रंडी मौसी की बेटी को रंडी बनाया

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प्रेषक : सेम …

हैल्लो दोस्तों, में आपका सेक्सी दोस्त सेम आज आप सभी से ज्यादा बातें नहीं करूँगा। दोस्तों यह मेरी वही मौसी है जिसके साथ मैंने अपनी पिछली कहानी में सुहागदिन मनाया था। मैंने अपनी मौसी को बहुत जमकर चोदा और उसकी चूत का पानी एक ही बार की चुदाई में बाहर निकालकर उसको पूरी तरह से शांत कर दिया वरना वो मेरा लंड लेने के लिए बहुत फड़क रही थी। मैंने उसको शांत कर दिया और वो घटना मैंने लिखकर सभी पढ़ने वालो को सुनाई थी। दोस्तों मेरी मौसी अब भी बड़ी हॉट सेक्सी जवान है इसलिए मैंने उनकी चुदाई का वो काम दिन में ही पूरा किया और उसकी लड़की जिसका नाम सविता है वो भी उसी का दूसरा रूप है एकदम हॉट और सेक्सी बिल्कुल तेज लाल मिर्च की तरह तीखी सुंदर गोरी बड़ी ही आकर्षक है जिसको देखकर किसी का भी लंड अपना पानी छोड़ दे और हर कोई उसकी चुदाई करने के लिए तैयार हो जाए ठीक वैसा ही हाल मेरा भी उसको देखकर हो चुका था। वैसे तो मेरी गंदी नजर बहुत पहले से ही उसके ऊपर थी, लेकिन मुझे वो बात अपनी मौसी से कहने की हिम्मत नहीं थी और इसलिए मैंने एक दिन अपनी मौसी के घर पर जाकर उसकी माँ मतलब मेरी मौसी का मुड देखकर बहुत प्यार से मख्खन लगाकर कहा कि प्लीज आप मुझे एक बार उसकी चूत दिलवा दो में आपका हमेशा बहुत अभारी रहूँगा मुझे एक बार उसकी चूत के भी मज़े लेने है और यह सब आपकी मर्जी से ही पूरा हो सकता है में आपके बिना उसको छु भी नहीं सकता।

फिर मौसी मुझसे बोली कि साले अब तो मेरी बेटी की जवानी को देखकर भी तेरी नियत खराब हो गयी तू उसको भी अपना शिकार बनाने के बारे में अपने गंदे विचार मुझे बताने लगा, नहीं ऐसा कभी नहीं हो सकता, तू यह सब बातें भूल जा अपने दिमाग से और यह सभी बातें बाहर निकाल दे क्योंकि वो अभी कुंवारी है और में उसकी छोटी चूत को तेरे लंड के हवाले करके उसकी चूत का भोसड़ा तुझे नहीं बनाने दूंगी। मुझे याद है कि तू जब भी जोश में आता है तो तब तू इंसान से एक चुदाई का प्यासा जानवर बन जाता है और उसके बाद तुझे सम्भालना तेरे लंड को झेलना उसके बस में नहीं होगा। वो एक ही बार में मर जाएगी। फिर मैंने अब उनसे बहुत बार आग्रह किया और कहा कि नहीं में उसके दर्द का पूरा पूरा ध्यान रखकर उसकी चुदाई करूंगा, अगर उसको ज्यादा दर्द हुआ तो में उसी समय उसको बिना चोदे छोड़ दूंगा, लेकिन प्लीज आप मुझे एक बार वो मौका दे दो। तब वो मुझसे बोली कि हाँ ठीक है में तुझे तेरे इतनी बात कहने पर एक मौका दे सकती हूँ, लेकिन उसको तुझे कैसे इस काम के लिए तैयार करना है और उसके दर्द का भी तुझे ध्यान रखना है यह सब बातें तू खुद ही पहले अच्छी तरह से सोच ले।

