पति के सामने बीवी की घमासान चुदाई

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प्रेषक : विक्की …

हैल्लो दोस्तों, कैसे है आप लोग? मेरा नाम विक्की है और में मुंबई का रहने वाला हूँ। में बचपन से ही लड़कियो और औरतों के बारे में थोड़ा कमीना टाईप था, जिस भी बढ़िया या मस्त माल को मतलब लड़की या औरत को देखता तो उसकी चूची और चूत के बारे में सोचने लगता था और हमेशा मेरे लंड महाराज खड़े हो जाते थे, लेकिन मुझे चुदाई का पहला मौका 18 साल की उम्र में मिला और उसके बाद तो में एक नंबर का चुदक्कड़ ही बन गया। अब मुझे जैसे भी जिसके साथ भी मौका मिलता है, तो में चूत बजाने के लिए तैयार हो जाता हूँ। मैंने रंडिया भी बहुत चोदी और कई फ्रेश लड़कियों की सील भी तोड़ी और साथ-साथ कई शादीशुदा औरतों का भी मज़ा लिया। में चूत के नाम पर हमेशा से कुछ भाग्यशाली रहा हूँ।

खैर अब में सीधा मेरी कहानी पर आता हूँ। ये बात करीब एक साल पहले ठंड के समय की है, में अपनी फेक्ट्री के काम के सिलसिले में दिल्ली जाता रहता हूँ, तो जनवरी 2016 को भी में कुछ काम से दिल्ली जा रहा था। मेरे शहर रायपुर से दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन है, जो शाम 6 बजे रायपुर से निकलकर दूसरे दिन शाम 6 बजे ही न्यू दिल्ली पहुँचती है, मतलब 24 घंटे का सफर है। मेरा रिजर्वेशन एसी-2 में कन्फर्म था। फिर में शाम को 5 बजकर 45 मिनट पर ही स्टेशन पहुँच गया, लेकिन ट्रेन 30 मिनट लेट थी, तो में इंतजार करने लगा। अब जैसा कि मैंने पहले बताया कि में बहुत चुदक्कड़ टाईप का लड़का हूँ तो में हर समय, हर जगह चूत के जुगाड़ में लगा रहता था, अरे चुदाई ना सही लेकिन आँखों की सिकाई तो हो ही सकती है, इसलिए में स्टेशन जैसी जगह में कभी एक जगह नहीं बैठता था और सब तरफ घूमता रहता था और नज़ारे लेता रहता था। फिर मुझे वहाँ कुछ हसीनाए दिखी, लेकिन वो सभी अपनी फेमिली के साथ थी, तो में बोर होकर टिकट पूछताछ कार्यालय की तरफ चला गया और वहाँ लगे एक बड़े से इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड में जिसमें ट्रेनों की जानकारी होती है, उसे देखने लगा। अब वहाँ काफ़ी लोग खड़े थे और ऊपर सर उठाकर बोर्ड को देख रहे थे। अब अभी मुझे वहाँ खड़े हुए 5 मिनट भी नहीं हुए होगें कि मेरे ठीक सामने एक अंकल आकर खड़े हो गये, जो कि अधेड़ उम्र के थे, उनकी हाईट मुझसे 3-4 इंच कम थी।

फिर वो भी ऊपर देखने लगे तो थोड़ी ही देर में मैंने अपने लंड के ऊपर गुदगुदी महसूस की और जब मैंने नीचे देखा तो वही अंकल अपने हाथ को पीछे करके मेरे लंड को छूने की कोशिश कर रहे थे। फिर मुझे कुछ अज़ीब लगा और मज़ा भी आया। अब ये मेरे साथ पहली बार हो रहा था कि कोई आदमी मेरे साथ ऐसी हरकत करे। फिर में थोड़ा जोश में आया और ज़्यादा मज़ा लेने के लिए मैंने अपने लंड को कुछ आगे करके उन्हें ग्रीन सिग्नल दे दिया। तब उन्होंने मेरे लंड को मेरी पैंट के ऊपर से ही अपने हाथ में ले लिया और सहलाने और मसलने लगे, चूँकि वहाँ सभी व्यस्त थे और ऊपर की तरफ देख रहे थे तो इस तरफ किसी का ध्यान नहीं गया। फिर कुछ देर तक मेरे लंड को सहलाने के बाद वो धीरे से मुड़े और मुझे साईड में चलने का इशारा किया और चलने लगे। फिर में भी उनके पीछे-पीछे चलने लगा तो वो सीधे जेंट्स टायलेट में चले गये और में भी उनके पीछे-पीछे चला गया। फिर मैंने सोचा कि चलो आज इसका भी मज़ा लेकर देखते है।

