ऑफिसर की बीवी को चोदा

0
loading...

प्रेषक : शेकी …

हैल्लो दोस्तों, में आप सभी कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों के मज़े लेने वालों का सच्चा साथी हूँ और में भी आप सभी की तरह बहुत लंबे समय से सेक्सी कहानियों को पढ़कर इनके मज़े लेता आ रहा हूँ। दोस्तों में दिखने में अच्छा लगता हूँ और मेरी उम्र 38 साल है और में इंदौर का रहने वाला हूँ और अपनी आज की कहानी से पहले भी में अपने दूसरे सेक्स अनुभव को लिखकर आपकी सेवा में भेज चुका हूँ और आज अपने बड़े ही मस्त अनुभव को आप सभी के लिए लेकर आया हूँ। दोस्तों में मेरी आज की कहानी में बताने जा रहा हूँ कि कैसे मैंने एक चुदाई के लिए प्यासी औरत की चुदाई करके उसको पूरी तरह से संतुष्ट किया। अब में आप सभी को बोर ना करते हुए पूरी घटना विस्तार से बताता हूँ। दोस्तों एक बार मुझे एक पानीपत से मैल आया, वो एक रानी नाम की शादीशुदा औरत का था और वो मुझसे दोस्ती करनी चाहती थी। मैंने भी उसकी मैल से दोस्ती बढ़ाना शुरू कर दिया। फिर धीरे धीरे वो मुझे अपने जीवन के बारे में खुलकर बताने लगी थी। अब मुझे पता चला कि उसका पति अच्छे गठीले बदन का है और उनके पास पैसे की भी कोई कमी नहीं है, लेकिन उसके पास बिल्कुल भी समय नहीं है क्योंकि वो एक बहुत बड़ा ऑफिसर है और हर कभी रात में भी उसको अचानक से अपनी ड्यूटी पर जाना पड़ता है और साथ ही साथ उसको अपने कामों की वजह से विदेश यात्राए भी करनी पड़ती है।

दोस्तों कुल मिलाकर रानी की चूत की प्यास अपने पति के साथ कभी नहीं बुझती थी और इस वजह से वो बहुत भूखी थी और फिर बातों ही बातों में मैंने उसको बताया कि में दिल्ली अपने काम की वजह से आता रहता हूँ। अब वो यह बात सुनकर मुझसे मिलने को बहुत बेकरार होने लगी थी और वो अब चाहती थी कि में उसकी चुदाई करके उसकी चूत को शांत करूं और उसकी चुदाई की प्यास को बुझा दूँ। फिर तीन दिन के बाद ही मेरा दिल्ली जाने का प्रोग्राम बन गया और फिर मैंने उसको मैल करके बता दिया कि में दिल्ली जा रहा हूँ। अब वो यह बात जानकर मुझसे मिलने की ज़िद करने लगी और फिर मैंने उसको बता दिया कि में जेट की फ्लाइट से आऊंगा और उसने मुझसे मिलने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट को चुना। अब उसने मुझे मैल पर अपना एक फोटो भेज दिया था इस वजह से मुझे उसका चेहरा नजर आकर में उसको ठीक तरह से पहचान गया था। फिर में जैसे ही एयरपोर्ट पर पहुंचा वहाँ मैंने देखा कि रानी मेरा बेसबरी से इंतज़ार कर रही थी। मैंने उसको मिलते ही हैल्लो कहा और फिर अपना पूरा प्रोग्राम उसको बताया कि शारजाह से तीन बजे मेरा एक ग्राहक आएगा और में उससे अपना ऑर्डर लेकर आज शाम की फ्लाइट से वापस इंदौर चला जाऊँगा।

