नौकरानी को पटाकर चोद डाला

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प्रेषक : गुमनाम …

हैल्लो दोस्तों, कामुकता डॉट कॉम के सभी पढ़ने वालो को मेरा लंड उठाकर सलाम। दोस्तों अब में कहानी को शुरू करने से पहले थोड़ा सा मेरे बारे में भी बता देता हूँ उसके बाद में आज की कहानी को शुरू करूंगा। दोस्तों में गुजरात के जामनगर में रहता हूँ और में एक जवान और सुंदर लड़का हूँ। मेरा मोटा लंबा लंड किसी भी प्यासी तरसती हुई चूत को जमकर चोदकर पूरी तरह से संतुष्ट करने के लिए हमेशा तैयार रहता है।

यह आज से करीब दो महीने पहले की कहानी है, जिसमें मैंने अपनी एक नौकरानी को अपनी तरफ आकर्षित करके उसको मेरे साथ चुदाई करने के लिए तैयार किया। दोस्तों मेरे घर पर एक नौकरानी काम किया करती है, जिसकी उम्र 19 साल है, उसका नाम प्रीति है और वो दिखने में एकदम मस्त माल लगती है। दोस्तों मुझे पहले से ही पता था कि वो अभी तक वर्जिन (कुँवारी) है और वो साली अभी अभी जवान हुई थी, इसलिए उसके गोरे जिस्म ने अब अपने हर एक अंग का आकार बदलना शुरू कर दिया था। मैंने एक बाद उसको बहुत ध्यान से देखा तो उसके बूब्स एकदम तने हुए थे, जिनकी निप्पल भी खड़ी हुई थी और मुझे उसके गाल पर एक काला तिल था जो हमेशा अपनी तरफ बहुत आकर्षित करके हमेशा परेशान किया करता था और वैसे उसका फिगर भी दिखने के साथ साथ आकार में भी बड़ा मस्त सेक्सी लगता है, जिसकी वजह से उसके उभरे हुए बूब्स मुझे बड़े ही कमाल के नजर आते थे और पूरी तरह से वो एक हिरोइन जैसी लगती है, वो जब भी नीचे झुककर झाड़ू लगाया करती तो में अपनी चोर नजर से बस उसके कातिल बूब्स को ही देखा करता था। मेरी नजर हमेशा उसको घूर घूरकर देखा करती थी। दोस्तों में करीब पिछले दो महीनो से उस पर अपना जाल बिछा रहा था।

दोस्तों में कैसे भी करके उसकी चुदाई करने के अपने प्रयास कर रहा था और एक दिन उस भगवान ने मेरी मन की बात को सुनकर मुझे उसकी चुदाई का वो मौका दिया था। दोस्तों वो जब भी मेरे बेडरूम की सफाई किया करती है तो में उसको लगातार देखता रहता और वो भी मुझे अपनी तरफ घूरता हुआ देखकर मेरा बिल्कुल भी विरोध नहीं करती, बस हल्का सा मुस्कुरा देती। दोस्तों अब मेरी एक सोची समझी पहली चाल थी कि में सुबह बाथरूम में मुठ मारकर अपनी अंडरवियर को गीली करता और फिर में जानबूझ कर उस पर थोड़ा सा ठुक दिया करता था और उसके बाद में उस अंडरवियर को दरवाजे के पीछे लटका देता था जिसकी वजह से जब भी कपड़े ढोने के लिए प्रीति उस अंडरवियर को अपने हाथ में लेती थी। मेरी अंडरवियर को वो बहुत ध्यान से देखा करती थी। तो मेरे अब समझ में आ रहा था कि में एकदम सही जा रहा था और उसका भी व्यहवार अब मेरे लिए बहुत बदला बदला सा मुझे लगने लगा था वो मुझे अपने मन की बात छुपा रही थी और वो मेरी हरकतों का सही मतलब अब समझ चुकी थी।

