शादीशुदा ने प्लान बनाकर चुदवाया

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प्रेषक : आदर्श …

हैल्लो दोस्तों, आज में आप सभी को जो कहानी सुनने जा रहा हूँ वो एक शादीशुदा जोड़े की है, जिसकी चुदाई मैंने अहमदाबाद में की थी। अब इस कहानी को शुरू करने से पहले में आप भी को मेरा परिचय दे देता हूँ। दोस्तों मेरी उम्र 30 साल है और मेरा बदन गठीला, रंग गोरा, लम्बाई भी एकदम ठीकठाक है मुझे शुरू से ही सेक्स की तरह कुछ ज्यादा रूचि रही है अपनी कॉलेज तक की पढ़ाई को पूरी करने के बाद अब में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करने लगा हूँ और अब में कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों को पढ़कर मज़े लेता हूँ। ऐसा मैंने बहुत बार किया, आज में जो यह बात आप लोगों को बताने जा रहा हूँ यह अभी दो महीने पहले की है। तब मुझे अपने ऑफिस के किसी काम की वजह से एक सप्ताह के लिए अहमदाबाद जाना पड़ा तो में वहां पर एक अच्छी बड़ी होटल में ठहरा हुआ था। वहीं पर एक नया शादीशुदा जोड़ा भी ठहरा हुआ था, जिसका रूम मेरे रूम के ठीक सामने वाला था। दोस्तों मैंने देखा कि वो भाभी बहुत सुंदर थी और उनका रंग गोरा, बड़ी बड़ी आखें, लंबे काले बाल, बूब्स का आकार 32-30-36 था।

जब मैंने पहली बार उस भाभी को देखा तो में उसकी मीठी सुरीली आवाज उस खिले हुए हंसते चेहरे को देखकर बड़ा खुश हुआ और पहली बार में ही में उनकी तरफ आकर्षित होता चला गया। वो मुझे बहुत पसंद आई इसलिए में चकित होकर बस उसी को देखता रहा और पूरा दिन बस में उसी के बारे में सोचता रहा और उसी रात को में होटल के स्विम्मिंग पूल में नहाने चला गया। फिर कुछ देर बाद वहीं पर वो दोनों पति पत्नी भी आ गए और नहाने लगे में बड़ा चकित होकर अपने आखें फाड़कर उसको देखने लगा, क्योंकि उसने उस समय एक टाईट टीशर्ट और उसके नीचे बरमूडा पहना हुआ था। वो टी-शर्ट बिल्कुल टाईट और पानी में गीली होने की वजह से मुझे उसके एकदम गोल बड़े आकार के बूब्स साफ नजर आ रहे थे और उसके बूब्स की उठी हुई निप्पल वाला हिस्सा भी उस टी-शर्ट से साफ नजर आ रहा था क्योंकि वो अभी कुछ समय पहले ही शादी होकर अपने पति के साथ रहने लगी थी इसलिए उसका वो बदन निखरकर अपनी पूरी जवानी में था। जवानी का रस उसके हर एक अंग से टपक रहा था। फिर में कुछ बात सोचकर वहीं उन दोनों के पास चला गया और फिर मैंने अपनी शर्ट को उतार दिया, नीचे मैंने अंडरवियर पहनी हुई थी। अब वो मेरा गठीला गोरा बदन देखकर मुझे अपनी बड़ी बड़ी आखों से घूरकर देखती रह गयी और में भी लगातार उसके बूब्स की तरफ देख रहा था और वो मेरी छाती की तरफ देख रही थी, तभी अचानक से हम दोनों ने एक दूसरे के सामने देखा हमारी नजरे मिलते ही वो मुस्कुराने लगी, क्योंकि उसको पता चल गया था कि में उसके बूब्स को देख रहा था।

