सेक्सी मामी के मस्त बोबे

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प्रेषक : वीनू …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम वीनू राणा है और में पंजाब का रहने वाला हूँ। दोस्तों में भी आप सभी की तरह पिछले कुछ सालो से कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े लेता आ रहा हूँ। ऐसा करने में मुझे बड़ा सुख शांति मिलती है। में अपनी भी एक सच्ची घटना को लिखकर आप सभी तक पहुँचाने के बारे में बहुत दिनों से विचार बना रहा था। इस कहानी में मैंने अपनी मामी के साथ कुछ ऐसा काम किया उसको बताने के बारे में मेरी इच्छा हुई और आज उसको लिख भी रहा हूँ। में जो यह सभी को अपनी सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ यह आज से करीब 6 साल पहले मेरे साथ घटी। मुझे अच्छी तरह से पता है कि यह आप सभी को जरुर पसंद आएगी। अब में अपनी इस कहानी को शुरू करने से पहले अपने बारे में बता देता हूँ, मेरी उम्र 30 साल है और मेरा शरीर बहुत गठीला एकदम गोरा में दिखने में बड़ा आकर्षक लगता हूँ। में अब शादीशुदा हूँ मेरी शादी हुए करीब पांच साल हो चुके है और अब में अपनी आज की कहानी की तरफ बढ़ता हूँ। दोस्तों मुझे जब भी फ्री समय मिलता था तो में अपने मामा के घर रहने के लिए चला जाता था। वहां पर में कभी कभी बीस दिन भी रुक जाता था, मेरी मामी मुझसे उम्र में करीब तीन साल बड़ी है। दोस्तों यह घटना उस समय की है जब में 24 साल का था और मेरी मामी हमारे घर पर दिसंबर के महीने में छुट्टियों के समय कुछ दिनों रहने के लिए आई हुई थी।

दोस्तों मेरी मामी का रंग एकदम गोरा और उनका फिगर बहुत सेक्सी है। उनके फिगर का आकार 34-30-36 है वो हमेशा घर में साड़ी पहनती है, लेकिन वो हर रात को मेक्सी पहनकर सोती है उनके और मेरे बीच हमेशा हंसी मजाक के अलावा कभी कभी कुछ ऐसी बातें भी हुआ करती थी जैसी किसी दोस्त से होती है जिसकी वजह से वो मेरे साथ शुरू से ही खुली हुई थी और उनका वो व्यहवार भी मुझे बड़ा पसंद था और में हमेशा अपने घर में ऊपर वाले कमरे में अकेला ही सोता हूँ। एक दिन मैंने अपनी हॉट सेक्सी मामी को ऐसे ही बातों बातों में पूछ लिया क्या आप मेरे साथ मेरे कमरे में ऊपर सोना पसंद करोगी? तब उन्होंने मेरी बात को सुनकर झट से मेरे कमरे में सोने के लिए हाँ कह दिया और फिर में उनका वो जवाब सुनकर अंदर ही अंदर से बहुत खुश था, क्योंकि यह मेरी एक इच्छा थी जो उस रात को पूरी होने जा रही थी। दोस्तों में बता दूँ कि में अपनी मामी पर तब से फिदा था जब से वो शादी करके मेरे मामा के घर आई थी। वो उस दिन से ही मुझे बहुत अच्छी लगती थी और मेरे मन में तभी से यह इच्छा जाग उठी थी कि में अपनी मामी की एक दिन ज़रूर चुदाई करूंगा। दोस्तों में एक बात आपको बताना चाहता हूँ कि में लड़कियों के बूब्स को देखकर उनकी तरफ बहुत आकर्षित हुआ करता था और बूब्स को दबाने उनको अपने मुहं में लेकर ज़ोर ज़ोर से चूसने का मुझे बहुत शौक था और इसलिए तभी से में किसी ना किसी बहाने अपनी मामी के पास चला जाता था और में चोरी छिपे उनके बूब्स को देखा करता था।

