सेक्सी आंटी की भूखी चूत को लंड दिया

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प्रेषक : अभी …

हैल्लो दोस्तों, जिस तरह से पढाई की कोई उम्र नहीं होती है उस तरह से प्यार में भी कोई उम्र नहीं होती है। अब में आपको ज्यादा बोर ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ। मेरा नाम अभी है और दोस्तों आज में आपको मेरी कहानी आप लोगों के साथ शेयर करना चाहता हूँ जो कि कुछ दिनों पहले शुरू हुई है। में पटना का रहने वाला हूँ, में 24 साल का जवान लड़का हूँ, सांवला रंग और हट्टा कट्टा हूँ। मुझे शोभा आंटी की बहुत याद आ रही थी, वो बहुत सुंदर और सुशील है। मेरी शोभा आंटी इतनी खूबसूरत है कि कभी कभी मुझे मेरे अंकल पर जलन होती है कि इतनी खूबसूरत बीवी जो उन्होंने पाई थी, मेरी शोभा आंटी का रंग गोरा है और उनकी बॉडी 38-26-39 साईज की है। वैसे तो मैंने कई औरतों को देखा है, लेकिन मेरी शोभा आंटी की तरह सुंदर कोई नहीं है, लेकिन उसकी कद्र अंकल को नहीं थी, वो कभी भी शराब पीकर शोभा आंटी को मारते रहते थे और शोभा आंटी बेचारी चुपचाप सह लेती थी। फिर जिस दिन में उनके घर पहुँचा, तो शोभा आंटी बहुत खुश हो गयी और मेरे आते ही मुझे बड़े प्यार से गले लगाया और मेरे सिर पर अपने प्यारे से होंठो से चूमा। अब मेरे आने की खुशी शोभा आंटी के चेहरे पर देखने लायक थी।

फिर कुछ देर तक यहाँ वहाँ की बातें होने के बाद में बाथरूम में फ्रेश होने चला गया और गर्म पानी से नाहकर में फिर से शोभा आंटी और अंकल के साथ बातें करने बैठा। आज मेरी आने की खुशी में शोभा आंटी ने खाने में सभी मेरी पसंद का खाना बनाया था, खाना इतना स्वादिष्ट बना था कि कहो मत। अब में सफर की वजह से थका हुआ था इसलिए में अंदर के कमरे में सोने चला गया और अंकल शराब की दुकान पर शराब पीने चले गये। अब शोभा आंटी मेरे पास कुछ देर तक बैठी थी। फिर थोड़ी देर बाद मुझे कब नींद लगी? मुझे पता ही नहीं चला, लेकिन फिर अचानक से रात को करीब 3-4 बजे में नींद से जगा तो मुझे शोभा आंटी की कुछ आवाज़ आने लगी थी। अब वो धीरे से अंकल को हिला-हिलाकर जगाने की कोशिश कर रही थी। तो मैंने दबे पैर से बाहर के कमरे की तरफ जाकर देखने की कोशिश की तो मेरी आँखे फटी की फटी रह गयी। अब शोभा आंटी पूरी तरह से नंगी थी, उनके शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था। अब आंटी के बड़े-बड़े बूब्स देखकर तो मेरा 7 इंच का लंड एकदम तन सा गया था। अब मुझे शोभा आंटी की चूत पर काले और घने बाल दिखाई दे रहे थे। मैंने शोभा आंटी को कपड़े में तो कई बार देखा था, लेकिन नंगा लाईफ में पहली बार देखा था। शोभा आंटी नंगे बदन में एकदम गोरी और किसी परी की तरह दिखाई दे रही थी।

