नौकरानी की जवानी को जमकर चोदा

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प्रेषक : गुमनाम …

हैल्लो दोस्तों, में सूरत का रहने वाला हूँ और में पिछले कुछ सालो से लगातार कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों के मज़े लेता आ रहा हूँ। मैंने ऐसा बहुत बार किया और एक दिन अपनी भी एक सच्ची घटना को आप लोगो को सुनाने के बारे में मैंने विचार बनाया वो आज आपके सामने हाजिर है। यह घटना उस समय की है जब में अपने एक दोस्त की शादी में उस समय राजस्थान गया हुआ था। दोस्तों उस समय मेरे एक दोस्त की शादी थी आप सभी बहुत अच्छी तरह से जानते ही है कि शादी के घर में कितना ज्यादा काम होता है। एक दिन मेरे कपड़े लेने के लिए एक औरत मेरे पास आई वो उस घर की नौकरानी थी और वो मुझसे कहने लगी कि साहब आप आपका सब मुझे दे दो, में उसकी बात को सुनकर बहुत चकित रह गया और मैंने उससे पूछा कि तुम्हे क्या चाहिए? तब वो मुझसे बोली कि आप आपके यह सभी कपड़े उतारकर मुझे दे दो और फिर मैंने उसको दे दिए।

दोस्तों अब में आप सभी को उसके बारे में बताता हूँ, मेरे दोस्त की शादी के सात दिन पहले ही में उसके घर पर पहुंच गया था। उसके घर की उस नौकरानी का नाम ज्योति था और उसकी उम्र करीब 28 साल होगी उसके बूब्स ज्यादा ही बड़े आकार के थे इसलिए जब भी वो चलती थी तो उसके बूब्स बहुत हिलते रहते थे, इसलिए उसको देखते ही मेरा लंड तनकर खड़ा हो जाता था और वो शादीशुदा औरत थी। उसका एक बच्चा भी था जिसको वो हमेशा अपने साथ में लेकर आया करती थी, लेकिन मैंने तो बस उसको देखकर मन ही मन में सोचा करता था और में उसको अपने सामने बिना कपड़ो के लेटा हुआ देखना चाहता था और में हर दम सोचता था कि उसको कैसे पकड़कर उसकी चुदाई के मज़े लिए जाए? और आख़िर एक दिन मुझे वो एक अच्छा मौका मिल ही गया। उस दिन मेरे दोस्त के सभी परिवार के लोग किसी काम से बाहर गये हुए थे और यह बात मुझे उसके घर पर पहुंचने के बाद पता चली। फिर में उस समय किसी काम से बाजार गया हुआ था और मैंने अपने दोस्त अमित से कहा कि में बहुत थक गया हूँ इसलिए में तेरे घर पर जा रहा हूँ। तो में अपने दोस्त के घर पर पहुंच गया और मैंने ज्योति को आवाज़ लगाई, लेकिन उसकी तरफ से कोई भी जवाब ना पाकर मैंने सोचा कि वो अब अपने घर चली गयी होगी और यह बात सोचकर में कमरे में चला गया। में उस समय बहुत ज्यादा थका हुआ था इसलिए में एक एक करके अपने कपड़े उतारकर नहाने के लिए सीधा बाथरूम में चला गया और नहाने के बाद मैंने घर के सबसे पुराने नौकर राणा काका से पूछा कि क्या बात है ज्योति आज मेरे कपड़े लेने नहीं आई? तो वो बोला कि साहब में आपको क्या बताऊँ उसका पति उसको बहुत ही ज्यादा मारता पिटता है और वो बहुत बड़ा कुत्ता कमीना है और में पूरे विश्वास से कहता हूँ कि आज फिर से उसके पति ने उसको जरुर मारा होगा, उसने अपनी पत्नी से शराब पीने के लिए पैसे माँगे होंगे और जब उसने ना बोला होगा तो वो उसको मारने लगा होगा। अब मैंने उनसे पूछा कि उसका घर कहाँ है तो काका बोले कि थोड़ी ही दूर पर उसका घर है और मैंने उसके घर का पता भी उनसे ले लिया और में कुछ देर बाद उसके घर पर पहुंच गया। फिर मैंने जाते ही उससे पूछ लिया कि तू आज क्यों नहीं आई? वो मुझसे झूठ बोली कि आज मुझे कुछ काम था इसलिए में नहीं आ सकी, लेकिन