पड़ोस वाली आंटी और उसकी सहेली

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प्रेषक : रतन …

हैल्लो दोस्तों, मेरी दीदी की शादी 19 अप्रेल को थी, तो मम्मी पापा शादी होने के दस दिन के बाद गाँव  चले गये और दीदी भी 25 अप्रेल को अमेरिका चली गयी। अब मेरा क्लास चालू था इसलिए मुझे मुंबई में ही रुकना पड़ा। मेरा खाना पड़ोस वाली आंटी की तरफ से आता था, आंटी खाना बनाने के बाद मेरा खाना लेकर मेरे किचन में ढककर रख देती थी, क्योंकि हमने एक चाबी आंटी के पास भी रखी थी। जब रविवार का दिन था तो मैंने एक ब्लू फिल्म देखने का मन बनाया और डी.वी.डी ऑन करके बैठ गया और ब्लू फिल्म का मज़ा लेने लगा। तो मुझे पता ही नहीं चला आंटी कब से मेरे पीछे खड़ी होकर ब्लू फिल्म देख रही है? अब फिल्म देखते देखते मेरा लंड खड़ा हो गया तो में उसे अपने हाथ से सहलाने लगा था तो मेरा 6 इंच का लंड मेरी अंडरवेयर के बाहर आ गया। फिर मुझे लगा कि मेरे पीछे कोई है तो में मुड़ा तो आंटी खाना लेकर खड़ी थी, तो मैंने दौड़कर टी.वी झट से बंद कर दिया।

फिर आंटी डांटते हुए बोली कि तो तू अकेले में ये सब देखता है, आने दे भाई साहब को सब बताती हूँ।  अब मेरी तो एकदम गांड ही फट गयी थी और फिर आंटी खाना रखकर चली गयी। अब मेरा 6 इंच का लंड छोटा होकर 3 इंच का हो गया था। आंटी का मेरे ऊपर बहुत रौब था, जब में छोटा था तो आंटी ने मुझे कोचिंग भी पढाई थी। अब में तो कैसे भी आंटी से माफी माँगकर ये मामला रफ़ा दफ़ा करना चाहता था? अब में आपको आंटी के बारे में बता देना चाहता हूँ आंटी की हाईट 5 फुट 8 इंच और आंटी का फिगर साईज 36-32-36 है, आंटी के पति मर्चेंट नैवी में है, आंटी के दो बच्चे है, वो दोनों बोर्डिंग स्कूल में पढ़ते है। आंटी पहले टीचर थी वो एक बार अपने पति के साथ विदेश गयी, तो उन्होंने टीचिंग का जॉब छोड़ दिया और 2 साल के बाद आई तो घर पर ही रहती है।

फिर मैंने फ्रेश होकर थोड़ा खाना खाया और अपना दरवाजा बंद करके आंटी के फ्लेट की बेल बजाई, जब टाईम करीब दोपहर के 2 बज रहे थे। फिर आंटी ने दरवाजा खोला और मुझे देखकर मुस्कुराकर बोली कि आ जा अंदर, आंटी बड़ी अलग मूड में थी। फिर आंटी बोली कि बैठो और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। अब मुझे ऐसा लगाने लगा था कि आंटी के बेडरूम में कोई है, लेकिन मुझे क्या लेना देना? फिर में आंटी से बोला कि आंटी सॉरी आप पापा से कुछ मत कहना। तो आंटी ने पूछा कि किसके लिए? तो मैंने कहा कि जो में सुबह फिल्म देख रहा था तो आंटी बोली कि चिंता मत करो। फिर इसके बाद आंटी के बेडरूम से आवाज आई, कौन है सीमा? तो आंटी बोली कि मेरी पड़ोसी का बेटा है और फिर आंटी मुझसे बोली कि रतन बैठो, में अभी आई और फिर आंटी अंदर अपने बेडरूम में चली गयी और 10 मिनट के बाद आई।