अब वो अंकल के लंड को अपने हाथ में लेकर ज़ोर-ज़ोर से हिलाकर उन्हें जगाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन अंकल शराब के नशे के कारण नींद से उठ ही नहीं पा रहे थे। अब उस वक़्त मुझे ऐसा लग रहा था कि काश अंकल की जगह में होता और आंटी मेरे लंड को ज़ोर-ज़ोर से हिलाकर चोदने को बोलती।  अब बेचारी शोभा आंटी पूरी रात अपनी फूटी किस्मत पर रोती हुई बिस्तर पर सोने की कोशिश करने लगी थी। फिर में भी चुपचाप अपने कमरे में चला गया, लेकिन अब में बिस्तर पर सोने की कोशिश करके भी सो नहीं पा रहा था कारण शोभा आंटी का नंगा बदन मेरी आँखों के सामने दिखाई दे रहा था।  अब मुझे मेरी शोभा आंटी काम और एक प्यासी औरत दिखाई दे रही थी। अब मेरे दिमाग में सिर्फ़ शोभा आंटी को किस तरह चोद सकूँ? ऐसे ख्यालों ने मुझे परेशान करके रखा था और फिर इस ख्याल में कब सुबह हुई? मुझे पता ही नहीं चला।

फिर सुबह नहाने के बाद में अपनी जॉब पर जाने लगा, लेकिन एक दिन जब में जॉब से घर आया तो मैंने देखा कि शोभा आंटी ने मेरा कमरा काफ़ी साफ करके रखा था। तो यह देखकर में तो डर ही गया क्योंकि मेरे कमरे में एडल्ट फोटो की किताबे पड़ी थी और तो और वो भी किताबे एक जगह पर ठीक तरह से शोभा आंटी ने जमाकर रखी थी। फिर मैंने टेन्शन में आकर शोभा आंटी से पूछा कि शोभा आंटी तुमने किसी किताब को खोलकर देखा तो नहीं ना? तो शोभा आंटी थोड़ी मुस्कुराते हुई बोली कि मुझे क्या पता कि मेरा बेटा अब इतना बड़ा हो गया है? फिर में समझ गया की आंटी ने सारी एडल्ट किताबे देखी है। फिर मेरे दिमाग में ख्याल आया कि जाने दो जो हुआ सो अच्छा ही हुआ। फिर दूसरे दिन मैंने जानबूझकर घर के डी.वी.डी प्लेयर में एक एडल्ट डी.वी.डी डालकर रख दी और जब में जॉब पर जाते समय शोभा आंटी को कहकर गया कि शोभा आंटी अगर तुम घर में बोर हो तो टी.वी ऑन करके मूवी देख लेना।

फिर जब में जॉब पर गया, तो तब शोभा आंटी ने टी.वी का जब बटन दबाया तो उसके साथ ही डी.वी.डी  प्लेयर भी ऑन हो गया और टी.वी की स्क्रीन पर एडल्ट मूवी शुरू हो गयी। तो वो मूवी देखकर शोभा आंटी काफ़ी उत्तेजित हो गयी थी, शायद शोभा आंटी ने वो सेक्स की डी.वी.डी दिन में 4-5 बार प्ले की होगी। फिर जब में जॉब से घर आया तो शोभा आंटी के चेहरे पर कुछ अलग सा नशा दिखाई दे रहा था। फिर में फ्रेश होने के लिए जब बाथरूम में गया तो बाथरूम से नहाने के बाद में सिर्फ़ अंडरवेयर में ही बाहर आया। फिर शोभा आंटी का मेरी तरफ देखने का स्टाइल ही कुछ अलग था। अब मुझे उनकी आँखों में एक अलग सी प्यास दिखाई दे रही थी। अब में समझ गया था कि शोभा आंटी ने वो एडल्ट मूवी देख ली है। फिर रात का खाना खाने के बाद में अपने कमरे में सोने चला गया और शोभा आंटी अपने कमरे में चली गयी।