मुझे अपनी मामी के गोरे बड़े आकार के उभरे हुए बूब्स बड़े अच्छे लगते थे, लेकिन उनको कभी भी मेरी इस हरकत के बारे में पता नहीं चला। एक दिन में उनके ससुराल मतलब अपने मामा के घर उसी मामी के रूम में बैठा हुआ बड़े आराम से टीवी देख रहा था। उससे कुछ देर पहले मैंने अपनी मामी के बूब्स उनके सफाई करते समय देखकर मेरा मन ख़ुशी से झूम उठा और बड़े गले के ब्लाउज से उनके बूब्स बाहर निकलकर बड़ा ही आकर्षक द्रश्य मेरी आखों को बड़ा मज़ा दे रहा था। में अपनी चकित नजर से देखकर मज़े लेता रहा और कुछ देर बाद वो बाहर निकलकर अपना काम करने लगी, लेकिन मैंने उनको जरा भी अंदाजा नहीं होने दिया कि मेरी नजर उनके बूब्स पर थी। अब में उनके विचारो में खोकर टीवी की तरफ नजर लगाकर बूब्स के बारे में सोचने लगा था और फिर कुछ देर बाद वो तैयार होकर वापस मेरे पास कमरे में आ गई और उन्होंने अब मेरी तरफ बहुत प्यार से देखते हुए पूछा अगर तुम फ्री हो तो क्या तुम मुझे बाजार तक छोड़ सकते हो? तब मैंने उनके मुहं से यह बात सुनकर झट से हाँ कह दिया। वो पहले से ही जमकर आई थी और में भी बिना देर किए तैयार हो गया। उसके बाद हम दोनों बाइक पर बैठकर बाजार की तरफ चल पढ़े। में जाते समय रास्ते में जानबूझ कर बाइक को बार बार ब्रेक लगा रहा था, जिसकी वजह से उनके बड़े आकार के मुलायम बूब्स मेरी कमर को छू जाते और उनके बारे में सोचकर मेरा लंड अब हरकत में आ चुका था।

फिर कुछ देर उनके बूब्स से मज़े लेने के बाद मैंने अपनी मामी से पूछा कि आप ठीक तरह से बैठी हो ना, आपको कोई समस्या तो नहीं है? तब उन्होंने हंसकर मुझसे कहा कि तुम ब्रेक थोड़ा से ध्यान से लगाओ कहीं में नीचे ना गिर जाऊँ? तो मैंने उनसे मजाक करते हुए कहा कि कोई बात नहीं है। में हूँ ना आपको सम्भालने के लिए आप बिल्कुल भी चिंता ना करे, में आपको गिरने नहीं दूंगा। फिर वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर थोड़ा सा मुस्कुराने लगी। फिर हम बाजार पहुंच गए और उन्होंने अपना वहां का काम खत्म किया और उसके बाद हम दोनों हंसी मजाक मस्तियाँ करते हुए पूरे एक घंटे के बाद घर को वापस आ गए और घर पहुंचकर मामी ने मुझे सबसे पहले कुछ देर हवा में बैठाकर पसीना सूख जाने के बाद पानी लाकर पिलाया। फिर उसके बाद उन्होंने मुझसे चाय के बारे में पूछा, तब मैंने उनको कहा कि अगर आप भी मेरे साथ पीना पसंद करोगी तो में भी पी लूँगा और उन्होंने हंसकर हाँ में अपना सर हिलाकर हम दोनों के लिए चाय लाकर मुझे भी दी और वो भी पीने लगी। फिर चाय पीते हुए हम दोनों बहुत देर तक इधर उधर की बातें करते रहे। दोस्तों फिर मेरे वहां पर उनके साथ बहुत दिनों तक रहने के बाद में अपनी मामी के सात ही एक दिन अपने घर आ गया। एक दिन जब मैंने उनको अपने रूम में सोने के लिए बोला तो वो हाँ कहकर मेक्सी पहनकर ऊपर चला गया और में भी बड़ा खुश होता हुआ उनके पीछे पीछे चला गया।

