ऑफिस वाली दोस्त की चुदाई

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प्रेषक : राज …

हैल्लो दोस्तों, शायद आप सभी कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों को पढ़ने वालों को मेरी यह कहानी अच्छी लगे, क्योंकि यह मेरी एक सच्ची घटना है और कोई झूठा किस्सा नहीं है और आज में आप सभी को बताने जा रहा हूँ कि कैसे मैंने अपने साथ काम करने वाली एक शादीशुदा औरत की चुदाई करके उसकी और मेरी जरूरत को पूरा किया? दोस्तों वैसे तो मुझे सेक्स करने का बहुत शौक है, लेकिन किसी अनुभवी चूत की चुदाई करने का मज़ा सबसे अलग हटकर होता था और मेरे साथ जो कुछ हुआ वो में विस्तार से सुनाने यहाँ आया हूँ। अब आप सभी का ज़्यादा समय खराब ना करते हुए में सीधे कहानी पर आता हूँ। दोस्तों में एक प्राइवेट म्यूचुयल फंड कंपनी में काम करता हूँ, वहाँ में पिछले कुछ सालों से अच्छे काम करने की वजह से एक अच्छे पद पर हूँ इसलिए मुझे हर दिन ऑफिस में ही रहना पड़ता है। दोस्तों वहीं पर मेरे साथ एक लड़की भी काम करती है और उसका नाम अंजली है, वो भी मेरे साथ ही मेरा पूरा काम करके मेरा बराबरी से साथ देती है। दोस्तों वैसे में आप सभी को बता दूँ कि वो एक शादीशुदा औरत है और इस वजह से उसके कुछ घर के कामो की परेशानी की वजह से वो हर दिन शाम को जल्दी अपने घर चली जाती है।

दोस्तों वो दिखने में बहुत सुंदर गोरी होने के साथ साथ बहुत खुले विचारों की बड़ी आकर्षक लगती है, लेकिन मैंने पहले कभी भी उसको अपनी गंदी नजर से नहीं देखा था। दोस्तों हम दोनों पिछले कुछ सालों से साथ ही काम कर रहे है, वो बहुत ही सीधी, लेकिन खुले विचारों की और अच्छे साफ दिल की लड़की है, उसका पति भी अच्छा है और उसका वो शादीशुदा जीवन भी अच्छा चल रहा था, लेकिन फिर भी अंजली और में अब एक बहुत ही अच्छे दोस्त बन चुके थे। अब हम दोनों एक दूसरे के जीवन के बारे में अपना सब कुछ वो सभी बातें खुलकर किया करते थे। दोस्तों वैसे मेरी एक गर्लफ्रेंड भी है और उसके बारे में भी अंजली को सब कुछ पता था, हम दोनों बिल्कुल करीबी गहरे दोस्त अब बन चुके थे। अपने ऑफिस में हम दोनों काम करते समय कई बार एक दूसरे को छू भी लेते थे, लेकिन हम दोनों में से कोई भी इन बातों की तरफ ज्यादा ध्यान नहीं देता था और में भी उसको अपनी उस नज़र से नहीं देखता था। फिर एक बार हैदराबाद से मेरे पास मेरे बॉस का फोन आया और वो मुझसे कहने लगे कि हमे एक जरूरी मीटिंग के लिए बड़ोदा जाना है। फिर हम दोनों उसी रात को एक बस से हमारी मीटिंग के लिए बड़ोदा के लिए निकल गये और रात को मुझे नींद नहीं आ रही थी, इसलिए हम दोनों बस में बैठे हुए बातें कर रहे थे।

