रंडी बहन की रंडी सहेली को चोदा

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प्रेषक : गुमनाम …

हेल्लो दोस्तों, में एक बार फिर से आप सभी कामुकता डॉट कॉम के चाहने वालों के लिए अपनी पिछली कहानी जिसका नाम था “बहन की प्यासी सहेली की चुदाई” के आगे के भाग को आप सभी के लिए लेकर आया हूँ। दोस्तों जैसा कि मैंने अपनी पिछली कहानी में सभी को बताया था कि कैसे मैंने अपनी चुदक्कड़ बहन की चुदाई करते हुए उसकी एक सहेली की चुदाई करने की अपनी इच्छा को उसको खुलकर बताया और हम दोनों के बनाए हुए जाल में उसके फंस जाने के बाद मैंने उसको जमकर चोदा और फिर उसके आगे क्या हुआ आप ही पढ़कर मज़े ले लीजिए।

दोस्तों मैंने उस लड़की की चुदाई का काम खत्म करके तुरंत ही अपनी बड़ी बहन को फोन किया और उससे कहा कि तुम्हारी वो चुदक्कड़ सहेली मेरे साथ अपनी चुदाई के मज़े लेकर मुझे खुश करके अपने घर चली गयी है। मैंने उसकी जमकर चुदाई करके उसको पूरी तरह से संतुष्ट किया और उसने भी मेरा चुदाई के समय पूरा पूरा साथ दिया और में उसकी कुंवारी चूत को पाकर बहुत खुश हूँ, क्योंकि मुझे ऐसी ही बिना नखरा नाटक करने वाली और चुदाई के समय पूरा साथ देने वाली लड़कियाँ बहुत पसंद है, उनकी चुदाई करने की बात कुछ और ही होती है, मज़ा भी बढ़कर आता है और अब तुम जल्दी से घर आ जाओ, में तुम्हें बची हुई बातें बैठकर बताना चाहता हूँ। फिर उसने मुझसे कहा कि वो थोड़ी देर बाद आ जाएगी, वो किसी काम में उलझी हुई है काम खत्म होते ही चली आएगी और फिर में बेड पर लेटकर कुछ देर पहले हुई अपनी बहन की सहेली की मेरे साथ हुई चुदाई के बारें में सोचते हुए वो द्रश्य याद करने लगा था कि तभी मेरी मम्मी आ गयी।