अब में स्विमिंग पूल में उतर गया और तभी उसने अपने पति को कुछ कहा तो उसका पति मेरे पास आया और वो मुझसे बातें करने लगा। तब मुझे पता चला कि उसका नाम रोहित था और उसका पति बहुत हंसमुख स्वभाव का था। फिर थोड़ी देर में हम दोनों के बीच बड़ी अच्छी दोस्ती हो गयी अब में उसकी पत्नी को भाभी कहने लगा था। उसकी पत्नी अब मेरे बहुत करीब थी और मुझे उसके बूब्स को देखने में बहुत मज़ा आ रहा था। मेरी नजर बूब्स से हटने को तैयार ही नहीं थी और वो बड़ा ही मस्त द्रश्य था। तभी उसके पति ने मुझे देख लिया और वो भी मुझे देखकर मेरी तरफ मुस्कुरा गया। दोस्तों उस समय मुझे बड़ा ही अजीब सा लगा कि उसने मेरी उन हरकतों को देखकर भी मुझे कुछ क्यों नहीं कहा? अब मैंने रोहित से कहा कि यार मुझे तैरना नहीं आता क्या तुम मुझे तैरना सिख़ाओगे? तो रोहित ने कहा कि मुझे भी अच्छी तरह से नहीं आता, लेकिन हाँ मेरी पत्नी नेहा को ठीक तरह से तैरना आता है और तब मुझे पता चला कि उसकी पत्नी का नाम नेहा था, वो तुम्हे तैरना सिखाएगी। उसके मुहं से यह बात सुनकर में तो मन ही मन बहुत खुश हुआ और मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं था और उस समय नेहा मेरे पास ही थी उसने हम दोनों की बातें सुनकर कहा कि हाँ ठीक है और वो भी मुझे उसके चेहरे से लगा कि खुश थी। अब उसने अपने दोनों हाथ मेरे नीचे रख दिए। उस समय उसका एक हाथ मेरी छाती पर था और दूसरा मेरी जाँघो पर था। यह सब करने की वजह से उसके बूब्स मेरे हाथों को छू रहे थे। यह मेरा पहला अनुभव था जिसकी वजह से मेरा मन ख़ुशी से झूम उठा वाह क्या मुलायम मखमल जैसे उसके बूब्स थे। मुझे तैरना सिखाते हुए कभी कभी वो अपना हाथ मेरी छाती पर घुमा देती तो कभी उसका हाथ मेरे लंड को छू जाता। यह सब होने की वजह से मेरा तो लंड तनकर एकदम खड़ा हो चुका था। हमारे बीच चले इस काम के बाद हम कुछ बातें जानकारियां एक दूसरे के बारे में लेकर वापस अपने रूम में चले गए, उसके बाद में पूरी रात बस वही सब बातें सोचकर खुश होता रहा।

फिर दूसरे दिन सुबह में करीब 8:30 बजे मेरे रूम की घंटी बजी। मैंने जाकर दरवाजा खोल दिया तब मैंने देखा तो मेरे सामने नेहा भाभी खड़ी हुई थी। उसने मेक्सी पहनी हुई थी और वो उस समय क्या मस्त सुंदर दिख रही थी। वो मेरी तरफ मुस्कुराने और फिर वो मुझसे कहने लगी कि हमारे रूम में गरम पानी नहीं आ रहा है इसलिए क्या में आपका बाथरूम को काम में लेकर यहीं पर नहा सकती हूँ? मैंने मन ही मन खुश होकर उससे कहा कि हाँ क्यों नहीं मुझे उसमे क्या परेशानी होगी? आप आराम से नहा सकती है, उसकी वो मेक्सी दो हिस्से में थी। मेरे मुहं से हाँ शब्द सुनकर उसने तुरंत ही अपनी मेक्सी का एक हिस्सा उतारकर अपने गोरे हॉट सेक्सी बदन से अलग कर दिया। अब में तो चकित होकर उसके बदन को देखता ही रह गया उसने मेक्सी के अंदर ब्रा भी नहीं पहनी थी इसलिए उसकी बड़े गले की मेक्सी के ऊपर गले वाले हिस्से से उसके बूब्स से ऊपर का हिस्सा एकदम खुला हुआ था। उसके वाह क्या गोरे गोरे हाथ थे और घुटनों के नीचे वाला हिस्सा भी खुला हुआ था। मैंने देखा कि उसके पैर भी बहुत गोरे एकदम चिकने थे। में तो उसकी सुंदरता को देखता ही रह गया। अब वो बाथरूम में चली गयी उसके चले जाने के बाद में दरवाजे के चाबी वाले छेद से अंदर झांककर उसको नहाते हुए देखने लगा।