फिर कुछ देर बाद अचानक से उसका एक हाथ मेरे हाथ पर पड़ गया और तब पहली बार शायद हम दोनों को एक दूसरे के जिस्म को स्पर्श करके वो एहसास हुआ और हम दोनों उसी समय बातें करते करते रुक गये। फिर कुछ देर लगातार एक दूसरे की आँखों में आंखे डालकर देखने के बाद मुस्कुराकर दोबारा फिर से बातें करने के कुछ देर बाद हम सो गए। फिर दूसरे दिन सुबह बड़ोदा पहुंचकर हम दोनों ने उस मीटिंग में शामिल होकर अपना काम अच्छे से किया और उसकी वजह से हमे अच्छे काम करने के लिए एक अवॉर्ड भी मिला और उसको पाकर उसकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं था। मैंने उसको कहा कि यह सब तुम्हारे साथ और मेहनत का नतीजा है। फिर रात को हम दोनों जब मीटिंग को खत्म करके एक होटल में आ गए। फिर कुछ देर बाद में अंजली को खाना खाने के लिए बुलाने उसके कमरे में चला गया और मैंने उसके कमरे के दरवाजे नहीं खटखटाया, में ऐसे ही अंदर चला गया। अब मैंने देखा कि उस समय अंजली एक नाइट ड्रेस में थी, लेकिन उसने अभी अपने कपड़ो के आगे के बटन बंद भी नहीं किए थे, क्योंकि वो मेरे आने से पहले अपने कपड़े बदल रही थी और इसलिए मुझे अब उसकी सफेद रंग की ब्रा साफ साफ दिख रही थी। दोस्तों उस समय पहली बार में उसके गोरे गदराए बदन को पूरी तरह से निहार रहा था। उसके बूब्स का आकार 34-26-34 था और वो दिखने में बहुत ही आकर्षक नजर आ रहे थे।

फिर उसने तुरंत ही अपने बटन को लगा लिए, लेकिन फिर भी मेरी नजर उसके बूब्स पर ही टिकी थी क्योंकि वो कपड़े उसकी छाती में बड़े ही कसे हुए थे, इसलिए बूब्स की गोलाई उसमे से एकदम साफ नजर आ रही थी। फिर मैंने कुछ देर बाद बूब्स से अपनी नजर को हटाकर उसको कहा कि चलो खाना खाने चलते है, मुझे बड़ी तेज भूख लगी है, लेकिन उसने बाहर जाने से साफ मना कर दिया और उसने मुझसे कहा कि आप यहीं पर हमारे लिए खाना मंगवा लो, मेरी बाहर जाने की इच्छा बिल्कुल भी नहीं है में बहुत थक चुकी हूँ और खाना खाकर मुझे अब आराम करना है। फिर मैंने उसके कहने पर कुछ देर बाद हम दोनों के लिए खाना उस कमरे में ही मंगवा लिया और अब हम दोनों बेड पर बैठे हुए इधर उधर की बातें कर रहे थे, लेकिन में बस लगातार उसके बदन को ही निहार रहा था। दोस्तों उस समय शायद मेरी आँखों में उसके लिए प्यार आ चुका था इसलिए वो भी देखकर समझ गई और थोड़ा सा अब शरमा भी रही थी और तभी हमारे लिए खाना आ गया। फिर हम दोनों ने साथ में बैठकर खाना खाया और एक बार फिर से हम बातें करने बैठ गये और तभी बातों बातों में मैंने हिम्मत करके उसको पूछ लिया कि तुम एक सप्ताह में कितनी बार सेक्स करती हो? और वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर एकदम से बहुत चकित रह गई कि यह में उससे क्या पूछ रहा हूँ। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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दोस्तों सच कहूँ तो उस समय मुझे भी पता नहीं था कि में यह सब क्या बोल रहा हूँ क्योंकि मेरे दिल और दिमाग़ में बस सेक्स का भूत चड़ गया था। अब उसने मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा दिया, लेकिन उसने मेरी बात का कोई भी जवाब नहीं दिया। फिर में उसके पहले से ज्यादा पास आ गया और में अपने एक हाथ से उसके बालो कंधो को छूने लगा, वो बहुत ही मुलायम थे और अपने हाथ को उसके बालों के अंदर घुमाने लगा और अपनी उँगलियों से सहलाने लगा और उसकी गर्दन को भी सहलाने लगा था। दोस्तों वो बहुत ही मजेदार मस्त स्पर्श था, जिसको में किसी भी शब्दों में लिखकर बता नहीं सकता और उसी समय मैंने हिम्मत करके उसको कह दिया अंजली में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो। दोस्तों वो मेरे इस बिल्कुल बदले हुए व्यहवार से बहुत घबरा गई थी, इसलिए उसने मुझसे कहा यह सब ग़लत है राज, हमारे बीच यह सब नहीं हो सकता और तुम्हे यह सब सोचने से पहले यह बात भी समझ लेना था कि में एक शादीशुदा औरत हूँ। फिर मैंने उसको कहा कि हाँ में बहुत अच्छी तरह से जानता हूँ। मुझे सब कुछ पहले से पता है, लेकिन यह भी सच है कि हम दोनों एक दूसरे को बहुत प्यार करते है, लेकिन यह बात हम दोनों एक दूसरे से कब तक छुपाते रहेंगे? में अच्छी तरह से जानता, समझता हूँ कि तुम्हारे मन में क्या है?

