रिचा भाभी की चुदाई का न्योता

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प्रेषक : राहुल …

हैल्लो मेरे प्यारे प्यारे दोस्तों, मेरा नाम राहुल है और में सूरत शहर का रहने वाला हूँ और आप सभी की तरह में भी पिछले बहुत सालो से कामुकता डॉट पर सेक्सी कहानियों को पढ़कर मज़े लेता आ रहा हूँ। दोस्तों मुझे बचपन से ही चुदाई करने में बड़ी रूचि रही है और अब में सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े लेता हूँ जिसके बाद मेरा मन खुश हो जाता है। दोस्तों मेरी उम्र 23 साल है और मेरे लंड की लम्बाई सात इंच लंबा तीन मोटा है और अब में अपनी कहानी को सुनाना शुरू करता हूँ। दोस्तों मेरे पास वाले एक मकान में एक भाभी रहती है, उसका नाम रिचा है और वो क्या मस्त चीज़ है? उसको एक बार कोई भी देख ले तो वो अपना लंड लेकर उसके पीछे पीछे चला जाएगा। वो कुछ इस तरह की गजब की बला लगती है और में उसकी सुंदरता को देखकर हमेशा उसकी तरफ बड़ा आकर्षित हुआ करता था। दोस्तों उसकी शादी को हुए करीब दो साल हो चुके थे, लेकिन वो दिखने में अभी भी किसी कुंवारी लड़की से कम नहीं थी और अब तक उसको अपना कोई बच्चा भी नहीं था। दोस्तों मेरी हॉट सेक्स भाभी रिचा के बूब्स का आकार करीब 42-30-44 था और वो दिखने में बड़ी ही सुंदर उनका गोरा जिस्म बड़ा ही आकर्षक लगता था।

दोस्तों में बहुत दिनों से बस उसको ही देखकर जी रहा था और उसको देखकर मेरी इच्छा होती थी कि में उसको अभी उसी समय पकड़कर जबरदस्ती लेटाकर उसकी जमकर चुदाई कर दूँ, लेकिन में ऐसा नहीं कर सकता था और फिर भी में ऐसे किसी अच्छे मौके की तलाश में था कि कब मुझे वो मौका मिलेगा और में उसके साथ अपनी मर्जी के सभी कुछ काम कर लूँ पता नहीं वो दिन कब आएगा क्या पता? फिर एक दिन मेरी बंद किस्मत खुल गई। हुआ यह कि उस दिन उसने उसके पास वाले लड़के को कहा कि वो जो पास वाले साहब है तुम उनको यहाँ पर मेरा नाम लेकर बुलाकर ले आओ। फिर उस लड़के ने मेरे पास आकर मुझसे वो कह दिया जो उसको मेरी भाभी ने कहने के लिए कहा था और फिर में तुरंत ही उनके घर चला गया। फिर मैंने जाकर देखा कि उस समय उसका पति भी घर में नहीं था और वो बिल्कुल अकेली मेरा आने का इंतजार कर रही थी। फिर में जब उसके सामने पहुंचा तब उसने मुझसे कहा कि अभी दो घंटे से हमारे घर की बिजली अचानक से चली गयी है, लेकिन में उसके बारे में कुछ भी नहीं जानती, प्लीज आप ज़रा देख लीजिए ना क्या समस्या हो सकती है? क्योंकि मुझे यह सब काम करने में बड़ा डर लगता है और इस समय में अकेली घर में बोर हो रही हूँ अगर बिजली होती तो में टीवी देखकर ही अपना समय बिता लेती।

अब मैंने उनसे कहा कि हाँ ठीक है भाभी, बस इतनी सी बात। में अभी आपकी इस समस्या को खत्म किये देता हूँ। फिर में उनकी तरफ मुस्कुराता हुए सीधा मीटर की तरफ चला गया और फिर मैंने देखा तो वहां पर लगी सबसे मुख्य एमसीबी उस समय बंद थी और मैंने उसको चालू कर दिया। अब झट से पूरे घर की बिजली चालू हो गई और मेरे पास खड़ी भाभी ने हंसते हुए मुझसे कहा कि तुम तो बड़े कमाल के हो, आते ही तुमने बिजली को एक ही झटके में चालू कर दिया। अब मैंने मजाक करते हुए उनको कहा कि भाभी आप तो मुझसे भी कमाल की हो, आपने मुख्य स्विच को तो बंद करके रखा था, बिजली फिर कहाँ से आती। अब भाभी मुझसे सबसे पहले आराम से बैठने के लिए कहा और उसके बाद वो मुझसे कहने लगी कि तुम मुझसे नाराज़ मत होना, क्योंकि बिजली का जाना बस एक बहाना था और असल बात यह है कि में आपसे बहुत दिनों से अपने मन की बात करना चाहती थी, लेकिन मुझे सही मौका ही नहीं मिला जो में आपसे बात करती और वो इतना कहकर मेरे पास में आकर बैठ गयी। दोस्तों मेरी तो हालत अब बहुत खराब होने लगी थी। अब मेरा लंड उनके साथ बैठने और पहली बार इतना खुलकर बिल्कुल करीब से बात करने और उनके बड़े आकार के बूब्स उस सुंदर गोरे बदन को देखकर उसकी भीनी भीनी खुशबू को सूंघकर खड़ा हो गया था।