फिर मैंने देखा कि वो अब ब्रा और पेंटी में थी वाह उसका क्या सुंदर गोरा चिकना बदन था। उसके वो दोनों बड़े आकार के बूब्स उस ब्रा में पूरी तरह से समा भी नहीं रहे थे और यह सब देखकर मेरा तो लंड एकदम तनकर खड़ा हो गया। मैंने देखा कि उसकी जांघे भरी हुई थी में तो वहीं पर खड़े हुए अपने एक हाथ से लंड को पकड़कर मुठ मारने लगा। ब्रा पानी में गीली होने की वजह से उसकी निप्पल भी मुझे बिल्कुल साफ दिखाई देने लगी। अब उसने अपनी ब्रा को उतारकर मेरी तरफ अपनी कमर को करके फुवारा चालू करके नहाना शुरू किया। अपने दोनों हाथों को वो अपने पूरे बदन पर घुमा रही थी और अपने पूरे जिस्म पर साबुन लगाकर नहाने लगी। कुछ देर बाद उसने अपनी पेंटी में भी अपने एक हाथ को डालकर चूत को अच्छी तरह से रगड़कर पानी डालकर धोते हुए नहाकर पानी को बंद करके टावल से अपना गीला बदन साफ करके कपड़े पहनना शुरू किया और थोड़ी ही देर के बाद वो बाहर निकलकर आ गई और उसके आने से पहले ही में अपनी जगह से हट गया।

फिर मैंने देखा कि उसने उस समय अपने जिस्म को सिर्फ़ एक टावल के पीछे छुपा रखा था। में तो उसको घूरकर देखता ही रह गया और उसने अपने उस टावल को अपनी निप्पल के थोड़े ऊपर बाँध रखा था, जिसकी वजह से उसके आधे उभरे हुए बूब्स टावल के बाहर साफ नजर आ रहे थे और उतने में रोहित भी आ गया, क्योंकि उसको भी नहाना था, लेकिन रोहित अंदर आते ही सीधा बाथरूम में चला गया और नहाने लगा था। उसी समय नेहा ने मुझसे कहा क्या आप मेरे रूम में मेरे साथ आएगें, मुझे अकेले में डर लगता है और जब रोहित नहाकर आ जाए तब आप चाहे तो वापस चले आना। अब में खुश होकर उसके साथ उसके रूम में चला गया और उसके कहने पर उसी कमरे में बेड पर बैठ गया, वो अभी भी सिर्फ़ टावल में ही थी। नेहा ड्रेसिंग टेबल के सामने बैठ गयी और वो अपने हाथों पर लोशन लगाने लगी। उसके वाह क्या मुलायम हाथ थे उसके बाद वो उठकर बाथरूम में चली गयी और जब वो बाहर निकली तो उसने ऊपर सिर्फ ब्रा पहनी हुई थी और उस टावल को उसने अपनी कमर के नीचे बाँध रखा था और अब वो दोबारा उसी ड्रेसिंग टेबल के सामने बैठ गयी और अब उसने मुझसे कहा कि ज़रा तुम क्या मेरी पीठ पर यह लोशन लगा दोगे, मेरा हाथ पीछे नहीं जाता, हमेशा यह काम रोहित ही करता है, लेकिन वो इस समय नहाने गया है।

