सपना का बदला

0
loading...

प्रेषक : रानी …

हैल्लो दोस्तों, आप सभी चुदक्कड़ लड़को और लंड की प्यासी लड़कियों और गुलाबी चूत वाली मेरी प्यारी बहनों सबसे पहले मेरा नमस्कार। दोस्तों यह कहानी 43 साल की एक जवान और खूबसूरत शादीशुदा औरत की है, जिसके 2 जवान लड़के भी है। एक 18 साल का और दूसरा 21 साल का है। उसके पति जॉब करते है और वो लोग हंसी ख़ुशी जीवन बिता रहे थे। फिर एक दिन सपना को पता चलता है कि उसके पति का कही और भी अफेयर है और सिर्फ़ अफेयर ही नहीं उनके 18 साल की एक लड़की भी है। तो तब से सपना के मन में अपने पति के लिए कड़वाहट भर गयी, लेकिन उसका मायका भी इतना धनी नहीं था कि वो अपने पति को छोड़कर घर बैठ जाए और अब नहीं इतनी उम्र रही थी कि दूसरी शादी कर सके। अब वो अपने दोनों बेटों की खातिर अपना मन मारकर रह गयी थी, लेकिन अनिल की दूसरी बीवी उसको खटकने लगी थी और दिल ही दिल सपना ने उससे बदला लेने की ठान ली थी।

फिर सपना पता लगाकर रुची के घर गयी, तो वो उसका सेक्सी रूप देखकर दंग रह गयी, वो भी उसकी ही तरह भरे हुए जिस्म की मालिक थी, उसकी चूचीयाँ भी काफ़ी उठान लिए हुई थी। फिर उसने बताया कि वो अनिल की वाईफ है। तो रुची कुछ डर सी गयी, उसको लगा सपना यहाँ बवाल करने आई है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ, बल्कि उसका मिज़ाज देखकर रुची भी उससे घुलमिल गयी थी और बहुत सारी बातें हुई। फिर तभी इतनी देर में ही उसकी बेटी स्वीटी स्कूल से आई तो तब रुची ने उसका परिचय सपना आंटी से कराया, स्वीटी भी नाज़ुक सी 18 साल की प्यारी सी बच्ची थी और बहुत ही मासूमियत वाली बातें कर रही थी, मगर सपना ने दिल ही दिल में एक बहुत ही ख़तरनाक प्लान बनाया था। अब वो बदले की आग में जल रही थी।

अब वो उपर से भले ही रुची और स्वीटी से हंस-हंसकर बातें कर रही थी, मगर उसके दिल में कुछ और ही चल रहा था। अब उसने स्वीटी की नाज़ुक सी चूत को अपने लड़को से फड़वाने का प्लान बनाया था। उसने कई बार अपने दोनों बेटों को मुठ मारते हुए देखा था और समझ चुकी थी कि अब उसके बेटे जवान हो चुके है, इस तरह से उनकी जिस्म की गर्मी भी शांत हो जाएगी और रुची की लड़की को चुदवाकर उसका बदला भी पूरा हो जाएगा, लेकिन सबसे बड़ी बात यह थी कि इस प्लान पर अमल कैसे किया जाए? लेकिन उसने अपने प्लान पर अमल कर दिया। अब वो अक्सर ही रुची के घर आने जाने लगी थी और सपना ने रुची से यह भी कहा था कि वो अनिल को यह सब ना बताए कि हम लोग मिल चुके है और अनिल तो काफ़ी काफी दिन बाहर ही रहता था, तो उसको पता भी नहीं चल पाया था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर एक दिन सपना ने रुची से कहा कि वो स्वीटी को अपने साथ ले जाना चाहती है, कल वापस घर छोड़ जाएगी। तो उसने मना नहीं किया और स्वीटी को अच्छे से तैयार करके सपना के साथ भेज दिया। फिर घर जाने पर उसने स्वीटी को अपने बेटों से मिलवाया कि ये उसकी सहेली रुची की बेटी है और आज रात यहीं रहेगी। तो स्वीटी को देखकर मोनू सोनू खुश हो गये थे कि घर में टॉप का माल आया है, लेकिन उदास भी थे कि यह मम्मी की सहेली की बेटी है। खैर फिर रात को सब लोग अपने-अपने रूम में चले गये और फिर सपना भी एक सेक्सी सी पतली सी नाइटी पहनकर बेडरूम में आई और स्वीटी से बोली कि बेटी तू नाईट सूट तो लाई ही नहीं और मेरी नाइटी तुझे आएगी नहीं, तो तू अपने कपड़े निकाल दे और ऐसे ही सो जा। तो तब वो बोली।

