नानी की फटी चूत और दीदी के बड़े बूब्स

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प्रेषक : निर्मल …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम निर्मल है, में इंदौर का रहने वाला हूँ, में बहुत हैंडसम, फिट और सेक्सी लड़का हूँ। मेरा लंड 8 इंच का है, में किसी भी औरत को अच्छे से संतुष्ट कर सकता हूँ। अब में सीधा कहानी पर आता हूँ। यह बात तब की है जब में 10वीं क्लास में था, में गर्मी की छुट्टियों में मेरे मामा के यहाँ 3 महीने के लिए जाता था। मेरी मम्मी छोटे भाई को लेकर 10 दिन में ही वापस घर आ जाती थी, लेकिन में वही रुक जाता था। मामा के घर पर नाना-नानी, दो मामा और में ही रहते थे, कभी कभी मौसी की लड़की भी आ जाती थी। मेरी मौसी की लड़की का नाम प्रिया है, वो मुझसे 6 साल बड़ी है, वो एकदम मस्त और हॉट लड़की है, उसका फिगर साईज 36-28-34 है, वो बहुत गोरी, चिकनी और मस्त है, उसकी गांड और बोबे बहुत बड़े है, और रसीले है, कोई भी लड़का उसे देखकर चोदना जरूर चाहेगा और मुठ जरूर मारेगा।

यह बात तब की है जब में 9वीं क्लास के बाद की गर्मी की छुट्टीयों में मामा के यहाँ आया था। अब प्रिया दीदी भी वहाँ आ गयी थी। हम दोनों के बीच अच्छी बनती थी, हम वहाँ दिनभर टाईम पास करते थे, हम दोनों को ही टी.वी देखना और गाने सुनना काफी पसंद था, हम दोनों बचपन से हमेशा छुट्टियों में घर-घर, डॉक्टर-डॉक्टर और कई अन्य खेल खेलते थे। हम दोनों घर-घर में हमेशा पति-पत्नी बनते थे, खेल खेलते समय मेरा शरीर कई बार दीदी के शरीर से छू जाता था। हम एक दूसरे के गालों पर किस भी करते थे और साथ में ही नहाते थे। फिर जब में 9वीं क्लास पास हुआ तो तब में जवान हो रहा था, अब मेरा लंड बड़ा हो गया था। अब सेक्सी चीजे देखकर मेरा लंड जल्दी खड़ा हो जाता था। फिर एक दिन में नहा रहा था और में पीछे वाले आँगन में नहा रहा था, वो खुला हुआ था। अब में सिर्फ अंडरवियर में था। अब मेरे सामने नानी कपड़े धो रही थी, मेरी नानी का नाम कमला है, अब मेरी नानी सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज में थी। मेरी नानी बहुत हॉट और जबरदस्त है, मेरी नानी के बोबे और गांड बहुत बड़े है, वो 48 साल की है, लेकिन एकदम मस्त और सेक्सी है, हर कोई उन्हें एक बार जरूर चोदना चाहेगा।

अब मेरी नानी नीचे बैठकर कपड़े धो रही थी। अब मुझे उनके बोबे और टाँगे साफ दिख रही थी, वो बहुत सेक्सी लग रही थी। अब मेरा लंड पूरा खड़ा था। अब में धीरे-धीरे नहा रहा था और नानी को घूर रहा था। अब दीदी छुपके से मुझे देख रही थी। अब मुझे नानी को चोदने का मन कर रहा था। फिर मैंने नाटक किया और चिल्लाने लगा। तो तब नानी बोली कि क्या हुआ राजा? तो मैंने कहा कि नानी वो मुझे चड्डी के अन्दर जलन हो रही है। फिर नानी मेरे पास आई और बोली कि कहाँ? तो मैंने कहा कि अन्दर चड्डी के अन्दर। तो नानी मेरे सामने नीचे बैठ गयी और बोली कि मुझे बता, में देखती हूँ, क्या दिक्कत है? तो में शर्माने लगा और अपने लंड पर अपने दोनों हाथ हाथ रख लिए। तो तब नानी बोली कि अरे बेटा जब तू छोटा था तब नंगा ही घूमता रहता था, मैंने तुझे बहुत बार नहलाया है, मुझसे क्या शर्माना? और फिर नानी ने मेरे दोनों हाथ हटा दिए और मेरा अंडरवियर उतार दिया। अब मेरा 8 इंच का खड़ा लंड नानी के मुँह के सामने हिलने लगा था।

