पड़ोस वाली लड़की के साथ एक रात

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प्रेषक : राहुल …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राहुल है, मेरी उम्र 21 साल है, में कई लड़कियों के साथ चुदाई कर चुका हूँ।  आज में आपको मेरी रियल स्टोरी बताने जा रहा हूँ। आज में आपको जो स्टोरी बताने जा रहा हूँ, वो मेरी और मेरी सेक्सी हॉट पड़ोसन के बीच की है। में एक बिल्डिंग में 2 सेपरेट रूम और अटैच्ड किचन किराए पर लेकर रहता हूँ। मेरी पास वाली बिल्डिंग में एक मस्त हॉट सेक्सी लड़की रहती है, उसका नाम शबाना है, उसकी उम्र 18 साल है, उसका फिगर साईज 34-26-37 है, वो दिखने में बहुत हॉट और सेक्सी है। शबाना इतनी सेक्सी थी कि कोई भी उसे देखकर अपना लंड पकड़कर बैठ जाए, में भी उसे देखकर गर्म हो जाता था और फिर टायलेट में जाकर मुठ मारता था। जब वो नहाती थी, तो में बाथरूम के दरवाज़े के छेद से उसे देखने की कोशिश करता और एक बार तो मैंने उसे देख भी लिया था, लेकिन मेरी फूटी किस्मत उसने सलावर पहन ली थी और मुझे देखकर उसने दरवाज़े को धक्का दिया। फिर में समझा कि उसे मुझमें रूचि नहीं है, लेकिन में फिर भी उसे पटाने के तरीके ढूंढता रहता था, में कभी-कभी चुपके से उसकी अंडरवेयर उठाकर टायलेट में ले जाता और मुठ मारकर सारा माल उसकी चड्डी में लगा देता था और सोचता था कि शायद इस सबसे वो सिड्यूस हो जाए और मेरे साथ सेक्स के लिए तैयार हो जाए, लेकिन मुझे उसकी तरफ से कोई रेस्पॉन्स नहीं मिला, उसे पता था कि यह सब हरकते में ही करता हूँ।

फिर एक दिन दोपहर के समय जब वो अपने रूम में सो रही थी। तो तब में चुपके से उसके रूम में चला गया, वहाँ एक सिंगल बेड पर वो अपनी मम्मी के साथ सो रही थी, वो बेड के इस किनारे थी और उसकी मम्मी दीवार के किनारे थी। फिर में नीचे बैठते हुए उसके बेड के पास पहुँचा और उसकी कमर पर अपना एक हाथ रख दिया, वो शायद गहरी नींद में थी इसलिए उसे कुछ पता नहीं चला था। फिर में धीरे-धीरे उसकी चूची पर अपना हाथ फैरने लगा और अपने दूसरे हाथ से अपनी पेंट की चैन खोलकर लंड को सहलाने लगा। अब कपड़ो के ऊपर से उसकी चूची को छूने में मज़ा नहीं आ रहा था, लेकिन फिर भी उसका स्पर्श मेरे लंड को खड़ा करने के लिए काफ़ी था। अब वो उठ ना जाए इसलिए मैंने उसकी चूचीयों को दबाना ठीक नहीं समझा। फिर में धीरे-धीरे अपना एक हाथ उसकी चूत की तरफ बढ़ाता गया और अपने लंड को सहलाता रहा और उसकी चूत पर पहुँचकर मैंने अपना हाथ रोक लिया और फिर उसकी चूत को महसूस करने लगा। अब में धीरे-धीरे अपने एक हाथ से उसकी जांघो को सहला रहा था और फिर में उसकी पेंटी की लाईन को महसूस करने लगा।