फिर एक दिन में रात को जानबूझ कर अपनी पेंट की चैन को खोलकर सो गया और उस दिन रात को में करीब 8.45 पर ही सो गया था और फिर मैंने कुछ देर बाद मेरे लंड को आंड के साथ ही अपने पजामे से बाहर निकाल लिया और में पेट के बल सोने का नाटक करने लगा, जिसकी वजह से मेरे लंड के साथ साथ मेरे आंड भी मेरे दोनों पैरों के बीच से साफ साफ दिख रहे थे। फिर सुबह करीब 9:15 को प्रीति मेरे बेडरूम में आ गई और उसी समय अचानक से उसकी नज़र मुझ पर पड़ी और वो मेरे बड़े आकार के मोटे लंड को अपनी चकित नजरों से देखती रही। उसकी नजर हटने को बिल्कुल भी तैयार नहीं थी और मुझे यह सब पास वाली अलमारी के अंदर के उस कांच में सब कुछ साफ दिख रहा था, उसने करीब दो मिनट तक मेरे लंड को घूरकर देखा।

फिर वो थोड़ा सा पास आ गई और अब उसने ज्यादा गौर से देखा। उसके बाद उसने इधर उधर का अंदाज लेकर अपने एक बूब्स को दबाना शुरू किया। फिर कुछ देर बाद जब वो गरम होकर जोश में आ गई और तब उसने अपने एक हाथ को आगे बढ़ाया और अब उसने मेरे आंड को अपने हाथ से छूना चाहा, लेकिन फिर उसने कुछ बात सोचकर अपने हाथ को पीछे हटा लिया और उसके बाद वो मेरे कमरे से बाहर निकलकर तुरंत नीचे चली गयी। अब में उठा बाथरूम में जाकर मैंने अपना हर दिन का काम किया, दोस्तों उस दिन में बहुत खुश था, क्योंकि आज मैंने उसके जिस्म की आग को पहले से ज्यादा भड़का दिया था और में आगे भी ऐसा ही कुछ करने की बात सोच रहा था और ब्रश करने के बाद नीचे जाकर मैंने उससे चाय पी और उससे गरम पानी करके मुझे बाथरूम में लाकर देने को कहा और तब मैंने देखा कि वो मुझसे अपनी नज़रे नहीं मिला रही थी।

फिर में बाथरूम में चला गया और मैंने शेविंग की तभी एकदम से मुझे एक नया विचार आ गया और मैंने मेरे लंड पर शेविंग क्रीम लगाई और अब में उसके आने की राह देखता रहा और उस समय मैंने सिर्फ़ मेरी कमर पर एक टावल लपेटा हुआ था और मुझे जैसे ही उसके आने की आहट सुनाई दी तो मैंने मेरा हाथ उठाया और शेविंग करना शुरू कर दिया। उसी समय उसने गरम पानी की बाल्टी को नीचे रखते हुए मुझसे कहा कि सर यह लीजिए गरम पानी और वो शरमाकर भाग गयी। मैंने उसके बाद शरमाने का नाटक किया और यह सब मुझे अच्छा लग रहा था। फिर दो दिन तक मैंने उसको किसी ना किसी तरह से गरम नहीं किया, जिसकी वजह से प्रीति में अब धीरे धीरे बहुत बदलाव आ रहे थे और वो अब सजकर के आने लगी थी। तब में समझ चुका था कि यह चिड़िया अब मेरे जाल में फंस रही है और मुझे बहुत अच्छी तरह से पता था कि इसके आगे मुझे क्या करना है? मेरे पास सेक्सी फिल्मे सेक्सी किताबे और कुछ सीडी थी। उसमे से दो बहुत गंदी किताबे मैंने जानबूझ कर मेरी शर्ट के नीचे रख दी, ऐसा लग रहा था जैसे मैंने उनको वहां पर छुपाई हो और मैंने उनको बड़े ध्यान से रखा और उसके एक पेज को खोलकर रखा था।