फिर उसके कुछ देर के बाद मेरी बहन भी आ गई और अब वो मेरे पास आकर मेरी तरफ देखकर हंसने लगी और अब उसने मुझसे पूछा हाँ अब तुम मुझे पूरी तरह विस्तार से बताओ कि क्या हुआ और कैसे तुम्हारा वो काम हुआ और तुमने उसके साथ क्या क्या किया? तो मैंने उससे कहा हाँ ठीक है और अब में तुम्हें वो पूरी बात बताता हूँ और फिर मैंने उससे कहा कि उसके साथ मुझे बहुत मज़ा आया, वो बहुत गरम जोश से भरा हुआ मस्त माल है और उसकी चुदाई करके मुझे बड़ा सुख मिला। अब वो मुझसे पूछने लगी क्या उसने तुझे गरम किया कि नहीं? तो मैंने कहा कि हाँ उसने ऐसा ही किया था, उसने सबसे पहले मुझे अपने बूब्स गांड को दिखाकर आकर्षित किया और में उसको घूरकर देखने लगा और उसके बाद मैंने उसको बिना मौका दिए अपनी बाहों में जकड़ लिया और उसको में भी गरम करके उसकी चुदाई का काम पूरा करने लगा, जैसा वो चाहती थी मैंने ठीक वैसा ही किया और वो मेरी चुदाई से पूरी तरह संतुष्ट होकर अपने घर चली गई। फिर मेरी बहन ने अब मुझसे पूछा अब इसके आगे का तुम्हारा क्या विचार है। अब तुम उसके साथ दोबारा क्या करना चाहते हो, क्या कल एक बार फिर से तुम उसको चोदना चाहते हो? दोस्तों मैंने तुरंत ही कह दिया कि अभी तो मुझे एक बार उसकी गांड भी मारनी बाकी है, मेरे मुहं से यह बात सुनकर मेरी बहन ने खुश होकर मुझसे कहा कि फिर ठीक है कल तू हम दोनों को एक साथ चोदना, कल तक के लिए तू अब अपना यह जोश बचाकर रख, कल तू हम दोनों को अपने लंड का दम दिखाना, क्योंकि कल तेरे लंड की असली परीक्षा है और उसको में हम दोनों के इस रिश्ते के बारे में कल सब कुछ साफ साफ बता दूंगी। अब यह बात सुनकर उसके मन से यह डर शरम एकदम निकल जाएगी। उसके बाद वो मन लगाकर बिना किसी संकोच के हम दोनों के सामने खुलकर हमारा इस काम में पूरा पूरा साथ देने लगेगी। फिर मैंने अपनी बहन के साथ मिलकर हमारा दूसरे दिन की चुदाई का विचार बना लिया और मैंने उसको कहा कि जब वो आएगी तब तुम तुरंत उठकर दूसरे रूम में चली जाना और फिर में सही मौका देखकर उसकी चुदाई करना शुरू कर दूंगा। उसके बाद तुम थोड़ी देर के बाद रूम में आ जाना, जिसकी वजह से वो एकदम से चकित हो जाएगी और उसके बाद तुम्हें उसको जो कुछ भी बताना हो बता देना। फिर मेरी बहन ने मेरी पूरी बात को सुनकर हाँ कह दिया और उसको मेरा यह विचार पसंद आ गया। उसके बाद मैंने अपनी बहन की उसी चुदाई की प्यासी सहेली को एक मैसेज किया और उसमें लिखकर मैंने उसको दूसरे दिन 3.30 बजे हमारे घर आने के लिए कहा। फिर उसने भी मुझे एक मैसेज करके कहा कि वो ठीक समय पर जरुर आ जाएगी और फिर हमारे सोचने के हिसाब से वो अगले दिन ठीक 3.30 बजे आ गई। अब मेरी बहन दरवाजे पर घंटी के बजते ही मेरी तरफ मुस्कुराती हुई दूसरे वाले रूम में चली गयी और उसने अंदर से दरवाजे को बंद कर लिया।

