शादीशुदा औरत की चुदाई का निमंत्रण

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प्रेषक : कमल …

हैल्लो दोस्तों, में आपका दोस्त बहुत दिन बाद आप लोगों के सामने आया हूँ। सबसे पहले में आप सभी को मेरा परिचय देता हूँ, में दिल्ली का रहने वाला हूँ मेरी लम्बाई 5.10 इंच है। दोस्तों फेसबुक पर मुझे एक आंटी का मैसेज आया कि में आपसे एक बार मिलना चाहती हूँ और फिर उसने मुझे अपना फोन नंबर दे दिया मैंने उस फोन नंबर पर बात करना शुरू किया। वो बात कुछ इस तरह से हुई।

कमल : हैल्लो

आंटी : हाँ आप कौन बोल रहे हो?

कमल : में कमल बोल रहा हूँ क्या आपने मुझे मैसेज किया था?

आंटी : ओह हाँ आप कमल बोल रहे है, में आपसे मिलना चाहती हूँ और में उम्र में 38 साल की हूँ और मेरा नाम विनीता है।

कमल : अच्छा तो आप मुझे आपके घर का पता और मिलने का सही समय बता दो में चला आऊंगा।

फिर कुछ देर बातें करते हुए उसने मुझे अपने घर का पता वो समय बता दिया, तब मुझे पता चला कि वो भी दिल्ली की रहने वाली थी और उसने मुझे दिन और वो समय भी दिया। अब में उसकी बताई हुई तारीख, उस समय और ठीक पते पर पहुंच गया जिसके बाद मैंने दरवाजे पर लगी घंटी को बजाया तब कुछ देर बाद दरवाजा खुला और मेरे सामने एक 38 साल की बहुत ही सुंदर गोरी भाभी खड़ी हुई थी उसको पहले से ही पता था कि में आज उसके घर पर आने वाला था इसलिए उसने नयी साड़ी पहनी हुई थी और श्रंगार भी किया था उसके बदन से बहुत अच्छी खुश्बू आ रही थी। शायद उसने पर्फ्यूम लगाया हुआ था और उसके बूब्स बहुत बड़े आकार के थे, लेकिन वो बड़े ही तने हुए थे उसके होंठ बहुत गुलाबी रसभरे थे। फिर थोड़ी देर तो में उसको देखता ही रह गया और उसने मुस्कुराते हुए मुझे अंदर आने को कहा में उसके घर के अंदर चला गया। फिर मैंने देखा कि घर के अंदर कोई भी नहीं था और पूरे घर में बस वो अकेली थी। यह बात जानकर में मन ही मन बहुत खुश हुआ और उसके बाद विनीता ने मुझे पानी लाकर दे दिया। मैंने उसके हाथ से उस पानी के गिलास को लेते समय उसकी उंगली को जानबूझ कर छू लिया, जिसकी वजह से वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी। फिर उसके बाद वो मेरे पास सोफे पर बैठ गयी, मेरा लंड तो पहले से ही टाइट हो चुका था।

अब विनीता ने मुझसे कहा कि में तो समझ रही थी कि शायद आप बड़ी उम्र के होंगे, लेकिन आप तो बहुत ही जवान सुंदर आकर्षक लगते हो आप तो मेरी उम्मीद से भी ज्यादा निकले। अब मैंने उससे पूछा आपके इस घर में और कौन कौन रहता है? विनीता ने बताया कि यहाँ पर में और मेरे पति रहते है, लेकिन वो अभी बाहर गये हुए है इसलिए तुम तब तक मेरे साथ जो चाहे कर सकते हो। यह समय हम दोनों के लिए बहुत उचित एकदम ठीक है और हमें अब परेशान रोकने टोकने वाला कोई भी नहीं है, हम आज अपनी मर्जी के मालिक है। दोस्तों में उसके मुहं से यह बात सुनकर बहुत खुश हुआ और अब में आप सभी को उस एक दिन मैंने उसके साथ कितनी बार और कैसे कैसे चुदाई के मज़े लिए वो सब कुछ पूरी तरह विस्तार से सुनाता हूँ।