स्वीट – लेकिन आंटी जी ऐसे कैसे?

सपना – अरे शरमाती क्यों है? भला अब यहाँ कौन है? चल निकाल अपनी जीन्स और टी-शर्ट।

फिर स्वीटी ने अपने कपड़े निकाल दिए, उसने टी-शर्ट के नीचे पतली सी शमीज पहनी थी, क्योंकि उसकी चूचीयाँ अभी इतनी बड़ी नहीं थी कि उनको ब्रा में रखा जाता और टाईट भी बहुत थी और वो नीचे लाल कलर की खूबसूरत सी पेंटी पहने थे। फिर वो उन्ही कपड़ो में बेड पर आ गयी। फिर कुछ देर लेटे रहने पर सपना ने सी.डी चला दी, जिस पर बहुत ही सेक्सी मूवी चल रही थी। अब उसे देखकर स्वीटी कुछ झिझकने लगी थी, तो तब सपना बोली कि क्या हुआ बेटी?

स्वीटी – आंटी जी अजीब सा लग रहा है।

सपना – अच्छा, अब तू इतनी छोटी भी नहीं है कि ये सब अजीब सा लगे, क्या तू अपने कंप्यूटर पर सेक्स साईट नहीं देखती या अभी तेरी एम.सी शुरू नहीं हुई?

अब सपना के मुँह से ऐसी बातें सुनकर स्वीटी शर्मा गयी थी और अपना मुँह दूसरी तरफ घुमा लिया था।

सपना – अरे मेरी प्यारी बच्ची में कुछ पूछ रही हूँ, बता ना तेरे कोई बॉयफ्रेंड है? तूने कभी किसी को किस किया है।

स्वीटी – जी एक लड़का आजकल मुझे बहुत घूरता रहता है, लेकिन वो मेरा बॉयफ्रेंड तो नहीं है।

सपना – अच्छा, बता क्या घूरता है तेरा?

स्वीटी – मुझे नहीं पता, लेकिन में जब भी उसकी तरफ देखती हूँ तो वो मेरी ही तरफ देखा करता है।

सपना – क्या देखता है? कहीं इनको तो नहीं (सपना ने उसकी छोटी-छोटी चूची पर उंगली रखकर कहा)

स्वीटी – हाँ शायद इनको ही, लेकिन आंटी इनमें ऐसा क्या है?

सपना – में बताती हूँ मेरी बच्ची, इनमें ही तो सारा मज़ा है और यह कहकर उन्होंने अपनी नाइटी उतार दी, जिससे उनकी बड़ी-बड़ी चूचीयाँ किसी आज़ाद कबूतर की तरह बाहर निकल पड़ी थी और स्वीटी की तरफ लटक गयी थी।

स्वीटी – आंटी, आपकी यह इतनी बड़ी-बड़ी क्यों है? और मेरी इतनी छोटी-छोटी क्यों है?

सपना –  मेरी प्यारी बच्ची तू कितनी भोली बन रही है, क्या तेरी माँ ने कुछ नहीं बताया तुझे?

loading...