फिर मेरी यह पूरी बात को सुनकर रानी मुझसे कहने लगी कि में भी आपके साथ होटल में चलना चाहती हूँ और आज शाम तक में आपके साथ वहीं पर रहूंगी। अब मैंने उसको अपने साथ में लेकर एक होटल में पहुंच गया और यहाँ में हर बार रुकता हूँ। फिर उस होटल के कमरे में जाते ही रानी ने तुरंत ही दरवाजा बंद किया और वो एक भूखी शेरनी की तरह मुझसे लिपट गयी और वो मुझे जहाँ तहाँ किस करने लगी थी। अब में भी उसको अपनी बाहों में जकड़कर उसको प्यार करने लगा था और मैंने उसको बहुत बार चूमा और हर एक अंग को चूमकर प्यार करने लगा था। फिर थोड़ी देर के बाद वो जोश में आकर धीरे धीरे अपनी साड़ी को उतारने लगी थी और जैसे ही उसने अपनी साड़ी का पल्लू छाती से हटाया उसी समय में उसके बड़े आकार के उभरे हुए गोलमटोल बूब्स को देखकर पागल हो गया। अब मेरा लंड एकदम बेकाबू होने लगा था और फिर पेटीकोट से साड़ी के हटते ही मेरा लंड जोश में आकर हिलोरे मारने लगा था और अब मुझसे बिल्कुल भी रुका नहीं जा रहा था। अब में उठकर उसके बदन से ज़ोर से लिपट गया, तभी उसने मुझे धक्का देकर बिस्तर पर लेटा दिया और वो अपना ब्लाउज खोलने लगी। दोस्तों मेरे सामने बिना देर किए अपने ब्लाउज को उतारकर उसके अब अपनी भूरे रंग की ब्रा को भी खोलकर अपने बूब्स को आज़ाद कर दिया था।

अब में उसके 38 इंच के गोरे बड़े ही आकर्षक बूब्स को देखकर अपना आपा खो बैठा, एकदम गोरे बूब्स पर हल्के भूरे रंग की उठी हुई बड़ी सी निप्पल थी और में उसके बूब्स को तुरंत अपने मुहं में भरकर ऐसे चूसने लगा जैसे कोई छोटा बच्चा अपनी माँ के बूब्स से अपनी भूख मिटाने के लिए निप्पल को अपने मुहं में भरकर उसका दूध पीने लगता है। दोस्तों में करीब आधे घंटे तक उसके दोनों बूब्स का बारी बारी से रसपान करता रहा और मैंने दोनों बूब्स को जोश में आकर दबा दबाकर चूसते हुए बिल्कुल लाल कर दिए थे। अब वो इतना सब होने की वजह से बहुत बेकाबू होने लगी थी और फिर उसने मुझे मेरे कपड़े उतारने के लिए कहा। फिर जैसे ही मैंने अपनी पेंट को उतारा तो उसने झट से आगे आकर मेरे अंडरवियर को उतार दिया और मुझे अपने हाथों को सहारा देकर सोफे पर बैठा दिया। फिर मुझे बैठाने के बाद उसने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़कर एक दो बार ऊपर नीचे करने के बाद नीचे झुककर तुरंत ही पूरे लंड को अपने मुहं में डाल लिया और चूसना शुरू किया। दोस्तों में बड़ा चकित हो चुका था क्योंकि मैंने अपने अब तक के सेक्स जीवन में पहली बार अपना लंड किसी औरत को अपने मुहं में लेते हुए देखा और उसका पहला अनुभव किया था वो पूरी दुनिया के सभी मज़े मस्ती से बिल्कुल अलग हटकर था।

loading...

दोस्तों अभी तक मैंने बहुत सारी सेक्सी फिल्म में अँग्रेज़ औरतों को यह सब करते हुए देखा था और आज मैंने वो काम अपने साथ करते हुए पाया। अब मेरे लंड को उसके मुहं में डालते ही में एक अलग ही दुनिया में जा पहुंचा था और वो मेरे लंड को अपने मुहं में लेकर उसको लोलीपोप की तरह बड़े मस्त मज़े से चूसने लगी थी। दोस्तों जितना मज़ा उसको आ रहा था उससे भी ज्यादा में मन ही मन अपने लंड की मसाज उसके मुहं गरम जीभ से करवाकर बड़ा खुश था और थोड़ी ही देर के बाद अब मेरा वीर्य निकलने वाला। अब वो उस बात को तुरंत समझ चुकी थी कि अब मेरा वीर्य बाहर आने वाला है, लेकिन वो तो अब लंड को अपने मुहं में और भी ज़ोर ज़ोर से अंदर बाहर करने लगी थी। फिर कुछ देर बाद जैसे ही मेरा वीर्य निकलने लगा तो उसने लंड को मुहं से बाहर निकालकर वीर्य को अपने बूब्स पर अपने हाथों में लेकर मसलना शुरू कर दिया। अब मैंने देखा कि मेरे वीर्य से उसके दोनों बूब्स चिपचिपे हो चुके थे और वो उस अवस्था में बड़ी ही कामुक किसी चुदाई के लिए प्यासी रंडी की तरह नजर आ रही थी। फिर थोड़ी देर सुसताने के बाद वो दोबारा मेरे पास आ गई और मुझसे बड़े सेक्सी अंदाज़ में अपनी चूत को चाटने के लिए कहने लगी।