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फिर अचानक से रात को 3 बजे मेरी नींद खुल गयी तो मैंने देखा कि हॉल में टी.वी की लाईट मुझे दिखाई दे रही थी तो मैंने बाहर जाकर देखा, तो शोभा आंटी फिर से वही एडल्ट मूवी देख रही थी और शोभा आंटी फिर से पूरी नंगी होकर अपना एक हाथ अपनी चूत में डालकर ज़ोर-ज़ोर से उंगली कर रही थी और अपने एक हाथ से अपने बूब्स को दबा रही थी। तो यह देखकर मेरा लंड फिर से तन गया,  अब मुझसे कंट्रोल करना काफ़ी मुश्किल हो गया था क्योंकि आज घर में सिर्फ़ में और शोभा आंटी हम दोनो ही थे। फिर में झट से हॉल में चला गया, तो शोभा आंटी अचानक से डर सी गयी और शोभा आंटी ने घबराकर क्या करूँ? और क्या नहीं? शोभा आंटी को कुछ समझ ही नहीं आ रहा था। फिर मैंने शोभा आंटी से कहा कि आंटी यह क्या चल रहा है? तो शोभा आंटी डर के मारे बोली कि कुछ नहीं बेटा बस मुझसे रहा नहीं गया और मैंने शोभा आंटी के पूरे नंगे बदन को निहारना शुरू किया।

फिर में शोभा आंटी से बोला कि शोभा आंटी तुम इतनी खूबसूरत हो ये आज मैंने जाना, सच में अंकल बहुत नसीब वाले है जो उन्हें आप जैसी सुंदर बीवी मिली है। तो यह सुनकर शोभा आंटी बोली कि बेटा तेरे अंकल नसीब वाले है, लेकिन उन्हें मेरी कीमत नहीं पता है, एक सुनार ही असली हीरे की कीमत जानता है, बेटा क्या आज रात तू जन्नत का सफ़र करना पसंद करोंगे? अब यह सुनकर तो में सातवें आसमान में उड़ने लगा था। फिर मैंने अपने दोनों हाथ शोभा आंटी की काली घनी ज़ुल्फो में घुमाकर शोभा आंटी के होंठो पर अपने होंठ रखकर एक स्वीट सा किस ले लिया। फिर धीरे-धीरे शोभा आंटी की नर्म-नर्म गांड पर मेरे गर्म-गर्म होंठ घुमाने लगा। अब धीरे-धीरे शोभा आंटी का शरीर भी मुझे रिप्लाइ देने लगा था। फिर मैंने शोभा आंटी के दोनों बूब्स को अपने होंठो में लेकर आम की तरह चूसना शुरू किया। तो धीरे-धीरे शोभा आंटी सिसकियाँ लेते हुए मुझसे कहने लगी कि अभी हाईईईईईई बेटा और ज़ोर से चूसो, यह बूब्स सिर्फ़ तेरे लिए ही इतने दिनों से बचाए रखे थे। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब में भी बड़े जोश से शोभा आंटी के सारे बदन को मसलने लगा था। अब शोभा आंटी भी बड़ी जोश में आ गयी थी। फिर धीरे-धीरे मैंने शोभा आंटी को हॉल की जमीन पर लेटाकर आंटी की गोरी-गोरी टाँगे फैलाकर शोभा आंटी की चूत को अपने मुँह से चाटना शुरू किया तो शोभा आंटी को उससे और मज़ा आने लगा था। फिर शोभ आंटी का ध्यान मेरे 7 इंच लम्बे लंड पर पड़ा। अब में भी सिर्फ़ अंडरवेयर में था तो मेरे तने हुए लंड को शोभा आंटी ने स्पर्श करते ही वो और ज़्यादा मचलने लगा था। अब शोभा आंटी मेरी अंडरवियर उतारकर मेरे लंड को ज़ोर-ज़ोर से हिलाने लगी थी और फिर अपने मुँह में लेकर सकिंग करने लगी। अब मुझे भी बहुत मज़ा आने लगा था। अब शोभा आंटी की स्पीड और ज़्यादा बढ़ने से में भी काफ़ी उत्तेजित हो गया था और करीब 10 मिनट के बाद मैंने शोभा आंटी के मुँह में ही सफ़ेद कलर की पिचकारी छोड़ दी। तो शोभा आंटी ने उस सफ़ेद कलर के पानी को झट से पी डाला।