फिर मैंने जाकर दरवाजा खोलकर देखा वो दरवाजे के बाहर खड़ी हुई थी और में उसकी सुंदरता को बड़ा ही चकित होकर उसको घूरकर देखने लगा। फिर मैंने उसको बिना कोई मौका दिए वहीं दरवाजे पर ही तुरंत अपनी बाहों में भर लिया, जिसकी वजह से उसके बड़े आकार के बूब्स मेरी छाती से दबकर मुझे बड़ा मस्त अहसास देने लगे और उसी समय मैंने उसको चूमना शुरू कर दिया। फिर मैंने दरवाजे को बंद किया और उसको तुरंत अपनी गोद में उठाकर में सीधा अपने कमरे में बेड पर ले गया और कुछ देर कपड़ो के ऊपर से ही उसके बूब्स को दबाने मसलने का मज़ा लेने के बाद जब वो पूरी तरह से गरम हो गई। तब मैंने सही मौका देखकर उसके कपड़े उतारना शुरू किया और उसके बाद झट से मैंने अपने भी कपड़े उतारकर अपने तनकर खड़े लंड को मैंने उसकी चूत के मुहं पर रखकर एक ही जोरदार धक्के के साथ अपना पूरा लंड मैंने उसकी चूत में डालकर अब मैंने उसकी चुदाई करना शुरू किया, वो कुछ देर दर्द से चिल्लाने के बाद अब मेरा पूरा पूरा साथ दे रही थी और में नीचे खड़ा होकर उसके दोनों पैरों को अपने कंधे पर रखकर उसकी चिकनी कामुक चूत में तेज गती के साथ अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा था, मेरे हर एक उस तेज धक्के से उसका पूरा बदन हिल जाता। अब उसके मुहं से सिसकियों की आवाज आने लगी थी, वो आह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ माँ मर गई थोड़ा आराम से करो, में कहीं भागी जा रही हूँ, जो तुम मुझे ऐसे जानवरों की तरह धक्के देकर चोद रहे हो, प्लीज तुम अपनी स्पीड को कम करके पूरा अंदर तक डालो और फिर बाहर निकालो। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर में अब जैसा उसने मुझसे कहा वैसा ही करके उसको धक्के देने लगा और हल्के हल्के धक्के देकर उसकी चुदाई के मज़े लेते हुए हम दोनों मज़े और मस्ती की दूसरी दुनिया में जा पहुंचे। अब वो भी अपने कूल्हों को ऊपर उठाकर मेरा साथ देने लगी थी, लेकिन तभी अचानक से मेरी बहन उस रूम में आ गयी, जिसको अपने सामने देखकर उसकी वो दोस्त एकदम से डरते हुए शरमा गयी और उसने मुझे धक्का देकर पीछे कर दिया, जिसकी वजह से मेरा लंड अब उसकी चूत से बाहर निकलकर तनकर खड़ा हो गया। फिर वो अब अपने कपड़े उठाकर अपने नंगे बदन को उससे ढकने लगी और में बिना किसी शरम के वैसे ही पूरा नंगा अपनी बहन को देखने लगा और फिर कुछ देर बाद हम दोनों उसकी तरफ देखकर ज़ोर ज़ोर से हंसने लगे। अब हम दोनों को इस तरह से हंसते हुए देख वो थोड़ी चकित हुई। फिर मैंने अब उससे कहा कि यह हम दोनों का ही प्लान था कि हम दोनों मिलकर तुम्हारे साथ चुदाई के मज़े करे, मेरे मुहं से यह पूरी बात सुनकर वो हम दोनों को घूरकर देखने लगी और जब वो हमे घूरकर देख रही थी और उस समय में अपनी बहन के बूब्स दबा रहा था और वो मेरे लंड को अपने मुलायम हाथ से सहलाते हुए मुठ मार रही थी, इतना सब करने के बाद मैंने उससे कहा कि में अपनी बहन को भी तुम से पहले चोद चुका हूँ, जिसका हम दोनों ने बड़ा मज़ा लिया।

फिर मेरे मुहं से यह सभी बातें सुनकर उसको एकदम बड़ा ज़ोर का झटका लगा और वो बिल्कुल चकित होकर हम दोनों की तरफ देखने लगी। फिर मैंने उससे कहा कि अब ऐसे चकित होकर हमे घूरना बंद कर और अब तू भी आजा हमारे साथ, हम तीनों मिलकर आज मज़ा करते है, देख में तुझे कैसे कल से भी ज्यादा मज़े देता हूँ, तेरी चूत को में आज इतना जमकर चुदाई का असली मज़ा दूंगा, जिसको तू पूरे जीवन में नहीं भुला सकती, आ जा अब कैसा शरमाना चल तू भी शुरू हो जा अपनी सहेली की तरह देख यह कैसे मेरे लंड को अपना बना चुकी है, तू भी इसको अपना ही समझकर इसके साथ अपनी चुदाई के मज़े ले और वैसे भी तुझे हम दोनों के साथ रहकर बहुत कुछ करने और सिखने को मिलेगा, क्योंकि हम दोनों ही इस काम में बहुत अनुभवी है, वो तो तूने कल भी देख लिया होगा मेरे साथ अपनी पहली चुदाई करवाते समय में तुझे कैसे मज़े देते हुए चोद रहा था।

