पहली चुदाई का उद्घाटन

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प्रेषक : हरप्रीत …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम हरप्रीत है और में पंजाब का रहने वाला हूँ। दोस्तों में भी आप सभी की तरह कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों को पिछले एक साल से पढ़ रहा हूँ और मुझे ऐसा करने में बड़ी ख़ुशी मिलती है। दोस्तों मेरी लम्बाई 5.9 है, मेरा बदन गठीला, रंग गोरा है और मेरी उम्र 22 साल है और रही मेरे लंड की बात तो वो लम्बाई में सात इंच लंबा और तीन इंच मोटा है। दोस्तों में आप सभी का ज़्यादा समय खराब ना करते हुए सीधे आपनी आज की सच्ची घटना की तरफ आता हूँ जिसके लिए आज में यहाँ आया हूँ। दोस्तों में एक प्राइवेट कंप्यूटर कोचिंग में नौकरी करता हूँ और यह बात आज से एक साल पहले की है। दोस्तों जहाँ पर में नौकरी करता हूँ वहीं पर एक बहुत सुंदर लड़की भी कंप्यूटर सीखने आती थी, उसका नाम प्रीत था और वो प्रीत नाम की लड़की दिखने में बहुत हॉट सेक्सी लगती थी, उसकी लम्बाई करीब 5.2 थी, लेकिन उसके बूब्स का आकार 36-28-38 के करीब होगा और वो बहुत खुले विचारों की होने की वजह से हर समय बहुत खुश रहती और हंसती रहती थी। एक दिन हुआ यह कि उसका पेपर था और उसमे उसके कम नंबर आए। फिर जब उसको पता लगा कि उसके पूरी कक्षा में सबसे कम नंबर आए है तो वो दुखी होकर रोने लगी थी और फिर वो अपने उदास चेहरे को लेकर अपने घर चली गई।

फिर कुछ देर बाद में भी अपने घर चल गया, क्योंकि दोस्तों में अपनी उस नौकरी की वजह से अपने घर नहीं रहता था, इसलिए में अपने घर और घरवालों से दूर अकेला ही एक कमरा किराए से लेकर रहता था और उस मकान में मेरे अलावा कोई भी नहीं था। अब में दो दिनों के लिए मेरे गाँव घर आ गया और दूसरे दिन मैंने अपने ऑफिस में फ़ोन किया और पता किया क्या प्रीत आ रही? तब मुझे पता चला कि वो नहीं आ रही थी। दोस्तों में कभी भी उसके बारे में कुछ भी गलत विचार नहीं रखता था और ना ही में उसके लिए कोई गलत बात सोचता था, लेकिन कभी कभी उसके सेक्सी बदन को देखकर मुझे उसको चूमने प्यार करने का मन जरुर करता था। फिर मैंने उसको अपने मोबाईल फोन से एक संदेश भेज दिया और फिर तुरंत ही उसने मुझे फोन किया और वो मुझसे अपनी धीमी आवाज में कहने लगी कि क्या सर आपको पता है कि मेरे पेपर में नंबर कम आए है और अब सारी कक्षा मेरे ऊपर बहुत हंस रही थी और इसलिए मुझे अब अपना डिप्लोमा पूरा नहीं करना, ठीक है में अब आगे से कभी भी कोचिंग नहीं आउंगी। अब मुझे उसके मुहं से वो बात सुनकर थोड़ा सा बुरा लगा और मैंने उसको उसी समय कहा कि अगर इस बार तुम्हारे पेपर में कम नंबर आए है तो क्या हुआ? अगली बार सब ठीक हो जाएगा और उसको मैंने कह दिया कि में हूँ ना।

अब उसने मुझसे पूछा कि सर आप कहाँ पर हो? तभी मैंने उसको कहा कि में तो अभी अपने घर हूँ और वो मुझसे कहने लगी कि सर आप आ जाओ उसके बाद में भी आ जाउंगी। फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है और उसके दो दिन के बाद में भी वापस आ गया और मैंने पहुंचते ही उसको एक संदेश भेज दिया जिसमें लिखा था कि में आ गया हूँ। फिर उसी रात को उसकी तरफ से मेरे पास शुभरात्रि का एक संदेश आया और फिर दूसरे दिन सुबह शुभदिन का भी एक संदेश मेरे मोबाइल पर मुझे मिला और जब वो आई तो मुझे बहुत ही खुश नजर आ रही थी। अब मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था और उसी रात को करीब ग्यारह बजे उसने मुझे एक संदेश किया। फिर मैंने भी एक संदेश करके जवाब दिया और फिर उसने लिखकर मुझे पूछा क्यों क्या हुआ सर आपको क्या नींद नहीं आ रही है? और अगर नींद नहीं आ रही तो में वहां पर आ जाती हूँ वैसे भी बहुत ठंड है। दोस्तों उसकी इस बात से में भी थोड़ा सा गरम हो गया और मैंने भी उसी समय उसको एक संदेश में लिखा क्या तुम्हे ठंड नहीं लग रही? अब वो बोली कि हाँ लग तो रही है, लेकिन आप इसमें क्या कर सकते हो? मैंने तुरंत ही उसको एक संदेश लिखकर कहा कि तुम मेरे कमरे पर आ जाना, तब में तुम्हे बता दूंगा कि में क्या कर सकता हूँ?

