सर्दी की रात पराई बीवी के साथ

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प्रेषक : अवि …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अवि है और मेरी उम्र 24 साल है। में पटना (बिहार) का रहने वाला हूँ आज में आप सभी कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों को पढ़ने वालों के लिए अपनी एक सच्ची घटना लेकर आया हूँ और में इसमे बताऊंगा कि कैसे मैंने अपने से ज्यादा उम्र की एक शादीशुदा औरत को चोदकर उसकी चुदाई के मज़े लिए। यह मेरा अपना सेक्स अनुभव है कोई झूटी कहानी नहीं है और में उम्मीद करता हूँ कि यह सभी पढ़ने वालो को जरुर पसंद आएगी।

दोस्तों एक दिन मेरे साथ एक ऐसी घटना हुई, में जिसके बारे में कभी सोच भी नहीं सकता था, मेरे पास एक सरकारी फेक्ट्री है, जिसको में और मेरा पार्ट्नर चला रहे थे और एक दिन मेरे उस पार्ट्नर की अचानक से दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई और उसकी मौत के करीब पांच महीने के बाद उसकी विधवा पत्नी मेरे साथ ही काम करने लगी। वो एक 42 साल की अच्छी दिखने वाली औरत है और वो चेहरे और फिगर से अच्छी नजर आती है। उनका नाम मीरा है, दोस्तों हम दोनों अक्सर हमारे काम के सिलसिले में शहर से बाहर भी चले जाते है, लेकिन हम सुबह जल्दी जाते है और रात में वापस आ जाते है। एक दिन हम दोनों अपने काम से बाहर गए हुए थे और हम वापस आ रहे थे कि तभी अचानक से रास्ते में बारिश शुरू हो गई जो धीरे धीरे बढ़ने लगी थी और कुछ किलोमीटर चलने के बाद हमारी कार भी बंद हो गई और मेरे बहुत बार कोशिश करने के बाद भी हमारी वो कार स्टार्ट नहीं हुई।