फिर आंटी बोली कि मेरी सहेली स्वाती आई है, उसकी पीठ में थोड़ा दर्द है, तुम जरा उसकी पीठ की हल्की सी मसाज कर दो, तब तक में बाहर जाकर आई और फिर आंटी बाहर चली गयी। फिर जब में बेडरूम में गया तो मैंने देखा कि एक औरत बेड पर लेटी हुई थी। फिर मैंने पूछा कि क्या हुआ आंटी? तो वो बोली कि मुझे थोड़ा पीठ में दर्द है। अब वहाँ पर एक कटोरी में थोड़ा सा तेल रखा था तो में बोला कि आंटी आप पेट के बल लेट जाओ, में तेल से थोड़ी मालिश कर देता हूँ आपको आराम आ जाएगा और फिर में आंटी के खाली पीठ पर तेल से धीरे-धीरे मालिश करने लगा। फिर आंटी बोली कि दर्द कंधे के पीछे है। में बोला कि आपके ब्लाउज पर तेल लग जाएगा। तो आंटी ने बिना झिझक के बोला कि निकाल दूँ तो मैंने कहा कि यही ठीक रहेगा।

फिर जब आंटी बैठकर अपना ब्लाउज निकालने लगी तो उनके गोरे-गोरे जिस्म को देखकर मेरा लंड एकदम से हिलोरे मारने लगा। आंटी की दोनों तनी-तनी चूचीयाँ और भरा जिस्म, आंटी का फिगर साईज 38-34-40 का था, उनकी हाईट करीब-करीब सीमा आंटी के लगभग ही थी। अब इधर में आंटी के जिस्म का रसपान कर रहा था, तो उधर आंटी अपने ब्लाउज के बटन खोलने में व्यस्त थी। अब उनसे बटन नहीं खुल रहे थे, तो आंटी ने कहा कि रतन ज़रा मदद करना। तो में झट से आंटी के ब्लाउज का बटन खोलने लगा, तो उनके ब्लाउज के बटन बड़ी आसानी से खुल गये, लेकिन बटन खोलते हुए आंटी की चूचीयाँ टच होने से मेरे बदन में करंट दौड़ गया, अब मेरी साँसे तेज चलने लगी थी। फिर आंटी ने पूछा कि क्या हुआ? तो में बोला कि कुछ नहीं। अब में मेरी तरफ से कुछ गलती ना हो इसका ध्यान रख रहा था।

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फिर आंटी वापस लेट गयी, तो में धीरे-धीरे उनकी पीठ ऊपर से लेकर नीचे तक सहलाने लगा। अब आंटी धीरे-धीरे बैचेन होने लगी थी और फिर 10 मिनट में ही वो उठकर मुझसे चिपक गयी और बोली कि अब नहीं सहा जाता, मुझे शांत करो। फिर मैंने तुरंत आंटी की दोनों चूचीयों को उनकी ब्रा से आज़ाद किया।  तो एकदम से उनकी गोरी-गोरी, मखमल जैसी चूचीयाँ बाहर आ गयी, उनके दोनों निप्पल काले-काले एकदम तने हुए थे। अब में बारी-बारी से दोनों को मसलता और धीरे-धीरे चूसता, तो आंटी आआआआअ आआ, अब धीरे से नीचे की आग बुझाओ बोले जा रही थी। अब में भी पूरा तैयार हो गया था तो मैंने आंटी की साड़ी निकालकर दूर फेंक दी और फिर उनका पेटीकोट भी निकालकर दूर फेंक दिया। अब आंटी एकदम नंगी संगमरमर की मूर्त के जैसे लग रही थी। फिर जब मैंने अपना अंडरवेयर निकाला, तो आंटी एकदम दंग रह गयी और बोली कि इतना बड़ा। फिर मैंने झट से आंटी को सुलाकर अपना 6 इंच का लंड उनकी चूत में घुसा दिया। तो आंटी ने ज़ोर से आवाज निकाली आआआआ, उईईईईईई,  माआआआआअ, कितनाआआआआ बड़ा है? तो तब तक सीमा आंटी भी आ गयी थी और फिर वो बाहर ही अपने कपड़े निकालकर बेडरूम में घुसी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर सीमा आंटी बोली कि अब हम तीनों एक साथ मजे लेंगे, लेकिन अब में स्वाती आंटी की चूत में अपना लंड घुसाकर ज़ोर-ज़ोर से आगे पीछे करने लगा था। अब स्वाती आंटी चिल्ला रही थी कि फाड़ इसको राजा, फाड़ दो इसको राजा, फाड़ दो, इसका बहुत दिनों से किसी ने ख्याल नहीं किया और आआआआआआआ और ज़ोर से और ज़ोर से सीईईईई, सस्सीईई, उईईईईई माआआआ। अब में भी ज़ोरदार धक्के लगा रहा था। फिर जब स्वाती आंटी ने अपना पानी छोड़ा तो उसने मेरे लंड देव को पूरा भीगा दिया, लेकिन इस पर मैंने धक्के लगाना जारी रखा। अब आंटी पूरी की पूरी निढाल हो गयी थी।  अब में आंटी के पूरे बदन को सहलाने लगा था और धीरे-धीरे चूमने लगा था। अब आंटी पूरी की पूरी मस्त हो गयी थी और बोली कि आज मज़ा आ गया, सीमा क्या मर्द ढूंढा है?