अब वो मेरे चेहरे से मेरे मन की बात को पढ़कर बहुत खुश होकर मुझसे कहने लगी कि राहुल में आपसे बहुत दिनों से एक बात करना चाहती हूँ और वो तुरंत ही बोल पड़ी क्या आप मुझे चोद सकते हो? दोस्तों उसके मुहं से वो चुदाई का न्योता पहली ही बार में मिलते ही और वो शब्द सुनकर मेरी तो हवा ही निकल गयी। अब में मन ही मन में सोचने लगा था क्या कोई औरत किसी को ऐसा भी पहली बार में कह सकती है? और उतने में वो मुझसे पूछने लगी क्यों क्या सोच रहे हो? अब मैंने उसको कहा क्या भाभी आप यह सब सच कह रही है? और उसी समय तुरंत ही भाभी बोल पड़ी कि हाँ में तुमसे यह सब मजाक में नहीं बल्कि असलियत में कह रही हूँ। दोस्तों में तो उनके मुहं से यह बात सुनकर खुश होकर तुरंत ही अपनी हॉट सेक्सी भाभी पर टूट पड़ा। अब मैंने उनको चूमना प्यार करना शुरू किया और कुछ देर बाद में उनके गुलाबी होंठो को चूमने लगा था। होंठो को चूमते हुए मैंने अपनी जीभ को उसके मुहं में डाल दिया, वाह क्या गजब का स्वाद था जैसे मैंने कोई मीठा लड्डू अपने मुहं में भर लिया हो उसका मुझे बड़ा मस्त मज़ा आया। दोस्तों में तो रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था में लगातार उसके होंठो को चूमता चाटता गया और धीरे धीरे में अब जोश में आकर उनके बूब्स को भी दबाने लगा था।

दोस्तों वाह क्या मस्त मज़ेदार बूब्स थे? में तो उनको छूकर दबाते हुए बिल्कुल पागल सा हो गया था और मेरे ऊपर अपनी भाभी का नशा चड़ने लगा था और इस वजह से अब नीचे से मेरा लंड जो सात इंच का है वो भी जोश में आकर झटके देने लगा था। दोस्तों में तो उसको जितनी भी जल्दी हो चोदना चाहता था, लेकिन तभी अचानक से वो नीचे बैठ गई और वो मेरा तनकर खड़ा लंड अपने हाथ में लेकर ऊपर नीचे करने लगी थी, जिसकी वजह से मेरी तो अब जान ही निकल गयी। दोस्तों मेरी भाभी के क्या मस्त मुलायम हाथ थे? मेरे लंड की मुठ मारने की वजह से मुझे बड़ा मस्त मज़ा आ गया और वो तो लगातार मेरे लंड को अपने हाथ से हिला रही थी। दोस्तों भाभी के यह सब करने की वजह से में तो सातवें आसमान में सेर कर रहा था और कुछ देर बाद मुझे लगा कि अब मेरे लंड से पानी निकलने वाला है। फिर उसी समय मैंने भाभी से कहा कि भाभी अब आप बस भी करो, ऊफ्फ्फ आह्ह्ह्ह अब मेरा पानी निकलने वाला है इसलिए आप इसको अब छोड़ भी दो। फिर भाभी कहने लगी कि तुम रुक जाओ, में तुम्हारा पानी अपने मुहं में लेना चाहती हूँ और बस फिर क्या था? भाभी ने यह बात मुझसे कहकर झट से मेरा लंड अपने मुहं में लेकर उसको चूसना शुरू कर दिया वो लगातार मेरे लंड को अंदर बाहर करते हुए लंड से वीर्य को चूसने लगी थी।दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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दोस्तों उनके यह सब करने की वजह से मेरी तो जान ही निकलने लगी थी। मेरे मुहं से ना चाहते हुए भी वो आवाज निकल गई ऊऊह्ह्ह ऊह्ह्ह्ह प्लीज भाभी आप यह क्या कर रही हो? ऊफ्फ्फ्फ़ सम्भालो मेरा निकलने वाला है। दोस्तों भाभी तो और भी जोश में आकर ज्यादा ज़ोर ज़ोर से मेरे लंड को चूसने लगी थी और फिर एक ही झटके में मेरा पानी तूफान मैल की तरह लंड से बाहर निकल गया। दोस्तों वो नज़ारा कुछ ऐसा था कि उस समय भाभी का पूरा मुहं उस एक झटके के साथ ऊपर उठ गया और मेरा सारा गरम गरम वीर्य उसने चाट चाटकर साफ कर लिया, वो पूरा वीर्य गटक गई। अब उनका काम देखकर खुश होकर उनको कहने लगा कि वाह मज़ा आ गया भाभी, आपकी वजह से मुझे क्या मस्त सुकून यह मज़ा मिला है तुम्हे अपना पानी पिलाकर मेरा दिल खुश हो गया। फिर मैंने उसको कहा कि भाभी में भी तुम्हे बहुत दिनों से ऐसे ही मज़े देना चाहता था। फिर वो हंसते हुए मुझसे कहने लगी तुम्हे रोका किसने था आ जाते ना तुम मेरे पास, मुझसे तुम इतना दूर क्यों रहे? अब मैंने कहा कि में किसी बात की वजह से डरता था, लेकिन अब आपकी तरफ से हाँ है तो मुझे डरने की क्या जरूरत है और झट से में उठकर नीचे बैठ गया और मैंने बिना देर किए भाभी की साड़ी को ऊपर उठाकर उसकी पेंटी को फाड़कर उनके पैरों से निकाल दिया।

