शराबी आंटी ने जमकर चुदवाया

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प्रेषक : प्रेम ..

हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम प्रेम है और मेरी उम्र 23 साल है। दोस्तों में आप ही की तरह कामुकता डॉट कॉम का बहुत बड़ा फ्रेंड हूँ.. मैंने आज तक इस साईट पर बहुत सी सेक्सी कहानियाँ पढ़ी है और वो मुझे बहुत अच्छी लगी और फिर मैंने भी अपनी एक सच्ची घटना को आप सभी के सामने रखने का फैसला लिया। तो आज में आप सभी के सामने अपनी एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ.. जो आज से सिर्फ तीन महीने पहले ही घटी.. में अब सीधा अपनी घटना पर आता हूँ.. यह बात तब की है जब हमारे घर के पास वाले घर में एक नई आंटी रहने आई थी जो कि एकदम अकेले रहती है उन्हें हमारे पास आए हुए अभी कुछ ही दिन गुजरे थे और वो दिखने में बहुत सेक्सी है और उनका फिगर भी बहुत अच्छा है और उनका साईज लगभग 34-30-32 है और फिर हमारे दोनों के घर बिल्कुल पास में होने के कारण हमारा उनके घर पर आना जाना लगा रहता है और उनके अभी नये होने के कारण हमने उनकी कुछ मदद भी की जैसे कि उनको पीने का पानी देना, घर का सारा सामान सेट करने में उनकी मदद करना आदी।

फिर एक दिन मुझे यह पता चला कि उनके एक भी बच्चा नहीं है और उनका पति उनको अभी कुछ समय पहले ही छोड़कर भाग गया है और वो बिल्कुल अकेले होने के कारण बहुत शराब भी पीती है। दोस्तों यह बात 12 अप्रेल की है.. जब उस रात को में खाना खाने के बाद अपने घर से बाहर घूमने लगा.. तो मैंने देखा कि आंटी के घर का दरवाजा खुला है और फिर मैंने घर के अंदर जाकर देखा कि आंटी घर में नहीं है। तो मैंने आंटी को सभी कमरों में जाकर देखा.. लेकिन वो मुझे कहीं पर नहीं मिली और उसके बाद में घर के बाहर आ गया। तभी मैंने देखा कि आंटी कहीं बाहर से जोर जोर से चिल्लाते हुए आ रही है और उनके हाथ में एक शराब की एक बोतल भी है। तो में उन्हें देखता ही रह गया और में तुरंत अपने घर आया और आकर चुपचाप बैठ गया और फिर मेरी फेमिली के सभी सदस्य घर की लाईट बंद करके अपने अपने कमरों में सोने चले गये और उन्होंने मुझे भी सोने के लिए बोला.. लेकिन मैंने मना किया और कहा कि में अभी फोन पर गाने सुन रहा हूँ और में थोड़ी देर बाद सो जाऊंगा.. आप लोग सो जाओ। फिर उन सभी के सोने के बाद में मौका देखकर घर के बाहर निकला और जाकर आंटी के घर के बाहर खड़ा हो गया। तो आंटी ने मुझे देखते ही कहा कि अरे प्रेम आओ ना बैठे और फिर में जाकर सोफे पर बैठ गया और कहा कि यह क्या आंटी आप शराब पी रही हो?

आंटी : हाँ बेटा मुझे तुम्हारे अंकल की बहुत याद आ रही है ना इसलिए में शराब पी रही हूँ.. वो मुझे छोड़कर चला गये और अब में इस पूरी दुनिया में बिल्कुल अकेली हूँ।

में : तो क्या हुआ आंटी में हूँ ना आपके साथ.. प्लीज आप शराब मत पियो.. इससे आपकी तबीयत खराब हो सकती है।

फिर उसके बाद हमारी बहुत बातें हुई और वो शराब पीती गई और में सिर्फ़ उनकी बातें सुनता रहा। फिर मैंने धीरे धीरे उनको कहा कि आंटी मुझे आपकी तकलीफ़ पता है.. आपकी उम्र में तो सब खुश रहते है और आप रोती हो.. आंटी को शराब का बहुत नशा हो गया था। फिर आंटी मुझे बोली कि प्रेम क्या तुम मुझे टॉयलेट तक लेकर जा सकते हो? मुझे पेशाब करना है। तो मैंने कहा कि हाँ क्यों नहीं और फिर उसके बाद मैंने आंटी को टॉयलेट के पास ले जाकर छोड़ दिया और आंटी मेरे सामने ही अपनी मेक्सी को पूरा घुटनों तक उठाकर मूतने लगी.. लेकिन उन्होंने मेक्सी के अंदर पेंटी नहीं पहनी थी.. जिसकी वजह से उनकी चूत मुझे साफ साफ दिखाई दे रही थी और में सिर्फ़ उन्हें देखता ही रह गया। फिर उसके बाद आंटी को मैंने टॉयलेट से लाकर उनके बेडरूम में बिस्तर पर लेटा दिया और में उनके पास में बैठ गया। आंटी के बहुत नशे में होने की वजह से उनकी मेक्सी घुटने के ऊपर तक उठ गई और मैंने धीरे से उनकी जांघ पर हाथ रख दिया.. लेकिन उसने कुछ नहीं बोला और मैंने धीरे धीरे मेक्सी को और ऊपर उठा दिया और मुझे आंटी की चूत दिखने लगी.. वो बहुत बालों से भरी हुई थी।