मुझे पता था कि कई आदमी लोग लंड चूसते और गांड में लेते है। फिर जब में टायलेट के अंदर गया, तो वो वहाँ मूतने की स्टाईल में खड़े थे और वहाँ एक और आदमी मूत रहा था, तो में भी मूतने की स्टाईल में खड़ा हो गया। फिर कुछ देर के बाद वो तीसरा आदमी बाहर निकल गया, तो तब उस अंकल ने मुझे बाथरूम में चलने को कहा और अंदर जाकर उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया और मेरे लंड को सहलाने लगे। अब मेरा लंड 50% तो पहले ही खड़ा था। फिर उन्होंने मेरी पैंट के हुक खोलकर उसे नीचे कर दिया और मेरी अंडरवियर को भी नीचे सरका दिया और मेरे लंड को अपने हाथ से सहलाने लगे। फिर अचानक से ही उन्होंने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और मस्त तरीके से चूसने लगे। अब मुझे तो बहुत ही मज़ा आ रहा था। में कई औरतों और लड़कियो को अपना लंड चूसा चुका हूँ, लेकिन इस अंकल की चुसाई के सामने तो सब पीछे है।

अब मेरा लंड उनकी 1 मिनट की चुसाई में ही अपने रंग में आ गया था और तनकर पूरा 7 इंच का हो गया था। फिर अंकल उठे और अपनी पैंट उतारते हुए बोले कि यार तुम्हारा लंड तो बहुत बड़ा और शानदार है। फिर मैंने कहा कि जी अंकल। फिर वो अपनी पैंट को उतारकर सामने की तरफ झुकते हुए बोले कि जरा धीरे-धीरे डालना, नहीं तो बहुत दर्द होगा, तो मैंने ओके कहा। फिर उन्होंने अपनी गांड के छेद में अपना थूक लगाया और झुककर अपने दोनों हाथों से अपनी गांड चौड़ी की। फिर मैंने अपने लंड को उनकी गांड पर टिकाया और एक मस्त झटका दिया तो मेरा सुपाड़ा अंदर चला गया। अब अंकल उूऊययईई कर उठे और बोले कि जरा धीरे राजा। फिर में धीरे-धीरे अपने लंड को अंदर डालने लगा और फिर उनकी गांड मारने लगा। अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और अब मेरा लंड उनकी गांड में एकदम टाईट आ-जा रहा था। फिर 10 मिनट के बाद मेरा लंड-रस उनकी गांड में ही निकलने लगा और उनकी गांड मेरे रस से भर गयी, तो तब वो पलटे और झुककर मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर मेरे लंड-रस को चूसने लगे। अब वो कुछ इस तरह से चूस रहे थे कि जैसे कुछ जांचने या समझने की कोशिश कर रहे हो। फिर उन्होंने मेरे लंड को नल के नीचे ले जाकर उसको पानी से धोया और फिर अपने रुमाल से पोंछा। फिर हम कपड़े पहनकर बाहर निकल गये और तब तक हम एक-दूसरे का नाम भी नहीं जानते थे। फिर उन्होंने मुझसे मेरा नाम पूछा तो मैंने कहा कि विक्की, तो उन्होंने उनका नाम पंकज कुमार बताया। फिर उन्होंने पूछा कि कहाँ जा रहे हो? तो मैंने कहा कि दिल्ली, तो वो खुश हो गये। अब उनकी खुशी उनकी आँखों में साफ-साफ दिख रही थी, क्योंकि वो भी दिल्ली ही जा रहे थे और वो भी उसी ट्रेन से जिसमें में जा रहा था। फिर उन्होंने पूछा कि अकेले हो? तो मैंने कहा कि जी और उनसे पूछा कि आप? तो वो बोले कि फेमिली है और फिर वो बोले कि आओ तुम्हें मेरी वाईफ से मिलाता हूँ, वो तुमसे मिलकर बहुत खुश होगी, तो मैंने कहा कि ओके। अब में मन ही मन में सोचने लगा था कि इसकी बीवी का क्या होता होगा? क्योंकि ये तो समलिंगी है। फिर तभी हम चलते-चलते उसकी बीवी के पास पहुँच गये, उसकी फेमिली के नाम पर उसकी बीवी और एक छोटा बच्चा था।

