सेक्स मिशन की कामयाबी

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प्रेषक : गुमनाम …

हैल्लो दोस्तों, में एक बार फिर से आप सभी कामुकता डॉट कॉम के चाहने वालों की सेवा में आ गया हूँ अपना एक मस्त मजेदार सेक्स अनुभव को लेकर। दोस्तों मुझे इंदौर आए हुए अभी कुछ ही दिन हुए थे और मैंने एक मकान किराए पर लिया और फिर में एक दिन इंदौर एक शॉपिंग माल में घूमने चला गया और मुझे अच्छी तरह से पता था कि छुट्टियों के दिनों में वहाँ पर हसीन और सुंदर अमीर घराने की लड़कियाँ आती है। फिर मेरा मन वहीं पर लगने लगा था इसलिए में अपनी छुट्टियों के समय वहाँ पर दूसरी मंजिल पर जाकर बैठा रहता और में बहुत सुंदर लड़कियों का नज़ारा देखा करता था। एक दिन की बात है में ऐसे ही बैठे हुए लड़कियों को देख रहा था कि उसी समय मेरे पास में एक बड़ी सुंदर लड़की आकर बैठ गई और वो दिखने में अमीर परिवार की लग रही थी। अब वो अपने फोन पर इंग्लिश में किसी से बात कर रही थी और कुछ देर बाद वो अपने ड्राइवर को फोन करके गाड़ी निकालने के लिए कहने लगी थी।

दोस्तों में उससे बड़ा चकित होकर देखता ही रह गया, उसके हाथ में शॉपिंग बेग था, जिसमें उसका सूट भी था और में उसके खुले लंबे काले बाल, रसीले होंठ देखकर पागल होने लगा था और मुझसे अब रहा नहीं जा रहा था। फिर मैंने अपने मन में उसको चोदने का एक विचार सोचा। फिर मैंने उसको पूछा क्या आप मुझे बस इतना सा बता सकती है कि यहाँ घूमने लायक और कोई जगह है क्या? लेकिन उसने मेरी बात का कोई भी जवाब ही नहीं दिया। अब मैंने एक बार फिर से उसको वो पूछा और बोला में आपसे से बात कर रहा हूँ। फिर उसने अपना सर घूमकर मेरी तरफ देखा और कहा कि हाँ। अब मैंने उससे कहा कि मेरी कार खराब हो गयी है प्लीज अगर आपको बुरा ना लगे तो क्या आप मुझे वहाँ तक छोड़ सकती है। फिर उसने कहा कि हाँ क्यों नहीं, में आपको वहां पर जरुर छोड़ दूंगी और फिर उसी समय मैंने उसको पूछा क्या आप अकेली ही खरीदारी के लिए आती है? आपका क्या कोई दोस्त या बॉयफ्रेंड नहीं है? अब उसने मुझसे कहा कि उसके माता पिता अपने कामो में इतने व्यस्त रहते है कि वो उसकी तरफ बिल्कुल भी ध्यान ही नहीं देते इसलिए जब भी मुझे समय मिलता है में यहाँ पर अपना समय बिताने आ जाती हूँ और मेरा बॉयफ्रेंड इस देश से बाहर रहता है।

दोस्तों में उसके मुहं से यह सभी बातें सुनकर मन ही मन बड़ा खुश हो गया और उसी समय मैंने उसके हाथों से वो सारा सामान ले लिया और मुस्कुराते हुए उसको कहा कि आप रहने दीजिए, में यह सभी सामान पकड़ लेता हूँ। फिर उसने मुझे अपना पूरा सामान दे दिया और फिर बाहर निकलते ही तुरंत उसकी कार हमारे सामने आकर रुक गई और हम दोनों उस कार में बैठ गये। अब मैंने उसको पूछा कि आपका नाम क्या है? उसने बताया कि उसका नाम श्रेया है और वो एक प्राइवेट बेंक में नौकरी करती है। फिर मैंने उसको पूछा कि आपको वहां से कितने पैसे मिलते है? उसने कहा कि 30000 रूपये। फिर मैंने बोला कि आपके पास तो सब कुछ है फिर आप नौकरी क्यों करती हो? क्योंकि आप एक अच्छे बड़े परिवार से दिखती है और आपका रहने का तरीका देखकर पता चल रहा है कि यह सब करने कि आपको जरूरत नहीं होनी चाहिए। फिर उसने मुझसे कहा कि हाँ आपने मुझसे जैसा भी कहा जो भी समझा वो सब एकदम सही है, लेकिन में नौकरी अपना मन बहलाने के लिए करती हूँ क्योंकि में अपने घर में पूरा दिन अकेली बोर हो जाती हूँ। मुझे पैसे कमाने की कोई जरूरत नहीं है और मेरे पापा अपने काम की वजह से बाहर विदेश ही रहते है और वो हमारे देश कम ही आते है और मेरी मम्मी अपनी कुछ सहेलियों के साथ इधर उधर घूमने फिरने में व्यस्त रहती है।