फिर में उसके थोड़ा और करीब गया और उसके हाथों को पकड़ लिया में उनको सहलाने लगा, लेकिन वो चुप ही थी बस मेरी तरफ मुस्कुरा रही थी और फिर धीरे धीरे मैंने उसके हाथों को मसलना शुरू किया उसके बाद में धीरे धीरे ऊपर की तरफ बढ़ रहा था। में अब उसके पेट पर हाथ घुमाने लगा और ब्लाउज के ऊपर से ही उसके बड़े आकार के एकदम मुलायम बूब्स पर अपने हाथ को घुमाने लगा। उसके बाद में बूब्स को दबाने लगा। मेरे यह सब करने की वजह से उसकी साँसे ज़ोर ज़ोर से चल रही थी और साथ ही मुझे उसकी तेज गती से चलती हुई दिल की धड़कने भी छूकर महसूस हो रही थी और अब मदहोशी की वजह से उसकी आखें भी बंद होने लगी थी। अब मैंने उसके ब्लाउज के बटन को खोलना शुरू किया और फिर ब्लाउज को उतार दिया, जिसकी वजह से वो मेरे सामने अब काले रंग की ब्रा में थी दोनों बड़े आकार के बूब्स उस ब्रा से बाहर आने को मचल रहे थे, क्योंकि उनका आकार तो मेरी उम्मीद से भी ज्यादा बड़ा था जिसको देखकर में बहुत चकित था। अब में उसकी ब्रा के ऊपर से ही बूब्स को मसल रहा था और ऐसा करने में मुझे बड़ा ही मस्त मज़ा और बहुत जोश आ रहा था।

फिर कुछ देर बाद में उसकी साड़ी को उतारने लगा और उसके बाद मैंने उसका पेटीकोट ऊपर उठाकर उसकी गोरी चिकनी जाँघ पर अपना एक हाथ घुमाया अपने उसी हाथ को आगे ले जाकर उसकी पेंटी के ऊपर से ही में उसकी चूत पर हाथ से सहलाने लगा। अब ज्यादा जोश में आने की वजह से उसके मुहं से आह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ स्सीईईईइ आवाज़ आने लगी थी और अब मैंने बिना देर किए उसका पेटीकोट भी उतार दिया जिसकी वजह से अब वो मेरे सामने सिर्फ़ पेंटी और ब्रा में ही थी मैंने उसके पूरे गोरे बदन को हर एक अंग को अपने हाथों से सहलाकर उसको इतना मस्त कर दिया कि वो अपने आपे से बाहर होकर अब बिल्कुल पागलों की तरह बहुत व्याकुल होकर उसने तुरंत मेरी शर्ट को उतार दिया और फिर वो मेरी छाती पर अपने हाथ को घुमाने लगी। तभी उसने मुझसे कहा कि तुम्हारा यह बदन तो बहुत ही मजबूत है। यह बात कहते हुए उसने मेरी पेंट को भी उतार दिया और इतना सब हो जाने के बाद मेरा लंड तो अंडरवियर को फाड़कर बाहर आने की कोशिश कर रहा था अंडरवियर टेंट की तरह हो गया था उसने मेरा लंड अंडरवियर से बाहर निकाला तो देखकर उसकी आंखे चकित होकर फट गयी। वो बहुत घूरकर मेरे लंड को देख रही थी, शायद इतना बड़ा लंड उसने पहली बार देखा था इसलिए वो बिल्कुल पागल होकर अब मेरे लंड को अपने मुहं में भरकर उसको बड़े मज़े लेकर चूसने लगी और मैंने भी उसकी ब्रा को भी उतार दिया। यह काम करने के बाद में उसके बड़े बड़े बूब्स को चूसने लगा और उसकी निप्पल बहुत बड़ी थी, जिसको चूसने में मुझे बड़ा मस्त मज़ा आ रहा था। अब मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था इसलिए मैंने भी बिना देर किए उसकी पेंटी को उतार दिया और उसके दोनों पैरों को खोलकर अपना पूरा 8 इंच का लंड मैंने उसकी चूत में एक ही धक्के में डाल दिया। फिर वो दर्द की वजह से सिसकियाँ लेते हुए आह्ह्हह्ह ऊउईईईईईई माँ मर गई कहते हुए वो मुझसे बोलने लगी प्लीज थोड़ा धीरे करो वरना मेरी चूत फट जाएगी।