फिर ऊपर जाकर मैंने टीवी को चलाकर में उसमे कोई सेक्सी चेनल ढूंढने लगा और क्योंकि में हर कभी अपनी मामी के साथ सेक्सी बातें कर लेता था, लेकिन कभी ज़्यादा सेक्स की बातें मैंने उनसे नहीं की थी, लेकिन में मन ही मन बहुत खुश था, क्योंकि आज रात को जैसे मेरा कोई सपना पूरा होने वाला था जिसकी वजह से मुझे बड़ी ख़ुशी थी। फिर जब हम दोनों बेड पर लेटे हुए थे तब मैंने ऐसे ही उनसे उनके शरीर की बहुत सारी तारीफ करना शुरू किया, जिसकी वजह से वो बहुत खुश हो रही थी। अब आधी रात को अचानक मेरी नींद खुल गई और उस समय करीब दो बजे थे। मैंने देखा कि उस समय मेरी मामी बड़ी ही गहरी नींद में सो रही थी। मुझे उनके बूब्स बड़े गले होने की वजह से नजर आ रहे थे और में बिल्कुल पास देखकर बड़ा चकित था और कुछ देर बाद मुझसे रहा नहीं गया, इसलिए मैंने हिम्मत करके अपने एक हाथ को उनके बूब्स की तरफ बढ़ाना शुरू किया। फिर कुछ देर बाद मुझे थोड़ा सा डर भी लग रहा था, लेकिन उनके तेज सांस लेने से उनके बूब्स अब ऊपर नीचे हो रहे थे। यह देखकर मुझसे रुका नहीं गया और मैंने लेटे लेटे ही उनके बूब्स के ऊपर आराम से हाथ फैरना शुरू किया। तब भी वो उसी तरह से सो रही थी और में करीब पांच मिनट तक ऐसे ही अपना हाथ उनकी मेक्सी के ऊपर से ही चला रहा था, लेकिन इतना सब करने के बाद भी उनकी तरफ कोई भी विरोध ना होने की वजह से मेरी हिम्मत और भी ज्यादा बढ़ गई। फिर मैंने अब अपने हाथ को उनकी मेक्सी के अंदर डाल दिया और फिर मैंने बिना देर किए बूब्स को उनकी ब्रा से बाहर निकाल दिया। उसके बाद में अपना काम बहुत खुश होता हुआ करने लगा। फिर कुछ देर बाद जब में अपने हाथ को बूब्स के ऊपर गोल गोल घुमाने लगा। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर मामी एकदम से खड़ी हो गई, जिसकी वजह से में घबरा गया और उसके बाद उन्होंने उस समय मुझसे जो कुछ बोला में वो बात सुनकर सबसे ज्यादा हैरान रह गया, क्योंकि उन्होंने मुझसे कहा कि में तो अपने ससुराल में भी तुम्हे अपना दूध पिलाना चाहती थी और मुझे पता था कि तुम जब बाजार जाते समय अपनी गाड़ी को बार बार ब्रेक जानबूझ कर लगा रहे थे, जिसकी वजह से मेरे बूब्स तब तुम्हारी कमर पर लग रहे थे, जिसकी वजह से तुम बड़े खुश थे और में भी प्रसन्न थी। अब में उनकी वो पूरी बात को सुनकर हंस पड़ा। मेरी हिम्मत बहुत ज्यादा बड़ गई और वो भी मुस्कुराने लगी, तब उसके बाद मैंने बिल्कुल भी समय खराब करना उचित नहीं समझा और समय का उपयोग करते हुए मैंने उन्हे हल्का सा धक्का देकर बेड पर लेटा दिया। दोस्तों मैंने मन ही मन में सोच लिया था कि भगवान ने आज मेरे मन की इच्छा को आज पूरा करने के लिए मामी को चुदाई के लिए खुद तैयार कर दिया। मुझे उनके विरोध का सामना नहीं करना पड़ा, जिसकी वजह से मेरा जोश कुछ ज्यादा ही बढ़ गया। फिर उसके बाद में झट से उनके ऊपर चढ़कर मैंने जल्दी से उनके सारे कपड़े उतार दिए और ब्रा को पकड़कर ज़ोर से झटका देकर उतारकर दूर फेंक दिया।

फिर उसके बाद मेरी सबसे बड़ी कमजोरी उनके गोरे गोलमटोल बूब्स बिना कपड़ो के अब मेरे सामने थे जिनको में अपनी ललचाई हुई नजर से देखकर खुश हुआ। दोस्तों जैसा कि मैंने आप सभी को पहले भी बताया था कि में बूब्स को चूसने का बहुत शौक रखता हूँ ऐसा करना मुझे बहुत अच्छा मज़ेदार लगता है और में बिल्कुल पागल हो जाता हूँ। अब में झट से पागलों की तरह उनके बूब्स को बारी बारी करके अपने मुहं में लेकर चूस रहा था। फिर कुछ देर बाद वो भी जोश में आकर सिसकियाँ भर रही थी और उनको भी अब बड़ा मज़ा आ रहा था। करीब दस मिनट तक दोनों बूब्स को चूसने के बाद जब मैंने उनकी चूत पर पहली बार अपना एक हाथ लगाया तो मैंने छूकर महसूस किया कि वो तो पहले से ही गीली हो चुकी थी और जोश की वजह से मेरा भी लंड तनकर खड़ा हो चुका था। मेरा लंड भी बड़ी देर से मामी की चूत में जाने के लिए बड़ा बेताब था।

