पंजाबन गर्लफ्रेंड की मस्त चुदाई

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प्रेषक : भूपेश …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम भूपेश है और में पंजाब का रहने वाला हूँ। दोस्तों यह बात नवंबर की है, मेरी एक गर्लफ्रेंड है जिसका नाम सोनिया है, उसकी उम्र करीब 22 साल और मेरी उम्र 30 साल थी। दोस्तों यह तब की बात है, जब मैंने सोनिया को अपने घर पर आकर मिलने के लिए कहा था, लेकिन उसने मुझसे मेरे घर में आकर मिलने से साफ मना कर दिया था। फिर उस समय वो मुझसे कहने लगी कि में अपने घर से बाहर नहीं निकल सकती, क्योंकि उसके घर वालो को उसके ऊपर हमारी दोस्ती की बात को लेकर शक हो चुका था, इसलिए उसका कहीं बाहर आना जाना बंद हो चुका था। फिर भी वो मुझसे बहुत प्यार करती थी, इसलिए मेरा कहा मानने के लिए वो बहुत कोशिश करके मुझसे मिलने आ गई और मैंने उस दिन से करीब दो महीने पहले उसको सिर्फ़ एक बार चूमा ही था।

दोस्तों आज का दिन में, लेकिन ऐसे ही नहीं गंवाना चाहता था और उस समय मेरे घर में सब लोग थे इसलिए में उसके साथ वहां पर कुछ कर भी नहीं सकता था। फिर में मन ही मन सोचने लगा कि ऐसा कहाँ जाया जाए जहाँ पर हम लोग को कोई भी परेशान ना करे? और तभी में अपने एक किराएदार के पास चला गया और मैंने जाकर उसको कहा कि प्लीज़ क्या आप थोड़ी देर के लिए कहीं बाहर जा सकते है? वो तुरंत मेरी बात को मान गया और वो बाहर चला गया और अब तो सोने पे सुहागा हो गया। दोस्तों में बहुत खुश था और उसके बाद सोनिया और में उस कमरे के अंदर चुपके से चले गये। हमने किसी को पता भी नहीं लगने दिया कि हम दोनों ऊपर वाले कमरे में है। दोस्तों बस फिर क्या था? मैंने जैसे ही कमरे का दरवाजा बंद किया वो इस बात का ऐतराज़ करने लगी और कहने लगी कि नहीं इसको बंद ना करो कहीं कोई आ ना जाए? मुझे डर लगता है यह सब यहाँ पर करना गलत होगा, लेकिन मैंने उससे कहा कि मेरी जान तुम्हे डरने या किसी भी बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि में तुम्हारे साथ हूँ और अभी इस समय यहाँ पर कोई नहीं आएगा और अगर आ भी गया तो में उसको सम्भाल लूँगा।

फिर मैंने करीब आधे घंटे तक उसके साथ बैठकर इधर उधर की बातें की और उसके साथ बातें करते करते ही मैंने उसका हाथ पकड़कर चूम लिया, लेकिन उसने मेरा कोई भी विरोध नहीं किया। फिर क्या था? दोस्तों मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए और में मज़े लेते हुए उसको ज़बरदस्त तरीक़े से लगातार चूमता रहा, मुझे बहुत अच्छा लगा, में उसके साथ मज़े करता ही रहा। फिर उसको मैंने चूमते हुए ही लेटा दिया और फिर हम दोनों एक दूसरे से चिपक गये, मैंने कुछ देर बाद उसके बूब्स को दबाना शुरू किया। अब उसने थोड़ा बहुत मेरा विरोध किया, लेकिन फिर कुछ देर बाद मेरा जोश देखकर उसने मुझसे कुछ भी नहीं कहा और फिर मैंने उसकी चुन्नी को उसकी छाती से हटा दिया। फिर उसके बाद मैंने उसका सूट ऊपर उठाकर उतार दिया, जिसकी वजह से अब वो मेरे सामने ऊपर से आधी नंगी थी, लेकिन बहुत सुंदर कामुक लग रही थी और फिर मैंने बिना देर किए उसकी ब्रा को भी उतार दिया। फिर में उसके बूब्स को चूमता रहा और इतने में उसने अपने हाथ से मेरे तनकर खड़े लंड को अपनी मुठ्ठी में जकड़ लिया और अब में तुरंत समझ गया कि मामला सेट है। अब मैंने बिना कोई देरी किए अपनी शर्ट उसके बाद अपनी पेंट को भी उतार दिया था, में उसके सामने सिर्फ़ अब अंडरवियर में ही था।