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फिर थोड़ी देर के बाद मेरा तना हुआ लंड एकदम ठंडा पड़ गया। फिर रात के 4 बजे में और शोभा आंटी मेरे कमरे में जाकर मेरे बेड पर चले गये। फिर शोभा आंटी ने मेरे लंड के साथ फिर से मस्ती करनी शुरू की तो मेरा लंड फिर से हरा भरा हो गया, अब हम 69 पोज़िशन में सो गये थे। अब मेरा लंड शोभा आंटी के मुँह में था और शोभा आंटी की चूत मेरे मुँह में थी। अब मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था और फिर से 10 मिनट के बाद मेरा सफ़ेद कलर का पानी निकल गया और हम एक दूसरे की बाहों में बाहें डालकर पड़ गये। फिर शोभा आंटी बोली कि बेटा अब रहा नहीं जाता प्लीज़ अपनी आंटी की बहुत साल से प्यासी चूत को अब चोद ही डालो, अब मुझसे रहा नहीं जाता है। अब शोभा आंटी मेरे नीचे और में शोभा आंटी के ऊपर चढ़ गया था। फिर शोभा आंटी ने मेरे लंड को अपनी चूत के मुँह में घुसाने को कहा तो मैंने मेरा लंड शोभा आंटी की चूत में डालना शुरू किया तो करीब 5 मिनट में वो आधा ही अंदर गया था, लेकिन मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था।

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अब मेरा लंड जब शोभा आंटी की चूत में घुसता तो अलग सा एहसास हो रहा था। अब में बड़े ज़ोर-जोर से शॉट मारने लगा था। अब शोभा आंटी को बड़ा दर्द होने लगा था, लेकिन अब में रुकने वाला नहीं था।  अब शोभा आंटी चिल्लाने लगी थी अभी बेटे रूक जा बड़ा दर्द हो रहा है, जरा आराम से बेटा, ओह में मर गयी, यह लंड है या गर्म तपा हुआ रॉकेट, तेरे अंकल का भी इतना कड़क और बड़ा लंड नहीं है मैंने इतना बड़ा लंड ज़िंदगी में कभी नहीं देखा है, हे भगवान यह किस पत्थर का बनाया हुआ है, बचाओ।  अब मेरे शॉट से शोभा आंटी काफ़ी देर तक परेशान हो गयी थी। अब उसके चिल्लाने से अब मुझे डर लगने लगा था कि कहीं घर के बाहर तो यह आवाज़ नहीं जाएँगी और मौहल्ले के लोग तो नहीं जाग जाएँगे इसलिए मैंने मेरे दोनों हाथ शोभा आंटी के मुँह पर रखे और ज़ोर-ज़ोर से शॉट देना चालू किया।  अब करीब 20-25 मिनट के बाद मैंने मेरा पूरा सफ़ेद पानी शोभा आंटी की चूत में छोड़ दिया था। अब में और शोभा आंटी एकदम शांत हो गये थे।

फिर में एकदम से शोभा आंटी की बाहों में बाहें डालकर पड़ा रहा और फिर रात कब सुबह में बदल गयी? मुझे पता भी नहीं चला। फिर शोभा आंटी बड़े प्यार से मेरी तरफ देखते हुए मुस्कुराकर बोली कि बेटा ज़िंदगी में इतना प्यार कभी नहीं मिला, जो कल रात तुने तेरी अपनी आंटी को दिया, मुझे तुझ पर नाज है मेरे लाल, सच में तेरे जैसा बेटा पाकर अब मुझे भगवान से और कुछ नहीं चाहिए। अब शोभा आंटी के मुँह से यह शब्द सुनकर मुझे अपने आप पर गर्व महसूस होने लगा था। अब उस रात को शोभा आंटी की टाईट चूत को चोदकर मेरे लंड में काफ़ी दर्द हो रहा था, फिर भी उस दर्द में कुछ अलग सा नशा भी आ रहा था। फिर उस दिन के बाद में और शोभा आंटी कई बार एक साथ हम बिस्तर हो गये और तो और एडल्ट किताबों का और कामुकता डॉट कॉम की स्टोरी पढ़कर मैंने शोभा आंटी को हर रात अलग-अलग स्टाइल से चोदा। अब यहाँ में शोभा आंटी के साथ मज़े ले रहा था और अंकल शराब के साथ मज़े ले रहे थे ।।

धन्यवाद …

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