फिर मीरा ने मुझसे कहा कि तुम बाहर जाकर देखो शायद कोई तार निकल गया होगा। दोस्तों बाहर मस्त जोरदार सर्दी ऊपर से बारिश और वो ज़ालिम औरत अब मुझसे बाहर निकलने को कह रही थी और मैंने बाहर निकलकर देखा, लेकिन कुछ ना हुआ हमने लिफ्ट भी लेकर देखा, लेकिन कोई भी नहीं रुका वैसे भी उस रोड पर ट्रॅफिक हमेशा बहुत कम होता है और वो टाइम भी 11:30 का था और जब में कार में वापस आया तो में बुरी तरह से काँप रहा था क्योंकि मेरे पूरे कपड़े पानी से गीले होने की वजह से मुझे सर्दी और भी ज्यादा लग रही थी। फिर मैंने अपने गीले कपड़े उतार दिए जिसकी वजह से में अब सिर्फ़ अंडरवियर में था और तभी मीरा ने मुझे अपनी शाल दी, लेकिन सर्दी फिर भी कम ना हुई और में अभी तक सर्दी की वजह से काँप रहा था। फिर मैंने मीरा से बड़ी हिम्मत करके कहा कि अगर वो मुझे अपने बदन से लिपटाकर मुझे अपने जिस्म की गर्मी दे तो शायद हो सकता है कि मेरी सर्दी कम हो जाए। फिर मेरी उस बात पर उन्होंने मुझे एक कसकर थप्पड़ रसीद कर दिया और फिर मुझे बुरा भला कहा वो अलग, लेकिन अब मेरी हालत समय के साथ और भी ज्यादा खराब होती जा रही थी। अब मेरा पूरा जिस्म नीला होता जा रहा था और मेरी आखें भी बंद होने लगी थी और तब उस जालिम औरत को मेरे ऊपर कुछ रहम आ गया और उसने मुझसे कहा कि तुम अब मेरे पास आ जाओ। दोस्तों उस समय हम दोनों कार की पिछली सीट पर थे और जैसे ही में उसके गरम बदन से लिपटा मेरे पूरे बदन में उस समय अचानक से 440 वॉल्ट का करंट दौड़ने लगा था और थोड़ी देर के बाद जब मेरी सर्दी कम हुई तो मुझे अब मस्ती चड़ने लगी थी और मैंने उनकी गर्दन पर किसिंग करना शुरू कर दिया था, लेकिन मेरे इतना करने पर भी उन पर कोई खास असर नहीं हुआ था। में अपना काम करता रहा और वो अपनी दोनों आंखे बंद किए हुए लेटी हुई थी। फिर जब मैंने उनके बूब्स को दबाए जो शायद मेरे उस समय ज्यादा जोश में होने की वजह से ज्यादा ज़ोर से दब गए थे तब मीरा ने मुझसे कहा कि प्लीज़ यह सब मत करो, लेकिन मैंने कहा कि प्लीज़ थोड़ा सा करने दो और मैंने महसूस किया कि उनको भी मेरे से यह सब करवाने में बड़ा मज़ा आ रहा था, लेकिन जब मैंने उनके होंठो पर अपने होंठ रखे तो उनको एक अजीब सा करंट लगा। फिर तो वो जैसे बिल्कुल पागल ही हो गई और फिर मैंने उनकी कमीज़ को तुरंत उतार दिया तब मैंने देखा कि मीरा ने उस समय सफेद रंग की ब्रा पहनी हुई थी और उसके बूब्स अब उसकी ब्रा से बाहर आने के लिए बिल्कुल बेताब हो रहे थे। फिर मैंने उनकी ब्रा का हुक भी खोल दिया और अब ब्रा को पूरा नीचे उतार दिया। जब मेरी नज़र उनके बूब्स पर पड़ी तो में उनको देखता ही रह गया वाह क्या मस्त बड़े बड़े बूब्स थे और उन पर गहरे भूरे रंग की निप्पल क्या गज़ब लग रहे थे उसके बूब्स को मैंने एक एक करके काट लिए फिर उनके निप्पल को अपने मुहं में लेकर चूसना शुरू किया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर मीरा ने उसी समय जोश में आकर आहे भरते हुए मेरे सर को पकड़कर मेरे मुहं में अपने मुहं में दे दिया और फिर उसने मुझे एक ज़ोरदार किस किया और उसके बाद उसने एक झटके में मेरा अंडरवियर भी पूरा उतार दिया। फिर जैसे ही मीरा ने मेरे लंड को देखा तो उन्होंने कहा कि आज बड़े दिनों के बाद में किसी का लंड देख रही हूँ और यह तो बहुत दमदार मस्त नजर आ रहा है। फिर मैंने मीरा की सलवार को नीचे उतारने के लिए जैसे ही उसके नाड़े को पकड़ा ही था तो उसी समय उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया और कहा कि अभी नहीं पहले तुम मेरी चूत को सलवार के ऊपर से सहलाकर गरम करो। फिर मैंने उसके कहने पर ठीक वैसा ही किया और अभी में उसकी चूत को सहला ही रहा था कि तभी मीरा ने अपनी सलवार का नाड़ा खोल दिया और मैंने भी एकदम ही ज़ोर का झटका देकर सलवार को पूरा नीचे उतार दिया था अब वो मेरे सामने सिर्फ सफेद रंग की पेंटी में थी और कुछ देर बाद उन्होंने अब अपनी पेंटी को भी खुद ही उतार दिया था। अब वो और में पूरी तरह से एक दूसरे के सामने नंगे थे उसी समय मीरा ने मुझसे कहा कि तुम अब मेरी चूत को चाटो। फिर में उसकी वो बात मान गया और जब में अपना मुहं उसकी चूत के पास लेकर जा रहा था तब वहाँ से मुझे एक अजीब सी बदबू आ रही थी और इसलिए मैंने उनको कहा कि में इसको नहीं चाट सकता तब उन्होंने मुझे धमकी देते हुए कहा कि अगर तुम इसको नहीं चाटोगे तो में तुमसे अपनी चुदाई नहीं करवाउंगी। फिर मैंने हिम्मत करके उनकी चूत को अब चाटना शुरू किया, लेकिन वो सब करना मुझे बड़ा अजीब सा लग रहा था और फिर मैंने कुछ देर चाटने के बाद सुना कि अब उनके मुहं से आअहह्ह्ह्ह सस्स्स्स्स्स्सस्स आआअहह की आवाज़ें निकलने लगी तभी और करीब दो तीन मिनट के बाद उनकी चूत से एक जोरदार पिचकारी निकली और उनका पूरा बदन तेज़ी से हरकत करने लगा था और उसके बाद वो धीरे धीरे ठंडी पड़ गई और उसके बाद मैंने अपना लंड उनके मुहं के पास ले जाकर मुहं में डाल दिया, जिसको वो अपने मुहं में लेकर बड़े मज़े से चूसने लगी थी वो मेरे लंड को बार बार अंदर बाहर करती रही वो किसी अनुभवी रंडी की तरह मेरे लंड को चूसकर उसके मज़े लेती रही और फिर में भी ज्यादा जोश में होने की वजह से दो तीन मिनट के बाद उनके मुहं में झड़ गया और मैंने अपना पूरा माल उनके मुहं में निकाल दिया जिसको उसने बड़े मज़े से चूसकर अपनी जीभ से मेरे लंड को साफ करके चमका दिया था और अब हम दोनों एक दूसरे को किस कर रहे थे, जिसकी वजह से कुछ देर के बाद हम दोनों को एक बार फिर से वही जोश, मस्ती छाने लगी थी और उसी समय तुरंत मीरा ने मेरा लंड अपने मुहं में लेकर उसको दोबारा से चूसना शुरू कर दिया था जिससे मेरा लंड अब और भी ज्यादा जोश में आकर तनकर खड़ा हो गया था। अब मीरा ने अपने दोनों पैरों को एक दूसरे से दूर करते हुए पैरों को मोड़ लिया था और उस वजह से अब मुझे उसकी चूत का छेद अंदर तक साफ नज़र आ रहा था और अब मैंने अपना लंड उनकी चूत के मुहं पर रखा ही था कि मीरा ने मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत के अंदर ले लिया और उसके मुहं से असस्स्स्स्स् आह्ह्हह्ह उफ्फ्फफ्फ्फ़ की आवाज़ निकल गई। अब उन्होंने मुझसे धीरे धीरे आगे पीछे होने के लिए कहा और में भी अब उनके कहने पर आगे पीछे हो रहा था और वो अपना सर इधर उधर कर रही थी और साथ साथ वो अपने मुहं से आह्ह्हह्ह्ह्ह सस्सहह की आवाजे भी निकाल रही थी।