फिर मैंने उसकी सलवार को भी उतार दिया और फिर मैंने उसकी पेंटी को भी उतार दिया, जिसके बाद उसने भी मेरी अंडरवियर को खुद ही उतार दिया। अब हम दोनों एक दूसरे के सामने बिल्कुल नंगे थे और मेरे तनकर खड़े मोटे आकार में बड़े लंड को देखकर तो वो घबरा गयी। उसकी आंखे चकित होकर फटी की फटी रह गई, क्योंकि उसने पहले किसी भी जवान मर्द का लंड नहीं देखा था। फिर मैंने तुरंत ही उसकी गोरी उभरी हुई चूत पर हाथ फेरना शुरू कर दिया में कुछ देर लगातार उसकी चूत को अपने हाथ से सहलाते हुए उसको गरम करने लगा था और कुछ देर बाद में अब उसकी चूत में अपनी एक उंगली को डालकर अंदर बहार करके उसकी गीली गरम चूत की गहराईयों को नापने लगा था। अब तक वो पूरी तरह से गरम हो चुकी थी, इसलिए अब उसके मुहं से सिसकियों की आवाज भी आने लगी थी ऊउफ़्फ़्फ़ स्सीईईईई करते हुए वो मेरे लंड को अपनी मुठ्ठी में भरकर अपने हाथ के साथ ऊपर नीचे कर रही थी। फिर में दीवार के सहारे थोड़ा सा झुककर बैठ गया और उसको मैंने कहा कि तुम अब मेरे ऊपर आ जाओ। अब वो तुरंत ही उठकर खड़ी हुई और फिर वो सीधा मेरे ऊपर आकर बैठ गयी और जैसे ही मैंने उसकी चूत को फैलाया उसने एक ज़बरदस्त आह भरी और उसने अब भी मेरा लंड पकड़ा हुआ था।

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अब मैंने उसकी चूत को फैलाते हुए, बिना देर किए उसकी चूत में अपना लंड डालना शुरू किया और वो धीरे धीरे मेरे ऊपर बैठती चली गई। फिर जैसे ही मेरा आधा लंड उसकी गीली रसभरी चूत में फिसलता हुआ चला गया, वो उसी समय वैसे ही रुक गई। अब मैंने उसको ज़बरदस्ती नीचे किया जिसकी वजह से थोड़ा और मेरा लंड उसकी चूत में चला गया और दर्द की वजह से वो ज्यादा ज़ोर से चिल्लाने लगी, लेकिन मैंने उसके मुँह पर अपना एक हाथ रख दिया जिसकी वजह से उसकी आवाज अंदर ही दबकर रह गई। दोस्तों उसने बहुत बार उठने की कोशिश की, लेकिन मैंने उसको कसकर दबाकर रखा और वो दर्द की वजह से छटपटाती रही। फिर मैंने उसको अब लेटा दिया और में उसके ऊपर चढ़ गया और उसके बाद मैंने जैसे ही धक्के लगाने शुरू किए उसके तो सारे विकिट ही एक एक करके गिरने लगे। अब वो जोश में आकर सिसकियाँ लेते हुए मुझसे कहने लगी ऊफ्फ्फ हाँ और ज़ोर ज़ोर से आह्ह्ह्ह चोदो मुझे, आज तुम मेरी इस चूत को फाड़ डालो, इसकी खुजली मिटा दो ऊऊईईईईईइ माँ अहह्ह्ह आज तुम मुझे जमकर चोदो, मेरी प्यास को बुझा दो हाँ और ज़ोर से चोदो तुम मुझे आह्ह्ह वाह मुझे अब बहुत मज़ा आ रहा है। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

दोस्तों वो करीब दस मिनट बाद ऐसे ही बड़बड़ाती हुई झड़ गई, लेकिन में अभी तक आउट नहीं हुआ मैंने और भी ज़ोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए। फिर मैंने नीचे उसकी चूत की तरफ देखा तब मुझे पता चला कि उसकी चूत से अब खून भी निकल रहा था, लेकिन मैंने उसकी कोई परवाह नहीं की और में वैसे ही लगातार धक्के लगाता चला गया। फिर में कुछ देर बाद नीचे ज़मीन पर लेट गया और वो मेरे ऊपर आ गयी। अब वो मेरे लंड के ऊपर उछल उछलकर अपनी चूत में मेरा पूरा लंड ले रही थी और उसको भी मेरे साथ अपनी चुदाई का वो खेल खेलकर बहुत मज़ा आने लगा था, इसलिए वो मेरा पूरा साथ देते हुए अपनी चूत को मेरे लंड से ठंडा करने की कोशिश करने लगी थी। फिर में भी कुछ देर धक्के देकर झड़ गया और अब हम दोनों आराम से कुछ देर बैठ गये और में अब भी उसकी चूत में अपनी उंगली को अंदर बाहर करता रहा और वो मेरे लंड को सहलाती रही। दोस्तों मेरा लंड कुछ देर के ही एक बार फिर से खड़ा हो गया और वो भी गरम हो चुकी थी, इस बार मैंने उसको अपने सामने घोड़ी बनाया और में उसके पीछे आ गया, उसके बाद मैंने जैसे ही उसकी बोल पर चौका मारा।