फिर मैंने कुछ देर बाद उससे उसके घर का पता ले लिया। वो मुझे दिखने में चेहरे से बड़ी भोली नजर आ रही थी और वो मुझे एक शरीफ इंसान समझ रही थी, लेकिन उसको क्या पता था कि में कौन हूँ? फिर कुछ देर बाद उसका घर आ गया और मैंने गाड़ी को रुकवाकर बहाना बनाकर उसको कहा कि में यहीं से चला जाऊंगा, क्योंकि मैंने अब उसका घर देख लिया था। फिर दूसरे दिन से में उसके घर के आसपास ही चक्कर काटने लगा था, उस दिन रविवार का दिन था। फिर कुछ देर बाद एक कार उसी घर से बाहर निकली उस गाड़ी में कोई औरत बैठी हुई थी और में उसको देखकर तुरंत समझ गया कि यह औरत जरुर उस लड़की की माँ होगी जिसका मतलब साफ था कि अब वो लड़की शायद अपने घर में अकेली ही होगी। फिर में उसके घर चला गया और घंटी को बजा दिया। कुछ देर बाद जब उसने दरवाजा खोला तो मैंने देखा कि उस समय उसने गुलाबी रंग का नाइट सूट पहना हुआ था जिसमे वो बड़ी सेक्सी लग रही थी और उसके वो गुलाबी बूब्स तो बड़े ही मस्त नजर आ रहे थे। अब मैंने उसको कहा कि मेरा इस अंजान शहर में कोई भी नहीं है, इसलिए में आपसे मिलने आ गया हूँ।

अब वो मुस्कुराई और वो बोली कि आप बैठो में फ्रेश होकर अभी आती हूँ और उसके कहते ही में तुरंत बैठ गया। फिर यह बात कहकर वो चली गई और कुछ देर बाद जब वो नहाकर बाथरूम से बाहर आई, उस समय वो गीले बालो में एकदम सेक्सी नजर आ रही थी। दोस्तों उसको देखकर मेरा मन कर रहा था कि में उसी समय उसको पकड़कर वहीं पर उसकी चुदाई करना शुरू कर दूँ, लेकिन फिर मुझे लगा कि शायद घर में नौकर भी होंगे और अगर मैंने इसके साथ कुछ किया तो वो चिल्ला देगी। अब मैंने स्टाइल से उससे पूछा क्यों श्रेया घर में कोई नौकर नहीं है क्या तुम ही अकेले घर में रहकर खाना बनाती हो? उसने कहा कि मम्मी को आज पार्टी में जाना था इसलिए उन्होंने मेरे लिए नाश्ता बनाकर रख दिया है और वो इतना मुझसे कहकर अपने कमरे में कपड़े बदलने चली गई। फिर मैंने मन ही मन में सोचा कि मुझे ऐसा मौका फिर कहाँ मिलेगा? में तुरंत उसी समय उसके रूम में घुस गया और देखा कि उस समय वो अपने कपड़े बदल रही थी। फिर मैंने उसके पीछे से जाकर उसको कहा कि श्रेया तुम सही में बहुत सुंदर हो और मुझे तुमसे प्यार हो गया है, जब मैंने कल तुमको पहली बार देखा था तो उसी समय से में तुम पर मर चुका था, तुम्हारे इस गोरे बदन का दीवाना हो गया था।