दोस्तों फिर क्या था मुझे तो मौसी की तरफ से हाँ और बस एक मौका चाहिए था, क्योंकि में भी कोई कच्चा खिलाड़ी नहीं हूँ और आगे का काम में खुद भी सम्भाल लूँगा और फिर वो दिन आ ही गया जिसका मुझे बहुत दिनों से इंतजार था। तो उस शाम को हम सभी एक साथ बैठकर खाना खा रहे थे और उस समय मेरी नज़र बार बार सविता के बूब्स पर जा रही थी जो कि उसके बड़े गले के नाइट सूट से बाहर आने को बहुत बेताब हो रही थी। दोस्तों उसके फिगर का आकार 34-28-34 है और उसके बूब्स बिल्कुल अपनी माँ की ही तरह एकदम गोरे उभरे हुए उनकी निप्पल हमेशा उठी हुई रहती थी जो सभी देखने वालो को बहुत तरसाती थी। फिर खाना खाने के बाद निशा मेरी मौसी की छोटी बेटी और नितिन उसका छोटा लड़का वो दोनों मुझसे बोले कि भैया चलो हम ऊपर रूम में चलकर कुछ खेलते है, लेकिन मेरा मूड तो कुछ और ही था। मेरे मन में चुदाई के विचार बार बार आ रहे थे इसलिए मैंने मौसी से कहा कि मौसी आप और मौसाजी इन दोनों के साथ ऊपर जाकर खेलो में भी कुछ देर टीवी देखकर ऊपर आ जाऊँगा तो उन्होंने कहा कि हाँ ठीक है और वो मेरे कहने पर उसी समय ऊपर चले गये और साथ ही मेरी मौसी सविता को मेरा ध्यान रखने के लिए बोलकर चली गई और मौसाजी उससे कहने लगे कि सविता तुम आज तुम्हारे भैया को अपनी सभी नई साड़ियाँ दिखा देना। तो सविता बोली कि हाँ ठीक है पापा में अभी लाकर दिखा देती हूँ और हम दोनों अब टीवी के सामने बेड पर एक साथ बैठे हुए थे तभी वो मुझसे पूछने लगी कि भैया आपको कौन सी फिल्म देखनी है आप मुझे बताए में वो लगा देती हूँ? तो मैंने उससे कहा कि तुम कोई भी बड़े बच्चो वाली फिल्म लगा दो क्योंकि अब हम बड़े हो चुके है।

फिर वो मेरी बात को सुनकर चकित होकर मुझसे पूछने लगी कि इसका क्या मतलब है, मुझे कुछ भी समझ नहीं आया। तब मैंने उसी समय उसकी तरफ आँख मारकर उससे बोला कि वही जो सभी लोग अपनी शादी होने के बाद देखते है और फिर मेरे मुहं से इतना सुनकर वो शरमाकर बोली धत्त तुम बड़े गंदे हो गए हो और वो इतना कहकर अब हंसने लगी। तो में उसकी हंसी को देखकर तुरंत समझ गया कि वो अब तैयार है और मेरी थोड़ी सी तैयारी के बाद मेरा वो काम जिसको में करने के बारे में सोच रहा हूँ वो बहुत आसानी से हो जाएगा और अब वो मुझसे बोली कि भैया ऐसी तो कोई भी फिल्म की सीडी मेरे पास नहीं है। अब में उससे बोला कि कोई बात नहीं में अभी बाजार जाकर वो लेकर आ जाता हूँ और उससे इतना कहकर में तुरंत बाहर जाने लगा तो मैंने पीछे घूमकर देखा तो मुझे उसके चेहरे पर एक अलग सी मुस्कान नजर आ रही थी। फिर पूरे बाजार में बहुत मुश्किल से मुझे एक ब्लूफिल्म की सीडी मिल गई जो की हिन्दी में थी और उसको अपने साथ लेकर में अब वापस आ गया। मैंने सविता से बोला कि यह लो सीडी को लगाकर शुरू करो तब तक में अपने कपड़े बदल लेता हूँ। फिर वो बोली कि हाँ ठीक है तब उसने मुझे मौसा जी का एक पज़ामा और कुर्ता लाकर पहनने के लिए दे दिया। फिर