दोस्तों उसकी चूत पूरी एकदम साफ चिकनी थी और उस पर एक भी बाल नहीं था। अब में पूरी तरह से जोश में आ गया, इसलिए में उसको ज़ोर ज़ोर से धक्के देने लगा, करीब दस मिनट के बाद वो झड़ गयी जिसकी वजह से मुझे अपने लंड को उसकी चूत के अंदर बाहर करने में बड़ा मज़ा आसानी हो रही थी क्योंकि उसकी चूत पानी छूटने की वजह से गीली हो चुकी थी। अब मेरे धक्को की स्पीड बहुत तेज हो गयी और थोड़ी देर के बाद मेरे लंड से भी सफेद वीर्य निकल गया, थोड़ी देर बाद जब हम दोनों शांत हो गये तो मैंने उससे कहा कि हम जब तक साथ है हम तब तक कपड़े नहीं पहनेंगे हम ऐसे ही पूरे नंगे ही रहेंगे, वो हंसते हुए कहने लगी जो तुम कहोगे में वैसा ही करूंगी, क्योंकि आज एक दिन के लिए में तुम्हारी पत्नी हूँ तुम मेरे साथ जो चाहे करो। फिर हम दोनों शाम तक एक दूसरे की बाहों में वैसे ही नंगे ही लेटे रहे और एक दूसरे के बदन से खेलते रहे। फिर करीब 8 बजे वो खड़ी हुई और हम दोनों के लिए खाना बनाने चली गयी। मैंने पीछे से देखा कि उसकी गांड बहुत बड़ी थी और वो चलते समय ऊपर नीचे हो रही थी, जिसको देखकर मेरा मन ललचाने लगा था और उस समय भी वो बिल्कुल नंगी खाना बना रही थी और में भी पूरा नंगा ही लेटे हुए टीवी देख रहा था और लगातार में उसकी तरफ घूरकर देख रहा था। उसके गोरे गोलमटोल कूल्हे बहुत ही सुंदर बड़े ही आकर्षक लग रहे थे और फिर जैसे ही वो कुछ सामान लेने आगे बढ़ती तो उसके कूल्हे और बूब्स ऊपर नीचे डोलने लगते। मेरा तो लंड एकदम फिर से टाइट हो गया। अब में खड़ा हुआ और उसके पीछे जाकर में उसकी गांड में अपने लंड को रगड़ने लगा और फिर उसको मैंने उसी समय अपनी बाहों में भर लिया, वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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दोस्तों उस समय वो रोटी बना रही थी और में उसके बूब्स को अपने दोनों हाथों की मदद से पीछे खड़ा होकर मसल रहा था वाह क्या रुई की तरह मुलायम बूब्स थे। फिर मैंने उसके बूब्स पर तेल लगाया और अब में उसके मसाज करने लगा, जिसकी वजह से उसके बूब्स अब चमक रहे थे। फिर मैंने उसकी गांड पर बहुत सारा तेल लगाया में उसकी गांड पर लगातार तेल लगाए जाता और उसको मसलता जा रहा था मैंने उसके दोनों कूल्हों को एकदम चिकना कर दिया जिसके बाद में उसकी पीठ पर, उसकी जाँघो पर और उसके पूरे बदन पर तेल लगाने लगा था जिसकी वजह से अब वो भी पूरी तरह से कामुक हो चुकी थी। तभी उसने गेस को बंद किया और झट से पीछे पलटकर मुझे अपनी बाहों में लेकर वो मेरे होंठो को चूसने लगी और उसने अपनी जीभ को मेरे मुहं में डाल दिया। फिर करीब दस मिनट तक हम एक दूसरे के होंठो को चूसते ही रहे। अब उसने मेरे लंड पर भी तेल लगाना शुरू किया जिसके बाद वो मेरे पूरे बदन पर तेल लगाने लगी और मसाज करने लगी जिसकी वजह से अब हम दोनों का बदन पूरा चिकना हो गया था। अब मैंने उसको अपनी बाहों में भर लिया और फिर मैंने विनीता को अपनी बाहों में उठाकर में बाथरूम में ले गया। मेरा लंड तो पहले से ही पूरा तना हुआ था, तभी विनीता हंसते हुए मेरे लंड की तरफ देखकर बोली इसको अभी तो मैंने खाना खिलाया था क्या यह फिर से भूखा हो गया? मैंने उससे कहा कि इसकी पूरी भूख तो एक दिन के बाद ही मिटेगी और अब वो मेरी गोद में बैठ गयी। में उसके दोनों बूब्स पर पीछे से साबुन लगा रहा था और मेरा तनकर खड़ा लंड उसकी गांड के छेद को छू रहा था।