फिर उसने मुझे अपनी बीवी से मिलवाया, उसका नाम सोनाली था। अब में तो उसकी बीवी को देखता ही रह गया था, कहते है ना कि लंगूर के हाथ अंगूर, वो वही जोड़ी थी, कहाँ वो अधेड़ उम्र का 40-45 साल का आदमी और कहाँ वो 28-30 साल की जवान औरत। खैर फिर मैंने उसको नमस्ते कहा और उसने भी मुझे नमस्ते कहा। फिर उसने अपने पति से कहा कि आप कहाँ चले गये थे? तो उसके पति ने उससे कहा कि विक्की के साथ ही गया था और उसका ये लास्ट का शब्द “गया था” कहने का स्टाईल मुझे जरा खटका। फिर मैंने उसकी बीवी को ठीक से देखा, तो वो मस्त बदन की मल्लिका थी, मस्त बड़े-बड़े बूब्स, भरा-भरा शरीर, हाईट करीब 5 फुट 3 इंच होगी, उसने साड़ी पहनी थी और जरा खुले अंदाज में पहनी थी, जिसके कारण उसका पेट उसके बूब्स के उभार साफ-साफ दिख रहे थे।

फिर मैंने देखा कि वो भी मुझे बड़े ध्यान से और गहरी नजरों से देख रही है। में चुदक्कड़ तो था ही, तो उसकी नजरो को समझना मेरे लिए मुश्किल नहीं था। तभी उसके पति ने उसके कान में धीरे से कुछ कहा। फिर मैंने देखा कि उसकी बीवी ने अपना सर हाँ में हिलाया और ओके कहा। अब में कुछ समझ पाता उसके पहले ही उसके पति ने मुझसे कहा कि विक्की तुम्हारा रिज़र्वेशन किसमें है? तो मैंने कहा कि एसी-2 में। फिर उन्होंने कहा कि अगर तुम्हें कोई प्रोब्लम ना हो तो क्या तुम हमारे साथ एसी-1 में चल सकते हो? तो मैंने कहा कि मुझे तो कोई प्रोब्लम नहीं है, लेकिन रिज़र्वेशन अपडेट होगा या नहीं। फिर उसने कहा कि चलो देखते है और फिर में अपना सामान वही उसकी बीवी के पास रखने लगा। अब उसकी बीवी ने मुझे मस्त प्यारी और सेक्सी सी स्माईल दी, तो मैंने भी उसी तरह रिप्लाई किया। फिर में और पंकज जी टी.टी. के पास गये और उससे एसी-2 को एसी-1 में ट्रान्सफर करने को कहा, तो उसने नाटक किया।

