पति से बेवफ़ाई की सजा

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प्रेषक : आसिफ …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम आसिफ है। आज में आपको जो स्टोरी बता रहा हूँ, ये मेरी ज़िंदगी का कड़वा सच है। मेरी शादी 3 साल पहले साना से हुई थी, मेरे घरवाले इस शादी के खिलाफ थे इस वजह से में अपने घरवालों से अलग हो गया था और में साना को बहुत चाहता था। साना बहुत ही खूबसूरत, गोरी चिटी, नशीली-नशीली आँखे, उसका फिगर साईज 36-28-38 था, जो भी उसे देखे दीवाना हो जाए, साना बहुत सेक्सी थी, वो रोज ही चुदे बिना नहीं सोती थी। अब हमने एक बंगला किराए पर ले लिया था और एक बूढ़ा नौकर काम पर रखा था। फिर पहले 2 महीने तो अच्छे से गुजर गये, अब में काम ज्यादा होने की वजह से रात को देर से घर आता था और सुबह जल्दी चला जाता था। अब थकान की वजह से में 10-15 दिन तक सेक्स नहीं करता था, तो साना इस वजह से मुझसे नाराज रहती थी। फिर इसी तरह दो ढाई साल गुजर गये थे।

फिर एक दिन हमारा नौकर बीमार हो गया और उसकी जगह उसने अपने लड़के को भेज दिया, जो 22-23 साल का लम्बा चौड़ा, काला सा नौजवान लड़का था, उसका नाम गनी था। उसका जिस्म पहलवानों जैसा था, उसे देखकर साना की आँखों में अजीब सी चमक आ गई थी। अब उसको काम समझाने के बहाने वो उसके करीब-करीब जाती थी। उस वक़्त मेरी 2 दिन की छुट्टियाँ थी और में घर पर ही था। अब भी साना की तवज्जो मेरे बजाए उसकी तरफ थी, तो मुझे अजीब सा लगा मगर मैंने ज़ाहिर नहीं किया था और छुप-छुपकर देखता रहता था। अब गनी भी मौके का पूरा फ़ायदा उठा रहा था, वो कभी बहाने से कभी साना की गांड पर, तो कभी उसकी छाती पर अपना हाथ टच करता, तो साना मुस्कुरा देती थी।

फिर मेरी छुट्टियाँ ख़त्म होने पर में रोज की तरह सुबह साना के उठने से पहले घर से निकल गया। अब जाते वक़्त गनी मुझे देख रहा था मगर में समझ गया था कि अब ये कुछ करेंगे इसलिए में थोड़ी देर के बाद वापस आया और चाबी से लॉक खोलकर दबे पैर घर में घुसा और यहाँ वहाँ देखा, तो मुझे गनी कही भी नजर नहीं आया। फिर में बेडरूम के पास वाले रूम में गया जहाँ ऊपर की तरफ एक खिड़की है, जिससे में अपने बेडरूम में झाँका तो मैंने देखा कि साना सो रही थी, उसने बारीक कपड़े की सेक्सी नाइटी पहनी हुई थी जिससे उसका जिस्म साफ-साफ नजर आ रहा था और गनी उसके पास खड़ा होकर उसे घूरते हुए अपने पजामें में से अपने लंड को मसल रहा था, उसका लंड पजामे में से भी काफ़ी बड़ा लग रहा था। फिर तभी एक करवट बदलते हुए साना की आँख खुल गई और उसने चौकते हुए पूछा कि तुम यहाँ कैसे? तो तभी गनी हड़बड़ाता हुआ बोला कि भाभी जी वो साहब जाते हुए आपको जगाने की कह गये थे।

फिर साना कुछ सोचते हुए बोली कि साहब कहाँ गये थे? और फिर वो मुस्कुराई और बोली कि और क्या कह गये है। फिर तभी गनी बोला कि बस जी वो इतना ही कहा था। तो तभी साना बोली कि मेरे तो सिर में बहुत दर्द है और जिस्म में भी लगता है बुखार हो गया है, तुम मेरा एक काम करोगे? तो तभी गनी बोला कि जी भाभी जी। फिर साना बोली कि तुम मेरा सिर दबा दो, प्लीज। तो गनी हिचकिचाते हुए बोला कि में भाभी जी। तो साना मुस्कुराते हुए बोली कि हाँ तुम, यहाँ बैठ जाओ अपने पीछे जगह देते हुए बोली। अब गनी की आँखों में चमक आ गई थी और वो उसके पीछे बैठकर साना का सिर दबाने लगा था। फिर कुछ देर के बाद उसका हाथ नीचे कंधो तक आने लगा, जिससे सेक्स की भूखी साना गर्म होने लगी थी और बोली कि मेरे कंधे और कमर भी दबा दो। फिर तभी गनी के हाथ साना के कंघो और कमर के साथ उसके मोटे बूब्स को भी टच करने लगे थे।