स्वीटी – आंटी, मुझे आपके साथ बहुत मज़ा आ रहा है और आप तो जानती ही है आजकल के बच्चे ख़ासकर जो पढ़ते हो कितने स्मार्ट होते है? मुझे सब कुछ पता है, लेकिन आप यकीन मानिए मेरे कोई बॉयफ्रेंड नहीं है, हाँ एक लड़का आजकल मुझे घूरता रहता है और जब वो मेरी इनको (चूची पर अपना हाथ रखकर) घूरता है तो तब मेरे मन में अजीब सी गुदगुदी होती है।

सपना – बेटा में बताती हूँ तुझे अजीब सी गुदगुदी क्यों होती है? लेकिन तू मुझे हर बात खुलकर बता जैसे कि मेरी चूचीयाँ इसलिए इतनी बड़ी है कि तेरे अंकल इनको बहुत ज़ोर-ज़ोर से मसलते है और जब तेरे कोई बॉयफ्रेंड बन जाएगा और वो तेरी चूचीयाँ दबाएगा और मसलेगा, तो तेरी भी बड़ी हो जाएँगी।

स्वीटी – लेकिन कैसे आंटी?

सपना – ले तू मेरी चूची मसलकर दबा और मज़े ले, फिर देख तुझे पता चल जाएगा कि तुझे गुदगुदी क्यों होती है? अब स्वीटी सपना की चूचीयों से खेलने लगी थी और फिर कुछ देर के बाद सपना ने भी उसकी समीज उतार दी और उसकी नन्ही सी चूचीयों पर अपना हाथ फैरना शुरू कर दिया था।

स्वीटी की चूची पर छोटा सा दाना बहुत मस्त लग रहा था, जिसे सपना अपनी उंगलियों से रगड़ रही थी, जिससे स्वीटी गर्म होती जा रही थी और सपना तो चाहती ही यही थी और फिर उसने अपनी पेंटी भी उतार दी और अपनी बड़ी सी भोसड़ी स्वीटी को दिखाती हुई बोली।

सपना – बताओ इसको क्या कहते है?

स्वीटी – इसे चूत कहते है।

सपना – मेरी जान चूत तो तुम जैसी कुँवारियों के पास होती है, अब तो यह भोसड़ी बन चुकी है, तू अपनी पेंटी उतारकर दिखा, तेरी चूत कैसी है?

स्वीटी – नहीं आंटी, मुझे शर्म आ रही है।

फिर सपना ने उसकी पेंटी खींचकर निकाल दी। तो स्वीटी ने अपने दोनों हाथों से अपनी नन्ही सी गुलाबी चूत को छुपा लिया, लेकिन सपना जानती थी कि अब क्या करना है? फिर उसने उसकी चूची को अपने मुँह में भर लिया और चूसना शुरू कर दिया।

स्वीटी – हाए आंटी, आप यह क्या कर रही है? प्लीज छोड़िए, मुझे कुछ हो रहा है, आआहह, ऊफफफ्फ।

लेकिन अब सपना तो चाहती ही यही थी और फिर जब बहुत देर तक वो स्वीटी की चूचीयाँ चूसती रही। तो धीरे-धीरे स्वीटी ने अपने दोनों हाथ अपनी चूत से हटा लिए। तो तब सपना ने अपना एक हाथ उसकी चूत पर लगाते हुए उसकी फांको को कुरेदना शुरू कर दिया।

स्वीटी – आहह, ऊफ्फफ्फ्फ आंटी, प्लीज ऐसा मत करो, आहह, मुझे लग रहा है, मेरा पेशाब निकल जाएगा, आहह और फिर सपना ने अपनी एक उंगली को अपने मुँह में डालकर गीला किया और फिर उसकी चूत में धीरे-धीरे डाल दिया। अब इससे पहले स्वीटी ने सिर्फ़ अपनी चूत को सहलाया ही था, उसकी चूत में कभी कुछ गया नहीं था, लेकिन आज उसको बहुत मज़ा मिल रहा था और अब वो भी मस्त हो गयी थी और अपने हाथ से सपना की चूचीयाँ दबाने लगी थी और फिर उसने भी अपने मुँह में उसकी चूचीयाँ भर ली। अब इससे पहले सपना ने भी कभी लेस्बियन सेक्स नहीं किया था, लेकिन आज वो जी खोलकर इस लड़की के साथ सेक्स करना चाहती थी, क्योंकि ये उसकी सौतन की लड़की थी और अब उसके नाज़ुक बदन के साथ खेलते हुए सपना को भी मज़ा आने लगा था। अब उसने अपनी तीन उंगलियाँ उसकी चूत में घुसा दी थी और तेज़ी के साथ अंदर बाहर करने लगी थी।