फिर में मेरे ऑफिस के लिए चला गया। उस दिन में 6.45 बजे ऑफिस से अपने घर पर आ गया था मैंने दरवाजे पर लगी घंटी को बजाया, लेकिन दरवाजा खोलने में उसको कुछ देर लगी और में उस बात को सोचकर मन ही मन बहुत खुश हो रहा था। तो दरवाजा खुलते ही मैंने प्रीति को बहुत ध्यान से देखा वो जैसे कोई भी गरम औरत एकदम ठंडी होने पर दिखती है वैसी दिख रही थी। मैंने उससे पूछा क्या तुम सो रही थी क्या? तब उसने कहा कि हाँ में लेट रही थी। अब में सीधा अपने बेडरूम में चला गया मैंने अपनी उस किताब को देखा तो तब मुझे पता चला कि किताब को किसी ने हड़बड़ी में रखा था, मैंने दरवाजे के एक कोने से नीचे की तरफ देखा तो वो उस समय मेरे बेडरूम के बाहर खड़ी होकर अंदर का अंदाज़ा ले रही थी। फिर में उसी समय वापस घर से बाहर चला गया और में करीब पांच बजे वापस आ गया। तब मैंने देखा कि अब वो किताबे ठीक तरह से रखी हुई थी और प्रीति भी अब पहले से ज्यादा शांत नजर आ रही थी।

दोस्तों अब में हर रोज वहां पर किताबे रखने लगा और उसको वो दिखा दिखाकर तड़पाने लगा। इसका मुझे आगे जाकर फायदा हुआ, क्योंकि उस किताब में सब तरह की गरम करने वाली तस्वीरे थी, जैसे दो लेस्बियन, चूत की चुदाई, गांड की चुदाई, लंड को चाटना, चूत को चटाना, बूब्स को पीना, लंड को चूसना और भी सब कुछ उसमें था। अब में एक दिन दोपहर को अपने घर पर ही अपने ऑफिस का काम करने लगा। ऐसा मैंने कुछ दिन तक लगातार किया, जिसकी वजह से प्रीति तड़प उठी और मुझे उसकी बैचेनी, तड़प बहुत अच्छी तरह से महसूस हो रही थी, क्योंकि वो अब किताबे नहीं देख पा रही थी। अब में अपने पीसी पर दोपहर में सेक्सी फिल्म की सीडी लगाकर उसको देखता था और मुठ भी मारता था और मैंने ही ऐसा बंदोबस्त किया था कि प्रीति यह सब चुपके से देखे मुझे पूरी तरह से विश्वास था कि प्रीति मेरे इस जाल में भी जरुर फंसेगी, लेकिन इसके लिए मुझे पूरे तीन दिन तक का इंतजार करना पड़ा।