मैंने तुरंत ही अपनी पेंट को उसके सामने खोला तब मैंने ध्यान दिया कि उसकी वो प्यासी झुकी हुई नज़र लगातार मुझे ही घूर रही थी और में उसको देखकर मुस्कुराने लगा। फिर कुछ देर कपड़े बदलने के बाद फिल्म शुरू हो गयी और हम दोनों फिर से एक साथ बेड पर बैठ गये। उस फिल्म के शुरू में ही एक द्रश्य में एक लड़की नहा रही थी, तभी कुछ देर बाद एक लड़का भी उसी बाथरूम में आकर उसके साथ छेड़छाड़ करने लगता है। तो मैंने देखा कि कुछ ही देर में सविता का चेहरा अब एकदम लाल हो चुका था। मैंने तभी उसका एक हाथ पकड़ लिया तब मुझे छुकर महसूस हुआ कि उसका पूरा बदन अब बड़ी तेजी से काँप रहा था। में समझ गया कि उसकी यह सब बेचेनी उस फिल्म की वजह से है, लेकिन में उन सभी बातों से बिल्कुल अंजान बनकर उससे पूछने लगा कि अरे यह तुम्हे क्या हुआ है, मुझे लगता है कि शायद तुम्हारी तबीयत खराब है? देखो तुम्हारा पूरा बदन कैसे काँप रहा है? लाओ में तुम्हारे दिल की धड़कन को चेक करता हूँ और उससे इतना कहते ही मैंने तुरंत अपना एक हाथ उसके नाइट सूट के अंदर डाल दिया और में उसके बूब्स को सहलाने और उसके निप्पल को धीरे धीरे दबाने लगा। फिर सविता मेरी उस हरकत से एकदम चकित होकर बोली कि अरे भैया क्या आपको पता भी है कि आप मेरे यह क्या कर रहे हो? और वैसे भी में आपकी बहन हूँ और कोई भी आ गया तो हम दोनों के लिए बहुत बुरा होगा।

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अब में उसको समझाते हुए बोला कि हाँ सविता मुझे याद है कि तुम मेरी बहन हो और यह मेरी बहुत बड़ी मज़बूरी है, नहीं तो में तुम्हें बचपन से ही अपनी जान से ज़्यादा प्यार करता हूँ और तुम्हारे बिना में एक दिन भी नहीं रह सकता और मेरे मुहं से इतना सब सुनकर वो थोड़ा सा उदास होकर मुझसे उसी समय चिपक गयी और वो मुझसे बोलनी लगी हाँ में भी तुम्हे पसंद करती हूँ, लेकिन तुमने पहले मुझसे यह सब क्यों नहीं कहा? तब मैंने उससे बोला कि हाँ यह मेरी गलती है क्योंकि मुझे ऐसा कोई भी अच्छा मौका नहीं मिला, लेकिन अब हम दोनों शादी तो नहीं कर सकते, लेकिन हाँ हम थोड़ी से मस्ती तो ले ही सकते है और मुझे लगता है कि उसमे तुम्हे भी कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए? तो वो कहने लगी कि हाँ मुझे उस काम को करने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अगर में उसकी वजह से गर्भवती हो गयी तो क्या होगा? अब में उसको समझाते हुए उससे बोला कि तुम मुझ पर विश्वास करो में तुम्हारे साथ ऐसे कुछ भी नहीं होने दूँगा जिसकी वजह से तुम्हारे सामने कोई समस्या खड़ी हो जाए, क्योंकि मुझे भी अच्छा नहीं लगेगा। फिर वो बोली कि तब तो ठीक है और अब हम दोनों के बीच किसी भी तरह की कोई दूरी नहीं रह गयी थी और इसलिए सबसे मैंने पहले जाकर टीवी को बंद कर दिया, जिससे में अपना पूरा ध्यान