अब मैंने भी उनका जोश देखकर अपने धक्को की रफ़्तार को पहले से ज्यादा तेज कर दिया था और वो भी मेरे उन धक्को के साथ अपनी चुदाई का पूरा मज़ा ले रही थी और वो मुझसे कह रही थी कि आसिफ़ आज तुम मेरी चूत को फाड़ डालोउफ्फ्फ्फ़ हाँ और ज़ोर से लगाओ धक्के आह्ह्ह हाँ ऐसे ही लगातार लगाते रहे हाँ तुम बहुत अच्छा कर रहे हो। फिर उन सभी बातों को सुनकर मुझे और भी ज्यादा जोश आ रहा था और करीब पांच सात मिनट धक्के देने के बाद मैंने मीरा से कहा कि मेरा वीर्य अब बाहर आने वाला है। तो उन्होंने मुझसे कहा कि में भी अब झड़ने वाली हूँ तुम अपना लंड बाहर मत निकालना मेरी यह चूत बहुत दिनों से प्यासी है तुम इस रस को मेरी चूत में डालकर मेरी चूत को चुदाई का पूरा पूरा मज़ा दो। फिर हम दोनों एक साथ झड़ गए में और मीरा उसके बाद भी बहुत देर तक एक दूसरे से वैसे ही बिना कपड़ो के लिपटे रहे। उस रात को हम दोनों ने तीन बार रुक रुककर चुदाई के मस्त मज़े किए और मैंने उसको हर बार अपनी चुदाई से पूरी तरह से संतुष्ट किया और फिर हम उसके बाद सो गए। फिर जब सुबह हमारी आँख खुली मैंने देखा कि तब तक बारिश भी खत्म हो चुकी थी और एक ही बार में हमारी कार भी स्टार्ट हो गई जिसके बाद हम अपने घर की तरफ निकल पड़े। फिर कुछ घंटो के सफर के बाद हम अपने अपने घर पर पहुंच चुके थे। दोस्तों उस दिन के बाद से वो मेरे साथ एकदम खुल गई थी और अब जब भी हमारा दिल करता है हम दोनों सही मौका देखकर सेक्स का मज़ा लेते है हर बार वो मेरा पूरा पूरा साथ देती है। मैंने उसको उस सर्दी की रात के बाद बहुत बार चोदा इसलिए वो मेरे साथ और में उसके साथ बहुत खुश रहते है ।।

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धन्यवाद …

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