अब जब साना मौन करने लगी थी, तो ये देखकर गनी उसके बूब्स मसलने लगा और साना उसकी गर्दन में अपने हाथ डालकर उसको किस करने लगी थी। अब तो गनी जैसे पागल हो गया था और उसकी नाइटी और ब्रा उतार दी और फिर साना को लेटाकर उसके बूब्स को चूसना शुरू कर दिया और फिर उसकी पेंटी भी उतार दी और उसकी गुलाबी चूत देखकर कुत्ते की तरह चूसने लगा था। मैंने तो कभी भी उसकी चूत नहीं चाटी थी। अब साना भी पागल सी हो गई थी और उह, उहहो, आह, आह करके चीख रही थी। अब गनी ने साना की चूत चूसते हुए अपनी कमीज भी उतार दी थी, उसके पूरे जिस्म पर बाल-बाल थे। फिर साना ने अपना एक हाथ आगे बढ़ाकर जैसे ही उसका लंड पकड़ा, तो वो हड़बड़ाकर उठ गई और बोली कि ये क्या है? तो तभी गनी ने अपना पजामा उतार दिया।

अब में उसका लंड देखकर घबरा गया था, उसका लंड 9 इंच से भी लंबा होगा और बहुत मोटा था, जैसे किसी घोड़े का हो। अब साना की भी आँखे फटी की फटी रह गई थी और वो भी घबरा गई थी, क्योंकि मेरा लंड तो सिर्फ़ 4 इंच लम्बा है और बहुत पतला सा है। फिर तभी साना उससे चुदवाने से मना करने लगी, लेकिन अब गनी कहाँ मानने वाला था? तो तभी गनी ने उसे जबरदस्ती बालों से पकड़कर अपना लंड उसके मुँह में दे दिया। फिर साना की आँखे उबलाई और उसके आँसू आने लगे और उसको लेटाकर उसकी दोनों टाँगे उठा दी। फिर तभी साना रोने और गिड़गिड़ाने लगी, लेकिन वो ज़ालिम नहीं माना। फिर मैंने पहले तो सोचा कि साना को बचा लूँ मगर फिर मैंने सोचा कि अच्छा हुआ इस कुत्तिया की बेवफ़ाई की सज़ा यही है और संगदिल बनकर देखता रहा। फिर गनी ने अपने लंड पर थूक लगाकर अपने लंड को साना की चूत पर रखा और एक झटका मारा तो उसका लंड 2 इंच अंदर घुस गया। फिर तभी साना चीखी और जोर लगाकर नीचे से निकलने की नाकाम कोशिश की मगर कहाँ नाज़ुक सी साना? और कहाँ वो पहलवान? फिर गनी ने एक और झटका लगाकर उसके होंठो पर अपना बड़ा सा मुँह रख दिया।