फिर जब मैंने अपना लंड बाहर निकाला तो वो पहली बार उसको देखकर बहुत खुश हुई और उन्होंने मुझसे कहा कि यह बहुत मोटा है इसलिए तुम थोड़ा धीरे धीरे से ही करना कहीं तुम जोश में आकर मेरी चूत को फाड़ मत देना, वरना में मर ही जाउंगी। में किसी को अपना यह दर्द बता भी नहीं सकती, लेकिन कुछ भी कहो मेरा मानना यह है कि इससे मुझे आज पहली बार चुदाई का मस्त मज़ा आने वाला है और उसके बाद मामी ने कहा कि जब तक में यहाँ पर रहूंगी तब तक में तुम्हारी पत्नी बनकर ही रहूंगी, मुझे तुम्हारे इस लंड से बिना लिए ही प्यार हो गया। फिर मामी ने इतना कहकर मुझे पूरा नंगा कर दिया अब हम दोनों एक दूसरे के सामने एकदम नंगे थे। फिर उन्होंने मेरा लंड पकड़ा उसके ऊपर अपने हाथ से सहलाना, प्यार करना शुरू किया और उसके बाद वो लंड को धीरे धीरे अपने मुहं में लेकर चूसने लगी। कभी पूरा अंदर कभी पूरा बाहर और उसके बाद टोपे के ऊपर अपनी जीभ को फेरने लगी। उनके ऐसा करने की वजह से में कुछ देर में ही झड़ गया। उन्होंने मेरा लंड चूसते चूसते मेरा वीर्य भी अपने अंदर ही उतार लिया वो पूरा वीर्य गटक गई, जिसकी वजह से मुझे धीरे धीरे बहुत जोश चड़ रहा था। कुछ देर के बाद में जब मेरा लंड तनकर खड़ा हुआ तब मामी ने उसको देखकर मन ही मन खुश होकर कहा कि अब इसे तुम जल्दी से मेरी चूत में डाल दो।

फिर जब मैंने अपना लंड को मामी की चूत के ऊपर रखकर लंड का टोपे को अंदर धकेला तो वो दर्द से चिल्ला उठी। फिर मैंने पूछा कि क्या हुआ? तो वो कहने लगी कि प्लीज धीरे से करो ना, में दर्द से मरी जा रही हूँ और फिर मैंने अपने लंड को धीरे से अंदर डालना शुरू किया। अब लंड एक इंच अंदर चला गया। तभी मैंने मामी को उनकी कमर से पकड़कर एक ज़ोर का धक्का लगा दिया, जिसकी वजह से मेरा लंड अब आधे से भी ज़्यादा चूत के अंदर चला गया और दर्द उस जलन की वजह से उनकी आखों से आँसू लपकने लगे। फिर भी मैंने ना रुकते हुए एक और धक्का लगा दिया, जिसकी वजह से अब मेरा पूरा लंड मामी की चूत में समा चुका था और वो उस दर्द से करहा उठी और बिन पानी की मछली की तरह तड़पने लगी थी।

फिर में कुछ देर बाद धीरे धीरे अपने लंड को अब आगे पीछे कर रहा था और कुछ देर बाद मैंने देखकर महसूस किया कि अब धीरे धीरे उनका दर्द कम हो रहा था और उनको भी अब मज़ा आने लगा था। वो भी जोश में आकर अपनी गांड को नीचे से उछालने लगी थी, जिसकी वजह से में भी बड़ा खुश होकर अपनी मामी की चुदाई का काम किए जा रहा था हम दोनों अब बड़े खुश थे। दोस्तों हम दोनों ने उस दिन रात को जमकर करीब चार बार चुदाई के पूरे पूरे मज़े लिए और इस चुदाई में वो आठ बार झड़ चुकी थी। वो उस दिन रात को पूरी नंगी ही मेरे साथ बिस्तर पर दूसरे दिन सुबह तक पड़ी रही और हमारे पूरे नंगे जिस्म एक दूसरे से पूरी रात चिपके रहे। फिर दूसरे दिन सुबह उठकर में पहले अपने कपड़े पहनकर नीचे आ गया। उसके कुछ देर बाद मामी भी मेरे पीछे पीछे नीचे आ गई और हम दोनों की अच्छी किस्मत से उस दिन रविवार का दिन था। वैसे मेरा विचार भी कहीं बाहर जाने का नहीं घर में ही कुछ करने का था और फिर दोपहर को अचानक से मेरे घर के सभी लोग किसी काम की वजह से घर से बाहर चले गये, जिसकी वहज से अब घर पर में और मेरी मामी ही अकेली रह गई।

