरों को उठा उठाकर चटवाने का मज़ा लेती हुई बोली कि हाए मेरे राजा वाह मज़ा आ गया मेरे राजा, मेरी ननद के यार चाटो पीछे से भी चाटो और वो यह बात कहकर पलटकर कूल्हों के ऊपर से पेटीकोट को उठाकर कुतिया की तरह बैठकर अपनी चूत को चटवाने लगी।

अब में उसके सामने मीना की कुँवारी चूत को भूल गया, क्योंकि वो बड़ी मज़ेदार थी और फिर मुझसे माया बोली कि अब छोड़ो राजा पहले शहद लगाओ उसके बाद शुरू करना। फिर मैंने तुरंत माया की चूत पर शहद लगाकर में बेड पर लेट गया उस समय मेरा लंड ऊपर की तरफ सीधा खड़ा था, फिर माया ने मीना को मेरी छाती पर अपने दोनों पैरों को इधर उधर करके बैठा दिया और वो उससे बोली कि मीना तुम अपनी चूत पर शहद लगाकर राजा से चूत चटवाओ और में राजा के लंड को अपनी चूत में लेती हूँ, तुम भी मेरे साथ मज़ा लो, ऐसे अकेले तुम्हे मज़ा नहीं मिलेगा। अब मीना ने अपनी चूत पर ढेर सारा शहद लगाकर उंगली से उसको फैलाकर चूत को मेरे मुँह के पास किया और पीछे माया अपने दोनों पैरों को पूरा फैलाकर अपनी चूत के छेद को मेरे लंड पर रखकर वो मेरे लंड पर धीरे धीरे बैठती चली गई और जैसे ही मेरा लंड फिसलता हुआ उसकी चूत में गया तो वैसे ही मेरी जीभ मीना की कसी चूत में जा घुसी और अब मीना जोश में आकर कहने लगी आह्ह्ह्ह वाह भाभी मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है।

तभी धक्के लगाकर मेरा पूरा लंड अपनी चूत के अंदर लेकर माया ने मुझे मज़े से पागल कर दिया और शहद लगा होने से माया की चूत पहले से ज्यादा कस गयी थी और वहीं मीना की चूत का स्वाद भी मीठा हो गया था। अब माया अपने हाथ को आगे लाकर मीना के बूब्स को पकड़कर लंड के ऊपर नीचे अपनी चूत को करके मुझसे बोली कि एक साथ तुम दो का मज़ा लो आईईई ऊईईइ माँ मर गई। दोस्तों अब में उन दोनों की चूत का मज़ा एक साथ लेने लगा और करीब बीस मिनट के बाद सबसे पहले मीना ने अपनी चूत को पानी छोड़कर ठंडा किया, जिसको मैंने चूसकर चाटकर उसका स्वाद चखा और उसके बाद फिर उसकी भाभी का नंबर भी आ गया और फिर गीली चिकनी चूत में मेरा लंड फिसलता हुआ सीधा अंदर जाकर ना जाने कब चूत की गरमी पाकर झड़ गया। दोस्तों एक के बाद एक झड़ाकर हम फिर अगल हुए, लेकिन कुछ भी कहो मुझे उन दोनों के साथ इस खेल को खेलने में बड़ा मज़ा आया और शायद यही हाल उनका भी था। दोस्तों यह थी मेरी वो एक साथ दो चूत के साथ मज़े मस्ती की सच्ची घटना। मुझे उम्मीद है आप सभी को इसको पढ़कर बहुत मजा आया होगा ।।

धन्यवाद …

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