अब सीमा आंटी दूर खड़ी अपनी चूचीयों को धीरे-धीरे सहला रही थी और में यहाँ स्वाती आंटी की चूत  में अपना पानी निकालने की जंग में लगा था। अब स्वाती आंटी 30-45 मिनट में ही थक गयी थी, तो वो बोली कि मेरे राजा अब सीमा से थोड़ा लड़ लो। फिर सीमा आंटी एकदम से मुझसे चिपक गयी, तो में खड़े-खड़े ही उनकी दोनों चूचीयों को पीछे से मसलने लगा। फिर सीमा आंटी बोली कि मुझे आज तक मालूम था कि तू अभी बच्चा है, लेकिन तू तो अपने अंकल से भी आगे निकल गया। अब सीमा आंटी आगे से मुड़कर मेरा लंड अपने हाथ में लेकर सहला रही थी। अब में उनके नंगे बदन को चूम रहा था। अब सीमा आंटी अपनी आँखे बंद करके आनंद ले रही थी, उनकी दोनों चूचीयाँ अभी भी दो बच्चों की माँ की चूची नहीं लग रही थी और ऐसे मालूम पड़ रही थी कि किसी 20-22 साल की लड़की की चूची है।

फिर में बोला कि आंटी तुम बाहर से कब आई? तो वो बोली कि में तो बाहर जाने का नाटक करके बाहर गयी थी और फिर 5 मिनट में ही वापस आ गयी थी, तुम क्या-क्या कर रहे थे? वो सब में बाहर से देख रही थी। स्वाती की पीठ में दर्द नहीं था यह हम दोनों का प्लान है, हम दोनों एक दूसरे से एक साथ मजे लेती थी, क्योंकि बाहर अपनी बदनामी होगी और कोई दूसरा जान जाएगा तो कभी हमें  ब्लेकमैल कर सकता है, हमें तुम पर विश्वास है इसलिए हमने तुम्हारे साथ मजे लेने का निर्णय लिया और फिर आंटी ने खड़ी होकर मुझे अपनी बाँहों में जकड़ लिया, तो में भी आंटी को सहयोग देने लगा।  फिर मैंने आंटी को बेड पर सीधा सुला दिया और आंटी की चूत को अपनी जीभ से धीरे-धीरे सहलाने लगा तो आंटी ने अपने दोनों पैर और ज़्यादा फैला दिए। अब आंटी की चूत में से कुछ नमकीन पानी निकलने लगा था। फिर आंटी ने बैठकर मेरी गर्दन को जकड़ लिया और बोली कि अब डालो। मैंने झट से फिर से आंटी को सुला दिया और उनकी रसीली चूत में अपना लंड घुसा दिया। फिर सीमा आंटी ने आआआ की आवाज़ निकाली।