तभी पंकज जी ने अपनी जेब से एक 500 रुपए का नोट निकालकर उसके हाथ में देते हुए कहा कि सर कर दीजिए ना, ये 500 रुपए आपके लिए और कितना देना है बताइए? तो मैंने उन्हें रोका कि पैसे में देता हूँ, लेकिन उन्होंने मुझे मना कर दिया और बोले कि तुम मुझसे छोटे हो, इसलिए चुप रहो, तो में चुप हो गया। फिर टी.टी. ने बाकी पैसे जो कि करीब 1100 रुपए था उसकी रसीद बनाई और बोला कि सीट नंबर ट्रेन में ही बता दूँगा, फिर हम लोग ओके कहकर चले गये। अब ट्रेन जो कि 30 मिनिट के बाद 1 घंटे लेट हो गयी थी, वो अब 5-10 मिनट में ही आने वाली थी। फिर हम सोनाली के पास पहुँचे, तो उसको भी खुशी हुई कि में उनके साथ ही चलूँगा। अब हम बात ही कर रहे थे कि इतने में ट्रेन आ गयी और हम अपना सामान चढ़ाने लगे। उनका 2 सीट का पहले से ही रिज़र्वेशन था, तो हमने अपना सामान उनकी सीट पर रख दिया और वहीं बैठ गये। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब हमारे अलावा उस बोगी में मुश्किल से 6 लोग ही रहे होंगे और वो भी दूसरी तरफ बैठे थे। फिर 5 मिनट में ट्रेन चल पड़ी, तो थोड़ी देर में टी.टी. आया और हमें देखकर बोला कि आपकी बाकी की 2 सीट नंबर कौन सी है? तो तब पंकज जी ने कहा कि सीट नंबर 7 और 8 है। तब टी.टी. ने कहा कि 9 और 10 दोनों खाली है, आप आराम से किसी में भी बैठिए। अब ट्रेन में हम कुछ इस तरह बैठे थे, एक सीट में, में और पंकज, दूसरी सीट में सोनाली और उसका बेटा बैठे थे। अब ट्रेन लेट हो गयी थी, तो उसके बेटे को भूख लगने लगी थी, तो तब हम सभी ने साथ ही खाना खाया और फिर बातें करने लगे। अब उसका बेटा सो गया था और अब उसे पंकज ने ऊपर की बर्थ पर सुला दिया था और फिर मेरे बगल में बैठे ही मेरी जाँघो को सहलाते हुए अपनी बीवी से बोले कि यार सोनू (सोनाली का निक नाम) पता है, विक्की मस्त सेक्सी लड़का है और उसका हथियार भी बहुत मस्त और शानदार है। मुझे थोड़ा अज़ीब लगा कि ये कैसे एकदम खुले बोल रहा है?

खैर फिर उसकी बात सुनकर उसकी बीवी ने कहा कि हमें क्या पता? हमें तो लगता है जैसे विक्की जी हमसे नाराज है, तभी तो ना ही हमसे ज़्यादा बात कर रहे है और इतने दूर-दूर बैठे है। तब उसके पति ने मेरी तरफ घूरते हुए मज़ाक में कहा कि क्या? क्यों विक्की तुम मेरी बीवी का ध्यान क्यों नहीं रख रहे हो? तो मैंने कहा कि सॉरी ऐसी कोई बात नहीं है। तब पंकज ने कहा कि कैसे कोई बात नहीं है? अगर तुम सोनू का ध्यान रखते तो ये सुनने के बाद भी यही नहीं बैठे रहते बल्कि उठकर उसके बगल में जाकर बैठते। फिर मैंने ओके कहा और उसकी बीवी को देखते हुए उसके बगल में बैठ गया। अब उसने मेरी बाँह को कुछ इस तरह से पकड़कर अपनी तरफ खींच लिया कि उसकी चूचियाँ मेरी बाँह से चिपक गयी, जिसे वो मेरी बाँह में रगड़ने लगी थी, क्या मस्त चूचियाँ थी उसकी? तो तभी पंकज खड़ा हुआ और हमारी बोगी के पर्दे लगा दिए और 2 में से 1 लाईट ऑफ कर दी और खुद भी हमारी सीट पर ही मेरी दूसरी तरफ बैठ गया और मेरी जाँघो को सहलाते हुए बोला कि विक्की तुम कही शर्मा तो नहीं रहे हो ना?

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फिर मैंने कहा कि नहीं तो, तो उसने कहा कि फिर मेरी बीवी का मज़ा क्यो नहीं ले रहे हो? क्या मेरी बीवी सोनू खूबसूरत नहीं है? तो तब मैंने कहा कि नहीं ऐसी कोई बात नहीं है और इतना कहते हुए मैंने सोनू को अपने सीधे हाथ से पकड़कर अपने पास खींचकर उसके लिप्स पर किस करने लगा, तो वो भी मेरे होंठो को चूमने लगी और अपनी जीभ मेरे मुँह में घुसेड़ दी। फिर में उसकी जीभ को चूसने लगा और अपने एक हाथ से उसकी एक चूची को दबाने, मसलने लगा, क्या मस्त साईज थी उसके बूब्स की? मुझे दबाने, मसलने में मज़ा आ गया था। फिर अचानक से उसका पति जो कि मेरी जाँघ और लंड को मेरी पैंट के ऊपर से ही सहला रहा था, वो उठा और में फ्रेश होकर आता हूँ बोलकर बाथरूम में चला गया। अब उसके जाते ही में एक तरह से सोनू पर टूट पड़ा और उसके गाल, होंठ, गले, सीने सभी जगह पर बेतहाशा चूमने, चाटने लगा।