अब भाभी मुझसे पूछने लगी यह तुम क्या कर रहे हो? मैंने कहा कि भाभी अब तुम मुझे रोको मत, नहीं तो में मर ही जाऊँगा, मेरे ऊपर तुम्हारे इस जिस्म का जादू असर कर गया है और बिना अपने लंड को चूत के अंदर डाले जमकर चुदाई करके मेरे लंड के शांत हुए में तुम्हे अब ऐसे नहीं छोड़ सकता, अब चाहे कुछ भी हो जाए में अपने लंड को तुम्हारी इस चूत में डालकर चुदाई जरुर करूंगा। दोस्तों यह कहकर मैंने झट से भाभी के पैरों में आकर उनके दोनों पैरों को पूरी तरह से फैलाकर मैंने कुछ देर बड़े ही ध्यान से उनकी चूत को जी भरकर, मैंने जब पहली बार उस कामुक चूत को देखा तो में देखता ही रह गया, वाह क्या मस्त आकर्षक चूत थी। उसकी उस गुलाबी चूत के एकदम बीच में लाल दाना चमक रहा था और में तो उस चूत को देखकर बिल्कुल पागल ही हो गया। अब मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं गया और में तुरंत नीचे झुककर अपनी भाभी की चूत को किसी भूखे कुत्ते की तरह अपनी जीभ से चाटने लगा। दोस्तों उसका क्या मस्त स्वाद था, में लिखकर आप सभी को बता नहीं सकता, में तो बस पागलों की तरह उसको चाटता ही रहा और उधर उसकी हालत तो एकदम बिन पानी की मछली की तरह हो चुकी थी, वो लगातार तड़प रही और सिसकियाँ लेते हुए मुझसे कह रही थी ऊफ्फ्फ आह्ह्ह्ह तुम यह क्या कर रहे हो ऊउह्ह्ह मेरी तो जान ही जा रही है।

दोस्तों उसकी तड़प को देखकर मुझे लगता था कि उसके पहले कभी किसी ने उसकी चूत को ऐसे चूसा ही नहीं था, इसलिए वो इतना उछल रही थी। दोस्तों में तो उसको जन्नत का असली मज़ा देना चाहता था, इसलिए में भी पागलों की तहर चूस रहा था और उतने में वो इतने ज़ोर से झड़ गयी कि मेरा पूरा मुहं उसकी चूत से निकले उस नमकीन पानी से भर गया। अब मैंने उसका वो कीमती पानी बिल्कुल भी बेकार नहीं जाने दिया। में उसका वो पूरा का पूरा पानी पी गया। फिर भाभी मेरे उस काम की वजह से खुश हो गयी कि अब वो मुझे चूमने लगी थी और कहने लगी कि हूऊह्ह्ह मेरे राजा तुमने क्या मस्त चूसा मज़ा आ गया, आज तक मेरे पति ने भी मेरी चूत को ऐसे नहीं चूसा, वाह तुमने क्या मस्त चूसा वाह में तो तुम्हारे ऊपर सदके जाऊँ। फिर थोड़ी देर के बाद हम दोनों बाथरूम में जाकर नहा धोकर वापस बिस्तर पर आ गये। फिर भाभी मुझसे पूछा क्या तुम मुझे चोदना चाहते हो? अब मैंने उनको कहा कि अरे यार भाभी इतना सब होने के बाद भी आप अब मुझसे पूछ रही हो, क्या में आपकी चूत को चोदना चाहता हूँ? भाभी में तो तुम्हारी इस चूत को हर दिन हर समय जमकर चोदना चाहता हूँ।