अब वो मेरी यह सभी बातें और हम दोनों को वो काम करते हुए अपनी आखों से देखकर जोश में आने लगी और वो बेड से उठकर हमारे पास आ गई और फिर हम दोनों से चिपक गयी। उसके बाद वो दोनों ही मुझे चूमने लगी और एक नीचे बैठकर मेरे लंड को चूमने चूसने लगी, तो दूसरी ने मेरे होंठो को चूसना शुरू किया और कुछ देर बाद उन दोनों ने मुझे बेड पर लेटा दिया और मेरी बहन मेरे होंठो को चूसने के साथ साथ मेरी छाती को सहलाने लगी और उसकी सहेली नीचे पहुंचकर मेरा लंड अपने मुहं में पूरा भरकर भूखी कुतिया की तरह चूसने के साथ साथ अपनी जीभ से चाटने भी लगी। उसके बाद फिर मेरी बहन ने उसकी सहेली के बूब्स अपने मुहं में भरकर उनको चूसना दबाना शुरू किया और में उसकी चूत को चाटने लगा। फिर मैंने बारी बारी से उन दोनों की चूत में अपने लंड को डालकर एक एक को चुदाई के मज़े देने शुरू किए, जिसकी वजह से वो दोनों ही जोश में आकर मेरे साथ चुदाई के मज़े लेने लगी और फिर कुछ देर बाद मेरी बहन और उसकी सहेली ने लेस्बियन सेक्स भी किया, में उन दोनों का वो जोश देखकर बड़ा मज़ा ले रहा था।

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फिर थोड़ी देर तक मैंने उन दोनों को चोदा और बड़े मस्त मज़े हम तीनों ने लिए और मैंने अपनी चुदाई को खत्म करके हुए आखरी समय में झड़कर एक बार अपने वीर्य को अपनी बहन की चूत और दूसरी बार में उसकी सहेली की चूत में डालकर दोनों को शांत करके उनका जोश पूरी तरह ठंडा किया, इसलिए वो दोनों ही मेरी चुदाई से पूरी तरह संतुष्ट नजर आ रही थी और में उन दोनों के नंगे बदन को अपने हाथों से सहलाते हुए बूब्स को मसलकर एक साथ दो गोरे सेक्सी जिस्म से एक साथ खेलकर मन ही मन बड़ा खुश था, शायद वो भी हमारे इन मजे मस्ती के बारे में सोचकर मुस्कुरा रही थी। फिर कुछ देर बाद हम तीनों ने उठकर अपने अपने कपड़े पहन लिए। उसके बाद वो हम दोनों को किस करके बड़ी खुश होकर अपने घर चली गयी और उसके जाने के बाद घर में अब हम दोनों अकेले थे और हमारी किस्मत से अभी तक मेरी मम्मी भी नहीं आई थी। फिर मैंने बिना देर किए अपनी बहन की पेंट को पेंटी के साथ आधा नीचे सरकाकर तुरंत उसको अपने सामने घोड़ी बनाकर लंड को एक ही दमदार धक्के के साथ पूरा अंदर पहुंचाकर में अब उसकी गांड मारने लगा था और उसने भी पूरी तरह जोश में आकर अपने कूल्हों को लगातार मेरे हर एक धक्के के साथ आगे पीछे करके मेरा पूरा पूरा साथ देते हुए अपनी गांड को मेरे लंड से मरवाने का मस्त मज़ा लेकर मुझे वो सुख दिया और कुछ देर करीब बीस मिनट के बाद मैंने अपना पूरा वीर्य उसकी गांड की गहराइयों में डालकर मैंने अपने लंड को बाहर निकालकर उसको छोड़ दिया।