अब वो कहने लगी कि सर कल की कल देखेंगे। फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है और उसके बाद हम दोनों शुभरात्रि कहकर सो गये। दोस्तों पता नहीं क्यों मेरे मन को ऐसा लग रहा था कि वो ज़रूर मेरे पास मेरे कमरे में आएगी। फिर करीब सुबह के 6:30 बजे किसी ने मेरे दरवाजे को बजाना शुरू किया और में तो उस समय अपनी अंडरवियर बनियान में ही था। अब मैंने अपना दरवाजा खोला और देखा तो मेरे सामने प्रीत खड़ी हुई थी। वो भी बहुत सेक्सी हंसी के साथ और में उसको अपने सामने उस समय देखकर बड़ा चकित था। फिर वो मुझसे कहने लगी कि क्या सर आप मुझे बाहर ही खड़ा रखोगे, अंदर आने के लिए नहीं कहोगे? तब मैंने होश में आकर उसको अंदर आने के लिए कहा और वो मुस्कुराती हुई अंदर चली आई और मैंने उससे कहा कि तुम बेड पर बैठ जाओ और उस समय ठंड की वजह से मेरा बहुत बुरा हाल हो रहा था। फिर मैंने हिम्मत करके उसका एक हाथ अपने हाथ में ले लिया और उसको मैंने पूछा क्या रात को नींद आ गई थी? वो कहने लगी कि जब ठंड लगती है तब नींद नहीं आती। अब में उसके ज्यादा पास सरककर बैठ गया और मैंने उसके हाथ को अपने हाथ में लेकर सहलाते हुए में उसको गरम करने लगा था और मेरे इतना करने में उसकी दोनों आंखे बंद होने लगी थी।दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब मैंने उससे बोला कि ऐसा करो तुम मेरी बाहों में आ जाओ। दोस्तों बस फिर क्या था? मैंने उसको अपनी बाहों में ले लिया और में उसको चूमने प्यार करने लगा, पहले तो वो मुझसे कहने लगी कि सर आप यह सब क्या कर रहे हो? मैंने उससे कहा कि कुछ नहीं बस में तुम्हारी ठंड को दूर कर रहा हूँ और तब तक मेरा लंड भी तनकर खड़ा हो चुका था। अब मैंने अपने एक हाथ से उसके कपड़े उतारने शुरू कर दिए और में अपने दूसरे हाथ से उसके बूब्स को भी दबा रहा था और बस दो मिनट में ही वो मेरे सामने ऊपर से पूरी नंगी हो चुकी थी। दोस्तों में पहली बार उसको इस हालत में देखकर बिल्कुल पागल हो गया और में जोश में पागल होकर उसको चूमने लगा था और अब वो भी मुझे पागलों की तरह चूमने प्यार करने लगी थी। दोस्तों पता ही नहीं चला कि हम दोनों की गरमी और वो शरम कहाँ चली गई? अब उसके हाथ मेरे सर पर थे और वो मुझसे बोल रही थी कि सर में आपको बहुत प्यार करती हूँ। सर आप मुझे बहुत अच्छे लगते हो, आज आप मुझे अपना बना लो में बस आपकी ही हूँ।

फिर मैंने उसका वो जोश देखकर बिना देर किए उसकी सलवार को भी उतार दिया, जिसकी वजह से अब वो मेरे सामने पूरी तरह नंगी हो चुकी थी और मैंने भी अपने अंडरवियर को उतार दिया। फिर उसने जब पहली बार मेरे लंड को देखा तब वो देखकर बड़ी हैरान रह गई क्योंकि वो पूरी तरह से तनकर अब उसकी चूत में जाने के लिए तैयार खड़ा था और जब मैंने उसकी चूत को देखा तो वो भी जोश में आकर गीली हुई अपना पानी छोड़ रही थी। अब में उसके बूब्स को दबा रहा था और फिर उसी समय उसका एक हाथ मेरे लंड पर आ गया और उसको वो बहुत ही प्यार हिला रही थी। अब में उसके नरम गुलाबी रसभरे होंठो को चूमने लगा, लेकिन अब हम दोनों के पास समय बहुत ही कम था। फिर में उसके दोनों पैरों के बीच में आ गया और में उसकी बिना चुदी कुंवारी सुंदर चूत को देखता ही रह गया। उस गीली चूत से उसका बाहर निकलता जोश मुझे साफ नजर आ रहा था और उस चूत पर एक भी बाल नहीं थे और में उसकी चिकनी गोरी चूत को देखकर अपने होश पूरी तरह से खो बैठा था, इसलिए में लगातार उसको घूरकर ही देखता रहा। अब वो मुझसे कहने लगी, सर आप ऐसे क्या देख रहे हो? क्या आपको मेरी यह ठंड अब दूर नहीं करनी?