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फिर उस दिन मैंने महसूस किया कि प्रीति भी दरवाजे की उस छूटी हुई थोड़ी सी जगह से अंदर की तरफ झांककर देख रही थी और उस दिन में गांड मारने वाली सेक्सी फिल्म देख रहा था। कुछ देर बाद प्रीति ने मेरे लंड से मेरे वीर्य को बाहर निकलते हुए देखा मैंने मेरा वीर्य जानबूझ कर अपनी छाती पर लगा लिया और उसके बाद मैंने थोड़ा सा उसको चाटने का नाटक किया और उसके बाद मैंने अपने पीसी को बंद किया, अपने कपड़े ठीक किए और में अब अपने ऑफिस के लिए चल पड़ा। तो नीचे आते ही मैंने गौर किया कि वो मेरे लंड की जगह को चोरी से देख रही थी। अब एक दिन बाद मैंने अपनी इस मेहनत के मीठे फल को चखने का फ़ैसला किया और उस दिन में सुबह करीब आठ बजे सोकर उठ गया, जिसके बाद प्रीति भी करीब 8:15 को आ गई। फिर मैंने ब्रश करके उससे चाय लेकर पीने लगा और में आखरी बार उसको गरम करके अब उस पर चढ़ने के लिए बेताब था। अब मैंने मेरा ट्रिमर चालू करके मेरी झांट के बाल काट लिए और उनको मैंने जानबूझ कर टॉयलेट पर गिरा दिया था और उसके बाद में बाथरूम में आकर नहाया, नीचे आकर प्रीति से नाश्ता लिया और नाश्ता करने के बाद मैंने प्रीति को कहा कि में आज ऑफिस नहीं जाऊँगा ऊपर कंप्यूटर पर काम करूँगा, उसके बाद ऊपर के कमरे में आते ही मैंने दरवाजे क़े स्टॉपर को और मेरे कंप्यूटर की कुर्सी को एक धागे से बाँध दिया ताकि जब भी में कुर्सी को हिलाऊंगा तो दरवाजा खुल जाए। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर करीब 11 बजे मैंने कंप्यूटर को चालू किया और दो बार कुर्सी को हिलाकर दरवाजा खुलने का भी चेक किया और 11.30 बजे के करीब प्रीति ऊपर आ गई वो सीधी टॉयलेट में चली गयी। उसने पांच मिनट के बाद फ्लश को चालू किया में समझ गया था कि उसने मेरे झांट के बालों को ज़रूर देखा होगा मेरे अंदाज से वो वही से गरम होने वाली थी। अब मैंने ब्लूफिल्म को चालू किया उसको देखते हुए में पूरा नंगा होकर मुठ भी मार रहा था और मेरा पूरा ध्यान दरवाजे पर ही था। फिर करीब दस मिनट के बाद कंप्यूटर की स्क्रीन पर जो दरवाजे की तरफ थी। मैंने उसमे कुछ हलचल देखी और तब मैंने और पांच मिनट तक इंतजार किया और तब मुझे पूरी तरह से पता चल गया कि प्रीति अब सब कुछ देख रही है। मैंने अब मेरी कंप्यूटर की कुर्सी को ज़ोर से एक तरफ सरकाई और वो दरवाजा आधा खुल गया मैंने देखा कि वहां पर मेरी गरम सेक्सी नौकरानी पूरे जोश में खड़ी हुई थी और अब मैंने देखा कि उसका एक हाथ उसके एक तरफ के बूब्स को दबा रहा था और उसका दूसरा हाथ उसकी सलवार के ऊपर से उसकी चूत को सहला रहा था और में उसके सामने नंगा खड़ा था और करीब दो सेकेंड उसको कुछ भी समझ में नहीं आया।

फिर तब तक में उसके पास आकर अपनी आधी दूरी तय कर चुका था और वो भागने के लिए जैसे ही पलटी मैंने उसको पीछे से दबोचकर पकड़ लिया जिसकी वजह से उसके दोनों बूब्स मेरे हाथ में थे और उसकी पीठ मेरी छाती पर थी और मेरा खड़ा लंड उसकी गांड के छेद पर था। अब मैंने तुरंत उसके बूब्स को सहलाना शुरू किया और उसकी गर्दन और कान को चाटना शुरू किया और कुत्ते की तरह मैंने उसकी गांड पर अपनी तरफ से हल्के हल्के धक्के लगाने शुरू कर दिए और उसके मुझसे कुछ भी कहने सुनने से पहले ही मैंने उसका एक बूब्स और उसकी कमर को पकड़कर उसको बेड पर तुरंत लाकर पटक दिया। उसका एक हाथ मेरे नीचे फंसाया और दूसरे हाथ से उसका दूसरा हाथ पकड़ा और अब मैंने उसको उसके नरम होंठो पर किस करना चालू किया और उसी के साथ मैंने अपने एक हाथ से उसकी चूत को कपड़ो के ऊपर से सहलाना भी शुरू किया करीब तीन, चार मिनट तक चूमने के बाद उसने अब अपनी तरफ से मेरा साथ देना शुरू कर दिया था। वो मेरा साथ देते हुए मेरी जीभ से अपनी जीभ को मिलाकर चूसते हुए और अपने एक हाथ को मेरी पीठ पर पहुंचाकर उसने अब सहलाना शुरू कर दिया था। अब मैंने उसका हाथ छोड़ दिया और उसके बाद मैंने उसके बूब्स को मेरी छाती के नीचे दबाए और में उसके ठीक ऊपर आ गया, जिसकी वजह से मेरा तना हुआ लंड उसकी चूत के बीच एकदम ऊपर था और में अब भी उसको चूम रहा था। तभी उसने मुझसे कहा कि आप बस दो मिनट रूको ना, तब मैंने उससे पूछा कि वो किस लिए? उसने दोबारा कहा प्लीज़ रुक जाइए ना और अब में उसके कहने पर रुक गया और उसी के साथ में उसके ऊपर से भी हट गया। वो अब मुझे निहारने लगी और वो मेरी साफ छाती पर हाथ फेरते हुए बोली मुझे लगता है कि आप इसका बहुत ध्यान रखते हो? मैंने कहा कि हाँ अब तू दिखा तू तेरा कितना ध्यान रखती है, चल अब उतार दे कपड़े। तो उसने कहा कि में नहीं उतार सकती, तब मैंने उससे कहा कि अगर में उतार दूँगा तो यह कपड़े तो जरुर फटेंगे, चल अब चुपचाप उतार दे। वो मेरी बात को सुनकर डर गयी और फिर वो अपने कपड़े उतारने लगी। मैंने देखा कि ब्रा तो उसने पहनी ही नहीं थी और पूरी नंगी होने के बाद मैंने इशारे से उसको मेरे पास में बुलाया।