फिर कहने लगी अच्छा यह बात है तो अब तुम आज से मुझे भाभी मत कहो, बस रिचा ही कहो। अब मैंने भी खुश होकर कहा कि हाँ ठीक है मेरी जान रिचा, चलो अब तो हम चुदाई करते है क्यों क्या विचार है? फिर रिचा ने हंसते हुए कहा कि क्यों नहीं मेरी जान और झट से मेरा लंड अपने मुहं से भरकर चूसना शुरू कर दिया। फिर थोड़ी देर में मेरा लंड खड़ा हो गया। फिर मैंने आव देखा ना ताव और तुरंत ही सीधा उसके ऊपर चड़ गया और उसको चूमने प्यार करने लगा और उसके बूब्स को भी दबाने लगा और चूसने भी लगा था, जिसकी वजह से वो तो एकदम पागल ही हो गई थी। फिर कुछ देर बाद वो मेरा लंड अपने हाथ में लेकर खुद ही अपनी चूत के मुहं पर रगड़ने लगी थी, क्योंकि अब उसको तो यह सब बर्दाश्त करना बड़ा मुश्किल हो रहा था। अब वो तड़पते हुए मुझसे कहने लगी ऊह्ह्ह राहुल अब तुम ज्यादा देर मत करो तुम्हारा लंड अब तुम जल्दी से मेरी चूत में डाल दो वरना में मर ही जाऊंगी। फिर मैंने उसको कहा कि नहीं मेरी जान रिचा रानी तुम ऐसे मर नहीं सकती तुम्हे तरसता हुए में मरने नहीं दूंगा और वैसे भी इस चुदास से क्या कोई मरता है क्या?

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अब वो कहने लगी नहीं मेरे राजा तुम्हारा यह लंड इतना बड़ा मोटा भी है कि मेरी तो चूत इसको अपने अंदर लेकर फट ही जाएगी, प्लीज अब तुम डाल भी दो ना तुम्हारा यह लंड, क्यों तुम मुझे इतना सता रहे हो? फिर मैंने भी उसको ज्यादा तरसाना छोड़कर उसकी चुदाई करना अब उचित समझा और मैंने अपने लंड को उसकी चूत के मुहं पर रखकर एक ही ज़ोर का झटका दिया। अब वो तो उस दर्द की वजह से चिल्ला उठी ऊईईईइ माँ मर गई ऊईईईईई मुझे बहुत दर्द हो रहा है ऊफ्फ्फ्फ़ प्लीज तुम आराम से करो मेरे राजा क्या आज तुम मेरी जान ही निकाल दोगे? फिर में उसका दर्द देखकर धीरे धीरे अपने लंड से उसकी चूत को धक्के देने लगा था और कुछ देर बाद उसको अपने दर्द से राहत मिलने लगी थी। फिर मैंने उसके मुहं पर अपना मुहं रख दिया और में उसके होंठो को चूमने लगा और उसी समय मैंने नीचे से एक ज़ोर का झटका मार दिया, जिसकी वजह से अब मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत की गहराईयों में समा गया। अब उसकी वो चीखने की आवाज मेरे मुहं में ही दबकर रह गयी और फिर में उसको कोई भी मौका दिए बिना ही लगातार धक्के देकर उसको चोदता ही गया।

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फिर में करीब उसको बीस मिनट तक लगातार कभी तेज और कभी हल्के धक्के देकर चोदता ही रहा और उसके बाद में रिचा की चूत में ही झड़ गया। दोस्तों मुझे अब उसके उस खिले हुए चेहरे को देखकर अंदाजा हो गया कि उसको मेरे साथ चुदाई करके कितनी खुशियाँ और वो संतुष्टि मिली है जिसके लिए वो आज तक तरस रही थी। अब वो मेरी उस दमदार चुदाई से इतनी खुश हो गयी कि आज भी वो मेरे साथ अपनी चुदाई का जब भी अच्छा मौका मिलता है खेल खेलती है। वो मेरे लंड से ज्यादा दिन बिना चुदे नहीं रह सकती, दो चार दिन में मुझे अपने पास या वो खुद मौका देखकर मेरे पास चली आती है ।।

धन्यवाद …

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