दोस्तों उसको यह बात बोलकर मैंने उसके पीछे जाकर उसकी गर्दन पर एक किस किया। अब वो मेरे यह सब करते ही बड़े गुस्से में आ गयी और कहने लगी कि यह क्या तुमने बकवास लगा रखी है तुम अभी इसी समय मेरे घर से बाहर चले जाओ। फिर मैंने उसको बोला कि हाँ ठीक है में चला जाऊंगा, लेकिन प्लीज तुम एक बार ठंडे दिमाग से मेरी बात तो सुनो। अब उसने कहा नहीं मुझे तुम्हारी कोई भी बात नहीं सुननी, तुम अभी बाहर निकल जाओ। फिर मैंने उसको पकड़ा और ज़ोर से उसके रसीले होंठो पर चूम लिया, उसने विरोध करते हुए मुझे अपने से दूर हटाया और मुझे एक थप्पड़ मार दिया। फिर मैंने उसको दोबारा चूमना शुरू कर दिया, उसने फिर से एक थप्पड़ मार दिया। अब मैंने उसको कहा कि आज तुम जितना भी चाहो मार लो, लेकिन में तुम्हे आज नहीं छोड़ूँगा और मैंने यह बात कहकर उसको दोबारा चूमना शुरू किया। दोस्तों अब इस बार उसको मैंने ऐसा पकड़ा कि वो मुझसे अपने आप को छुड़ा नहीं सकी और फिर मैंने देखा कि पांच मिनट उसको चूमने के बाद वो भी मुझे चूमने लगी थी। अब में तुरंत समझ गया कि इसको भी शायद अब मेरे साथ यह सब करने में मज़ा आ रहा है और फिर में लगातार उसको चूमने लगा था। इस काम में अब वो भी मेरा साथ देने लगी थी और इस बात की वजह से में बहुत खुश होकर अपने काम को करने लगा था।

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फिर मैंने कुछ देर तक उसको चूमते हुए ही सही मौका देखकर उसकी ब्रा को निकाल दिया और अब मेरे सामने वो द्रश्य था जिसको देखकर में बहुत चकित हो गया, क्योंकि अब मेरी आँखों के सामने उसके बूब्स जिसका आकार 34 था वो बहुत गुलाबी रंग के उठे हुए निप्पल के साथ एकदम उछलकर बाहर आ गये। अब मेरा लंड तो उसको किस करते ही खड़ा हो गया था, फिर में उसके बूब्स को धीरे धीरे दबाने सहलाने लगा था, जिसकी वजह से वो भी गरम हो चुकी थी। अब मैंने सही मौका देखकर अपना एक हाथ उसकी काले रंग की पेंटी के अंदर डाल दिया और जैसे ही मैंने अपने हाथ को अंदर डाला और उसकी चूत को अपने हाथ से छूकर महसूस किया कि उस समय उसकी चूत इतनी गरम हो चुकी थी जैसे वो चूत नहीं कोई गरम भट्टी हो और अब मैंने देखा कि उसकी चूत बहुत गीली हो चुकी थी जिसका मतलब एकदम साफ था कि वो बहुत जोश में है। अब मैंने धीरे धीरे उसके बूब्स को चाटते हुए में नीचे आते हुए पहले उसके मुलायम पेट पर एकदम गोल नाभि को चूमने लगा और उसके बाद में उसके नीचे आकर उसकी काले रंग की पेटी के आसपास भी चाटने लगा। फिर मैंने उसकी पेंटी को नीचे उतारी और जैसे ही पेंटी को उतारा, मैंने देखा कि उसकी चूत एकदम साफ बिना बालों की थी, मलाई की तरफ चिकनी चूत को देखकर मेरा मन ललचाने लगा था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब में तो देखकर खुश हो गया, क्योंकि आज उसकी मलाई में खाने वाला था और उसको मैंने बड़े ही आराम से बेड पर लेटा दिया। दोस्तों वाह क्या मस्त गद्देदार बेड था, जिसमें आज में उसको चोदने वाला था। फिर मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत के आसपास घुमाना शुरू किया और चूत के अंदर उंगली को डालकर उसकी चूत पर ढेर सारा थूक लगा दिया और फिर में उसको बार बार चाटने लगा था। अब मैंने महसूस किया कि उसकी चूत बड़ी ही टाइट थी। वो मेरे यह सब करने की वजह से बार बार सिसकियाँ ले रही थी और ज़ोर ज़ोर से उसके मुहं से वो आवाजे भी आ रही थी। फिर उसने जोश में आकर मुझसे कहा कि जानू अब तुम अपना यह लंड मेरी इस चूत में डाल दो, क्यों मुझे इतना तरसा रहे हो, में पागलो की तरह इस तड़प से मरी जा रही हूँ। प्लीज इतना भी तुम मुझे मत तरसाओ तुम अब मुझे चोद दो मुझसे अब और नहीं रहा जाता। फिर मैंने उससे कहा कि तुम बस कुछ देर रुक जाओ में अभी तुम्हारी सही तरह से इलाज करता हूँ। तुम थोड़ा सा रुक जाओ, मुझे कितने दिनों बाद ऐसी मस्त चूत मिली है, तुम्हारी इस चूत को चाटने में जो मज़ा आ रहा था वो कुछ अलग ही है मुझे बस कुछ देर यह मज़े लेने दो और उसके बाद में चुदाई भी तुम्हारी जमकर करूंगा।