अब में उसकी बात को सुनकर उसकी चूत के पास चला गया और फिर हिम्मत करके अपनी जीभ से में उसकी गीली गरम चूत की पंखुड़ियों को चाटने चूसने की कोशिश करने लगा था, जिसकी वजह से धीरे धीरे मुझे भी मधहोशी छाने लगी थी। अब में जोश में आकर ज़ोर ज़ोर से उसकी चूत को चाटने लगा था। फिर मैंने उसको सामने लगे कांच में देखा, वो उस समय बिना पानी के मछली की तरह तड़प रही थी, और लगातार अपने कूल्हों को जोश में आकर ऊपर उठाकर मेरी जीभ को अपनी चूत में पूरा अंदर लेने की कोशिश करने लगी थी। अब मुझे लगने लगा कि अब मेरी अग्नि परीक्षा शुरू होने वाली है और यह बात सोचकर मैंने मन ही मन में सोचा कि क्यों ना इसकी चूत का पानी अपनी जीभ से चाटकर चूसकर निकालकर में इसको आधा ठंडा कर दूँ जिसकी वजह से मुझे इसको चुदाई के समय संतुष्ट करने में ज्यादा परेशानी ना हो और मैंने यह बात सोचकर चूत को चूसना अपनी जीभ से उसकी चुदाई करना शुरू किया। फिर में अपनी जीभ से उसकी चूत के दाने को सहलाने लगा था और साथ ही अपनी जीभ को चूत के अंदर बाहर करके चुदाई भी करने लगा था जिसकी वजह से मुझे भी मज़ा आने लगा था। फिर कुछ देर बाद वो समय आ ही गया, जिसका मुझे इंतजार था वो झड़ गई। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

loading...

दोस्तों उसके झड़ने के बाद वो कुछ हद तक मुझे शांत नजर आ रही थी, थोड़ी देर के बाद दोपहर का खाना खाकर हम दोंनो हमारे असली अगले खेल की तैयारी में लग गए। अब मैंने आगे बढ़कर अपने लंड को उसकी चूत पर मसलना शुरू किया, जिसकी वजह से वो कुछ देर में ही गरम होकर सिसकियाँ लेने लगी थी। अब वो मुझसे कहने लगी कि मेरे राजा आज तुम मेरी बेरहम चूत की ऐसे जमकर चुदाई करना कि यह तुम्हारी दिवानी बन जाए और आज तुम इसकी मस्त चुदाई करके इसकी आग को बुझा दो, इसकी वजह से में बहुत परेशान रहती हूँ। दोस्तों में उसके मुहं से यह सभी बातें सुनकर बहुत जोश में आ गया और उस अग्नि परीक्षा में कामयाब होने की बात मन ही मन सोचने लगा था और फिर मैंने अपने लंड को आदेश दिया कि आज तुझे इस परीक्षा में पास होना है। दोस्तों मेरा लंड अपने मालिक का आदेश सुनकर एक आज्ञाकारी लंड बनकर तुरंत ही बहुत जोश में आ गया और वो अब अपनी मालकिन को ढूंढने लगा था और जैसे ही उसको अपना हमसफर मिला वो उस रास्ते पर उसके साथ ख़ुशी ख़ुशी चल पड़ा। फिर उसने अंदर जाते ही चूत के अंदर धूमधाम करना शुरू कर दिया और अपनी रानी की चूत को ऐसे चोदने लगा कि जैसे आज वो बावला भूत हो गया हो।