दोस्तों मेरा मतलब था कि मैंने उसकी गांड में अपने लंड को डाल दिया, क्योंकि में बहुत दिनों से उसकी गांड को मारने के बारे में सोच रहा था, मुझे वो बहुत पसंद थी। अब वो तो दर्द की वजह से एकदम ज़ोर से चिल्लाने लगी थी और लगातार वो अपने सर को इधर उधर पटक रही थी। फिर मैंने उसका वो दर्द देखकर जल्दी से अपने लंड को बाहर निकाल लिया और वो अब मुझसे कहने लगी कि तुम गांड में मत डालो, मुझे बड़ा तेज दर्द होता है, में मर जाउंगी और उसके अलावा तुम कुछ भी कहीं भी अपना लंड डाल दो, में मना नहीं करूंगी, लेकिन गांड का पीछा छोड़ दो, मैंने वहां कभी कुछ नहीं डलवाया। फिर मैंने तुरंत ही उसकी गांड में अपने लंड को डालने का तरीक़ा सोच लिया, क्योंकि ऐसे तो उसको बहुत तेज दर्द हो रहा था और मुझे आज उसकी गांड भी जरुर मारनी थी। दोस्तों उसके ज्यादा ज़ोर से चिल्लाने की वजह से किसी के आने का डर भी था, इसलिए में उसके साथ ज्यादा ज़ोर जबरदस्ती भी नहीं कर सकता था, क्योंकि पहली बार गांड मरवाने में बड़ा तेज दर्द होता है और वैसे भी उसकी गांड का छेद कुछ ज्यादा ही छोटा था और उसकी छोटी चूत को में पहले ही बहुत बार चोदकर अपने लंड के लिए बड़ी कर चुका था।

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अब मैंने वहीं कमरे से सरसों का तेल उठाया और उसकी गांड पर लगाना शुरू किया और वो भी मेरे लंड पर तेल लगा रही थी। अब हम दोनों ने एक दूसरे को बिल्कुल चिकना कर दिया था। फिर मैंने उसको दोबारा घोड़ी बनाया और उसके बाद थोड़ा सा तेल मैंने अपने एक हाथ में लिया और फिर में थोड़ा थोड़ा सा दबाव बनाकर अपने लंड को उसकी गांड के अंदर डालता रहा और ऊपर से तेल की बूंदे भी में गिराता रहा। दोस्तों यह सब करने की वजह से धीरे धीरे उसकी गांड में आधे से ज़्यादा लंड अब अंदर जा चुका था और में थोड़ी देर तक आधे ही लंड से काम चलाता रहा। फिर थोड़ी देर बाद मैंने तेल लिया और उसको लेटाकर उसकी गांड को उसी के हाथों से खुलवाकर उसकी गांड में बहुत सारा तेल लगा दिया। फिर उसको मैंने घोड़ी बनाया और एक ही झटके में अपना पूरा लंड मैंने उसकी गांड में डाल दिया। अब उसने एक बार फिर से चिल्लाने की कोशिश की तब मैंने उसके मुँह पर अपना हाथ रख दिया और फिर उसने कुछ देर बाद दर्द कम होने के बाद हिम्मत करके आगे बढ़कर मेरे लंड को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन में भी पीछे से उसके और भी ऊपर चढ़ गया और थोड़ी देर तक वो वैसे ही दर्द से छटपटाने लगी और मैंने थोड़ी देर तक उसकी गांड में वैसे ही अपने लंड को रखा।

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फिर जब उसका दर्द कम हुआ तो वो मुझे शांत लगी और तब जाकर मैंने उसकी गांड में धक्के लगाने शुरू किए और वो भी दर्द कम होते ही मेरा पूरा पूरा साथ देने लगी थी। अब में सीधा ज़मीन पर लेट गया और वो मेरे ऊपर आ गई और अपने दोनों पैरों को पूरा फैलाकर वो बैठने लगी, मैंने उसकी गांड का छेद और भी खोल दिया और वो मेरा लंड पकड़कर उसके ऊपर बैठने लगी। दोस्तों उसने इस बार भी एक ही बार में मेरा पूरा लंड अपनी गांड के अंदर ले लिया और मैंने वैसे ही करीब दस मिनट तक उसकी गांड में अपने लंड से धक्के मारे। फिर तब जाकर पहले वो भी और उसके बाद में भी झड़ गया और अब हम दोनों एक दूसरे से चिपककर थोड़ी देर वैसे ही लेटे रहे और एक दूसरे को चूमते प्यार करते रहे। फिर उसके बाद हम दोनों ने अपने अपने कपड़े पहन लिए और अब मैंने उसके चेहरे की तरफ देखा जो अब पहले से ज्यादा खुश होकर उस चुदाई की वजह से खिल गया था। दोस्तों यह था मेरा अपनी गर्लफ्रेंड के साथ उसकी मस्त मज़ेदार चुदाई का सफर मुझे उम्मीद है कि सभी को इसको पढ़कर मज़ा जरुर आएगा ।।

धन्यवाद …

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