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फिर मैंने उसकी चूत को चूसना चाटना शुरू किया वो मछली की तरह मचल रही थी और कुछ देर बाद उसको मैंने अपना तनकर खड़ा लंड एक हाथ में दिया और उसको मेरा लंड चूसने के लिए कहा। अब वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर तुरंत उठी और उसने मेरा लंड चूसना शुरू किया और में उसकी चूत को चाटने लगा था और अब हम दोनों 69 की पोज़िशन में आ चुके थे। दोस्तों उस समय मुझे पता चला कि वो भी इस काम में कम नहीं थी। वो मेरे लंड को बड़े जोश में आकर एकदम लोलीपोप की तरह चूस रही थी और पूरा लंड अंदर लेकर दोबारा बाहर निकालकर टोपे पर अपनी जीभ को घूमा रही थी। फिर कुछ देर यह सब करने के बाद मैंने उसको लेटा दिया, वो अब तक एकदम गरम हो चुकी थी, मैंने अब सबसे पहले उसकी चूत पर एक क्रीम लगाई और अपने लंड पर भी बहुत सारी क्रीम लगाकर चिकना कर लिया। फिर मैंने अपना लंड उसकी टाइट चूत के मुहं पर रख दिया और धीरे से एक धक्का दे दिया। दोस्तों मेरा लंड सात इंच लंबा है और जैसे ही धीरे से मैंने धक्का दिया वो अपनी कुंवारी चूत पर मेरे मोटे लंबे लंड के दर्द की वजह से उछल पड़ी और ज़ोर से चिल्ला पड़ी आईईईई ऊफ्फ्फ्फ़ अब मत करो ऊईईईई माँ में मर गई मुझे बहुत तेज दर्द हो रहा है।

अब में उसके चिल्लाते ही वैसे ही रुक गया और उसके बूब्स को सहलाने लगा था और कुछ देर बाद मैंने सही मौका देखकर अपने लंड को और आगे किया। अब दर्द की वजह से उसकी आँखों से आंसू बाहर आ रहे थे, मैंने उसी समय तुरंत उसको किस करना शुरू कर दिया, में अपने एक हाथ से उसकी चूत के आसपास के हिस्से को सहलाने लगा था। दोस्तों वो लगातार उछल रही थी सिसकियाँ लेते हुए लंड को बाहर निकालने के लिए कह रही थी। अब मैंने उसको समझाते हुए बोला कि अभी कुछ देर बाद जब तुम्हारा यह दर्द खत्म हो जाएगा तो उसके बाद तुम्हे भी मेरे साथ यह सब करने में अच्छे लगने लगेगा। फिर मैंने कुछ देर उसको चूमकर शांत किया और सही मौका देखकर मैंने उसकी गुलाबी चूत में अपने लंड को एक ही जोरदार झटके में पूरा अंदर डाल दिया, जिसकी वजह से अब मेरा पूरा सात इंच का लंड उसकी चूत में जा चुका था। फिर में कुछ देर ऐसे ही रहा क्योंकि बड़ा तेज दर्द था और उसकी आँखों से आंसू रुक नहीं रहे थे और फिर मैंने धीरे धीरे अपनी स्पीड को बढ़ा दिया। अब वो आह्ह्ह्हह आह्ह्ह ऊफ्फ्फ्फ़ कर रही थी, लेकिन फिर भी मैंने अपने धक्को की स्पीड को पहले से ज्यादा तेज कर लिया था और अब में अपने लंड को उसकी चूत में अंदर और बाहर करने लगा था।