फिर तभी साना गूं गूं की आवाज़ के साथ मछली की तरह तड़पने लगी और उसका लंड 3 इंच और अंदर तक चला गया। फिर गनी कुछ देर रुक गया, तो तब साना थोड़ी ठंडी हुई, तो उसने थोड़ा सा अपना लंड बाहर निकालकर बहुत तेज़ी के साथ 4-5 झटके लगातार मारे। फिर साना दर्दनाक चीखो के साथ बेहोश हो गई। अब गनी का करीब पूरा लंड उसकी नाज़ुक कोमल सी चूत को फाड़कर पूरा अंदर घुस चुका था। अब चादर भी खून से लथपथ थी, लेकिन फिर भी उस ज़ालिम ने उसे छोड़ा नहीं बल्कि जोर-जोर से झटके मारने लगा और साना बेहोशी की हालत में भी चीखती रही। फिर कुछ देर के बाद उसने अपना लंड बाहर निकाला, जो खून से भरा पड़ा था। फिर उसने अपना लंड साना की नाइटी से साफ किया और उसकी चूत को भी साफ किया और फिर अपने लंड पर थूक लगाया। अब हैरत की बात यह थी कि उसका लंड इतना लंबा होने के बावजूद भी एकदम कड़क था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर उसने साना की चूत पर अपने लंड का टोपा रखकर पहले थोड़ा दबाया तो उसका टोपा अंदर चला गया और फिर हल्के-हल्के अंदर बाहर धक्के लगाने लगा। फिर कुछ ही धक्को में उसका लंड आधे से ज्यादा अंदर घुस चुका था। अब साना बेहोशी की हालत में कराह रही थी। फिर उसके धक्को में तेज़ी आ गई और देखते ही देखते उसका लंड साना की पूरी चूत को चीरता हुआ अंदर घुसकर चोदने लगा था। अब साना को थोड़ा होश आने पर वो फिर से चीखने चिल्लाने लगी थी और उसे छोड़ देने के लिए गिडगिडाने लगी थी, लेकिन उस ज़ालिम ने अपनी स्पीड और तेज कर दी थी। फिर वो कुछ और करीब 5 मिनट तक चोदने के बाद लंबे-लंबे झटके मारते हुए रुक गया। फिर कुछ देर के बाद गनी ने अपना लंड साना की चूत से बाहर निकाला तो उसके लंड पर खून और वीर्य लगा हुआ था। अब साना की चूत बुरी तरह से कट फट गई थी और सूझ गई थी।

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फिर गनी बाथरूम में चला गया और फिर कुछ देर के बाद वापस आया, तो साना वैसे ही पड़ी रो रही थी। फिर गनी ने साना की पेंटी उठाई और उसकी चूत को साफ करने लगा। फिर साना ने अपनी दोनों टाँगे बंद कर ली, तो तभी गनी भी उसके साथ लेट गया। फिर 20 मिनट के बाद साना उठने लगी तो उसको दर्द की वजह से उठा भी नहीं जा रहा था। फिर गनी उसको उठाकर बाथरूम में ले गया। अब में दूसरे रूम के बाथरूम की छोटी सी खिड़की से देखने लगा था। अब गनी ने साना को शॉवर के नीचे लेटा दिया था और गर्म पानी खोल दिया था। फिर पानी के छींटे लगते ही साना को जलन हुई और उसने अपनी टाँगे बंद कर ली और फिर कुछ देर के बाद अपनी दोनों टाँगे खोली और 20 मिनट तक चूत की सिकाई की। फिर गनी ने उसे वापस बेड पर लाकर लेटा दिया और खुद नंगा ही रूम से बाहर चला गया और फिर कुछ देर के बाद वापस आया तो उसके हाथ में दूध का गिलास था, जिसमें शहद हल्दी डाली हुई थी और साना को पीने को कहा। तो साना ने मना किया, तो उसने ज़बरदस्ती उसे पिला दिया और खुद साना के साथ में लेट गया।

फिर 1 घंटे के बाद वो बैठ गया और साना के नंगे बदन को ध्यान से देखने लगा और अपना लंड मसलने लगा था। अब साना भी ये सब देख रही थी। अब वो अपना एक हाथ साना के बूब्स पर रखकर सहलाने लगा था और अपना दूसरा हाथ उसकी चूत पर रख दिया था। अब साना मना करने लगी थी, लेकिन उसकी बात का गनी पर कोई असर नहीं हुआ था। फिर गनी ने एक तकिया साना की गांड के नीचे रखा और उसकी दोनों टांगों के बीच में आकर उसकी चूत को चाटने, चूसने लगा और उसके बूब्स मसलने लगा था। फिर 30 मिनट के बाद साना भी गर्म होने लगी और गनी के बालों में अपनी उंगलियाँ फैरने और अपनी चूत उछालने लगी थी। तो ये देखकर गनी और जोश में आ गया और उसको खूब चूमा चाटी करने लगा था। फिर उसने अपना लंड साना के होंठो पेर रख दिया, तो साना उसका लंड चाटने लगी। फिर 10 मिनट बाद उसने उसकी टांगो के बीच में बैठकर साना की चूत पर अपना लंड रखा, तो साना बोली कि प्लीज थोड़ी सी क्रीम लगा लो, नहीं तो फिर से दर्द होगा। फिर गनी मेज पर रखी क्रीम लाया और साना को दे दी, तो साना ने गनी के लंड पर बहुत सारी क्रीम लगा दी और अपनी उंगलियाँ भरकर अपनी चूत में भी लगा ली और बोली कि प्लीज आहिस्ता से करना।