अब वो खड़ी हो गयी और उसने मेरे लंड को अपने हाथ में ले लिया और अपने हाथ को धीरे धीरे नीचे करते हुए लंड का टोपा बाहर निकाला और उस पर वो साबुन लगाने लगी और वो उसको आगे पीछे करने लगी, तब में उसके गोरे गोरे बूब्स पर साबुन लगा रहा था और उनको मसल भी रहा था। उसके बाद में अब उसकी निप्पल को अपने मुहं में लेकर चूसने लगा, तभी उसके मुहं से आवाज़ निकल गयी ऊफ्फ्फ्फ़ हाँ चूसो मेरे राजा पूरा चूस लो वाह मज़ा आ गया ऊह्ह्ह्ह तुम बड़े ही अनुभवी निकले तुम्हारे साथ मुझे यह सब करके बड़ा मज़ा आया। तुम तो मेरे असली पति बनने के लायक हो। अब में यह सभी बातें सुनकर जोश में आकर उसकी निप्पल पर अपनी जीभ को रगड़ रहा था। अब उसने मेरे पूरे बदन पर साबुन लगाया और मैंने भी उसके पूरे बदन पर साबुन लगाया। अपने हाथों से धीरे धीरे रगड़ा जिसकी वजह से झाग ज़्यादा बने और यह सब करने के बाद मैंने अब उसको बाथरूम में लेटा दिया। उसका वो बाथरूम बहुत बड़ा था और फिर में अपने लंड को उसके बूब्स पर रगड़ने लगा। वो अपने मुहं से आह्ह्ह्ह ऊउईईइ आवाज़ निकाल रही थी वो मुझसे कहने लगी अब मुझसे नहीं रहा जाता, प्लीज अब तू इसको पूरा मेरी चूत में डाल दे।

फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुहं पर रख दिया पूरे बदन पर पहले से ही साबुन लगा हुआ था इसलिए फट से फिसलता हुआ मेरा लंड एक हल्के से धक्के में ही अंदर चला गया। दोस्तों तब मुझे पहली बार पता चला कि साबुन लगाकर चुदाई करने का मज़ा ही कुछ और होता है, में अब उसको तेज धक्के दे रहा था और विनीता अपनी दोनों आखों को बंद करके मेरे साथ पूरा पूरा मज़ा ले रही थी। फिर करीब आधे घंटे तक हमारा वो काम वैसे ही चलता रहा। अब वो मुझसे बोली मुझे बहुत मज़ा आया और उसने यह बात कहते हुए मेरे गाल पर चुम्मि दी और हमारी चुदाई का काम खत्म करके हम दोनों नहाकर बाथरूम से बाहर आ गए। फिर रात का खाना भी हम दोनों ने नंगे ही खाया। वो उस समय मेरी गोद में नंगी ही बैठी थी और में भी पूरा नंगा डाइनिंग टेबल पर बैठा हुआ था। हम दोनों एक दूसरे को खाना खिला रहे थे, मेरा लंड अब ढीला था, क्योंकि उसने पहले दो बार जो मेरे साथ चुदाई के मज़े लिए थे। फिर खाना खाने के बाद उसने हमारे वो बरतन भी नंगे होकर ही धोए।

