पड़ोसन की गर्म चूत

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प्रेषक : पीयूष …

हैल्लो दोस्तों, में कामुकता डॉट कॉम का नियमित पाठक हूँ, मेरा नाम पीयूष है, मेरी उम्र 37 है और में भोपाल का रहने वाला हूँ। यह बात तब की है, जब में 35 साल का था। यह कहानी मेरी और मेरी पड़ोसी  के बीच की है, तब उनकी उम्र 43 साल थी, वो दिखने में बहुत हॉट और सेक्सी लेडी थी। मेरी वाईफ के साथ उनकी अच्छी दोस्ती हो गयी थी। में जब-जब उन्हें देखता था तो मेरा लंड खड़ा हो जाता था। उनका नाम ममता था, वो बंगाली लेडी थी, वो जब चलती थी तो उसकी गांड इतनी हिलती थी कि मेरा मन करता था कि उसकी हिलती हुई गांड के बीच में अपने लंड को रब करता रहूँ।

फिर एक बार मेरी पत्नी अपने मायके चली गयी थी और ममता मेडम ने मुझे खाना खिलाने की  ज़िम्मेदारी ली थी। अब मेरा खाना खाने के लिए उनके घर में सुबह, दोपहर और रात में आना जाना चालू हो गया था। अब मेरी उनके साथ बैठकर बातें भी होने लगी थी। में कभी-कभी उनके पीछे भी अपना हाथ रख देता था और उसके सामने अपना लंड खुजाता था। फिर हमारी धीरे-धीरे सेक्स की बात भी होनी शुरू हुई। अब में मौका देखकर उसके बूब्स में अपना हाथ डाल देता था या फिर कभी उनकी गांड पर अपना हाथ फैरता था। फिर मुझको पता चला कि 6-7 साल से उसके पति ने सिर्फ़ उसके साथ 4 बार किया है। फिर मैंने बोला कि ये तो 4 सेकेंड्स के जैसा लगा, तो उसने बोला कि हाँ और बोली कि में तो रोती थी जब घुसता था, अच्छा लगता था मगर अब वो मज़ा नहीं है, जो पहले मिलता था। फिर मैंने उसको बोला कि में कुछ मदद करूँ, तो वो हंस पड़ी और मेरी बात टाल दी।

फिर दूसरे दिन सुबह जब वो नाश्ता देने मेरे घर आई तो उसने देखा कि मेरे कंप्यूटर में सेक्सी फिल्म चल रही है, तो तब मैंने वो झट से बंद कर दी। फिर उसने पूछा तो मैंने कहा कि कुछ नहीं, वो तुम्हारे काम की चीज़ नही है, तो वो ज़िद करने लगी। तो तब मैंने उससे कहा कि में सेक्सी मूवी देख रहा था।  तो तब वो बोली कि मुझे भी देखनी है, तो फिर मैंने मूवी फिर से चालू कर दी। फिर थोड़ी देर के बाद जब मुझे एहसास हुआ कि वो पूरी गर्म हो चुकी है तो मैंने उसे झट से पकड़कर किस किया और फिर धीरे-धीरे उसे चूमता रहा। फिर मैंने उससे कहा कि तुम बहुत खूबसूरत हो और में तुम्हें कई दिनों से चोदना चाहता हूँ। तो उसने भी कहा कि चुदवाना तो में भी चाहती थी, लेकिन तुम्हारी पत्नी के साथ फ्रेंडशिप रिलेशन की सीमाओं की वजह से डरती थी। बस फिर क्या था? मैंने कहा कि आज तो सब सीमाएँ टूट गयी, आज में जी भरकर तुम्हें चोदूंगा। आज में तुम्हारी प्यास बुझाऊंगा। जो तुम्हें इतने सालों से अपने पति से नहीं मिला आज वो मज़ा में तुम्हे दूँगा और फिर हम दोनों एक दूसरे से प्यासे प्रेमियों की तरह लिपटने लगे।