सविता की चुदाई पर लगा सकूँ। फिर उसके बाद दोबारा बेड पर आकर मैंने उसको अपनी बाहों में लेकर नीचे लेटा दिया और उसके पास में लेटकर मैंने उसके होंठो को चूसना शुरू किया। फिर कुछ देर बाद वो भी मेरे पूरा साथ देते हुए अपनी जीभ को मेरे मुहं में अंदर बाहर कर रही थी और मुझे इस सब में इतना मज़ा आ रहा था कि में किसी भी शब्दों में लिखकर बता नहीं सकता। फिर मैंने तुरंत ही अपना कुर्ता उतार दिया और बनियान को भी उतार दिया। अब में केवल पज़ामे और उसके अंदर मैंने अपनी अंडरवियर भी पहनी हुई थी और अब मैंने सविता के भी नाइट सूट के बटन को खोलना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से वो शरमाकर बिल्कुल सिमटी जा रही थी, क्योंकि आज पहली बार कोई उसके गोरे जवान बदन को छू रहा था और उसका नाइट सूट हटते ही मुझे उसके बूब्स ब्रा में ढके होने के बाद भी आधे से ज्यादा बाहर दिख रहे थे और मैंने ब्रा के ऊपर से ही उन्हे चूमना सहलाना शुरू कर दिया। उस काम को करने के साथ साथ मेरा एक हाथ उसके ट्राउज़र को भी खोलने में लगा हुआ था और उसका ट्राउज़र निकालने के लिए मैंने उसको इशारा किया तो उसने अपने कूल्हों को थोड़ा सा ऊपर कर दिया और मैंने उस ट्राउज़र को उसके पैरों से बाहर निकाल दिया उफफफफ्फ़ उसकी वो इतनी गोरी और मोटी जांघे देखकर मेरा लंड मेरे पज़ामे को फाड़ने के लिए तैयार हो गया और मुझसे अब रहा नहीं गया। मैंने अपना पज़ामा और उसके साथ अपनी अंडरवियर को भी उतारकर फेंक दिया। फिर वो एकदम चकित होकर मेरे तनकर खड़े लंड को देखकर बोली कि पुनीत यह इतना मोटा लंबा लंड मेरी चूत में कैसे जाएगा। मैंने तो आज तक अपनी इस चूत में एक ऊँगली भी नहीं डाली? फिर में उससे बोला कि मेरी जान तुम ध्यान से देखती जाओ तुम्हारा यह दीवाना कैसे और क्या क्या करता है? में अब उसकी ब्रा का हुक खोलने लगा तो वो मुझसे चिपक गई, मैंने उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और में उसकी पीठ को सहलाने भी लगा था और मेरे लंड बार बार ज़ोर मार रहा था और उसकी जाँघो पर छू रहा था, जिसका एक आआहह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ बड़ा ही अलग मज़ा था। मेरी छाती और उसके बूब्स के बीच में बस अब उसकी ब्रा ही बची थी, जिसको भी मैंने एक झटका देकर खींचकर बाहर निकाल दिया उफफफफफ्फ़ वाह उसके दूध जैसे गोरे बूब्स को देखकर मेरा मन कर रहा था कि उसको में काट लूँ और उसके गुलाबी रंग के निप्पल को में अब अपने मुहं में लेकर चूसने लगा। तब मुझे महसूस हुआ कि वो एकदम टाइट हो चुके थे। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