अब मेरे लंड के तेज झटके खाते हुए वो मज़े मस्ती की वजह से सिसकियाँ भरने लगी और साथ ही कहने लगी ऊफ्फ्फ हाँ मेरे राजा जाने दो पूरा अंदर ऊह्ह्ह वाह मज़ा आ गया। फिर मेरा लंड वो बातें सुनकर पहले से भी ज्यादा और भी जोश में आने लगा था और अब वो अपनी औकात दिखाने लगा। दोस्तों में अपने लंड के उस विकराल रूप को देखकर बहुत आश्चर्य चकित होकर मन ही मन में सोचने लगा कि आज मेरे इस लंड को क्या हो गया है? अब रानी मेरे लंड के झटके खाते हुए अपने को जन्नत में महसूस कर रही थी और वो सिसकियाँ लेते हुए कहती जा रही थी, ऊफ्फ्फ हाँ मेरे राजा आज तुम अपनी इस रानी पर बिल्कुल भी तरस मत खाओ आह्ह्ह हाँ आज तुम इसको जमकर तेज गति के धक्के से चोदकर मुझे स्वर्ग में ले जाओ। में बस तुम्हारी रानी हूँ और अब तुम अपने इस लंड को आदेश देकर बोलो कि यह ऐसे ही मज़े देकर मेरी चुदाई करता रहे और वो बहुत ही सेक्सी आवाज़ें अपने मुहं से निकाल रही थी और मुझसे कह रही थी कि मेरे राजा आज तुम अपनी इस रानी को अपने लंड का दीवाना बना दो ऊफ्फ्फ्फ़ हाँ अब उसका पानी निकलने ही वाला और फिर उसने मुझे नीचे पलटकर लेटने को कहा।

loading...

फिर उसी फंसी जकड़ी हुई हालत में हम दोनों एक दूसरे से लिपटे धीरे धीरे पलट गये और अब वो मेरे ऊपर आकर मुझे चुदाई में मज़े देने लगी थी। दोस्तों वो जोश में आकर बड़ी ही ज़ोर ज़ोर से नीचे ऊपर होकर मेरे लंड से अपनी चूत को खुद ही चुदाई करने लगी थी और लगातार ऊपर नीचे होने की वजह से उसके बूब्स ऐसे हिल रहे थे, जैसे किसी घोड़े पर बैठने के बाद हिलते है। दोस्तों वो द्रश्य देखकर मुझे पहले से ज्यादा जोश आ गया और अब वो पहले से भी ज़्यादा भूखी शेरनी की तरह अपने शिकार पर वार कर रही थी। अब मुझे भी उसका वो जोश देखकर नीचे से उसकी चूत की चुदाई करते हुए उस समय एकदम ऐसा महसूस हो रह था कि आज कोई पहली बार मेरे लंड को अपनी चूत से चोदना सिखा रहा है। फिर थोड़ी देर के बाद वो झड़ने लगी और उस समय उसका वो चेहरा देखने लायक था, क्योंकि अब चूत का पानी निकलने की वजह से उसका जोश ठंडा होता चला गया और वो एकदम निढाल होने लगी थी, लेकिन मेरे लंड में अभी भी वीर्य नहीं निकलने की वजह से अभी जोश निकलना बाकी था। फिर मेरे कहने पर वो धीरे धीरे ऊपर नीचे होकर मेरे लंड का वीर्य निकालने की कोशिश करने लगी थी और अब मेरी झड़ने की बारी थी, वो मेरे चेहरे को देखकर मुझे अब निढाल होते हुए देखकर मंद मंद मुस्कुरा रही थी।

अब हम दोनों ठंडे होने लगे थे, क्योंकि हमारी थोड़ी सी प्यास बुझ चुकी थी, लेकिन थोड़ी सी गर्मी अभी भी हमारे जिस्म के अंदर बची हुई थी और इस वजह से हम दोनों एक दूसरे की तरफ देखकर शैतानी हंसी हंस रहे थे। दोस्तों यह था मेरा वो सच्चा सेक्स अनुभव मुझे उम्मीद है कि सभी पढ़ने वालों को इसको पढ़कर बहुत मज़ा आया होगा ।।

धन्यवाद …

Comments are closed.

error: Content is protected !!