फिर तभी नानी बोली कि अरे बाप रे, तेरी नूनी इतनी बड़ी हो गयी? यह पहले तो छोटी सी और मुलायम थी, अब तो मेरे राजा की नूनी इतनी बड़ी और कड़क हो गयी है, चल मेरे राजा की नूनी देखते है, क्या हुआ है? फिर नानी ने मेरा लंड पकड़ा, तो मेरे शरीर में करंट दौड़ गया। फिर नानी ने मेरे लंड को पकड़ा और हिलाने लगी। अब नानी इधर उधर अपना हाथ फैरकर मेरे लंड पर अपना हाथ फैरने लगी थी। फिर नानी ने कहा कि कहाँ जलन हो रही है? तो मैंने लंड की तरफ इशारा किया तो नानी ने मेरे लंड पर पानी डाला और फिर पूछा कि कुछ आराम मिला? तो मैंने कहा कि नहीं। अब नानी मेरे लंड को पकड़े हुए थी और हिला रही थी। फिर में अपने लंड को नानी के मुँह के पास ले गया और एक बार उनके होंठो से टच किया तो नानी मुस्कुराई और मेरे लंड को हिलाती रही और उस पर किस करने लगी थी। अब मुझे मजा आने लगा था। फिर नानी ने पूछा कि अच्छा लगा राजा? तो मैंने कहा कि हाँ नानी और करो ना अच्छे से। फिर नानी मेरे लंड को हिलाती और चूमती रही और फिर उसके बाद नानी ने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और उसे चूसने लगी थी। अब मुझे बहुत मजा आ रहा था।

फिर मैंने नानी का सिर अपने लंड की तरफ दबाया और नानी मेरा लंड चूसती रही। फिर मैंने नानी के शरीर पर अपना हाथ फैरा और उनके बोबे दबाने लगा। फिर नानी खड़ी हुई, तो मैंने नानी का पेट और बोबे दबाये। फिर मैंने नानी का ब्लाउज खोल दिया। अब नानी खड़ी थी, अब नानी के बोबे मेरे सामने थे। फिर मैंने उन्हें खूब दबाया और चूसा। फिर मैंने नानी का पेटीकोट खोल दिया, नानी ने पेंटी नहीं पहनी थी। अब नानी पूरी नंगी हो गयी थी। अब हम दोनों पूरे नंगे हो गये थे। फिर नानी मेरे लंड को पकड़कर हिलाती रही। फिर मैंने नानी को रूम में चलने को कहा और फिर हम दोनों रूम में चले गये। फिर दीदी ने हमारा पीछा किया और छुपके से रूम में घुसकर छुप गयी और हमें देखने लगी थी। फिर नानी और में पलंग पर लेट गये। फिर मैंने नानी की टांगो को चूमना और चाटना शुरू किया। फिर 15 मिनट तक चाटने के बाद मैंने नानी को उल्टा लेटाया और उनकी पूरी पीठ और गांड पर किस किया और चाटा।

फिर मैंने नानी को सीधा किया और उनके पेट को चाटा, सबसे ज्यादा आनंद पेट को चाटने में ही आता है। फिर मैंने नानी के बोबे चूसे और फिर उसके बाद हमने लिप किस किया। फिर मैंने नानी की दोनों टांगो को फैलाया और उनकी चूत को 20 मिनट तक चाटा। नानी की चूत कई बार चुदी होगी, उनकी चूत चिकनी और मस्त थी और ढीली थी। फिर नानी ने मुझे लेटाया और मेरे पूरे शरीर को चूमा, चाटा और मेरा लंड चूसा। फिर हम एक दूसरे को चूमते, चाटते रहे और एक दूसरे से 1 घंटे तक ऐसे ही लिपटे रहे। फिर मैंने नानी की चूत में अपना लंड डाला, मेरा पहली बार था, लेकिन नानी की चूत तो फटी ही थी तो मेरा लंड आराम से उनकी चूत में अन्दर चला गया था। फिर मैंने झटके मारने शुरू किये और नानी को 10 मिनट तक चोदा। फिर हम दोनों 69 की पोजिशन में आ गये और एक दूसरे को चाटा। फिर मैंने नानी को घोड़ी बनाकर चोदा। फिर मैंने नानी को अलग-अलग पोजिशन में 2 घंटे तक चोदा। अब नानी को भी बड़ा मजा आ रहा था। अब मुझे भी अपनी नानी को चोदने से आनंद मिल गया था। फिर हम दोनों चिपककर सो गये। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब मेरी दीदी यह सब देख रही थी और फिर चुपचाप बाहर चली गयी थी। फिर शाम हुई, जब गर्मी के दिन थे। अब हम यानि कि नानी, में और दीदी छत पर सोते थे। में दीदी और नानी के बीच में सोता था। फिर सोने के पहले शाम को यह हुआ की दीदी और हम बाहर घर के पीछे वाले खेत में घूम रहे थे। तो दीदी ने कहा कि आज चल हम घर-घर खेलते है यार बहुत दिन हो गये है। तो मैंने ने कहा कि हाँ ठीक है, लेकिन अलग तरीके से खेलेंगे। तो दीदी ने कहा कि हाँ चल अभी से स्टार्ट करते है। फिर हम रूम में गये और फिर हमने खेल में सगाई और शादी की। फिर यह सब टाईम पास 30 मिनट तक चलता रहा। फिर हमने खाना खाया, फिर खाना खाने के बाद दीदी बोली कि अब शादी के बाद सुहागरात मनाएंगे, रात को नानी के सोने के बाद। फिर सोने का टाईम हो गया। फिर में और दीदी सोने का नाटक करने लगे। अब नानी आकर मेरे पास लेटी थी। अब नानी मुझसे चिपककर सो गयी थी और मेरे लंड को हिलाने लगी थी। फिर मैंने भी उनके बोबे चूसे और उनकी चूत में उंगली की। फिर मैंने नानी को सोने के लिए कहा और बोला कि हम कल सेक्स करेंगे, अभी नहीं। फिर नानी मेरी तरफ पीठ करके चादर ओढ़कर सो गयी।