फिर सोनू ने मुझसे कहा कि विक्की क्यों तुम पंकज के कारण फ्री नहीं महसूस कर रहे थे क्या? तो मैंने कहा कि हाँ जानेमन मुझे उनके सामने बहुत झिझक हो रही थी। तो वो बोली कि अरे पागल पंकज के सामने होने से तुम बिल्कुल मत शरमाओ, उनके सामने रहने के कारण ही तुम्हें और मुझे बहुत ज़्यादा मज़ा मिलेगा, वो बहुत अच्छी तरह से और मज़ेदार तरह चुदाई करवाते है और उनसे तुम्हें बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। फिर मैंने ओके कहा और उसकी साड़ी सीने से हटाकर उसके ब्लाउज के बटन खोलने लगा। अब वो मुझे यहा-वहाँ चूमे-चाटे जा रही थी। अब अभी मैंने उसके ब्लाउज के बटन खोले ही थे कि पंकज वापस आ गया और मुझे ब्लाउज खोलते देख खुश होते हुए बोला कि वाह ये हुई ना मर्दो वाली बात मेरे विक्की राजा। फिर इस पर सोनू बोली कि मेरे नहीं हमारे विक्की राजा कहो। फिर मेरे बगल में बैठकर पंकज ने सोनू से कहा कि डार्लिंग पता है विक्की का लंड कितना बड़ा है? और पता है उसके लंड का रस कितना मज़ेदार है? तो सोनू ने कहा कि नहीं डार्लिंग मुझे कैसे पता लगेगा? विक्की ने तो अपनी तलवार को अभी तक म्यान में ही डाल रखा है।

फिर इस पर पंकज ने कहा कि हाँ भाई विक्की ये तो गलत बात है, तुमने अभी तक सोनू को अपने लंड महाराज के दर्शन नहीं कराए और इतना कहते हुए पंकज मेरी पैंट के हुक को खोलने लगा और मेरी पैंट को मेरे पैरों से नीचे उतारकर अलग रख दिया। फिर इस बीच मैंने भी सोनू की साड़ी को उसके सेक्सी बदन से अलग कर दिया और उसके पेटीकोट के अंदर अपना एक हाथ डालकर उसकी चिकनी और मक्खन सी जाँघो को अपने हाथ से सहलाने लगा था, क्या मखमली जांघे थी उसकी? अब मेरा तो मन कर रहा था कि तुरंत उसके पेटीकोट को हटाकर उसकी जाँघो को इतना चूमूं कि उसकी चूत में जलन होने लगे। अब इस दरमियाँ पंकज मेरी शर्ट के बटन भी खोलकर उतारने लगा था और फिर उसने मेरी अंडरवेयर को भी मेरे पैरो के नीचे तक खींचकर उतार दिया था।

फिर पंकज मेरे लगभग 7 इंच के खड़े लंड को अपने हाथ में लेकर सहलाता हुआ सोनू यानि की अपनी बीवी को दिखाते हुए बोला कि देखो मेरी डार्लिंग कितना मस्त लंड है विक्की का? एकदम घोड़े की तरह लंबा है और ये चुदक्कड़ लंड चोदता भी बिल्कुल घोड़े की तरह ही तेज-तेज है। फिर सोनू मेरे लंड को कुछ देर तक तो देखती रही और फिर उसने अपना एक हाथ आगे बढ़ाया और मेरे लंड को थाम लिया। अब मेरा लंड बिल्कुल गर्म था, तो उसने कहा कि देखो तो ये चूत की चाहत में कितना गर्म हो गया है? तो तब पंकज ने कहा कि हाँ जानता हूँ, चूत चोदने से कौन गर्म नहीं हुआ है? और इतना प्यारा लंड देखकर तो तेरी चूत ने ही अपने रस की नदी बहा दी होगी? चल उतार छिनाल अपना पेटीकोट और ब्रा-पेंटी और दिखा विक्की को कि तेरी चूत कैसी है? तभी तो ये अपना लंड तेरी चुदक्कड़ चूत में डालकर तुझको मस्ती में चोदेगा। फिर इस पर सोनू खड़ी हुई और अपने पेटीकोट को खोलने लगी, तो मैंने उसका हाथ पकड़कर उसे रोका और खुद उसके कपड़े उतारने लगा। फिर पंकज ने कहा कि हाँ विक्की कर दे नंगी, इस मादरचोद को पूरी नंगी करके इसकी चूत को ऐसे चोदना कि ये भी याद रखे कि किसी मर्द का लंड खाया था।