दोस्तों उस समय उसके हाथ मेरे सर के बालों में घूम रहे थे और में बहुत बैचेनी के साथ उसके बूब्स को सक किए जा रहा था और फिर थोड़ी देर के बाद में उसके पैरों की तरफ आ गया और उसकी पेंटी को में अपने दातों से खींचने लगा और पेंटी को उसके पैरों से बाहर निकालकर में अपना हाथ उसके पैरों को छूते हुए जांघो पर घुमाने लगा। अब मेरा मुहं ठीक उसकी चूत के ऊपर था और उस पर बहुत घने बाल थे। तो में उस समय सविता से पूछा क्या तुमने कभी अपनी चूत के बालों को साफ नहीं किया? तब वो बोली कि मैंने कभी इस तरफ इतना ध्यान ही नहीं दिया, क्योंकि मुझे कभी इसकी जरूरत ही नहीं महसूस हुई जो में यह सब करने बैठती। मेरी इस चूत को वैसे भी कौन खोलकर तुम्हारी तरह देखने वाला था? आज पहली बार में तुम्हे ही इसके दर्शन करवा रही हूँ। फिर में उससे बोलो कि कोई बात नहीं में फिर कभी दोबारा में इनको जरुर साफ कर दूँगा और उससे इतना कहकर मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत पर घुमाना शुरू कर दिया था, जिसकी वजह से उसको बड़ा अज़ीब सा मज़ा आ रहा था। फिर वो मुझसे कहने लगी उफ्फ्फ्फ़ आईईइ यह तुम क्या कर रहे हो? तो मैंने उससे पूछा कि क्यों क्या तुम्हे मेरे यह सब करने से मज़ा नहीं आ रहा? वो बोली कि हाँ मुझे मज़ा तो बहुत आ रहा है, लेकिन यह सब बड़ा अजीब सा है और अब उसके मुहं से निकली वो सिसकियाँ पूरे कमरे में सुनाई दे रही थी। उसके मुहं से आआह्ह्ह्ह सस्साईईई प्लीज अब बस करो आअहह में अब मार ही जाऊंगी आआआअहह जिसकी वजह से में और भी जोश में आने लगा और में उसकी चूत में अपनी जीभ को अंदर तक डालने लगा। अब मेरे मन था कि वो भी मेरे लंड को अपने मुहं में लेकर उसको चूसे, लेकिन अभी में उससे यह बात झिझक की वजह से नहीं कह पा रहा था और उसने अपने एक हाथ से मेरे लंड को ज़ोर से पकड़ा हुआ था और वो अपनी आँखे बंद करके आआअहह ऊऊऊओह्ह्ह माँ मर गई कर रही थी और अब उसकी चूत एकदम गीली हो चुकी थी। तभी में तुरंत ही समझ गया कि एक बार उसकी चूत पानी छोड़ चुकी है। अब में उसकी चुदाई करने की तैयारी करने लगा था और फिर मैंने उसी समय बिना देर किए उसकी गांड के नीचे एक तकिया लगा दिया, जिसकी वजह से उसकी चूत अब ऊपर होकर बहुत उभर गई थी जो एकदम गीली रसभरी चूत से बाहर बहते पानी से चिकनी हो चुकी थी और अब में उसके दोनों पैरों को पूरी तरह खोलकर में तुरंत ही उन दोनों पैरों के बीच में आ गया, अपने लंड को मैंने जैसे ही उसकी खुली चूत के मुहं पर रखा तो मुझे ऐसा लगा कि जैसे मेरे लंड में आग लग गयी हो उसकी चूत एकदम गरम हो चुकी थी। अब मैंने अपना लंड उसकी गरम कामुक चूत में डालना शुरू किया में हल्का सा दबाव अपने लंड का उसकी चूत पर बनाने लगा, जिसकी वजह से तो वो उस दर्द से तड़पकर एकदम पीछे हटकर बैठ गयी। अब सविता मुझसे कहने लगी आह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ प्लीज भैया मुझसे इतना दर्द सहन नहीं होगा और में इसकी वजह से मर जाउंगी, तुम्हारा लंड मेरी चूत में नहीं जाएगा, क्योंकि यह बहुत मोटा और मेरी चूत बहुत छोटी है इससे मेरी चूत फट जाएगी तुम चाहे जो भी कर लो, लेकिन में अपनी चूत में आपका यह लंड नहीं ले सकती, यह तो मेरी उम्मीद से भी ज्यादा मोटा मेरे लिए बहुत दुखदाई है।