फिर में दीदी की तरफ गया और फिर मैंने दीदी को जगाया और कहा कि नानी सो गयी है। तो तब दीदी बोली कि अरे पागल मुझे दीदी क्यों बोल रहा है? हम घर-घर खेल रहे है ना, में तेरी बीवी हूँ। फिर मैंने कहा कि हाँ मेरी जान, चल अब सुहागरात मनाते है, लेकिन मुझे कुछ पता नहीं है। तो तब दीदी बोली कि अरे गधे, चल में जो कहूँ करते जाना, ठीक है ना। फिर दीदी मुझसे चिपककर लेट गयी और मुझे गले लगाया। अब मैंने दीदी को कसकर पकड़े था और उनकी पीठ पर अपना हाथ फैर रहा था। फिर दीदी ने मेरे गाल और चेहरे पर किस किया तो मैंने भी दीदी के गाल पर बहुत सारे किस किये। फिर दीदी ने अपने गुलाबी नरम रसीले होंठ मेरे होंठो पर रखे और चूसने लगी। तो तब में पीछे हटा और बोला कि दीदी यह आप क्या कर रही है? तो दीदी बोली कि अरे पागल पति-पत्नी रात को यही करते है, मैंने मम्मी पापा को करते हुए देखा है। फिर मैंने कहा कि ठीक है दीदी। तो दीदी ने फिर से मेरे होंठो को चूसा, तो मैंने भी उनका साथ दिया और फिर हमने 10 मिनट तक लिप किस किया।

फिर दीदी मेरे ऊपर आ गयी और मुझे किस करने लगी थी। अब हम यह सब चुपचाप कर रहे थे। फिर दीदी ने मेरी टी-शर्ट और पजामा उतार दिया और ऊपर से नीचे तक पूरी बॉडी पर 15 मिनट तक किस किया और फिर उसके बाद दीदी ने अपने सारे कपड़े खोल दिए और सिर्फ ब्रा और पेंटी में आ गयी थी। फिर में उसके ऊपर चढ़ गया और उसकी टांगो को चूमना शुरू किया, उसकी लम्बी टांगे एकदम गोरी, मुलायम, चिकनी और मस्त थी। फिर मैंने आधे घंटे तक उसकी जांघो तक उसके पैरो को चूमा, चाटा और फिर मैंने उसे उल्टा लेटाया और उसकी पूरी पीठ को चाटा, क्या गजब की पीठ थी उसकी? फिर 20 मिनट तक उसकी पीठ चाटने के बाद उसने मुझे ब्रा और पेंटी उतारने को कहा।

फिर मैंने उसकी ब्रा के हुक खोले और फिर उसने अपनी ब्रा उतार दी और फिर मैंने उसकी पेंटी नीचे सरकाकर उतार दी। फिर मैंने उसकी गांड को चूमा और 10 मिनट तक चाटा। फिर थोड़ी देर के बाद दीदी सीधी लेट गयी और फिर उसने अपनी दोनों टाँगे फैला दी। अब मुझे उसकी चूत साफ-साफ दिखाई दे रही थी, वो वर्जिन थी इसलिए उसकी चूत गुलाबी नर्म और रसीली थी। फिर उसने मुझसे अपनी चूत चाटने को कहा तो में झट से उसकी चूत की तरफ गया और उस पर अपना एक हाथ फैरा तो दीदी की सिसकी निकल गयी और मेरा सिर अपनी चूत की तरफ दबाया। फिर मैंने उनकी चूत को आधे घंटे तक चाटा, तो इस दौरान दीदी ने मुझे एक गोली दी और खुद ने भी एक गोली खाली। फिर में दीदी के बोबो की तरफ बढ़ा। अब में दीदी के बड़े, गोल, रसीले, मुलायम बोबो को देखकर पागल हो गया था और उन पर टूट पड़ा था। फिर मैंने दीदी के बोबे 30 मिनट तक दबाये और चूसे। अब दीदी भी पागल हुए जा रही थी। फिर दीदी ने मुझे सीधा लेटाया और मेरा अंडरवियर उतारा और मेरे लंड को हिलाने लगी और फिर अपने मुँह में लेकर चूसने लगी थी।