दोस्तों में तो उसके मुहं से यह बात सुनकर एकदम खुश हो गया और अब में उसके पीछे जाकर उसकी पीठ पर उस लोशन को अपने हाथ से लगाने लगा। फिर तब मुझे महसूस हुआ कि उसकी वाह क्या मुलायम पीठ थी। मेरा लंड तो पूरी तरह से कड़क हो चुका था और में बहुत धीरे धीरे सहलाते हुए उसकी चिकनी पीठ पर लोशन लगा रहा था, जिसकी वजह से शायद अब उसको भी बहुत मज़ा आ रहा था क्योंकि मैंने कांच में झांककर देखा कि उसकी दोनों आखें अब बिल्कुल बंद हो चुकी थी और वो पूरी तरह से मज़ा ले रही थी। फिर वो कुछ देर बाद अचानक से उठकर खड़ी हो गयी और उसने अब अपना मुहं मेरी तरफ किया हुआ था। अब मैंने उसके कहे बिना ही आगे उसके गोरे मुलायम पेट पर भी लोशन लगाना शुरू किया, जिसकी वजह से में तो बहुत ही कामुक हो चुका था वाह क्या मस्त गहरी नाभि थी। उसका आकार भी बहुत बड़ा था। में तो बार बार उसकी नाभि पर अपने हाथ को घुमा रहा था और लोशन लगा रहा था। अब मेरा तो मन कर रहा था कि में उसकी नाभि में ही अपने लंड को डाल दूँ क्योंकि वो नाभि लंबी और गहरी थी, इसलिए वो बिल्कुल चूत की तरह लग रही थी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब नेहा जोश में आकर एकदम मदहोश हो चुकी थी, इसलिए उसके मुहं से धीरे धीरे आवाज़ भी आ रही थी और तभी रोहित भी नहाकर आ गया और उसने मुझे उसकी पत्नी के जिस्म पर लोशन लगाते हुए देख लिया। में तो उसको अपने सामने देखकर एकदम घबरा सा गया और मेरे सर से पसीना आने लगा। फिर उसने मुझसे पूछा क्या तुम लोशन लगा रहे हो? लेकिन में उससे कुछ नहीं बोला और में बेड पर बैठ गया और थोड़ी देर उससे बातें करके में अपने रूम में चला गया। अभी भी मेरे दिल दिमाग़ में नेहा के बदन के विचार आ रहे थे और आखों के सामने नेहा का नंगा बदन ही दिख रहा था, इसलिए मैंने उसको सोचकर एक बार मुठ भी मारकर अपने लंड को शांत किया था और अब तो में किसी अच्छे मौके की राह देख रहा था, जिसका फायदा उठाकर में नेहा की मस्त चुदाई के मज़े लेकर अपने लंड को शांत करूं और मैंने सोच लिया था कि अब तो में नेहा की चुदाई करके ही रहूँगा और जैसे तैसे में उसको सोचकर सो गया।

फिर दूसरे दिन सुबह रोहित और नेहा मेरे रूम में आ गए और रोहित मुझसे बोला कि यार मुझे एक ज़रूरी काम आ गया है, इसलिए में आज पूरा दिन बाहर ही रहूँगा, इसलिए तुम ज़रा नेहा का ध्यान रखना और इसको अकेले में डर लगता है, तुम्हारे पास होने से मुझे इसकी तरफ से चिंता नहीं होगी। दोस्तों में तो उसके मुहं से यह बात सुनकर मन ही मन बड़ा खुश हो गया। मैंने तुरंत ही उससे कहा कि तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो, में बहुत अच्छे से इनका पूरा पूरा ध्यान रखूंगा और वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर खुश होता हुआ चला गया। दोस्तों मैंने देखा कि नेहा टावल को अपने साथ में लेकर आई थी इसलिए रोहित के चले जाने के बाद वो अब नहाने की तैयारी करने लगी थी। उसी समय मैंने हिम्मत करके उससे कहा कि भाभी आप बहुत ही सुंदर हो और आपका यह गोरा बदन बहुत मुलायम है। फिर वो हंसते हुए मुझसे कहने लगी कि आप भी बहुत अच्छे लगते हो, आपका यह बदन भी बहुत अच्छा है यह ऐसा कैसा है में सोच सोचकर बहुत हैरान हूँ? तभी मैंने उससे कहा कि में हर रोज अपने पूरे बदन पर तेल की बहुत अच्छी तरह से मालिश करके ही स्नान करता हूँ उससे चमड़ी हमेशा अच्छी रहती है। अब नेहा ने कहा कि फिर तो ठीक है आज में भी ऐसा ही करती हूँ। में भी देखती हूँ शायद ऐसा करने से मेरे ऊपर भी कुछ असर हो जाए। उसी समय मैंने उससे कहा कि मुझे भी अभी नहाना बाकी है, इसलिए में पहले आपकी मालिश कर देता हूँ और उसके बाद आप नहा लेना, उसके पहले आप भी मेरी मालिश कर देना। फिर वो झट से मेरी बात को मान गई और शायद उसके मन में भी पहले से यही विचार था और अब उसने मुस्कुराते हुए मुझसे कहा कि में पहले आपकी मालिश कर देती हूँ।