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फिर मैंने उसके रसीले होंठो को जी भरकर चूसा, तो उसने भी कोई कसर बाकी नहीं रखी। उसके छोटे- छोटे बूब्स जिन्हें मसलने के लिए में कई सालों से आस लगाकर बैठा था, अब मेरे सामने नंगे थे। फिर मैंने जी भरकर उसके बूब्स को चूसा और उसके निपल्स को अपने दातों से काटने लगा। अब उसे बड़ा मज़ा आ रहा था और वो ऊऊऊऊहह  आआआआहह की आवाज़े निकाल रही थी। अब वो मुझसे लिपटकर बोल रही थी और चूसो, मेरा निप्पल पूरा ख़ाआ जाओ। फिर मैंने उसे बिस्तर पर लेटा दिया और उसके पूरे बदन को चूसने, चाटने लगा। आज मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मेरी बरसों की प्यास बुझ रही है।  अब वो बिस्तर पर पड़ी सिसकारियाँ ले रही थी  आआआआअहह  ओह और चूसो और चूसो आआअ,  मेरे पूरे बदन को अपने थूक से गीला कर दो, मुझे खा जाओ पीयूष, अब में तुम्हारी हूँ, मेरी प्यास बुझा दो आहह  सक मी  ओह में मर गइईईई। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर में धीरे धीरे उसकी चूत की तरह बढ़ने लगा, उसकी चूत के ऊपर छोटे-छोटे बाल थे, जो मुझे और पागल कर रहे थे। अब में उसके बालों को सहलाने लगा था और उसकी चूत में धीरे-धीरे अपनी उंगली करने लगा था। अब उसे बहुत मज़ा आने लगा था  और वो ऊहह आआहह में मर जाउंगी, मत करो प्लीज कहने लगी थी, लेकिन अब में उसकी कहाँ सुनने वाला था। फिर मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर लगा दी, तो वो अपने पैरो को खोलने लगी और जोर से चिल्लाने लगी आआआअहह। फिर में उसकी क्लाइटॉरिस को चूसने लगा और वो जोर जोर से सिसकारियाँ लेने लगी। अब में ज़ोर-ज़ोर से अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटने लगा था। अब वो जोर-जोर से चिल्लाने लगी थी और उसने मेरे सिर को अपनी चूत में दबा लिया था। फिर कुछ देर के बाद वो कहने लगी कि मेरा निकलने वाला है, तो मैंने कहा कि तुम मेरे मुँह में डाल दो, में तुम्हारा जूस टेस्ट करना चाहता हूँ। बस फिर क्या था? 2 मिनट के बाद वो झड़ गई और उसकी चूत से जूस निकलने लगा, क्या टेस्ट था उसकी चूत का? बिल्कुल पाइनेप्प्ल की तरह और फिर में उसका सारा का सारा जूस पी गया।

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फिर मैंने उसकी चूत को और चाटा और और फिर उसके बूब्स दबाने लगा। अब मेरा लंड झटके दे रहा था, फिर उसने मेरे लंड को अपने हाथ में लिया और उसे अपने होंठो से लगाने लगी और उसे पूरा का पूरा अपने मुँह में डालकर चूसने लगी। अब में भी मस्त होने लगा था, अब वो मेरे लंड को खूब जोर- जोर से हिलाने लगी और चूसने लगी थी। फिर मैंने उसके बालों को पकड़ लिया और उसके मुँह में अपना लंड जोर-जोर से पेलने लगा और अपना लंड पेलते वक़्त में उसे रंडी, हरामजादी बोलने लगा और वो बहुत मस्त होने लगी। फिर 5 मिनट के ब्लोजोब के बाद में भी झड़ गया। फिर में थोड़ी देर तक ऐसे ही बिस्तर पर पड़ा रहा और फिर उसने मुझे चूमना स्टार्ट किया, तो मेरा लंड फिर से झूम उठा। फिर अचानक से उसने मुझे बेड पर धक्का दिया और खुद मेरे ऊपर लेट गई और बोली कि अब तुम मेरे बूब्स चूसो।

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फिर मैंने कहा कि  नहीं चूस सकता, तो वो बोली कि सीधी तरह लेटो और फिर वो मेरे ऊपर अपनी टांगे खोलकर बैठने लगी। अब मेरा लंड तना हुआ था, फिर उसने अपनी चूत मेरे लंड पर रखी और मेरा लंड अंदर घुसाने लगी ऊफफफफ ओह। फिर मैंने नीचे से जोर से एक धक्का मारा तो मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया। फिर उसने अपने दोनों हाथ मेरे कंधो पर रखे और झुककर बोली कि अब मेरे बूब्स चूसो ना तो में उसके बूब्स को एक-एक करके चूसने लगा। अब मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे मेरा लंड क़िसी गर्म-गर्म गीले सुराख में है और वो सुराख बार-बार मेरे लंड को दबा रहा है। अब ममता धीरे-धीरे हिल रही थी, उसकी आँखे बंद थी और वो बड़ी अजीब-अजीब सी आवाजे निकाल रही थी, अब मुझे बहुत मजा आ रहा था।

फिर ममता मेरे ऊपर लेट गई और अपने दोनों आर्म्स मेरी गर्दन में डालकर मुझसे लिपट गई और अपने चूतड़ तेज-तेज हिलाने लगी और आआआमम्ममममम, आआआईईईईईईईई, उउउउस्स्स्स्सस्सस्स में आआआईईईईईईईईईईईईईईई, आआआअहह, ऊऊऊऊऊ करते-करते झड़ गयी। फिर अचानक से मेरे पूरे  बदन में करंट सा महसूस हुआ और मैंने भी ममता के अंदर मेरा पूरा सफ़ेद क्रीम डाल दिया। फिर  ममता ने मेरे होंठो पर इतनी जोर से किस किया कि मेरी साँस रुकने लगी और मेरा जूस जोर से ममता की चूत में से बाहर निकलने लगा। फिर ममता उठकर अपने कपड़े पहनकर जाते-जाते मुझे बहुत सारे क़िस करके चलते-चलते फिर शाम को आने का वादा करके चली गयी। फिर उस दिन शाम को मैंने और ममता ने उस मौके का पूरा फायदा उठाया और खूब मजे लिए ।।

धन्यवाद …

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