स्वीटी – आहह आंटी, प्लीज ऐसे ही कीजिए, आह अब मुझे ऐसा लगता है कि मेरे अंदर से पेशाब निकलने वाला है, आहह, आहह और फिर कुछ ही देर में उसकी चूत में से सफेद-सफेद गाढ़ा सा झरना निकलने लगा, जिसे वो बहुत गौर से देख रही थी। अब सपना की उंगलियाँ उसमें पूरी तरह से सन गयी थी। फिर सपना ने अपनी उंगलियाँ उसकी नाक के पास ले जाकर कहा कि लो इसे सूंघकर देखो, कैसी मस्त खुशबू आती है इसमें से? और अब जब स्वीटी सूंघ रही थी, तो उसने अपनी उंगली उसके होंठ पर रख दी। तो तब झटके से स्वीटी ने अपना मुँह हटा लिया और बोली कि आंटी यह आप क्या कर रही है? इस गंदी चीज को मेरे मुँह से क्यों लगा रही है?

सपना – नहीं बेटी, इसका टेस्ट बहुत टेस्टी होता है, तू चाटकर तो देख और ये कहकर उसने स्वीटी की चूत से निकला हुआ सारा रस अपनी उंगली पर लगाया और उसके मुँह में वो उंगली डाल दी, जिसे अब वो चाटने लगी थी। फिर कुछ देर के बाद ही स्वीटी लेट गयी और सपना भी वहीं लेट गयी थी।

सपना – बेटी मज़ा आया?

स्वीटी – हाँ आटी, मज़ा तो बहुत आया, क्या इसी को चुदाई कहते है?

सपना – नहीं रे मेरी बन्नो, औरत की चुदाई तो मर्द करता है, उसमें तो और भी मज़ा आता है, तू करवाएगी चुदाई?

loading...
loading...

स्वीटी – नहीं, बस आज के लिए इतना मज़ा ही काफ़ी है।

लेकिन अब सपना को भला चैन कहाँ था? अब वो तो आज की रात कायदे से उसकी वाट लगाने वाली थी। उसने स्वीटी की चूत का रस तो उसे चखा ही दिया था। अब वो अपनी चूत का रस उसको चखाने की सोच रही थी, हालांकि वो कभी भी इतनी गंदी नहीं थी, इतने साल में आज तक कभी भी अनिल ने उसकी चूत नहीं चाटी थी या अपना लंड उसको नहीं चटवाया था, लेकिन आज सपना अपनी सौतन की बेटी के साथ बुरे से बुरा काम करने की सोच रही थी। फिर कुछ देर लेटे रहने के बाद वो बोली कि बेटी तुम मेरी भोसड़ी चूमो, तो तुमको और मज़ा आएगा। फिर स्वीटी ने सपना की चूत को चूसा और प्लान के मुताबिक सपना ने बेटो ने अपने मोबाईल से उनकी विडियो बना ली। बस फिर क्या था? अब तो माँ और दोनों बेटों ने मिलकर उसे रांड बना दिया था। अब कभी सपना स्वीटी से अपनी गांड चटवाती तो उसके बेटे स्वीटी की गांड चोदते। जब स्वीटी की घमासान चुदाई होती तो सपना बहुत खुश होती थी और हर बार उसका बदला पूरा होता था ।।

धन्यवाद …

Comments are closed.

error: Content is protected !!