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फिर मैंने उनकी एक चूची मेरे मुँह में डाल दी और फिर में धीरे-धीरे उनकी चूची के निप्पल को चूसता, तो कभी उनकी एक चूची को सहलाता और नीचे धक्के भी लगा रहा था, अब आंटी खुश हो रही थी।  फिर मैंने अपनी कमर की रफ़्तार तेज कर दी, तो नीचे से आंटी भी ज़ोर जोर से अपनी कमर हिलाने लगी। फिर करीब 1 घंटे तक ऐसा ही चलता रहा। फिर आंटी धीरे-धीरे अपनी चूत का पानी छोड़ने लगी।  फिर जब आंटी अपनी चूत का पानी छोड़ने लगी, तो में अपना लंड बाहर निकालकर उनकी चूत पर अपना मुँह लगाकर उनकी चूत का पानी पीने लगा। अब में उनकी पूरी चूत पर अपना मुँह लगाकर चूसता। तो आंटी ने ऐसा पानी छोड़ा ऐसा पानी छोड़ा कि उनकी चूत का पानी पीते पीते मेरा पेट ही भर गया। फिर जब आंटी ने बोला कि बस तो तब जाकर मैंने आंटी की चूत को छोड़ा, अब अभी तक मेरा पानी निकला नहीं था। फिर आंटी ने पूछा कि तुम्हारा कैसे निकलेगा? तो में बोला कि इसको चूसने से।  फिर क्या था? उन दोनों आंटी ने मिलकर मेरे लंड को चूमने का काम शुरू कर दिया, लेकिन अब में उन दोनों का फिगर नापने लगा था। सीमा आंटी का फिगर जबरदस्त था, अब 3 घंटे बीत चुके थे। फिर स्वाती आंटी उठी और बोली कि मुझे चलना चाहिए, मेरा बेटा 5 बजे आता है और चाबी भी मेरे पास है, वो परेशान होगा।

फिर स्वाती आंटी ने अपने कपड़े पहने और मुझसे चिपक गयी और एक पप्पी दी और बोली कि चलो दरवाजा लगा लो। फिर स्वाती आंटी के जाने के बाद में फिर से बेडरूम में आया और एक बार फिर से सीमा आंटी के साथ सेक्स करने की इच्छा जाहिर की तो आंटी तैयार हो गयी। फिर आंटी ने मुझसे कहा कि अब मुझे तुम कभी भी आंटी मत कहना। तो मैंने पूछा कि क्यों? तो आंटी बोली कि ऐसे ही, अब में तुम्हारी गर्लफ्रेंड हूँ, अब हम पति पत्नी के जैसे रहेंगे। तो में बोला कि मेरे मम्मी, पापा के आने के बाद तो मुझे मेरे घर में ही सोना पड़ेगा। तो आंटी ने कहा कि में सब संभाल लूँगी और फिर आंटी ने कहा कि तुम मुझे अकेले में सीमा डार्लिंग कहोंगे और फिर आंटी बोली कि बोलो सीमा डार्लिंग, तो में आंटी को सीमा डार्लिंग कहकर फिर से चोदने लगा। अब सीमा मुझसे नागिन की तरह लिपट गयी थी और छोड़ने का नाम ही नहीं ले रही थी। फिर में 3 घंटे तक सीमा के साथ सेक्स करता रहा और आख़िर में मैंने मेरे लंड का पूरा पानी सीमा की चूत में ही गिरा दिया। तो आंटी बोली कि आआआआआअ मेरे सरताज मुझे आज निहाल कर दिया, इतना सुख तो तेरे अंकल ने भी मुझे कभी नहीं दिया। अब शाम के 7 बज चुके थे। फिर आंटी ने कहा कि रतन आज डिनर बाहर करेंगे और फिर आंटी और में तैयार होकर खाना खाने बाहर चले गये। अब हमें जब कभी भी कोई मौका मिलता है, तो हम दोनों खूब चुदाई करते है और खूब इन्जॉय करते है ।।

धन्यवाद …

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