फिर मैंने तुरंत ही उसका चेहरा अपने हाथों में लिया और उसकी आँखों में अपनी आंखे डालकर कहा अंजली में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ। अब उसने भी मुझे अपना जवाब देकर कहा हाँ राज में भी तुम्हे प्यार करती हूँ। मुझे भी तुम बहुत अच्छे लगते हो और बहुत धीरे से उसने मुझे चूम लिया। फिर उसके बाद हम दोनों एक दूसरे को करीब 15 मिनट तक वैसे ही चूमते प्यार करते रहे और वो उसी समय मेरे बदन से बड़ी ज़ोर से लिपट गई। अब मुझे दोस्तों सच में ऐसा लग रहा था कि हम बरसों से एक दूसरे को चाहते हो और इसी दिन का इंतज़ार अब तक बड़ी बेसब्री से कर रहे थे। फिर मैंने हल्के से उसका ऊपर का टॉप ऊपर दिया, जिसकी वजह से अब मेरे सामने आकर उसके बड़े आकार के बूब्स ब्रा के अंदर से बाहर आने के लिए छटपटा रहे थे और उसके बाद में उसके बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा था। फिर कुछ देर बाद मैंने उसकी सफेद रंग की ब्रा को भी हटा दिया और अपनी चकित नजरों से घूरकर उसके वो बहुत मुलायम गोलमटोल बूब्स को देखने लगा था। फिर कुछ देर बाद में भी बिना देर किए अपने कपड़े खोलकर नंगा हो गया और अब में उसके बूब्स को चूमते हुए उसके पेट को भी चूमने प्यार करने लगा था।

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फिर उसके बाद मैंने उसके मुलायम पेट नाभि को भी चूमना प्यार करना शुरू किया। मैंने उसके पूरे गोरे जिस्म को प्यार किया। दोस्तों मेरे यह सब करने की वजह से वो बहुत गरम हो चुकी थी और उसके मुहं से अब हल्की हल्की सिसकियों की आवाजे आने लगी थी और में भी बहुत खुश होकर जोश में आ गया। फिर में धीरे धीरे नीचे चला गया और मैंने उसकी गरम गदराई हुई जांघो को चूमना शुरू किया और वो अब गरम होकर बहुत तड़प रही थी। अब मैंने उसकी पेंटी को उतार दिया। मैंने देखा कि अब मेरे सामने उसकी एकदम चिकनी बिना बालों की चूत थी जो अब गीली होकर चुदाई के लिए एकदम तैयार बहुत कामुक नजर आ रही थी। फिर में उसकी गीली चिपचिपी चूत में अपनी एक उंगली को डालकर बस हिलते हुए अंदर बाहर करने लगा था, साथ ही साथ में उसके निप्पल को भी निचोड़ रहा था और वो मज़े मस्ती और उस तड़प की वजह से बेहाल हो रही थी। अब उसने मेरे हाथ को उसी समय पकड़कर मुझसे कहा कि प्लीज राज अब मुझे सहन नहीं होता, ऊफ्फ्फ्फ़ प्लीज अब तुम जल्दी से मेरी इस प्यास को बुझा दो आह्ह्ह्ह क्यों तुम मुझे इतना तरसा रहे हो? ऊउह्ह्ह करो ना जल्दी से डाल दो।