फिर में उसकी चूत की दरार पर अपनी एक उंगली रखकर महसूस करने लगा, लेकिन फिर से मेरा बेडलक उसके पीरियड्स चल रहे थे और उसने नैपकिन लगा रहा था। तो तभी उसकी मम्मी ने करवट बदली तो में डर गया और वापस बाहर आ गया। उस दिन पहली बार मैंने उसके बूब्स को हाथ लगाया था। फिर अगले दिन वो मेरे घर आई तो उसके चेहरे से ऐसा लग ही नहीं रहा था कि उसे कल वाली बात पता है। फिर वो थोड़ी देर मेरे घर में बैठी और मेरी मम्मी से इधर-उधर की बातें करने लगी। अब में दरवाज़े के पास जाकर खड़ा हो गया था और उनकी बातें सुन रहा था। फिर थोड़ी देर बाद वो वापस जाने लगी, लेकिन में वही खड़ा रहा, हमारा दरवाज़ा थोड़ा टाईट था इसलिए में थोड़ा साईड में होकर खड़ा हो गया, लेकिन उसकी गांड इतनी बड़ी थी कि उसका निकल पाना मुश्किल लग रहा था और वो मुझसे चिपककर बाहर निकली तो इस दौरान उसकी गांड मेरे लंड से टकराई। अब मेरा लंड तो उसे देखकर पहले ही तना हुआ था।

अब उसकी गांड से टकराकर मेरे लंड में अजीब सा करंट दौड़ गया था तो मैंने उसकी गांड को पकड़ लिया ताकि इस झटके से में गिर ना जाऊँ। शायद उसे भी मेरे लंड का स्पर्श अच्छा लगा था और उसने जाते हुए मुझे स्माइल दी थी। अब में समझ गया था कि आज तो मेरी निकल पड़ी। जब गर्मियों के दिन थे, अक्सर रात को लाईट जाती थी तो उस दिन रात को 8 बजे लाईट चली गयी थी। अब सब खाना खा चुके थे, अब गर्मी में रूम में बैठा नहीं जा रहा था, इसलिए सब ऊपर बिल्डिंग की छत पर चले गये।  अब में भी छत पर जाने लगा था तो तभी में अंधेरे में शबाना से टकरा गया तो मैंने अपने आपको गिरने से बचाने के लिए उसको पकड़ लिया और जब संभला तो मैंने देखा कि मेरे हाथ उसके बूब्स पर थे और वो अपनी आँखें बंद करके उस पल का मज़ा ले रही थी।

फिर मैंने 2-3 बार उसके बूब्स और दबाए, लेकिन ऊपर से किसी ने मुझे आवाज़ लगाई तो में छत पर चला गया। फिर रात के 9 बजे तक लाईट नहीं आई तो मैंने एक कार्पेट और चादर लेकर छत पर सोने के लिए बिछा दिया, तो वो भी अपना कार्पेट और चादर लाकर बिछाने लगी। फिर थोड़ी देर तक सब बातें करते रहे। फिर रात के 10 बजे लाईट आई तो मम्मी ने मुझे नीचे जाने के लिए कहा, लेकिन मैंने मना कर दिया और कहा कि आज में ऊपर ही सोऊँगा। तो यह सुनकर शबाना ने भी ऊपर ही सोने का प्रोग्राम बना लिया। फिर मैंने सोचा कि आज रात तो इसके साथ छत पर ही खुले आसमान के नीचे मज़े करूँगा।  फिर सब नीचे चले गये। अब छत पर में और शबाना ही अकेले थे। फिर मैंने सोचा की थोड़ी देर रुक जाऊं ताकि वो पहल करे, लेकिन इसी इंतज़ार में मुझे कब नींद आ गयी पता ही नहीं चला। फिर रात को 1 बजे मेरी नींद खुली तो मैंने सोचा कि अब और इंतज़ार नहीं होता, बस फिर क्या था? में अपने बेड से उठा और उसके पास जाकर लेट गया, अब वो गहरी नींद में थी।