फिर मैंने होश में आकर अपना लंड उसकी चूत की गुलाबी नरम पंखुड़ियों के ऊपर रख दिया और में अपने लंड के टोपे से उसकी चूत के दाने को धीरे धीरे सहलाने लगा था। अब उसने उस मज़े की वजह से अपनी दोनों आँखों को बंद कर लिया और उसी मौके का फायदा उठाकर मैंने अपने लंड को थोड़ा सा उसकी चूत के अंदर करने की कोशिश की, लेकिन दोस्तों उसकी चूत बहुत टाइट थी। फिर मैंने थोड़ा सा ज़ोर लगाया जिसकी वजह से अब मेरा लंड उसकी चूत में दो इंच अंदर चला गया और वो उस दर्द की वजह से ज़ोर से चिल्ला पड़ी। तभी मैंने बिना देर किए अपने होंठो को उसके होंठो के ऊपर रखकर उसकी आवाज को अंदर ही दबा दिया और अब कुछ देर उसके बूब्स को सहलाकर उसके दर्द कम होने का इंतजार करने लगा और जब वो मुझे शांत नजर आई, उसके बाद में अपने लंड को धीरे धीरे उसकी चूत के अंदर करने लगा। अब मेरा लंड उसकी चूत में चार इंच तक अंदर चला गया और मेरे होंठो उसके बूब्स पर और दूसरे बूब्स पर मेरा एक हाथ था। अब वो सिसकियाँ लेकर मुझसे कहने लगी ओह्ह्ह्ह आहहहह नहीं में मर गई ऊऊईईईई ज़ोर से मत करो, वरना में मर जाउंगी, ऊफ्फ्फ मुझे बड़ा तेज दर्द हो रहा है।

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फिर मैंने भी अपनी स्पीड को कम ही रखा, क्योंकि मुझे अच्छी तरह से पता था कि उसको यह दर्द होना स्वभाविक है, क्योंकि यह उसकी मेरे साथ आज पहली चुदाई है, लेकिन में लगातार धक्के दे रहा था और कुछ देर धक्के देने के बाद उसकी चूत का पानी निकल गया और फिर उसकी गीली चूत में मेरा लंड बड़े आराम से फिसलकर अंदर बाहर होने लगा था। अब जिसकी वजह से उसको दर्द भी कम हो रहा था और उस जोश की वजह से मेरा भी वीर्य बस दस मिनट में ही निकल गया। फिर मैंने उसके चेहरे की तरफ देखा वो मुझे पूरी तरह से संतुष्ट बड़ी खुश नजर आ रही थी और में भी देखकर बड़ा खुश हुआ और मन ही मन सोचने लगा कि हमारी मेहनत सफल हुई और फिर थोड़ी देर तक हम दोनों वैसे ही एक दूसरे से लिपटकर पड़े रहे। फिर वो करीब दस मिनट के बाद बाथरूम में जाकर अपनी चूत को साफ करके कपड़े पहनकर बाहर निकली और मैंने अब हम दोनों के लिए चाय बनाई, जिसको हम दोनों ने हंसी मजाक बातें करते हुए पीकर खत्म किया। फिर उसके बाद वो मुझसे बाय कहकर अपने घर चली गई और में कुछ देर लेटकर उसके साथ हुई पहली चुदाई उस अनुभव के बारे में सोचकर मन ही मन खुश होने लगा था।

दोस्तों मुझे सबसे ज्यादा इस बात की ख़ुशी थी कि ना तो उसने मेरे साथ चुदाई करवाने में ज्यादा नाटक नखरा किया और मैंने ही पहली बार उसकी कुंवारी चूत की चुदाई करके उसकी चुदाई का उद्घाटन भी किया था। दोस्तों उसके बाद भी हम दोनों ने जब भी हमे जैसा भी मौका मिला वैसे ही पूरा पूरा फायदा उठाकर कई बार सेक्स के जमकर मज़े लिए, लेकिन फिर कुछ समय बाद उसकी शादी हो गई। फिर उसके बाद हम दोनों दोबारा कभी भी नहीं मिल पाए और अब करीब पांच महीने से मैंने किसी के साथ सेक्स नहीं किया, इसलिए अब मुझे सेक्स की बहुत कमी महसूस होती है और उस लड़की की बहुत याद भी मुझे आती है। दोस्तों यह था मेरा सच्चा सेक्स अनुभव उस लड़की की कुंवारी चूत को चोदकर उस एक अजीब सी ख़ुशी को पाने की कहानी, आप सभी को यह कहानी कैसी भी लगे, लेकिन यह मेरा सबसे अच्छा सेक्स अनुभव है, जिसके बारे में आज भी याद करके में ख़ुशी से झूम उठता हूँ ।।

धन्यवाद …

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