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दोस्तों में भी अब तक उसके रसीले बदन का रस वो मज़ा लेकर पूरी तरह से गरम हो चुका था और फिर मैंने भी बिना देर किए उसके दोनों पैरों के बीच में आकर अपना लंड उसकी चूत के मुहं पर रखकर एक ज़ोर का धक्का देकर पूरा अंदर पहुंचा दिया। दोस्तों मेरे उस धक्के से उसको हल्का सा दर्द हुआ उसके मुहं से आऊऊऊउ ऊईईइ माँ मर गई आवाज बाहर आई और वो बिन पानी की मछली की तरह उस दर्द से तड़प गई थी। फिर में कुछ देर रुककर उसके बूब्स को सहलाते हुए उसके शांत होने का इंतजार करता रहा और जब वो मुझे शांत नजर आई, तब में धीरे धीरे आगे पीछे करके अपने लंड को उसकी चूत के अंदर बाहर करने लगा था और साथ ही साथ में अपने एक हाथ को उसकी जांघो चूत के ऊपर भी फेरता रहा और एक हाथ से में उसके बूब्स को भी दबाता रहा। दोस्तों मुझे उसका वो जोश देखकर बड़ा अचम्भा लगा जब कुछ देर बाद उसने मेरे साथ ही अपने कूल्हों को ऊपर उठाकर धक्के देने शुरू किए। दोस्तों उस दिन मुझे पता चला कि किसी अनुभवी औरत के साथ उसकी चुदाई करने के असली फायदे क्या होते है? ना तो वो कोई नखरा नाटक करती है और वो चुदाई में भी आपका पूरा पूरा साथ देकर चुदाई के मज़े को दुगना कर देती है और हम दोनों के साथ भी ठीक वैसा ही हुआ था।

फिर करीब 20 या 25 मिनट लगातार धक्के देने के बाद मैंने अपने धक्को की स्पीड को पहले से ज्यादा बढ़ा दिया और फिर बस पांच मिनट में ही मैंने अपना पूरा वीर्य उन हल्के तेज धक्को के साथ उसकी गरम चूत की गहराईयों में निकाल दिया और फिर हम एक दूसरे से चिपककर वैसे ही कुछ देर लेटे रहे। दोस्तों उस रात को मैंने उसको दोबार कुछ घंटो के बाद भी चोदा और इस बार भी मैंने उसकी चुदाई का पूरा मस्त मज़ा लिया और इस बार मैंने उसको अपने सामने घोड़ी बनाकर उसके ऊपर चढ़कर वो काम पूरा किया, मैंने इस बार करीब बीस मिनट उसकी चूत में अपने लंड को लगातार अंदर बाहर किया। दोस्तों अपने सामने घोड़ी बनाकर लंड को उसकी चूत में डालकर धक्के देने से मुझे महसूस हुआ कि मेरा लंड उसकी बच्चेदानी को छू गया था, वो सबसे अलग हटकर मज़ा था। फिर उसने इस बार भी मेरा पूरा पूरा साथ दिया जिसकी वजह से हम दोनों बहुत खुश थे। दोस्तों हमारी उस पहली चुदाई, हमारे मिलन के बाद भी कई बार मैंने अपने ऑफिस में जब भी हमे कोई अच्छा मौका मिलते ही चुदाई के मज़े लिए और हमने जमकर हमेशा सेक्स के नशे में डूबकर अपनी प्यास को बुझाया। दोस्तों यह थी मेरी वो सच्ची चुदाई की घटना मुझे उम्मीद है कि सभी पढ़ने वालों को जरुर मज़ा आएगा ।।

धन्यवाद …

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