दोस्तों में यह सब देख रहा था, अब मेरा लंड धीरे धीरे एक बार फिर से टाइट हो रहा था। वो बरतन को धोकर मेरे पास बेड पर आ गई और फिर लेट गयी, टीवी देखने लगी तभी अचानक से वो खड़ी हुई और अलमारी से उसने एक सीडी को निकली और सीडी प्लेयर में उसको लगा दिया, देखकर मुझे पता चला कि वो एक सेक्सी फिल्म की सीडी थी और अब हम दोनों वैसा ही मज़े करने लगे जैसे उस सेक्सी फिल्म में चल रहा था, मैंने विनीता की चूत में अपनी उंगली डाली और में उसको अंदर बाहर करने लगा और साथ साथ में बीच बीच में उसकी चूत को अपनी जीभ से चाट भी रहा था, जिसकी वजह से विनीता को बहुत मज़ा आ रहा था। अब उसने जोश में आकर मेरे लंड को अपने मुहं में ले लिया और जैसा उस फिल्म में आ रहा था वो वैसे ही अपना थूक मेरे लंड पर लगाने लगी और लंड को अंदर बाहर करने लगी। फिर कुछ देर यह सब करने के बाद में सीधा लेट गया और वो मेरे ऊपर चढ़कर घुटनों के बल बैठ गयी और उसने मेरा लंड अपनी चूत के अंदर डाल लिया और अब वो धीरे धीरे लगातार ऊपर नीचे होने लगी, जिसकी वजह से मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। में उसके बूब्स को दबा रहा था और करीब दस मिनट तक हमारे बीच ऐसे ही चलता रहा।

फिर उसके बाद वो कुतिया की तरह हो गयी और में पीछे से अपने लंड को उसकी चूत में डालकर तेज धक्के देकर उसकी चुदाई करने लगा, पहले मैंने उसकी चूत में अपने लंड को डाला और उसके बाद उसकी गांड में भी मैंने अपने लंड को डाल दिया वो दर्द की वजह से ज़ोर से चिल्लाई ऊउईईइ आह्ह्ह्ह माँ मेरी फट गयी आहह्ह्ह जैसे उस फिल्म में आवाज़ आ रही थी वैसे ही वो भी आवाज़ अपने मुहं से निकाल रही थी। अब में ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर उसकी चुदाई करने लगा, जिसकी वजह से वो और भी जोश में आ रही थी। फिर करीब एक घंटे के बाद हम दोनों का झड़ने का समय आ गया और फिर हम दोनों नंगे ही एक दूसरे को बाहों में लेकर लेट गये। अब तक हम दोनों का वो पानी बाहर आकर हमारे उस जोश को पूरी तरह से ठंडा कर चुका था और हमें पता ही नहीं चला कि कब हम बड़ी गहरी नींद में सो चुके थे। फिर दूसरे दिन हम करीब दस बजे उठे हम दोनों ने एक साथ नहाकर मज़े लिए और कुछ देर बाद नहाकर बाथरूम से बाहर आकर अपने बदन का पानी साफ करने के बाद वैसे ही पूरी नंगी हमारे लिए नाश्ता बनाने चली गयी। मेरे सामने नाश्ता लाकर रख दिया और कहा कि शुरू करो। तभी उसने मुझसे कहा कि आज करीब तीन बजे तक मेरे पति वापस आ जाएगें इसलिए तुम अपने ठीक समय पर चले जाना। फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है आप इसकी तरफ से बिल्कुल बेफ़िक्र हो जाए। मैंने देखा कि नाश्ते में ब्रेड और मक्खन था और अब वो मेरी गोद में आकर बैठ गयी, मैंने चाकू में मक्खन लिया और उसके बूब्स पर लगाने लगा उसके बाद मैंने उसके निप्पल पर भी मक्खन लगाया। अब वो घूम गयी और मेरी गोद में मेरे सामने मुहं रखकर बैठ गयी। मैंने उसकी निप्पल से और बूब्स से मक्खन को चूसना शुरू किया, जिसकी वजह से वो पूरी तरह मदहोश हो रही थी। फिर उसने भी मेरी छाती पर मक्खन लगाया उसके बाद मेरी निप्पल पर भी मक्खन लगाया और वो उनको चूसने चाटने लगी। फिर उसने कुछ देर बाद मेरे लंड पर मक्खन लगाकर पूरा लंड अपने मुहं में डाल दिया और वो चूसने लगी, में उसकी चूत को चाटने लगा।