अब वो अपने दोनों बूब्स को अपने दोनों हाथों से छुपाने की नाकाम कोशिश करती हुई मेरे पास आ गयी क्योंकि उसके बूब्स रंग में बहुत गोरे और आकार में बहुत बड़े थे, इसलिए उनको हाथों के पीछे छुपाना बड़ा मुश्किल था। अब में उसका एकदम गोरा नंगा सेक्सी बदन देखकर बड़ा चकित और उसकी तरफ आकर्षित हो गया था, जिसकी वजह से में एकदम जोश में आ गया और मैंने उसको उसी समय अपनी तरफ से एक झटका देकर उसको अपनी तरफ खींचकर अपनी बाहों में भर लिया और उसके बाद मैंने उसको धीरे धीरे सहलाना शुरू किया। फिर में उसके बूब्स को चूसने लगा तो उसने मेरा मुहं अपने बूब्स पर दबोच लिया। में उसके निप्पल पर मेरी जीभ को घुमा रहा था, जिसकी वजह से वो अब पहले से ज्यादा गरम हो रही थी।

दोस्तों मैंने देखा कि उसकी बगल पर बाल के काले गुच्चे थे। मैंने उसको वहां पर चाटा और उस समय वो सिसकियाँ लेने लगी। तभी वो मुझसे पूछने लगी कि तुम मेरी बगल के यह बाल कब साफ करोगे? लेकिन मैंने उसको अपनी तरफ से कोई भी जवाब नहीं दिया। अब मैंने उसकी चूत पर ऊँगलिया घुमाई और उसने मुझे अपनी बाहों में लेकर और ज़ोर से अपने बूब्स पर जकड़ लिया और उसकी चूत पर बाल बहुत थे। उसके झांट के बाल और चूत पूरी गीली हो चुकी थी। फिर मैंने सही मौका देखकर अपनी एक ऊँगली को उसकी चूत के अंदर डाल दिया तो वो एकदम से छटपटा उठी और उसने मेरा हाथ अपने दोनों पैरों में जकड़ लिया और मेरी उंगली को अपनी चूत में और मेरा मुहं अपने बूब्स पर ज़ोर से दबाकर प्रीति अब झड़ रही थी और धीरे धीरे वो झड़ने के बाद अब कुछ देर बाद एकदम शांत हो गई। मैंने उसकी तरफ देखा तो उसकी दोनों आखें बंद थी। फिर मैंने उसको उस नींद से जगाया और उससे पूछा क्या तुम खुश हो? तब उसने मेरी तरफ देखकर मुझसे कहा कि हाँ, ठीक उसी समय मैंने उससे कहा कि मुझे खुश करना अभी बाकी है, उसने अब मुझसे पूछा कि मुझे उसके लिए क्या करना होगा? तब मैंने अपना लंड उसको दिखाते हुए उससे कहा कि इसको चाटो।