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अब में उसको समझाते हुए उससे कहने लगा कि मेरी जान पहली बार लेने पर तो सभी को थोड़ा बहुत दर्द होता है, लेकिन उसके बाद में मज़ा भी बहुत आता है और तुम्हे भी पहले हल्का सा दर्द होगा, लेकिन उसके बाद वो मज़ा आएगा कि तुम ही आगे होकर मुझे अपनी चुदाई के लिए कहोगी और ज़रा तुम सोचो कि अगर तुम्हारी मम्मी भी ऐसे ही तुम्हारे पापा से अपनी चुदाई करवाने के लिए मना कर देती तो तुम कहाँ से पैदा होती, उनको भी तो पहली बार थोड़ा दर्द सहना पड़ा होगा। दोस्तों वो मेरी बात अब उसकी समझ में धीरे धीरे आने लगी थी इसलिए वो अब मुझसे कहने लगी कि ठीक है भैया तुम्हारे कहने से में यह दुख दर्द भी सह लूँगी, लेकिन तुम थोड़ा सा तेल अपने लंड पर लगा लो जिससे वो चिकना हो जाए और मुझे थोड़ा सा दर्द कम हो। फिर मैंने उसकी बातें सुनकर मन ही मन बहुत खुश होकर उससे कहा कि हाँ ठीक है तुम जैसा चाहती हो में ठीक वैसा ही करूंगा और फिर हम दोनों ने इधर उधर तेल ढूंढना शुरू किया तो उस रूम में हमें तेल तो कहीं भी नहीं मिला, लेकिन फ्रिज में रखी हुई मलाई को बाहर निकालकर मैंने उसके हाथ में दे दिया जिसको उसने मेरा इशारा समझकर मेरे लंड पर और उसकी चूत पर भी लगा दिया। अब उसके बाद मैंने दोबारा अपनी पोज़िशन लेकर अपने चिकने खड़े लंड को उसकी चूत में दोबारा डालना शुरू किया तब मेरे लंड का टोपा उसकी चूत में जाते ही उसके मुहं से दोबारा से एक जोरदार चीख निकल गयी और उसी समय मैंने तुरंत अपने होंठो से उसके मुहं को पूरा बंद कर दिया, जिसकी वजह से उसकी आवाज अंदर ही दबकर रह गई और अब में धीरे धीरे उसकी चूत पर अपने लंड को धक्के मारने लगा, जिसकी वजह से थोड़ी देर बाद उसको भी मज़ा आने लगा था और उसने अपने कूल्हों को ऊपर उछालना शुरू कर दिया और पूरे रूम में एक मधुर संगीत सा बजने लगा था। उसके हाथ लगातार मेरे कूल्हों पर घूम रहे थे और वो कभी कभी अपनी ऊँगली को भी मेरी गांड में डालने की कोशिश कर रही थी, जिसकी वजह से मेरा जोश और भी ज्यादा बढ़ता जा रहा था और में उसको ज्यादा ज़ोर से धक्के मारने लगा था। मेरा पूरा लंड उसकी चूत में पूरी गहराई तक उसकी जड़ तक उसकी चूत के अंदर था और मेरे दोनों आंड हर बार झटके लगाने पर उसकी गांड से टकरा रहे थे उसको लगातार धक्के मारने की वजह से में अब किसी भी समय झड़ने वाला था और वो उस समय हॉट भी इतनी हो चुकी थी, इसलिए मैंने तुरंत ही अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकालकर अपने लंड के गरम गरम वीर्य को उसके गोरे मुलायम पेट पर निकाल दिया जो उसके बूब्स से होते हुए उसकी गहरी गोल नाभि