फिर मैंने तुरंत ही उसके सामने तेल की बोतल को लाकर अपने कपड़े उतार दिए मैंने सिर्फ़ अंडरवियर पहनी हुई थी। वो घूरकर मेरे बदन की तरफ देखकर बोली कि वाह क्या बदन है? इतना कहकर उसने अपने एक हाथ में बोतल को उठाकर बहुत सारा तेल निकाला और वो मेरे हाथों पर लगाने लगी। फिर तभी में उसके मुलायम हाथों का स्पर्श पाकर खुश हो गया। मेरा लंड तो तुरंत ही एकदम टाइट खड़ा हो गया, क्या मस्त चिकने हाथ थे उसके मुझे स्वर्ग का अनुभव हो रहा था, वो धीरे धीरे मेरी छाती पर तेल लगाकर अपने हाथ को घुमाने लगी उसकी उँगलियाँ मेरी निप्पल पर छूने लगी और फिर वो निप्पल को पकड़कर उसको भी मसलने लगी थी, जिसकी वजह से अब तो मुझसे रहा नहीं जा रहा था और में एकदम व्याकुल बेचेन होता चला गया। फिर उसने कुछ देर बाद मेरे पैर पर भी तेल लगाना शुरू किया, जिसके बाद वो धीरे धीरे मेरी जाँघो तक पहुंच गयी।

अब वो बड़े आराम से मालिश कर रही थी और उसके ऐसा करने की वजह से मेरा लंड तो अब मेरी अंडरवियर को फाड़कर बाहर आने की कोशिश कर रहा था। में बहुत जोश में आ चुका था। अब नेहा ने मेरा तनकर खड़ा लंड देख लिया और वो मेरी अंडरवियर के ऊपर से ही मेरे लंड के ऊपर हाथ घुमाने लगी, जिसकी वजह से मेरे मुहं से आह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह की आवाज़ आने लगी मुझे बड़ा मस्त मज़ा आ रहा था। मेरी दोनों आखें अब बंद हो चुकी थी और में मस्ती के सातवें असमान पर पहुंच चुका था। अब उसने मेरा जोश वो हालत देखकर बिना देर किए उसी समय मेरे लंड को अंडरवियर से बाहर निकाल दिया और वो चकित होकर घूरकर देखने लगी। उसकी आखें फटी की फटी रह गयी वो मुझसे कहने लगी कि तुम्हारा लंड तो कितना बड़ा और तगड़ा भी है, इसके सामने मेरे पति का तो कुछ भी नहीं है, देखो यह कैसे तनकर खड़ा हुआ है और फनफना भी रहा है। यह तो मेरी उम्मीद से भी ज्यादा निकला, बिना कपड़ो के देखने से आज मुझे इसका असली रूप पता चला है, किसी का ऐसा भी हो सकता है यह आज मुझे पहली बार तुम्हारा लंड देखकर पता चला।