तो आंटी ने उठकर अचानक से मुझे देखा और फिर मैंने भी देखा कि आंटी मुझे देख रही है और मैंने अपना हाथ मेक्सी से हटा लिया। तो आंटी ने कहा कि तू यह क्या कर रहा है? मादरचोद सिर्फ़ चूत देखेगा या चोदेगा भी.. भड़वा साला। फिर में यह बात सुनते ही समझ गया कि इसकी चूत में लंड लेने की खुजली हो रही है और मैंने अपना सर हिलाते हुए उनकी चूत में अपनी एक ऊँगली को डाल दिया और जोर जोर से हिलाने लगा। फिर उसके बाद मैंने आंटी की मेक्सी को पूरा खोल दिया.. आंटी सिर्फ़ ब्रा में थी और में उनके बूब्स देखकर पागल हो गया.. उनके बूब्स बहुत बड़े बड़े थे और मैंने जल्दी से उनकी ब्रा का हुक खोलकर एक बूब्स मुहं में ले लिया और चूसने लगा और एक बूब्स दबाने लगा। तो आंटी सिसकियाँ लेते हुए मुझे गालियां दिए जा रही थी.. मदारचोद मेरी चूत में बहुत खुजली हो रही है.. चोद मुझे में बहुत दिनों से चुदी नहीं हूँ.. जल्दी से चोद मुझे। तो मैंने अपना लंड पेंट से बाहर निकालकर सीधा उसके मुहं में डाल दिया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

दोस्तों मेरा लंड एकदम ठीक है और 6 इंच लम्बा है। फिर में 69 पोज़िशन में आ गया और मुझे उनकी चूत चाटने का मन कर रहा था.. लेकिन उनकी चूत पर बहुत से बालों की वजह से मेरी इच्छा नहीं कर रही थी और फिर मैंने सामने टेबल पर बाल साफ करने की क्रीम देखी और मैंने जल्दी से उसको उठा लिया और मैंने उसके दोनों पैरों को फैलाकर उसकी चूत में पूरा लगा दिया और 15 मिनट बाद उसकी चूत को पूरा साफ किया और में जमकर चूत चाटने लगा और वो पागल हो गई और वो बहुत ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी और कहने लगी कि बहुत अरसे बाद मेरी चूत किसी ने चाटी है.. प्लीज प्रेम जमकर चाट।

फिर मेरे 10 मिनट तक चूत चाटने के बाद आंटी मेरे मुहं में ही झड़ गई और उनके साथ साथ में भी झड़ गया। तो आंटी ने मेरे लंड को मुहं में लिया और चूसने लगी और में उनकी चूत में ऊँगली डालने लगा और कुछ देर बाद फिर मेरा लंड खड़ा हो गया। तो आंटी बोलने लगी कि साले कुत्ते जल्दी लंड को मेरी चूत में डाल। तो मैंने लंड को चूत के मुहं के पास लाकर एक जोर के धक्के के साथ लंड को चूत में डाल दिया और चूत गीली होने के कारण मेरा लंड आधा अंदर घुस गया और आंटी के मुहं से चीख निकल गई.. अहह उह्ह्ह उफ्फ्फ मेरे प्रेम राजा क्या लंड है तेरा? और डाल अंदर तक और मुझे जोर जोर से चोद। फिर मैंने एक और धक्का दिया और लंड पूरा चूत में घुस गया और आंटी अहह्ा हााहह करके चुदाई के मज़े लेने लगी और कहने लगी कि प्रेम तेरे अंकल चले गए.. लेकिन तू तो तेरे अंकल का भी बाप है.. चोद मुझे और जमकर चोद। फिर मैंने आंटी को घोड़ी बनने को कहा और 8 से 10 मिनट तक चोदने के बाद में उनकी चूत में ही झड़ गया और आंटी भी झड़ गई और आंटी नंगी ही सो गई और में आंटी के ऊपर चादर डालकर में भी अपने घर चला गया।

दोस्तों मेरी और आंटी की चुदाई का दौर उस रात से शुरू हो गया और मैंने आंटी को कभी भी अंकल की याद नहीं आने दी.. उसके बाद में आंटी का गुलाम बनकर रहा आंटी मुझे फोन करती और में उनकी सेवा में हाजिर हो जाता.. मैंने आंटी को बहुत समय तक चोदा.. लेकिन उनकी बच्चेदानी का ऑपरेशन होने की वजह से कभी भी माँ नहीं बनी और में उन्हें सुबह, शाम, दोपहर जब भी समय मिलता लगातार चोदता रहा ।।

धन्यवाद …

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