फिर मैंने पहले उसके पेटीकोट को उतारा और फिर उसकी पेंटी को अपने दातों से पकड़कर नीचे खींचने लगा तो मेरा मुँह उसकी चूत के पास चला गया, उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था और ऐसा लगता था कि जैसे अभी 2-3 घंटे पहले ही वैक्स किया हो, एकदम चिकनी चूत थी उसकी। अब मेरे तो मुँह में पानी आ गया था। में उसकी पेंटी को पूरा उतारना ही भूल गया था और उसके घुटनों तक सरका कर उसकी चूत को चूमने लगा था। फिर तब पंकज ने उसकी पेंटी को पूरा उतारा और कहा कि राजा पूरी नंगी करके चूत को चूमो चाटो तो और भी ज़्यादा मज़ा आएगा, लेकिन पहले एक वादा करो। फिर में थोड़ा रुका और पंकज की तरफ देखा कि क्या वादा? तो तब पंकज ने कहा कि वादा करो कि तुम मेरी बीवी को तब तक चोदोगे जब तक वो पेट से ना हो जाए, फिर चाहे जितना भी समय क्यों ना लगे? तो उसकी बात सुनकर मैंने थोड़ा सोचा और फिर ओके कह दिया।

फिर वो मेरा जवाब सुनकर खुश हो गया और अपनी बीवी को ठीक से लेटाकर उसके दोनों पैरो को अपने हाथ से पूरा खोलकर मुझे दिखाते हुए बोला कि देखो राजा कितनी गुलाबी चूत है? और रसीली भी बहुत है, इसका रस चूसना चाहोंगे? तो मैंने कहा कि बिल्कुल और ये कहते ही में उसकी चूत के ऊपर झुक गया और अपनी जीभ निकालकर पहले उसकी पूरी चूत पर फैरी, तो सोनू के मुँह से आआअहह निकल गयी। फिर मैंने अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटना और खोदना शुरू किया, तो वो उूउऊहह, आआहह ही करती रही। फिर मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत के छेद के अंदर डाल दिया, तो वो ज़ोर से चिल्लाने सी हुई हहाआयययईई विक्की ऐसे ही चाटो, मेरी चूत को इसकी सारी गर्मी निकाल दो, चूस लो मेरे राजा, बहुत मज़ा आ रहा है और अंदर डालो और अंदर।

अब में मस्ती में उसकी चूत को चूसे जा रहा था, तो तभी पंकज मेरे पास आया और मेरे लंड को पकड़कर देखा। अब मेरा लंड तनकर रोड की तरह हो गया था, तो पंकज ने अपनी बीवी से कहा कि सोनू चलो अब तुम भी विक्की के लंड को चूसो और देखो कि वो कितना मज़ेदार है? तो इस पर सोनू तुरंत ही उठी और मेरे सीधे लेटने के पहले ही अपने मुँह को मेरे लंड के पास घुसेड़ दिया, जैसे कई जन्मों से लंड की प्यासी हो इस तरह और अपना मुँह खोलकर मेरे लंड के सुपाड़े को तुरंत अपने मुँह में डाल लिया और बिल्कुल उसी तरह से चूसने लगी जैसे उसके पति ने चूसा था। अब मुझे बिल्कुल वैसा ही मज़ा आने लगा था। अब अभी 2 मिनट ही हुए होंगे कि पंकज ने कहा कि चलो मेरे चुदक्कड़ राजा अब मेरी बीवी की चूत में अपना लंड डालकर उसको बता दो कि मर्द का लंड कैसा होता है? फाड़ दो साली की चूत, इसकी चूत का भोसड़ा बना दो और डाल दो उसके पेट में बच्चे का बीज। फिर में उठा, तो सोनू भी सीधी लेट गयी और पंकज उसके सिर की तरफ बैठकर उसके बूब्स पर तेल लगाने लगा और मुझसे बोला कि इसके दूध को मसलते हुए इसकी चूत चोदना, जिससे इसे और तुम्हें बहुत मज़ा आएगा, तो मैंने ओके कहा।