फिर उसने अपनी बातों को खत्म करके मेरे लंड पर भी तेल लगाना शुरू किया, मेरे लंड की चमड़ी को नीचे सरकाकर टोपे को बाहर निकाला और उसके ऊपर भी तेल लगाना शुरू किया। फिर कुछ देर बाद अपने एक हाथ में उसने बहुत सारा तेल ले लिया और उसके बाद मेरे लंड को हाथ में ले लिया और अब वो तेल लगाते हुए मेरे खड़े चिकने लंड को मुठ मारने लगी, जिसकी वजह से मेरे मुहं से दोबारा वैसी ही आवाज़ आने लगी थी, वो अब मेरे पूरे बदन को मसल मसलकर मसाज कर रही थी। फिर कुछ देर बाद मैंने उसके हाथों को मेरे लंड से झटका देकर दूर हटाते हुए बिना देर किए उसके पूरे कपड़े तुरंत ही उतार दिए वाह क्या मस्त गोरा गरम बदन था उसके बड़े बड़े बूब्स और कूल्हों को पहली बार में बिना कपड़ो के देखकर बिल्कुल दंग ही रह गया, क्योंकि मैंने इतना सुंदर बदन पहले कभी नहीं देखा था। अब मैंने भी अपने तेल को अपने हाथ में लेकर उसके हाथ पर उसके बाद उसके बूब्स पर लगाना शुरू किया और उसके गोलमटोल बूब्स को में अपने दोनों हाथों से बड़ी अच्छी तरह मसल रहा था, जिसकी वजह से चिकने होकर उसके बूब्स अब चमक रहे थे। अब मैंने उसकी उठी हुई हल्के भूरे रंग की निप्पल को अपने हाथ में लिया और उसको भी मसालना शुरू किया, जिसकी वजह से वो गरम होकर सिसकियाँ लेने लगी।

फिर मैंने सही मौका देखकर उसी समय उसकी निप्पल को अपने मुहं में लेकर चूसना शुरू किया और उसके मुहं से वो सिसकियों की आवाज़ पहले से अब तेज आ रही थी वो ऊऊईईईईइ माँ आहह्ह्ह्ह हाँ और ज़ोर से चूसो ऊफ्फ्फ्फ़ हाँ और चूसो करने लगी थी। फिर कुछ देर उसके निप्पल को चूसने बूब्स को दबाने के बद अब मैंने उसके पैरों पर तेल लगाना शुरू किया। मैंने उसकी गोरी जांघो पर तेल लगाकर उनको भी एकदम चिकना कर दिया और मैंने उनको बड़ी अच्छी तरह से मसलना शुरू किया वाह क्या मस्त भरी हुई मखमल जैसी चिकनी जांघे थी उसकी और फिर मैंने उसकी चूत पर तेल लगाया उसकी चूत पानी पानी हो गई और तभी उसी समय उसकी चूत चिकनी होने की वजह से मेरी उंगली उसकी चूत में घुस गयी और उसके मुहं से आवाज़ निकल गयी ऊउईईइ आईईईईई माँ, फिर मैंने अपनी उंगली को उसकी चूत के अब अंदर बाहर करना शुरू किया और साथ ही में उसकी चूत को भी चाटने लगा, जिसकी वजह से अब वो पूरी तरह से मदहोश हो चुकी थी और उसकी दोनों आखें बंद थी। उसकी साँसे तेज गति से चल रही थी। अब मैंने उसको पूरी नंगी अपनी गोद में उठा लिया और बाथरूम में ले गया। वहीं हम दोनों ने एक दूसरे को पानी डाल डालकर नहलाया और उसके बाद एक दूसरे को टावल से साफ किया उसके बाद मैंने उसको अपनी गोद में उठाकर मैंने उसको बेड पर लाकर लेटा दिया। वो अपने दोनों पैरों को सीधा पूरा खोलकर लेट गई और मैंने उसकी चूत को बड़े मज़े लेकर चूसा और कुछ देर के बाद मैंने अपना सात इंच का लंड उसकी गीली चुदाई के लिए तड़प रही चूत में डाल दिया और फिर में उसको लगातार तेज धक्के देने लगा, जिसकी वजह से उसके मुहं से आऊऊऊऊउ आह्ह्ह्ह माँ मर गई आह्ह्ह की आवाज़ आने लगी।