साहब आप यहाँ पर क्यों चले आए और आपको मुझसे ऐसा क्या काम था? उसने कहा कि वैसे अच्छा हुआ मेरा पति भी अभी अभी बाहर गया है वरना वो आपको यहाँ पर देखकर मेरे ऊपर शक करता। फिर मैंने उससे कहा कि हाँ वो तो मुझे भी पता है कि वो तुम्हारे ऊपर शक करने के अलावा भी तुम्हारे साथ और क्या क्या करता है? और वो बोली कि ठीक है में आपसे बाद में मिलती हूँ। अब में तुरंत ही उसकी बात का मतलब समझ गया और में जाते हुए उससे बोला कि में तुम्हारी सभी तरह की समस्या को सिर्फ़ दो मिनट में दूर कर सकता हूँ। यह लो और मैंने उसको अपने जेब से निकालकर 1000 रूपये दे दिए और में उससे बोला कि कल रात को तू मुझे होटल में मिलना बाकी बात हम वहीं पर बैठकर कर सकते है और वैसे भी तेरा पति कल काम से बाहर जा रहा है और इस बात के बारे में मुझे काका ने पहले ही बता दिया है, इसलिए तू कल रात को करीब 9 बजे मुझे वहीं होटल में मिलना और तू वहां पर अपने बच्चे को साथ में मत लाना। फिर वो बोली कि हाँ ठीक है बच्चे को में अपनी जेठानी के पास छोड़कर आ जाउंगी। उसका वो जवाब सुनकर में हंसी ख़ुशी वापस अपने दोस्त के घर चला आया और अब में उसकी चुदाई के सपने देखने लगा। में उसकी चुदाई के लिए बड़ा उत्साहित था। फिर वो मेरे कहने पर एकदम ठीक समय पर मेरे घर आ गई और में उसको ऊपर अपने कमरे में ले गया और वहां पर मैंने हिम्मत करके उससे कहा कि बस आज रात की बात है क्योंकि कल मेरे दोस्त की शादी होते ही में यहाँ से चला जाऊंगा इसलिए आज में बस तुम्हे एक बार चोदना चाहता हूँ।

दोस्तों पहले तो वो मेरी बात को सुनकर मेरे साथ वो सभी काम मेरे साथ एक रात का रिश्ता बनाने के लिए साफ मना करने लगी और अब मैंने उससे कहा कि ठीक है अगर तेरी इच्छा नहीं है तो कोई बात नहीं, में तेरे साथ कोई भी ज़ोर जबरदस्ती नहीं करना चाहता और उसको यह बात कहकर में उसी समय अपने कमरे से बाहर निकलकर नीचे हम दोनों के लिए खाना लाने के लिए चला गया। करीब दस मिनट बाद में वापस आया तो मैंने इधर उधर देखा, लेकिन वो मुझे कहीं भी नज़र नहीं आई। फिर मैंने बाथरूम में जाकर देखा और में वो नजारा देखकर बिल्कुल चकित रह गया, क्योंकि उस समय ज्योति नहा रही थी और उसके बदन पर एक धागा तक भी नहीं था, वो पूरी नंगी होकर खड़ी खड़ी नहा रही थी और उस समय उसकी पीठ मेरी तरफ थी, इसलिए उसने मुझे देखा नहीं शायद उसने सोचा होगा कि इस समय कौन आएगा क्योंकि साहब तो खाना लाने गये है और वो तो मुझे आधे घंटे के बाद वापस आने की बात कहकर गए है फिर शायद वो इसलिए यह बात सोचकर बाथरूम का दरवाज़ा बंद किए बिना ही नहाने लगी थी। फिर मैंने उसको अपने सामने उस हालत में देखकर में बेकाबू हो गया और उसके वो गोरे गोलमटोल बूब्स लटके हुए बड़े ही मस्त नजर आ रहे थे और दोनों भरी हुई गोरी जांघो के ठीक बीच में उसकी वो उभरी हुई गीली कामुक चूत को देखकर मेरा मन अब ललचाने लगा था। में उसके एकदम गोल बड़े आकार के कूल्हों को देखकर अब सोचने लगा था कि आज तो मुझे इसको ज़रूर पकड़कर इसकी मस्त मजेदार चुदाई के मज़े लेने है, चाहे अब यह कितना भी कैसा भी नाटक नखरा करे, लेकिन में इसकी चुदाई आज करके ही रहूँगा। अब मैंने चुपके से उसके सभी कपड़े वहां से उठाए और में उनको अपने साथ लेकर तुरंत ही बाहर आ गया। उसके बाद में अपने रूम में जाकर बैठ गया और में