फिर उसने अपनी बीवी की दोनों टांगे पकड़कर अपनी तरफ खींच ली, जिससे सोनू की चूत बिल्कुल खुलकर मेरी नजरों के सामने अपना मुँह खोलकर आ गयी, एकदम मस्त छेद था उसकी चूत का, बिल्कुल गुलाबी, चिकना। फिर मैंने झुककर एक बार और उसे किस किया और फिर अपना लंड पकड़कर उसकी चूत के पास ले गया, तो पंकज ने कहा कि घुसाना मत, पहले इसकी चूत से गांड तक खूब रगड़ो, ऐसा करने से औरत बहुत ज़्यादा चुदासी हो जाती है और बहुत ज़्यादा पानी छोड़ने लगती है, जिससे वो झड़ती भी जल्दी है और पेट से लगने की संभावना भी ज़्यादा रहती है। फिर मैंने वैसा ही किया तो नतीज़ा ये हुआ कि सोनू एकदम मचलने लगी और मेरे लंड के चूत के पास जाते ही अपनी गांड ऊपर करके मेरे लंड को उसमें घुसाने की नाकाम कोशिश करने लगी।

अब उसकी इस हरकत से मुझे मज़ा आने लगा था और वो अपनी चूत से बेतहाशा पानी छोड़ने लगी थी। फिर तभी पंकज ने कहा कि अब अपना लंड इसकी चूत में घुसेड़ दो, ये बिल्कुल सही टाईम है, देखो ये लंड के लिए कैसे लपलपा रही है? तो इस पर सोनू भी कहने लगी कि डाल दो ना मेरे जालिम राजा, क्यों इतना तरसा रहे हो? चोद दो ना मेरी चूत को अपने इस तगड़े लंड से। फिर मैंने बिना कुछ कहे अपने लंड को उसकी चूत के छेद पर रखा और एक जोरदार धक्का मारा तो मेरे लंड का सुपड़ा उसकी चूत के अंदर चला गया, जिससे सोनू मचल उठी और ऊपर की तरफ हुई। अब पंकज वाह-वाह कह रहा था और ज़ोर से चोदने को उकसा रहा था। फिर मैंने भी आव देखा ना ताव और दुबारा एक और धक्का मार दिया तो मेरा आधा लंड उसकी चूत के अंदर चला गया।

फिर सोनू इस बार चीख उठी और बोली कि धीरे रे कमीने मेरी चूत को फाड़ ही देगा क्या? तो उसके पति ने कहा कि हाँ रे बहनचोद आज तेरी छोटी सी चूत को बड़ा सा भोसड़ा ही बनवाकर ही दम लूँगा। फिर में उसकी बात सुनकर मुस्कुरा दिया और अपने लंड पर दबाव बढ़ाने लगा और साथ ही साथ अपने दोनों हाथों से उसकी तेल लगी चूचीयों को भी मसलने लगा, उसकी चूचीयाँ मस्त चिकनी लग रही थी। अब मुझे उन्हें मसलने में बहुत मज़ा आ रहा था। फिर मैंने इस बीच अपने लंड को पूरा बाहर खींचा, क्योंकि अब सोनू को भी मज़ा आने लगा था और वो भी अपनी गांड को उछालने लगी थी। फिर मैंने अपने लंड को पूरा बाहर खींचकर एक ज़ोर से शॉट मारा तो मेरे पूरे लंड ने एक बार में ही उसकी चूत में जाकर उसकी बच्चेदानी को टक्कर मार दी, तो उसको दर्द के साथ-साथ मज़ा भी आया और वो ज़ोर से कराहती हुई सहम सी गयी और मुझे जोर से अपनी बाँहों में लेती हुई बोली कि हाए राजा तुम्हारा ये लम्बा मूसल जैसा लंड मेरे पेट तक घुस गया है, अब ज़्यादा मत डालना वरना मेरे मुँह से निकल जाएगा।