फिर कुछ देर धक्के देने के बाद उसका झड़ने का समय आ गया और वो धक्के खाती हुई सिसकियों के साथ झड़ गयी। उसकी गीली गरम चूत में मेरा लंड फिसलता हुआ पूरा अंदर बाहर हो रहा था मुझे उसकी चुदाई करने में बड़ा जोश मज़ा आ रहा था, इसलिए अब में भी जोश में आकर बहुत तेज़ी से उसको धक्के देने लगा। मेरे हर एक धक्के से उसका पूरा बदन हिल जाता और कुछ देर वैसे ही मज़े लेकर चुदाई करने के बाद में भी झड़ गया। मेरे लंड से निकला सफेद रंग का गरम गरम वीर्य उसकी चूत के अंदर ही निकल गया, जिसकी वजह से कुछ देर बाद उसकी तरह मेरा भी जोश ठंडा होता चला गया। में थककर अपने लंड को उसकी चूत के अंदर ही डालकर उसकी छाती पर लेट गया और में उसके बूब्स से खेलने गया। मुझे उसके खिले हुए चेहरे से उसकी संतुष्टि का साफ साफ पता चल रहा था। वो मेरी चुदाई से बहुत खुश थी। तभी उसका पति आ गया और उसने हम दोनों को उस हालत में पूरा नंगा एक दूसरे से चिपका हुआ हमारे लंड और चूत का मिलन अपनी आखों से देख लिया।

दोस्तों में तो बिल्कुल घबरा ही गया था। मुझे चुदाई करने में भी इतना पसीना नहीं आया था जो अब उस भाभी के पति को देखकर आ रहा था। मेरे पैरों के नीचे से जमीन सरक चुकी थी, क्योंकि में जिस औरत को चोद चुका था उसका पति अब मेरे सामने आकर खड़ा हो चुका था, लेकिन तभी उसने मुझसे कहा कि कोई बात नहीं, तुम्हे इतना चकित नहीं होना चाहिए क्योंकि में खुद ही जानबूझ कर तुमसे कहकर बाहर गया था, जिसकी वजह से तुम दोनों को एकांत में रहने को कुछ समय मिले, वो असल बात यह है कि हम दोनों को बहुत मेहनत करके के बाद भी बच्चे नहीं हो रहे थे। मैंने अपनी पत्नी के कहने पर एक अच्छे डॉक्टर से इसके बारे में सलाह लेकर भी देखा और तब हमे पता चला कि मेरे वीर्य में बच्चे पैदा करने वाले शुक्राणु की कमी है इसलिए हम अब तक माँ बाप का सुख नहीं ले सके और टेस्ट-ट्यूब बेबी में बहुत खर्च होता इसलिए जब तुम्हे पहली बार हम दोनों ने देखा तब मेरी पत्नी के दिमाग़ में एक विचार आया और आपके बदन को देखकर आप बहुत अच्छे लगे, इसलिए मेरी पत्नी ने हम दोनों के निर्णय पर आपसे यह चुदाई करवाई और मैंने होटल में हम दोनों के नाम और पते भी ग़लत दिए है जिससे किसी को हमारे बारे में पता भी नहीं चलेगा। फिर मैंने उसकी वो बातें सुनकर राहत की साँस लेकर थोड़ा ठंडा होकर उससे कहा कि कोई बात नहीं है आज के बाद हम एक दूसरे को कभी नहीं मिलेगे और फिर अगले दिन हम सभी एक दूसरे से दोबारा मिलकर हंसी ख़ुशी अपने अपने घर चले गये ।।

धन्यवाद …

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