अब मुझे महसूस हुआ कि उसकी चूत पूरी तरह मुलायम हो चुकी थी। उसने बैठे बैठे ही मेरा लंड अपनी चूत में डाल लिया और मक्खन लगाने से उसकी चूत एकदम चिकनी हो चुकी थी, इसलिए मेरा लंड तुरंत ही फिसलता हुआ उसके अंदर चला गया। अब वो धक्के देने लगी और में उसके रसभरे होंठो को चूसते हुए उनका रस पीने लगा। ऐसा करने में हम दोनों को ही बड़ा मस्त मज़ा आ रहा था और कुछ देर बाद उसने मेरे लंड का टोपा अपने मुहं में डाल लिया, मैंने पास ही रखा एक केला अपने हाथ में लिया और उसको में उसकी चूत पर रगड़ने लगा और हल्का सा अंदर बाहर करने लगा और चूत के दाने को सहलाने लगा। फिर कुछ देर बाद मैंने केले को उसकी चूत में पूरा एक ही झटके के साथ अंदर डालकर तुरंत ही बाहर निकाल लिया और उसके बाद केले को मैंने उसके मुहं पर रख दिया तभी मेरे मन में एक शरारत भरा वो विचार आया। वैसे अब मुझे करना भी में मन ही मन वो काम करने की ठान चुका था, जिसके बारे में मैंने उसको कुछ भी नहीं बताया था। वो अब केले के साथ साथ अपनी चूत का रस भी चूसने लगी। वो ऊपर से नीचे की तरफ पूरे केले को चूसने लगी वो केला बहुत बड़ा, मोटा भी था वो करीब 9 इंच लंबा था इसलिए अंदर डालते ही वो दर्द की वजह से बिन पानी की मछली की तरह मचल उठी।

फिर मैंने उस केले को अपनी पेंट से एक कंडोम निकालकर पहनाया और उसकी चूत में मैंने उस केले को डाल दिया और जिसकी वजह से दर्द से उसके मुहं से वो चीखने की आवाज़ निकल गयी ऊऊईईईई माँ आह्ह्ह में मर गई यह कैसा दर्द है प्लीज तुम इसको बाहर करो वरना में मर ही जाउंगी और उसकी दोनों आखें फट गयी उसने बड़ी उचलकुद करनी शुरू की, लेकिन में उसके दर्द की तरफ बिल्कुल भी ध्यान ना देकर अब उस केले को लगातार उसकी चूत के अंदर बाहर करने लगा। फिर कुछ देर बाद उसने मुझसे कहा आह्ह्ह वाह जान अब मुझे मज़ा आ गया, लेकिन यह मज़ा तुम्हारे लंड के सामने कम है मुझे वैसा मज़ा इससे नहीं आ रहा है जो मुझे तुम्हारे केले से आया था मुझे तुम्हारा ही केला बहुत पसंद है। फिर मैंने यह बात उसके मुहं से सुनकर केले को बाहर निकालकर अपना लंड उसकी चूत में पूरा अंदर डाल दिया और अब में उसको अंदर बाहर करने लगा। मैंने उसको पहले से भी ज्यादा तेज धक्के देकर उसका पूरा बदन हिलाकर रख दिया जिसका वो मेरा पूरा पूरा साथ देते हुए मज़ा ले रही थी, करीब आधे घंटे बाद वो झड़ गयी और तब मैंने अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकालकर तुरंत उसके मुहं में डाल दिया और वो मेरे लंड को बड़े ही प्यार से चूसने लगी। उसने पूरा लंड अपने मुहं में ले लिया और वो लगातार किसी अनुभवी रंडी की तरह मेरे लंड को अंदर बाहर करने लगी। फिर थोड़ी देर बाद मेरे लंड से सफेद रंग का वीर्य निकल गया तो वो सारा वीर्य गटक गयी। फिर हम दोनों ने कपड़े पहन लिए और फिर ज़ोर से वो मेरे गले लग गयी और हम दोनों ने होंठो पर चूमना शुरू किया, जिसमे उसने मेरा पूरा साथ दिया और हम दोनों का बदन इतना चिपका हुआ था कि उसके बीच से हवा के भी आने जाने की जगह नहीं थी। फिर में कुछ देर बाद वहां से अपने घर के लिए चला गया, लेकिन मैंने देखा कि उसके चेहरे पर मेरे साथ चुदाई का वो सुख एक अजीब सी ख़ुशी साफ साफ नजर आ रही थी क्योंकि वो मेरी चुदाई से पूरी तरह संतुष्ट हो चुकी थी और में भी हंसी ख़ुशी अपने घर चला आया ।।

धन्यवाद …

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