टीवी देखने लगा, लेकिन मेरा पूरा ध्यान उस बाथरूम की तरफ था। तभी थोड़ी देर के बाद मुझे उसका चेहरा अब बाथरूम के दरवाज़े से बाहर झांकता हुए दिखाई दिया और वो मुझसे बोली कि साहब मेरे कपड़े दे दीजिए मैंने आपको कपड़े ले जाते हुए देख लिए था। अब में उसके मुहं से वो बात सुनकर एकदम चकित रह गया और इसलिए मैंने उससे पूछा कि क्या तुम तैयार हो? तब वो बोली कि हाँ ठीक है में कल सुबह सात बजे तक ही आपके साथ रहूंगी। फिर में उससे बोला कि हाँ ठीक है यार में तुझे जल्दी सुबह 6 बजे ही घर तक छोड दूँगा और फिर मैंने उससे कहा कि खुद ही आकर मुझसे अपने कपड़े ले लो। अब वो अपने दोनों बूब्स को अपने दोनों हाथों से छुपाने की कोशिश करते हुए बाथरूम से धीरे धीरे बाहर आ गई, लेकिन उसके ज्यादा बड़े बूब्स होने की वजह से वो उनको पूरी तरह से अपने हाथों की हथेलियों के पीछे छुपा ना सकी। में उसको अपनी आखें फाड़कर घूर घूरकर देख रहा था और उस समय मेरे सामने अब एक औरत बिना कपड़ो के खड़ी हुई थी और यह देखकर मेरा लंड तुरंत ही तनकर खड़ा हो गया।

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अब मैंने उससे कहा कि तुम बहुत ही सुंदर बिल्कुल परी जैसी नजर आती हो और दिखने में तुम बड़ी ही आकर्षक लगती हो। एक बार तुम्हे देखकर कोई भी तुम्हारा दीवाना हो सकता है ठीक मेरी तरह उसकी भी हालत खराब हो सकती है। फिर वो मेरे मुहं से अपनी इतनी तारीफे और वो बातें सुनकर एकदम से शरमा गयी, इसलिए मेरी हिम्मत पहले से ज्यादा बढ़ गई और अब में तुरंत उठकर खड़ा हो गया। खड़े होते ही मेरा लंड और भी ज्यादा तन गया और मेरे लंबे खड़े लंड को देखकर उसकी आखें फैल गयी। वो बहुत चकित थी और में उसके पास चला गया और में उसके होठों को चूमने लगा। पहले तो उसने मेरा थोड़ा सा विरोध किया, लेकिन फिर वो भी मेरा पूरा साथ देने लगी। फिर कुछ देर बाद मैंने उसके होंठो को चूसना छोड़ दिया और अब में थोड़ा सा नीचे आकर में उसके मुलायम बूब्स को चूसने लगा। उसको ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा। उसके बाद मैंने उसको अपनी बाहों में उठाया और बेड पर लेटाकर मैंने देखा कि उसकी चूत मक्खन की तरह चिकनी और अपने अंदर मेरा लंड लेने के लिए बहुत प्यासी थी। फिर मैंने उसकी चूत में अब अपनी दो उँगलियों को डाल दिया और में उनको धीरे धीरे चूत के अंदर बाहर करने लगा, जिसकी वजह से अब वो गरम हो रही थी और वो इसलिए बड़ी बेताबी से अपने दोनों हाथों से अपने बूब्स को मसलने उनको ज़ोर लगाकर दबाने लगी थी। उसके मुहं से उस समय उह्ह्हह्ह्ह्ह आह्ह्ह ओह्ह्ह्हह और ज़ोर से करो हाँ आज फाड़ दो तुम मेरी इस चूत को उफ्फ्फ में कब से इसका कोई इलाज ढूंढ रही थी, इसने मुझे बड़ा परेशान किया और मेरे पति को मेरी चूत या मुझसे कोई भी मतलब नहीं है, उसको तो बस पैसा चाहिए उसको मेरी इच्छा क्या है मुझे क्या चाहिए उस बात से कोई भी मतलब नहीं है और उसको जब मेरे साथ चुदाई की इच्छा होती है वो अपने लंड को मेरी चूत में डालकर कुछ देर में ठंडा होकर सो जाता है और हमेशा ही प्यासी रह जाती हूँ। में इसका क्या इलाज करूं मुझे नहीं पता आज तुम इसका पक्का इलाज करना। दोस्तों उसके मुहं से यह सभी जोश भरी बातें सुनकर मेरा जोश पहले से ज्यादा बढ़ गया और इसलिए मैंने अपना लंड तुरंत उसके मुहं में डाल दिया जिसको वो