फिर तभी गनी अपना लंड उसकी चूत पर रखकर फैरने लगा, तो साना मस्ती में आ गई और उछलने लगी। फिर तभी गनी ने अपना लंड अंदर दबा दिया और उसका टोपा साना की चूत में घुस गया। अब साना की चीख निकल गई थी। तभी गनी ने थोड़ा और जोर लगाकर अपना लंड 2 इंच और अंदर घुसा दिया और साना चीखती रही और गनी ने आहिस्ता-आहिस्ता अपना पूरा लंड साना की चूत में डाल दिया और फिर कुछ देर रुकने के बाद हल्के-हल्के अंदर बाहर करने लगा। फिर कुछ देर में साना का दर्द कम हुआ तो वो भी ओह, आह करते हुए नीचे से धक्के मारने लगी, तो गनी ने भी अपनी स्पीड तेज कर दी और साना ओह, ओह, आह, उम्मह, आह और और तेज, आह करने लगी थी। अब 10 मिनट के बाद साना शायद झड़ गई थी, तो गनी ने उसे घोड़ी बनने को कहा तो वो घोड़ी बन गई।

अब गनी ने पीछे से उसकी चूत में अपना लंड घुसा दिया था और बहुत तेज-तेज धक्के लगाने लगा था और उसकी गांड में अपनी एक उंगली डालकर चोद रहा था। फिर 10 मिनट के बाद गनी उसकी चूत में ही झड़ गया। फिर वो दोनों एक साथ सो गये और करीब 2 घंटे के बाद उठे और बाथरूम में जाकर दोनों एक साथ नहाए, उस वक़्त तक शाम के 6 बज चुके थे। फिर साना ने कहा कि मुझे शाम का खाना भी बनाना है और मुझसे तो खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा है और वैसे भी आजकल आसिफ जल्दी घर आ जाते है। तो गनी बोला कि तुम फ़िक्र नहीं करो, आज खाना में बना लूँगा और ये कहकर वो रूम से बाहर चला गया और में भी मौका देखकर चुपचाप बाहर आ गया और फिर थोड़ी देर बाद के रोज की तरह वापस घर आया। अब गनी भी खाना बना चुका था और फिर में अपने बेडरूम में चला गया, तो साना लेटी हुई थी।

फिर मैंने अंजान बनकर पूछा कि क्या हुआ? तो वो बोली कि कुछ नहीं बस कुछ तबियत ठीक नहीं है और फिर उसने खाना भी बेड पर ही खाया और सो गई। फिर सुबह साना के उठने से पहले ही में घर से निकल गया, तो आज गनी मुझे जाता हुआ देखकर मुस्कुराया और में वापस चुपके से पास वाले रूम में आ गया। अब गनी साना को बेड पर ही नाश्ता करवा चुका था और अब वो दोनों ही मस्ती में किस्सिंग कर रहे थे। फिर उन दोनो ने एक दूसरे के कपड़े उतारे, तो तब साना ने झट से गनी का लंड अपने मुँह में ले लिया, उसका लंड तो इतना मोटा था कि साना के मुँह में भी नहीं आता था। फिर वो उसे चाटने लगी और कहने लगी कि मुझे तो तुमने ही औरत बनाया है और तुमसे ही चुदवाने से मुझे मज़ा आया है। फिर तभी गनी बोला कि अभी तुम कहाँ औरत बनी हो? अभी तो एक चीज बाक़ी है। फिर तभी साना गनी का लंड चूसते हुए बोली कि वो क्या? तो गनी बोला कि आज पता लग जाएगा और बोला कि मुझे क्रीम लगाकर चोदने में मज़ा नहीं आता है। तो साना बोली कि तुम्हारा इतना लंबा मोटा लंड अंदर कैसे जाएगा? फिर गनी ने साना की चूत चाटी और फिर साना की दोनों टाँगे उठाकर क्रीम लगाकर अपने लंड का टोपा साना की चूत पर रखकर फैरने लगा। फिर कुछ देर में साना मस्त हो गई और अपनी चूत उछालते हुए बोली कि बस अब जल्दी से अंदर डाल दो।