अब वो अपने कपड़े ठीक करने लगी और उसके बाद मेरी मम्मी भी आ गई उस रात को हम दोनों बहुत थके होने की वजह से जल्दी ही सो गए और फिर अगले दिन तक उसका मेरे पास एक मैसेज आ गया और उसने उसमे लिखकर मुझसे कहा कि कल सुबह में अपने घर पर बिल्कुल अकेली हूँ इसलिए तू मेरे घर आ जाना, हम दोबारा मस्त मज़ा करेंगे। फिर इस बात को मैंने अपनी बहन से बोला कि कल में फिल्म जाने के बहाने उसके घर चला जाऊंगा और हम बड़े मज़े करेंगे, तो मेरी बहन ने कहा कि हाँ ठीक है तुम चले जाना उसके साथ जमकर मज़े करना। फिर अगले दिन मैंने अपनी माँ को झूठ बोला कि में अपने दोस्तों के साथ फिल्म देखने जा रहा हूँ, उन्होंने कहा कि हाँ ठीक है, लेकिन समय से घर वापस आ जाना और अपना ध्यान भी रखना और फिर में बहुत खुश होता हुआ उसके घर पहुंच गया। मैंने जाते ही उसके साथ मज़े मस्ती करनी शुरू किया, मैंने उसको तुरंत पूरा नंगा कर दिया, उसके बाद में उसकी चुदाई के मज़े लेने लगा। हमारी यह चुदाई करीब दस मिनट चली और उस बीच एक बार वो भी झड़ चुकी थी। उसके बाद हम दोनों वैसे ही पूरे नंगे चिपके लेटे हुए थे। तभी थोड़ी देर के बाद मेरी बहन का उसके पास फोन आ गया और उसने कहा कि वो भी अपनी सहेली के घर बस दो मिनट में आ रही है। फिर यह बात सुनकर हम दोंनो बहुत खुश हो गये और करीब पांच मिनट के बाद घंटी बजी तो हमने चुपके से देखा तो पता चला कि बाहर दरवाजे पर मेरी बहन खड़ी हुई थी। उसने थोड़ा सा दरवाजा खोल दिया और वो उसमे से अंदर आ गयी। फिर उसके बाद हम तीनों ने मस्त चुदाई के पहले से भी ज्यादा मज़े किए और मैंने उस पूरे दिन में उन दोनों की एक एक बार गांड भी मारी। मेरी बहन का यह पहला अनुभव था, इसलिए उसने गांड में लंड लेते ही बहुत तेज दर्द होने की बात कही और वो मुझसे लंड को बाहर निकालने के लिए कह रही थी, लेकिन मेरी बहन ने उसको समझाकर जबरदस्ती पकड़कर उसकी गांड में मेरे लंड से धक्के लगाने को कहा और मैंने भी ठीक वैसा ही किया। मेरी बहन उसकी चूत बूब्स को सहलाकर उसको शांत कर रही थी और कुछ देर बाद जब लंड ने अपने अंदर जाने का रास्ता बनाकर उसको मज़े देने शुरू किए। तब वो भी अपनी गांड को आगे पीछे करके मेरा साथ देने लगी और फिर आखरी में मैंने अपने वीर्य से उसकी गांड को पूरा भर दिया जो लंड के अंदर बाहर करने की वजह से बाहर आकर उसके कूल्हों से होता हुआ चूत तक आ पहुंचा। फिर उसके बाद मैंने उसको छोड़ दिया और हम तीनों ने उसके बाद बाथरूम में जाकर एक साथ नहाने का मज़ा भी लिया और एक दूसरे के जिस्म को पानी डालकर साफ किया। फिर शाम को हम दोनों भाई बहन अपने घर आ गए उसके बाद से अब जब भी हमें कोई अच्छा मौका मिलता है तो हम तीनों जमकर सेक्स करते है। कभी हम तीनों यह चुदाई अपने घर पर करते और कभी उसके घर में जाकर मस्त मज़े करते है। फिर जब भी हम तीनों बाहर घूमने जाते तो वो दोनों मुझसे मस्ती करने लगती और में भी उन दोनों के साथ वही सब करता हम जब फिल्म देखने जाते तब में उन दोनों को अलग अलग बैठाकर में खुद उन दोनों के बीच में बैठ जाता और फिर में अपने दोनों हाथों से कभी उनके बूब्स को दबाता और कभी उनकी चूत में उंगली करता और फिर ऐसे ही हम तीनों के मज़े के साथ यह दिन गुजर रहे है और हम आज भी साथ में मिलकर वैसे ही मज़े भी करते रहते है, जिसकी वजह से हम तीनों बहुत खुश है ।।

धन्यवाद …

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