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फिर मैंने पहले तो अपने कपड़े उतारे और साईड में रख दिए, मेरा लंड अभी भी तना हुआ था। फिर मैंने  उसे जगाए बिना ही उसके कपड़े उतारने की सोची, उस दिन उसने ब्लू कलर की सेक्सी सलवार कमीज पहन रखी थी, जिसमें से उसकी जवानी बाहर निकलने के लिए तड़प रही थी। फिर मैंने जरा भी देर किए बिना उसकी कमीज ऊपर की और उसकी सलवार का नाड़ा खोलने लगा, लेकिन मुझसे खुल नहीं रहा था।  तो अचानक से ही उसने अपने हाथ से नाड़ा खोल दिया। अब में डर गया था और उसकी तरफ देखा तो वो मुस्कुरा रही थी। फिर मैंने उसका मुँह अपने हाथों में लिया और उसके होंठो को चूमने और चूसने लगा। फिर मैंने धीरे-धीरे उसकी सलवार उतार दी, अब में उसे चूमे जा रहा था। फिर मैंने अपनी जीभ उसके मुँह में डाली और उसकी जीभ को सहलाने लगा। उसने ब्रा तो पहनी नहीं थी और उसने सिर्फ ब्लेक कलर की पेंटी पहन रखी थी। फिर मैंने उसकी पेंटी भी उतार दी, फिर मेरी नजर उसके बूब्स पर पड़ी, वो इतने मोटे थे कि कोई भी उन्हें दूध का डब्बा समझकर पी जाए। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब में उसके निप्पल को मसलने लगा था, अब उसके मुँह से मस्त-मस्त आवाज़े आने लगी थी। अब में समझ गया था कि वो गर्म हो रही है, अब मसलने से उसके निप्पल खड़े हो गये थे। फिर मैंने उसके बूब्स अपने मुँह में लिए और उन्हें चूसने लगा। अब शबाना के मुँह से आअहह आअहह  की आवाज़े तेज हो गयी थी, अब उसकी साँसे भी तेज होने लगी थी, अब वो बिल्कुल एक रंडी की तरह आवाज़े निकाल रही थी। फिर में 69 पोज़िशन में उसके ऊपर लेट गया और उसके मुँह में अपना लंड दे दिया। तो शबाना ने एक बार में ही मेरा पूरा लंड अपने मुँह में ले लिया और उसे चूसने लगी। फिर मैंने अपना ध्यान उसकी चूत की तरफ किया, उसकी चूत पर ज़्यादा बाल नहीं थे ऐसा लगता था कि उसने 2-3 दिन पहले ही साफ किए थे। उसकी चूत के बीच में एक पिंक कलर की दरार दिख रही थी जिसे देखकर कोई भी कहेगा वाह क्या माल है? उसकी चूत एकदम कुंवारी थी, शायद उसने अब तक मुठ भी नहीं मारी थी।

फिर मैंने उसकी चूत की दरार में अपनी एक उंगली डाली और उसे पेलने लगा। अब उसके मुँह में मेरा लंड था, लेकिन फिर भी उसके मुँह से आआहह निकल गयी थी। फिर मैंने उसकी चूत में अपनी जीभ डाली तो मेरी जीभ डालते ही वो ऐसे झटपटाई जैसे करंट लग गया हो। अब में उसकी चूत में अपनी जीभ अंदर बाहर करने लगा था। अब वो भी अपने चूतड़ हिला-हिलाकर मेरा साथ दे रही थी। फिर थोड़ी देर के बाद उसकी साँसे तेज होने लगी। अब में समझ गया था कि अब वो झड़ने वाली है। फिर मैंने अपनी स्पीड तेज की तो थोड़ी ही देर में वो झड़ गयी, लेकिन में अभी तक नहीं झड़ा था। फिर मैंने अपना लंड उसके मुँह से बाहर निकाला और शबाना को डॉगी स्टाइल में बैठा दिया। फिर मैंने उसकी गांड पर अपना एक हाथ रखकर अपनी एक उंगली से उसकी गांड का छेद ढूंढने लगा। फिर मैंने उसकी गांड में पहले अपनी एक उंगली डाली और उसके छेद को पेलने लगा।

फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपने लंड का सुपाड़ा उसकी गांड के छेद पर रखा और एक ज़ोर का धक्का दिया, तो उसके मुँह से दबी सी चीख निकल गयी, तो में थोड़ी देर के लिए रुक गया। फिर मैंने एक और झटका दिया तो इस बार उसकी चीख ना निकले इसलिए मैंने उसका मुँह तकिये से दबा दिया। अब एक और झटके के साथ ही मेरा 8 इंच का लंड पूरा उसकी गांड में था। फिर में 25 मिनट तक उसकी गांड मारता रहा और उसके अंदर ही झड़ गया। अब इस दौरान उसके मुँह से आहह आअहह ऊहहहहहह की आवाज़े बंद होने का नाम नहीं ले रही थी। फिर में उसके ऊपर ही लेटा रहा, अब मेरा लंड सो चुका था इसलिए में खड़ा हो गया और उसे अपना लंड चूसने के लिए कहा। फिर उसने मेरा लंड पकड़ा और उसको हिलाने लगी और अपनी जीभ से चाट रही थी। अब मुझे ऐसा लग रहा था कि मानो वो इसी काम के लिए इस दुनिया में आई है। फिर उसने मेरा लंड अपने मुँह में लिया और उसे फिर से चुदाई के लिए तैयार कर दिया। फिर मैंने उसकी दोनों टाँगे फैलाई और उसकी चूत पर अपना लंड रखकर एक ज़ोर का धक्का दिया तो पहली बार में मेरा लंड 2 इंच घुसा और वो दर्द से चीखने लगी। फिर मैंने झट से अपने होंठो को उसके होंठो पर रखा और चूसने लगा ताकि उसकी आवाज़ ना निकल सके।

फिर मैंने एक और झटका दिया तो इस बार मेरा लंड उसकी वर्जिनिटी की सील को तोड़ता हुआ 5 इंच अंदर घुस गया। फिर में तेज़ी से उसे चोदने लगा, अब मेरा 8 इंच का लंड सट-सट उसकी चूत के अंदर बाहर होने लगा था। अब उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था, अब वो अपने चूतड़ उठा उठाकर मेरा साथ दे रही थी। फिर 6-7 मिनट के बाद उसने अपनी दोनों टांगे मेरी कमर पर जकड़ ली और अपनी आखें बंद करके सस्स्सईईईईईईई, सस्स्स्सईईईईई करने लगी। अब में समझ गया था कि वो झड़ने वाली है तो मैंने अपनी स्पीड तेज कर दी, तो इतने में वो ढीली पड़ने लगी और फिर से झड़ गयी। अब मेरा लंड उसके जूस से भीग गया था, जिसके कारण अब पूरे कमरे में पच-पच की आवाजे आने लगी थी।

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फिर 30 मिनट की जोरदार चुदाई के बाद में उसकी चूत में ही झड़ गया और उसके ऊपर ही लेट गया, अब इस दौरान वो 4 बार झड़ चुकी थी। फिर में उठा और उसके मुँह में अपना लंड देने लगा तो उसने मेरा लंड पकड़ा और थोड़ी देर तक मुठ मारती रही और फिर अपने मुँह के अंदर बाहर करने लगी तो थोड़ी देर बाद में भी झड़ गया। अब मेरा सारा माल उसके बूब्स उसके चेहरे और उसके मुँह में गिर गया था। फिर उसने मेरा सारा माल चाट लिया और फिर से मेरे लंड को चूसने लगी। फिर उस दिन के बाद हमने कई बार सेक्स किया, लेकिन अगली बार सेक्स करने के लिए हमने कंडोम का इस्तेमाल किया।  अब तक हमने सिर्फ़ एक बार ही बिना कंडोम के सेक्स किया था, वो डरती है कही शादी से पहले उसके पेट में मेरा बच्चा ना आ जाए, लेकिन मैंने उससे वादा ले लिया कि उसकी शादी से 15 दिन पहले से में रोज उसके साथ बिना कंडोम के सेक्स करूँगा और शादी के बाद भी उस पर मेरा हक रहेगा। अब हम ओरल सेक्स पर ज़्यादा ध्यान देते है।

अब वो यहाँ नहीं रहती है, उसने मुझे जाते हुए अपना नया एड्रेस और फोन नंबर दिया था। अब हम बाहर किसी होटल में रूम बुक करके सेक्स करते है और कभी-कभी उसके घर पर भी इन्जॉय करते है ।।

धन्यवाद …

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