अब गनी के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था तो उसने कहा कि तुम घोड़ी बन जाओ। अब साना बहुत गर्म हो चुकी थी इसलिए वो घोड़ी बन गई थी। फिर गनी ने पीछे से उसकी चूत में अपने लंड का टोपा रखकर दबाया, तो साना की स्शह की आवाज निकल गई। फिर गनी ने एक झटका जोर से लगाया तो उसका आधा लंड साना की चूत में घुस गया और साना की चीख निकल गई। फिर गनी ने अपनी गिरफ़्त टाईट की और लगातार झटके मारने लगा। अब 3-4 झटको में ही उसका लंड पूरा साना की चूत में घुस चुका था। फिर तभी साना चीखते हुए बोली कि आज क्या मार दोंगे? तो तभी गनी रुक गया। फिर कुछ देर में साना थोड़ी ठंडी हुई, तो तब गनी ने फिर से साना को चोदना शुरू कार दिया, तो कुछ देर में साना को भी मज़ा आने लगा।

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फिर गनी ने अपनी एक उंगली साना की गांड में डाल दी और अंदर बाहर करने लगा। अब साना को और मज़ा आने लगा था। अब गनी ने अपनी दो उंगलियाँ थूक लगाकर साना की गांड में डाल दी थी। तो साना को कुछ दर्द हुआ और फिर वो मजे लेने लगी। फिर गनी ने कहा कि अब में तुम्हारी गांड भी मारूँगा। तो साना डर गई और बोली कि नहीं ऐसा नहीं करना, में तो मर ही जाउंगी, लेकिन अब गनी कहाँ मानने वाला था? फिर उसने अपना लंड साना की चूत से बाहर निकाला तो साना समझ गई और आगे की तरफ भागने की नाकाम कोशिश की मगर उस ज़ालिम ने उसे पकड़कर अपने लंड का टोपा उसकी गांड पर रखकर एक जोर का झटका मारा। तो साना जोर से चीखते हुए बेड पर अपने पेट के बल गिर पड़ी और मछली की तरह तड़पने लगी थी।

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अब गनी के लंड का टोपा साना की गांड में घुस चुका था। अब गनी ने उसे पूरी तरह से अपने काबू में किया था और अपने एक हाथ से उसका मुँह बंद कर दिया था और अपनी पूरी ताक़त के साथ झटके मारने लगा था। अब 3-4 झटको में ही साना बेहोश हो गई थी, लेकिन वो ज़ालिम लगातार झटके मारता रहा, यहाँ तक की चादर खून से भर गई थी और फिर 10 मिनट के बाद वो झड़ गया और उसके ऊपर से हटा। अब साना बेहोशी की हालत में भी तड़प रही थी, अब उसकी गांड से खून बह रहा था। अब गनी यह हालत देखकर समझ गया था कि गड़बड़ हो गई है और जल्दी से साना के कपड़े से अपने लंड को साफ किया और अपने कपड़े पहनकर भाग गया। अब में उसकी यह हालत देखकर घबरा गया था और भागकर उसके पास आया, तो वो बेहोश ही पड़ी थी।

फिर मैंने उसकी गांड को कपड़े से दबाकर खून रोकने की कोशिश की मगर खून नहीं रुका तो मैंने अपने एक दोस्त जो कि डॉक्टर है उसे फोन किया और उसकी यह हालत बताई। फिर उसने मुझे तुरंत हॉस्पिटल लाने को कहा, तो फिर में साना को एक चादर में लपेटकर उसके हॉस्पिटल में ले गया, तो वो उसे इमरजेंसी वॉर्ड में ले गये और फिर 1 घंटे के बाद डॉक्टर ने आकर बताया कि अब उसकी हालत बेहतर है मगर ये सब हुआ कैसे? तो मैंने कहा कि हमारे नौकर ने उसके साथ जबरदस्ती की है मगर इस बात को राज ही रखना वरना बहुत बदनामी होगी। फिर डॉक्टर ने बताया कि उसके साथ बहुत बेरहमी से किया गया है जिसकी वजह से साना की नाज़ुक जगह बहुत कट फट गई है, इसे ठीक होने में काफ़ी टाईम लगेगा और वो अभी बेहोश है। फिर कुछ देर के बाद जब उसे होश आया, तो वो अपना दिमागी संतुलन खो चुकी थी और उसे अपनी गलती का अहसास हो चुका था ।।

धन्यवाद …

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