लोलीपोप की तरह बड़े मज़े लेकर चूसने और अपनी जीभ से चाटने लगी थी और में उसके बूब्स को सहलाकर उसको जोश में लाता रहा और वो अपना काम करती रही। फिर कुछ देर मेरा लंड चूसने के बाद अब मैंने भी अपनी पोजीशन को बदलकर तुरंत नीचे आकर उसकी चूत को जी भरकर चूसा और अब हम 69 की पोज़िशन में थे और हम दोनों को बहुत मज़ा आ रहा था। फिर करीब बीस मिनट तक उसकी चूत को चूसने के बाद अब मैंने उससे कहा कि ज्योति अब में तुम्हारी इस चूत में अपने लंड को डालकर आज इसको फाड़ दूंगा। दोस्तों वो तो पहले से मेरे साथ अपनी चूत चुदाई के मज़े लेने के लिए तैयार थी और फिर इसलिए उसने खुश होकर मुझसे कहा कि हाँ ठीक है साहब अब आप जल्दी से मेरी इस चूत को फाड़ दो, क्योंकि मुझसे अब और नहीं रहा जाता। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुहं पर रखा और उसको अपनी तरफ से एक जोरदार धक्का दे दिया जिसकी वजह से मेरा लंड अब उसकी चूत में थोड़ा सा अंदर ही गया था कि वो दर्द से चीख उठी आह्ह्ह ऊफ्फ्फ्फ़ साहब थोड़ा धीरे करो आईईईईइ माँ में मर गई मुझे बड़ा दर्द होता है, आपका बहुत मोटा लंबा है, इसने मेरे पूरे शरीर में आग लगा दी है और मुझे बड़ा अजीब सा दर्द हो रहा है, लेकिन मैंने अब उसकी कोई भी बात ना सुनकर अपना वो काम जारी रखा और फिर उस एक धक्के से मेरा पूरा लंड उसकी चूत के अंदर जाते ही वो छिपकली की तरह मेरी छाती से चिपक गयी। उसने मुझे अपनी पूरी ताकत से अपनी बाहों में जकड़ लिया था उसके मुहं से आईईईईइ ऊईईईई में मर गई मुझे बहुत हो रहा है यह शब्द बाहर निकले। अब मैंने अपना लंड बड़ी तेज़ी के साथ उसकी गरम गीली चूत के अंदर बाहर करना शुरू कर दिया और मैंने उसको लगातार कस कसकर धक्के देकर चोदना शुरू किया और वो भी कुछ देर बाद अपना दर्द कम होने के बाद अब अपनी गांड को ऊपर हवा में उठा उठाकर मेरा पूरा पूरा साथ दे रही थी इसलिए मुझे भी अब उसका साथ पाकर धक्के देने में पहले से ज्यादा मज़ा जोश आने लगा था और बहुत देर तक उसको लगातार ताबड़तोड़ धक्के देकर चोदने के बाद में अब उसकी चूत में झड़ गया। फिर मैंने अपना पूरा वीर्य उसकी चूत के गहराईयों में अपने लंड के धक्को के साथ डाल दिया और फिर में उसके बूब्स पर अपना सर रखकर थककर लेट गया। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकालकर अब उसके दोनों बूब्स के बीच की दरार में अपना लंड रख दिया और फिर में उसके बूब्स को हल्के हल्के धक्के देकर चोदने लगा था। मेरे ऐसा करने की वजह से थोड़ी ही देर में मेरा लंड एक बार फिर से तनकर उसकी दूसरी चुदाई के लिए एकदम तैयार खड़ा था। फिर मैंने उससे कहा कि अब में तेरी गांड में अपना लंड डालकर उसको भी मज़े दूंगा और वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर डर गयी, वो अब मुझसे कहने लगी कि नहीं साहब, आप मेरी गांड को मत फाड़ो मुझे आपके साथ ऐसा करने से बहुत दर्द होगा, क्योंकि आपका लंड बहुत मोटा है यह जब पहली बार चूत के अंदर गया था तब भी मुझे बहुत दर्द हुआ था, लेकिन पहले भी कई बार चुदाई करवाने की वजह से में उस दर्द को सह गई, लेकिन में इसको अपनी गांड में नहीं ले सकती। फिर मैंने उसको बहुत प्यार से समझाकर कहा कि तुम्हे पहली बार में थोड़ा सा दर्द होगा, लेकिन फिर उसके बाद तुम्हे बहुत मज़ा आएगा और में इतना कहने पर वो तैयार हो