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उस समय वो रसोई में नाश्ता तैयार कर रही थी। तो मैंने सही मौका देखकर पीछे से जाकर उनके बूब्स को अपने दोनों हाथों में पकड़ लिया और अब में उनको मेरी तरफ करके मैंने बूब्स को मसलना शुरू कर दिया और वो भी मेरी तरफ अपना मुहं करके एकदम सीधी खड़ी हो गई और में उनको हर जगह चूमने लगा, जिसकी वजह से हम फिर से जोश में आने लगे थे और उसी समय मैंने अपना लंड बाहर निकालकर अपनी मामी के मुहं में डाल दिया। मेरा लंड बस दो मिनट में ही लोहे के सरिए की तरह तनकर खड़ा हो गया। अब मैंने उनकी साड़ी वहीं किचन में ही उनकी कमर के ऊपर तक उठाकर अपने खड़े लंड को उनकी चूत में डाल दिया। मेरा लंड एक ही बार में पूरा फिसलता हुआ अंदर चला गया। अब में जोश में आकर उनके ब्लाउज को फाड़कर उनके बूब्स को बाहर निकालकर बूब्स को चूसने लगा था। मेरे ऐसा करने से मेरी गरम कामुक मामी को बड़ा मज़ा आने लगा था। वो चूत के अंदर लंड लेने की बजाए अपने बूब्स को चूसने की जिद करती रही, इसलिए में भी तुरंत समझ गया था कि उनको भी अब अपने बूब्स को किसी से चुसवाने की आदत पड़ गई है। फिर में भी उनको ब्लैक मैल करने लग गया मैंने उनको कहा कि जब में तुम्हारे ससुराल आऊंगा मतलब कि अपने मामा के घर में जब आऊंगा वहां पर भी में तुम्हारी चूत को ऐसे ही अपना लंड डालकर धक्के मारूँगा और यह बूब्स भी दबाऊंगा और इनका पूरा रस पी लूँगा।

फिर उसने कहा कि अगर में घर में अकेली हुई तो तुम्हे मना नहीं करूंगा और तुम तुम्हारी मर्जी पड़े सब कर लेना, मुझे भी तुम्हारे साथ बड़े मज़े आएगें। अब मैंने अपनी मामी को वहीं रसोई में ही घोड़ी बनाकर पीछे से उनकी चूत में अपने लंड को डाल दिया। में मामी के दोनों कूल्हों को पकड़कर तेज तेज धक्के देने लगा, जिसकी वजह से कभी पीछे उनकी गांड को भी में छूकर कूल्हों को सहलाने लगता, जिसकी वजह से वो घबरा जाती और वो मुझसे कहती नहीं मेरी गांड में नहीं डालना। दोस्तों में मन ही मन खुश हो जाता और में उनकी चूत को बड़े मज़े लेकर किचन में ही चुदाई कर रहा था और जब में झड़ने वाला था तब मैंने अपना वीर्य उनकी चूत में हल्के धक्के देते हुए ही डालकर मैंने कहा कि अब तुम मेरे बच्चे को जन्म देना, मुझे बहुत ख़ुशी होगी। फिर मामी कहने लगी कि कहीं अगर किसी को पता चल गया तो क्या होगा? फिर उसके बाद वो रसोई से रूम में जाकर साड़ी बदलकर दूसरी पहन ली। उसी समय मामी ने मुझसे कहा कि अगर इस होने वाले बच्चे का किसी को पता चल गया? तो मैंने उनको कहा कि तुम्हे एक बच्चा और पैदा करना ही है ना वो मेरा ही होना चाहिए, किसी को फिर उसके बारे में क्या किसी को पता चलेगा? अब वो मेरे समझाने पर मान गई, लेकिन कुछ वो थोड़ा सा डरती भी रही और उन छुट्टियो के समय जब तक वो हमारे घर में रही में करीब उनको हर दिन सुबह शाम जब भी मौका मिलता चुदाई करता रहा। मेरी इस लगातार जमकर चुदाई की वजह से वो गर्भवती भी हो गई थी। दोस्तों यह थी मेरी मामी के साथ उनकी मस्त जमकर चुदाई की कहानी ।।

धन्यवाद …

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