फिर कुछ देर बाद उसको भी मेरे साथ यह खेल खेलने में मज़ा आने लगा था और कुछ देर लगातार तेज धक्के देने के बाद मैंने उसकी गांड के नीचे एक तकिया लगा दिया था, जिसकी वजह से उसकी चूत अब पहले से ज्यादा खुल चुकी थी। अब में धक्के देने लगा था और उसको भी करवाने में मज़ा आ रहा था, वो भी अपनी गांड को ऊपर उठाकर मेरे हर धक्के के साथ धक्के देने लगी थी। फिर करीब बीस मिनट के बाद वो झड़ गयी और धीरे धीरे उसका जोश ठंडा होता चला गया। अब मैंने ज़ोर ज़ोर से उसके बूब्स को दबाकर एकदम लाल कर दिया और में उसके चूमने भी लगा था। फिर कुछ देर बाद एक बार वापस हमारी चुदाई का वो दौर शुरू हो गया। अब मैंने उसको कहा कि तुम अब उल्टा लेट जाओ और वो मेरे कहते ही तुरंत उल्टा हो गयी। फिर मैंने अपना लंड उसकी गांड के मुहं पर रख दिया और ज़ोर से दबाव बनाते हुए में अपने लंड को उसकी गांड के अंदर डालने लगा। दोस्तों जैसे जैसे लंड उसकी गांड के अंदर जाता तो वो मचलने लगती और उसको बड़ा तेज दर्द हो रहा था और वो बार बार मुझसे लंड को बाहर निकालने के लिए कह रही थी, लेकिन में उस समय बहुत जोश में था उसकी वो बातें में कहाँ सुनने वाला था। अब में उसको धक्के देकर चोदने लगा था और अब मन ही मन में सोचने लगा कि कल तक में जिस लड़की को चोदने की बात सोच रहा था, आज वही लड़की मुझसे चुद गयी।

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दोस्तों मैंने कुछ देर बाद उसकी गांड में अपने वीर्य को निकाल देने के बाद कुछ देर आराम करने के बाद दोबारा उसको अपने सामने एक बार फिर से कुतिया बनाकर भी चोदा। दोस्तों इतने दिनों बाद मुझे किसी अमीर घर की लड़की को चोदने का मज़ा मिला था और वैसे भी किसी कुंवारी चूत की चुदाई करने का मज़ा कुछ अलग ही होता है। दोस्तों उस दिन मैंने उस लड़की को तीन बार अलग अलग तरह से चुदाई के मज़े दिए और चुदाई खत्म हो जाने के बाद उसको जब मैंने पूछा कि कैसा लगा? तभी वो मेरी चुदाई से खुश होकर मेरे गले लगी और उसने मुझसे कहा कि उसको बहुत अच्छा लगा, लेकिन अब उसको बड़ा तेज दर्द भी हो रहा था, क्योंकि उसको मैंने तीन बार चोदा था और उस लगातार चुदाई की वजह से अब उसकी चूत में सूजन भी आ चुकी थी। फिर मैंने गरम पानी किया और कपड़े से उसकी चूत को सेका वो मेरे इस काम से बड़ी खुश हो गयी। फिर उसी समय उसने मुझसे कहा कि विदेश जाने से पहले वो एक बार और मुझसे अपनी चुदाई के मज़े लेना चाहती है। फिर मैंने खुश होकर कहा कि श्रेया तेरी चुदाई करने के लिए ही तो में यहाँ तक आया था, तुम अब जब भी मुझसे कहोगी में तुम्हारी चुदाई करने दौड़ा चला आऊंगा, मुझे तुम्हारी सेवा करने में बहुत खुशी होगी।

दोस्तों फिर में कुछ देर उसके घर रुकने के बाद वापस अपने घर खुश होता हुआ चला आया और उसके बाद भी वो एक बार फिर से मुझसे अपनी चुदाई करवाकर पूरी तरह संतुष्ट होकर विदेश चली गई और मैंने आखरी बार उसकी चुदाई के मज़े दिल खोलकर लिए और उसने भी मेरा पूरा पूरा साथ दिया ।।

धन्यवाद …

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