गई। अब मैंने उसको अपने सामने घोड़ी बनाकर उसकी गांड के अंदर अपने वीर्य से सने हुए चिकने लंड को में अंदर डालने लगा मेरा लंड थोड़ा सा ही अंदर गया था कि वो दर्द से आईईईई उफ्फ्फफ् में मरी छटपटाने लगी और वो मुझसे छूटने की कोशिश करने लगी, लेकिन मैंने उसको कसकर पकड़ा और में लगातार धक्के लगाता रहा वो अब दर्द से रोने लगी और मेरा लंड उसकी गांड को रौंदता चीरता हुआ अंदर बाहर आता जाता रहा। फिर थोड़ी देर के धक्के खाने के बाद अब उसको भी मेरे धक्के में बड़ा मज़ा आने लगा था और वो इसलिए अब बड़े आराम से चुदने लगी और बड़ी देर तक उसको एक जैसे ही धक्के देकर चोदने के बाद में एक बार फिर से उसकी गांड में झड़ गया और अब मैंने उससे पूछा क्यों ज्योति तुम्हे मेरे साथ यह सब करने में मज़ा आया कि नहीं? तो वो बोली कि हाँ साहब मुझे आज पहली बार बहुत मज़ा आया वरना इससे पहले मुझे अपने पति के साथ चुदाई के मज़े लेने में इतना मज़ा वो सुख नहीं मिला, जितना आपके साथ आया है, आप बहुत अच्छा चोदते है।

अब में उसके ऊपर ही अपना रस रखकर सो गया देर रात को जब मेरी नींद खुली तब उसने मुझसे कहा कि साहब आप बहुत अच्छा चोदते है, मेरे पति का तो सिर्फ चार इंचा का होगा और वो बहुत बड़ा शराबी भी है और वो तो बस दो मिनट में झड़ जाता है और उसके बाद थककर नीचे पड़ जाता है। अब मैंने उससे पूछा कि यह बच्चा किसका है? वो बोली कि वो इसी शराबी का है। फिर मैंने इसके साथ बहुत साल तक बड़ी मेहनात करवाकर एक बच्चे को पैदा किया है और उसके बाद हम दोनों सो गए और में सुबह करीब 5:30 पर उठ गया। मैंने उसके बूब्स को देखा उसके खड़े निप्पल को देखकर मेरा लंड एक बार फिर से तन गया और मैंने दोबारा उसको उल्टा घुमाकर उसकी गांड पर अपने लंड को रख दिया में अपने लंड को अंदर डालने लगा। उसकी नींद खुल गई और मैंने उसकी गांड में अपने लंड को डालकर दोबारा वैसे ही धक्के देकर उसको फाड़ दिया और वो दर्द की वजह से ज़ोर ज़ोर से चीख चिल्ला रही थी वो मुझसे बोली कि साहब अब आप मेरी गांड मत मारो चाहो तो आप दोबारा मेरी चूत में अपने लंड को डालकर उसको चोद लो, इसमे मुझे ज्यादा दर्द होता है और मुझे सात बजे यहाँ से जाने देना। फिर में उससे बोला कि हाँ ठीक है और मैंने उसको तुरंत ही पलट दिया फिर से में पूरी तरह मूड में आकर उसकी चुदाई करने लगा और करीब पांच मिनट के बाद में झड़ने वाला था, इसलिए मैंने अपने लंड को तुरंत बाहर निकाल लिया और मैंने उसके मुहं में अपने लंड को डालकर में झड़ गया और उसके बाद हम दोनों कपड़े पहनकर बाहर आ गए। मैंने उसको उसके घर पर छोड़कर में अपने दोस्त के घर चला गया, लेकिन फिर मेरे दोस्त की शादी होने की वजह से मुझे ऐसा कोई भी अच्छा मौका नहीं मिला और में उसकी चुदाई फिर से नहीं कर सका और शादी के बाद मैंने उसको बहुत ढूंढा, लेकिन वो मुझे कहीं भी नहीं मिली, दोस्तों वो शायद अपने पति के साथ कहीं चली गयी थी और फिर में भी वहाँ पर दो तीन दिन रुककर वापस अपने घर सूरत चला आया। दोस्तों यह थी मेरी वो सच्ची घटना जिसको में आप सभी को सुनाना चाहता था। में उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी आप सभी को जरुर पसंद आई होगी ।।

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धन्यवाद …

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