फिर कुछ देर बाद हम 69 की पोजिशन में आ गये और खूब चाटा और चूमा। फिर मैंने दीदी को सीधा लेटाया और उनकी दोनों टांगे फैला दी। फिर दीदी ने मुझे अपना लंड अन्दर डालने को कहा। तो मैंने दीदी से कहा कि पक्का डाल दूँ। तो दीदी ने कहा कि हाँ मेरे पति डाल दे, तभी तो खेल पूरा होगा। फिर मैंने अपना लंड दीदी की चूत पर रखा और धीरे-धीरे अन्दर डालने लगा। अब दीदी को और मुझे बहुत दर्द हो रहा था। फिर हमने लिप किस किया और मेरा पूरा लंड दीदी की चूत में डाल दिया। फिर में झटके मारने लगा और दीदी को ज़ोरदार तरीके से चोदता रहा, उनके बोबे चूसता रहा और किस करता रहा। फिर मैंने उन्हें घोड़ी बनाकर पीछे से चोदा और फिर उसके बाद हमने कई पोजिशन में सेक्स किया। फिर मैंने दीदी को 3 घंटे तक चोदा और उनकी चूत में ही झड़ गया। अब दीदी भी झड़ गयी थी। फिर हम दोनों एक दूसरे को किस करते रहे, चाटते रहे और एक दूसरे की बाँहों में चिपककर लेटे रहे। फिर हमने रातभर मजे किये, वो मेरी ज़िन्दगी की सबसे हसीन रात थी।

फिर सुबह जल्दी हम दोनों साथ में नहाए और अपने-अपने कपड़े पहने, तो तब तक नानी भी उठ गयी थी और फिर हमने खाना खाया। फिर पिछले दिन की तरह नानी कपड़े धो रही थी। अब में नहा रहा था, तो तभी दीदी भी आई और फिर उन्होंने अपनी सलवार कुर्ती उतार दी और सिर्फ ब्रा पेंटी में बैठकर नहाने लगी। फिर नानी ने मुझसे कहा कि मेरी पीठ पर साबुन लगाकर मसल दे। तो में नानी की तरफ गया और फिर मैंने नानी से कहा कि में ब्लाउज पर साबुन कैसे लगाऊँ? तो तब नानी ने अपना ब्लाउज उतारा और ऊपर से नंगी हो गयी। अब में उनके बोबे देखकर मस्त हो गया था। अब दीदी भी यह सब देख रही थी। अब में नानी की पीठ पर साबुन लगाकर मसलने लगा था। फिर मैंने नानी के बोबे पर भी साबुन लगाया और मसला। फिर मैंने नानी के ऊपर के पूरे शरीर पर साबुन लगाकर मसला और मजे किये और फिर नानी के ऊपर पानी डालकर उनको नहला दिया। फिर नानी ने अपना पेटीकोट उतारा और पूरी नंगी हो गयी और बैठकर नहाने लगी थी। अब में और दीदी नानी को देख रहे थे। अब दीदी भी गर्म हो रही थी, तो तभी दीदी ने कहा कि यार मेरी भी पीठ मसल दो प्लीज और फिर दीदी ने अपनी ब्रा खोल दी।

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फिर मैंने दीदी की सेक्सी पीठ पर साबुन लगाया और मसला। तो तभी नानी बोली कि प्रिया तेरे बोबे तो बहुत बड़े हो गये है, तू अब बहुत जवान हो गयी है, अब तेरी शादी करवानी पड़ेगी। तो दीदी हंसने लगी फिर मैंने दीदी के बोबे भी खूब मसले और फिर में खुद नहाया। फिर उसके बाद से में नानी को 30 बार और दीदी को 50 बार से ज्यादा चोद चुका हूँ। अब मुझे जब भी कोई मौका मिलता है तो में उन्हें चोदता हूँ। अब वो मेरे लंड की दीवानी है और में उनके जिस्म और बोबो का दीवाना हूँ। फिर मैंने 10वीं क्लास की पढ़ाई मामा के यहाँ रहकर ही की। मैंने पापा मम्मी से जिद कि में यही रहूँगा और फिर दीदी भी वहीं रही और फिर हम दोनों वहीं रहने लगे और फिर में रोज कभी दीदी को तो कभी नानी को चोदता रहा। अब दीदी सब जानती थी, लेकिन नानी नहीं जानती थी कि में दीदी को चोदता हूँ ।।

धन्यवाद …

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