सफर में चुदाई देखने का मज़ा

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प्रेषक : मनोज …

हैल्लो दोस्तों, ये घटना अभी 2 महीने पहले ही हुई थी, जब बारिश का मौसम था। में सूरत से बस में बैठकर अहमदाबाद जाने के लिए निकला था तो में कंडक्टर की दाई वाली सीट जिसमें तीन लोग बैठ सकते है, में उस पर जाकर बैठा था। वो बस बिल्कुल भी पैक नहीं थी, तो में आराम से विंडो साईड जाकर बैठ गया। फिर थोड़ी देर के बाद एक अंकल आए, उनके साथ एक औरत भी थी जिसने बुरखा पहना हुआ था। फिर अंकल ने कंडक्टर से कहा कि ये मेरी बहू है, उनको वड़ोदरा डीपो पर उतार देना वहाँ उनका भाई लेने आ जाएगा और वो औरत कंडक्टर की आगे वाली सीट पर जाकर बैठ गयी। फिर थोड़ी देर के बाद उसने अपने मुँह से बुरखा उठाया, तो में उसे देखता ही रह गया, वो 22-23 साल की होगी, वो एकदम गौरी थी और बहुत ही भरी हुई थी। फिर उनके ससुर ने कंडक्टर से कहा कि उनका बेटा इंग्लेंड में रहता है और इनकी शादी 2 महीने पहले ही हुई है और बहू का वीजा 3-4 महीने में आ जाएगा और फिर बहू भी उनके बेटे के पास इंग्लेंड चली जाएगी।

फिर कंडक्टर ने कहा कि आप बिल्कुल चिंता ना करें। हम इनको सही सलामत वड़ोदरा डीपो पर उतार देंगे। फिर अंकल ने टिकट ली और बस से उतर गये और बस चालू हो गयी और कंडक्टर भी अपने काम में लग गया और वो लेडी भी सो गयी। फिर कंडक्टर सब पैसेंजर की टिकट लेकर बैठ गया। अब बस सूरत के बाहर हाइवे तक आ गयी थी। अब कंडक्टर अपनी सीट पर बैठकर उस औरत की सुन्दरता को देख रहा था। तो तभी मैंने कंडक्टर को देखा कि उसने अपना एक हाथ धीरे से विंडो पर रखा ताकि वो लेडी को टच कर सके और धीरे-धीरे अपना एक हाथ बढ़ाकर आगे वाली लेडी को टच करने लगा। अब वो लेडी भी उसे इन्जॉय करने लगी थी।

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अब कंडक्टर जो बहुत स्मार्ट था उसने हिम्मत करके अपना एक हाथ बहुत अंदर डाल दिया और उसके बूब्स ज़ोर-जोर से दबाने लगा। तो मैंने देखा कि वो लेडी भी उसका साथ देने लगी थी और धीरे-धीरे मौन करने लगी थी। अब उसकी शक्ल से लग रहा था कि वो एकदम गर्म हो गयी है। अब मेरा भी यह सब देखकर लंड टाईट हो गया था और में भी बहुत गर्म हो गया था, लेकिन में कुछ भी नहीं कर सकता था क्योंकि वो लोग बहुत ही चुपचाप मज़ा ले रहे थे। फिर बस जब बरूच क्रॉस करके गयी तो कंडक्टर ने उसके कान में कुछ कहा। फिर में कुछ समझ नहीं पाया कि क्या कहा? लेकिन उसने अपनी गर्दन हिलाकर हाँ भी कह दी। फिर बस जब 20 मिनट के लिए एक होटल पर रुकी तो मैंने देखा कि वो औरत क़िसी का ध्यान ना जाए, वैसे धीरे-धीर होटल के पीछे जहाँ पर पेशाबघर होता है उधर जा रही थी और कंडक्टर और साथ में ड्राइवर भी जा रहे थे। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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उस होटल के पीछे के भाग में बिल्कुल अंधेरा था, तो वो दोनों लोग उससे चिपक गये और उसको किस करने लगे। अब वो ड्राइवर ज़ोर-ज़ोर से उसके बूब्स दबाने लगा था और कंडक्टर उसके कपड़े निकालने लगा था। फिर कंडक्टर ने उसका पजामा और पेंटी उतार दी और वो ड्राइवर उसके बूब्स ही दबाए जा रहा था। अब वो भी मौन कर रही थी, फिर उसने अपने दोनों हाथो में ड्राइवर के लंड को पकड़ लिया। फिर कंडक्टर ने खड़े-खड़े ही अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया। अब वो तेज़ी से मौन कर रही थी। अब कंडक्टर भी खड़े-खड़े ही झटके दे रहा था। अब ड्राइवर उसके बूब्स को ज़ोर-ज़ोर से दबा रहा था और में ये सब देखकर अपने नसीब पर रो रहा था। अब वो सही में मोनिंग कर रही थी और और ज़ोर से। अब कंडक्टर भी खूब जोर-जोर से धक्के मार रहा था। फिर 3-4 मिनट के बाद कंडक्टर ने अपनी पिचकारी छोड़ दी और फिर ड्राइवर भी आया और ड्राइवर ने भी 3-4 मिनट तक उसको खूब चोदा। फिर कंडक्टर का थोड़ी देर के बाद वापस से खड़ा हो गया और फिर कंडक्टर और ड्राइवर ने मिलकर उसको फिर से दूसरी बार चोदा। वो लेडी क्या सेक्सी थी? उसके बूब्स 38, कमर 30 और कूल्हे करीब 36 के होंगे, उसको बहुत मज़ा आया था।

फिर उसने उनको कहा कि उसका नाम शहनाज है, उसकी शादी सूरत में हुईं थी, उसका पति जो बहुत स्मार्ट है सुहागरात के बाद वो लंदन चला गया, लेकिन सेक्स की आग छोड़ गया, वो बहुत प्यासी थी इसलिए बहक गयी थी, लेकिन उसने उन दोनों को किस की और खूब धन्याबाद कहा और वापस बुरखा पहनकर बस में अपनी सीट पर बैठ गयी, मान लो कि जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो। अब ड्राइवर और कंडक्टर भी ऐसे ही बिहेव कर रहे थे। फिर में भी क़िसी को पता नहीं चला हो ऐसे वापस से आकर अपनी सीट पर बैठ गया, लेकिन अब मेरी हालत बहुत बुरी थी। अब में बस की लास्ट सीट पर बैठा था जहाँ पर कोई नहीं बैठा था। फिर मैंने अपनी पेंट की चैन खोली और अपना लंड बाहर निकाला और हिलाने लगा और 2 मिनट के बाद में हल्का हो गया, तो दोस्तों जिस्म की आग ऐसी होती है जिसमें कोई भी बहक जाता है।

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धन्यवाद …

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