फिर उसने मेरी बात को रखने के लिए मेरे लंड को अपने मुहं में ले लिया और वो अब मेरे लंड का टोपा अपनी जीभ से चाट रही थी। फिर कुछ देर बाद मैंने उससे कहा कि पूरा चूस और फिर उसने मेरा पूरा लंड चाटना चूसना शुरू किया। कुछ देर बाद मैंने उससे कहा कि अब मेरे आंड भी चाटो और अब उसने मेरे आंड पर भी अपनी जीभ घुमाई और उसके ऐसा करने के कुछ देर बाद वो अब थककर मेरे नीचे लेट गयी। अब में उसके दोनों पैरों के बीच में आ गया था और में अपने लंड को एक हाथ से पकड़कर उसकी गरम गीली चूत के दाने पर रगड़ने लगा, जिसकी वजह से वो सिसकियाँ लेने लगी और अपने कूल्हों को ऊपर उठाने लगी। फिर करीब पांच मिनट रगड़ने के बाद मैंने अपने लंड का टोपा उसकी चूत के दोनों होंठो को खोलकर चूत के मुहं पर रख दिया और तब उसने मुझसे कहा कि यह सब मेरा पहली बार है, इसलिए थोड़ा ध्यान से आराम से करना। अब मैंने उससे कहा कि तब तो खून निकलना चाहिए और फिर मैंने पूछा तुम कब नहाई थी। उसको उसका मतलब समझाया और वो मुझसे बोली कि तुम मुझे ज्यादा डराओ मत, बस लग जाओ।

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अब मैंने उसको दोबारा किस करना चाहा, लेकिन तभी वो मुझसे बोली कि अब तुम यह चुम्मा देना बस करो तुम्हे जो करना है, वो सब अब नीचे करो। फिर मैंने बिना किसी इशारे के उसकी चूत में अपना पहला धक्का लगा दिया, जिसकी वजह से वो ज़ोर से चिल्ला पड़ी माँ आह्ह्हह्ह्ह्ह उईईईईइ में मर गई उसकी आवाज़ की आवाज को मैंने उसके गले पर महसूस किया और वो दर्द की वजह से बहुत ज़ोर से चिल्ला रही थी, इसलिए उसकी पहली चीख के बाद मैंने उसके होंठो को मेरे होंठो से बंद कर लिया और फिर मैंने उसको अपनी तरफ से लगातार धक्के देकर चोदना शुरू किया, लेकिन अब उसकी चिल्लाने की आवाज़ मेरे मुहं में ही दबकर रह गयी। फिर करीब पांच मिनट की चुदाई के बाद वो अब कुछ संभल गयी थी और करीब बीस मिनट की लगातार चुदाई करने के बाद मैंने मेरा लंड प्रीति की चूत से बाहर निकाला और अब उसको मैंने डोगी स्टाइल में बैठाकर दोबारा अपना लंड उसकी चूत में डालकर मैंने जोरदार धक्के देकर उसको चोदा और करीब 35-40 मिनट की चुदाई के बाद मैंने मेरा वीर्य उसकी चूत में निकाल दिया और वो हमारी इस चुदाई के दौरान करीब दो बार वो झड़ चुकी थी।

फिर जब मैंने उसकी चूत से अपना लंड बाहर निकाला तो वो मुझे लंड नहीं निकालने दे रही थी और हम दोनों इस तरह करीब 15 मिनट तक बिना हिले निढाल होकर पड़े रहे और फिर उसके बाद मैंने मेरा लंड उसकी चूत से बाहर निकाला तो मैंने देखा कि वो चादर, मेरा लंड, उसकी चूत और गांड पूरी तरह खून से लाल थी, लेकिन मेरे नीचे लेटी हुई प्रीति अब बहुत खुश नज़र आ रही थी और उसकी ख़ुशी उसके चेहरे से साफ साफ झलक रही थी। वो मेरे साथ अपने इस पहले सेक्स अनुभव की वजह से एकदम संतुष्ट नजर आ रही थी और उसके साथ साथ मुझे भी उसकी कुंवारी चूत को चोदकर बहुत मज़ा आया ।।

धन्यवाद …

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