के अंदर भर गया और अब मैंने देखा कि उसकी चूत से खून निकल रहा था और उसकी वजह से मेरा लंड भी पूरा लाल हो रहा था। यह सब देखते ही सविता मुझसे बोली कि तुमने आज मेरी चूत की सील को तोड़कर मुझे एक कुंवारी लड़की से औरत बना दिया है और अब वो मेरे लंड को अपने हाथ से धीरे धीरे सहलाते हुए बोली कि तुम बहुत अच्छे हो और में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ। आज तुमने मुझे वो मज़े दिए है जिसको में कभी भी भूल नहीं सकती, भैया कहीं आप तो मुझे भूल नहीं जाओगे। मुझे आपका यह साथ बहुत अच्छा लगा और में अपनी इस चुदाई से बहुत खुश हूँ और में अपनी ख़ुशी को कैसे बताऊँ मुझे नहीं पता, लेकिन कुछ भी कहो आप बड़े मस्त चुदाई के मज़े देते हो।

फिर मैंने अब उससे कहा कि नहीं मेरी जान में तो अब तुम्हारी शादी हो जाने के बाद भी तुम्हे कोई भी अच्छा मौका मिलते ही तुम्हारी ऐसे ही मस्त मजेदार चुदाई करना चाहता हूँ क्योंकि जो मज़े मुझे आज तुम्हारी इस कुंवारी चूत ने दिए है वो मुझे पहले कभी नहीं आए इसको चोदकर मेरा मन भी बहुत खुश है और मेरी उस ख़ुशी का भी कोई ठिकाना नहीं है, में भी तुम्हारे सामने अपनी ख़ुशी को जाहिर नहीं कर सकता और शायद उस ऊपर वाले ने तुम्हारे इस गोरे हॉट सेक्सी जिस्म को बहुत फुर्सत में बनाया है, तुम्हारे इस पूरे जिस्म की में जितनी भी तारीफ करूंगा वो सब कम होगी और मुझे तुम जैसी ही सुंदर लड़की को में बहुत दिनों से खोज रहा था, आज तुम मुझे मिल गई हो और मेरा काम अब खत्म हो गया। अब तो में तुम्हारी चुदाई के मज़े लूँगा। फिर बहुत देर तक ऐसे ही एक दूसरे से चिपककर चूमते सहलाते और बातें करते हुए ही हम लेटे रहे और उसके बाद सविता मुझसे बोली कि चलो अब हम ऊपर के रूम में चलते है नहीं तो मम्मी, पापा को हमारे ऊपर शक हो जाएगा और वो क्या सोच रहे होंगे? दोस्तों लेकिन उस बेचारी को क्या पता था कि उसकी उस चुदाई का प्रोग्राम उसकी मम्मी ने ही मेरे साथ मिलकर बनाया था और अब में मन ही मन में अपनी उस चुदक्कड़ रंडी मौसी को बहुत धन्यवाद दे रहा था, क्योंकि आज उन्होंने मुझे अपनी बेटी की कुंवारी चूत को चोदकर उसका भोसड़ा बनाने का वो मौका मुझे दिया था जिसका फायदा उठाकर मैंने उसको चोदकर मस्त मज़े देकर पूरी तरह से खुश और संतुष्ट कर दिया था, जिसके बाद भी वो मुझसे दोबारा वैसी ही अपनी चुदाई के सपने देखकर खुश थी। तो दोस्तों यह थी मेरी वो सच्ची चुदाई की घटना जिसमे मैंने क्या और कैसे किया वो सभी बातें पूरी तरह विस्तार से लिखकर आप सभी कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े लेने वालों को बताई। में उम्मीद करता हूँ कि यह मेरी कहानी आप सभी को जरुर पसंद आई होगी ।।

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धन्यवाद …

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