फिर मैंने कहा कि अब बचा ही कहाँ है मेरी रानी? तुम्हारी चूत मेरे लंड को पूरा तो खा चुकी है। फिर उसे यकीन नहीं हुआ और उसने अपने पति से पूछा कि क्यों जी देखो तो क्या विक्की का इतना बड़ा लंड पूरा मेरी चूत में घुस गया है क्या? तो उसके पति ने कहा कि और नहीं तो क्या? इसके लंड को देखकर तू और तेरी चूत इतनी चुदसी हो गयी थी कि अगर इसका लंड 2-4 इंच और बड़ा होता, तो तू वो भी खा लेती छिनाल। फिर मैंने उसकी चूत को रगड़ना स्टार्ट किया और मस्त तेज़ी से अपने लंड को उसकी चूत में अंदर-बाहर करता रहा। अब वो भी मेरे साथ-साथ अपने चूतड़ को उछाल-उछालकर मेरा साथ देने लगी थी और साथ ही साथ बड़बड़ाने भी लगी थी और अपने पति से कहने लगी कि वाह डार्लिंग तुम क्या लंड लाए हो? कितना प्यारा मर्द है? कितने मज़ेदार तरीके और ज़ोर से चोद रहा है? मज़ा आ गया।

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फिर पंकज ने कहा कि डार्लिंग में यूं ही किसी को तो लाने से रहा, इसे वहाँ देखा और इसे बार-बार अपने लंड को छूते सहलाते देखा तो तभी में समझ गया था कि ये नंबर 1 का चुदक्कड़ है। फिर भी मैंने पहले इसे परखा और इससे अपनी गांड फड़वाई, जिसका दर्द अभी तक मेरी गांड में है, ये बिल्कुल बेदर्दी से चोदता है। फिर इस पर मैंने कहा कि पंकज जी लंड को दर्द देने और लेने दोनों में ही बहुत मज़ा आता है और इतना कहकर मैंने सोनू को उठाया और घोड़ी की तरह खड़ा कर दिया और पीछे से उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया और उसे चोदने लगा। अब में जितना उसे आगे धक्का देता, तो वो भी उतना ही अपनी गांड से मुझे पीछे धक्का देते हुए हम दोनों के मजे को और बढ़ाती। फिर मुझे एक मस्ती सूझी और मैंने उसे चोदते हुए ही अपनी एक उंगली उसकी गांड के छेद में डाल दी।

तो वो चीख गयी और उसके मुँह से उूउऊययययययययईईई निकल पड़ा, ये क्या कर रहे हो? विक्की अपनी उंगली मेरी गांड से बाहर निकालो। फिर मैंने कहा कि जानू तुम बस मज़ा लो, में तो तुम्हें एक साथ दोनों छेदो का मज़ा दे रहा हूँ, तुम बस मज़े लो। फिर वो चुप हो गयी और में उसकी चूत को रगड़ने लगा, तो करीब 5 मिनट के बाद ही सोनू झड़ गयी और उसकी हरकतें बंद हो गयी। अब में समझ गया था कि उसका माल निकल गया है, तो में उसकी कमर को पकड़कर बहुत तेज़ी से चोदने लगा, ताकि में भी फ्री हो जाऊँ और फिर 20-25 धक्को के बाद ही में भी अपने लंड के रस को उसकी चूत के अंदर डालने लगा। तब उसके पति ने कहा कि विक्की लंड पूरा अंदर कर दो और जब तक में ना कहूँ बाहर मत निकालना, तो हम 3-4 मिनट तक वैसे ही पड़े रहे। फिर मैंने अपना लंड बाहर खींच लिया, तो पंकज एक प्यासे जानवर की तरह मेरे लंड पर टूट पड़ा और अपनी बीवी से कहने लगा कि आओं डार्लिंग तुम भी थोड़ा सा विक्की के लंड का रस चखकर देखो और फिर बाद में मुँह से मुँह ज़ोड़कर इसके लंड का पूरा वीर्य पीकर देखना कि विक्की के लंड का पानी कितना स्वादिष्ट है? तो इस पर सोनू भी मेरे लंड के पास अपना मुँह ले आई और फिर वो दोनों पति-पत्नी मिलकर मेरे लंड को चूसने, चाटने लगे। ये सीन देखकर मुझे बहुत मज़ा आया और में उन्हें देखते ही रहा। फिर इसके बाद पूरे सफ़र में चुदाई ही चुदाई चलती रही। दोस्तों ये मेरा वो पहला सफ़र था जिसे में कभी नहीं भूल सकता हूँ ।।

धन्यवाद …

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