स्टूडेंट ने मेरी गांड चोदकर मज़ा लिया

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प्रेषक : गीतांजली …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम गीतांजली है और में हरयाणा की रहने वाली हूँ और मैंने इससे पहले भी आप सभी को अपनी पहली चुदाई के बारे में बताया था और आज में आप सभी को अपनी एक और दूसरी सच्ची चुदाई की घटना के बारे में बताने के लिए आप सभी की सेवा में आई हूँ। दोस्तों में एक कॉलेज में लेक्चरार की नौकरी करती हूँ और मेरी क्लास में 32 लड़के और 24 लड़कियाँ है उन सभी में से मेरा एक स्टूडेंट है जिसका नाम रोहित है जो दिखने में थोड़ा बेवकूफ़ सा है और उसकी हरकते भी कुछ वैसी ही है। एक बार मुझे कोई ग़लत काम करवाना था जो मैंने रोहित को करने के लिए कहा और उस काम को करने के बदले में मैंने उसके अच्छे नंबर लगाने का उसको लालच दे दिया। वो काम कुछ ऐसा था जो सामने वाले को पता नहीं चलता था कि वो ग़लत है या सही इसलिए मेरे कहने पर रोहित तुरंत तैयार हो गया कि वो मेरे उस काम को जरुर पूरा कर देगा, लेकिन बदले में मुझे उसके इंटर्नल में अच्छे नंबर के साथ साथ उसकी उपस्थित को पूरी करनी होगी और पेपर में उसकी मदद भी करनी होगी। फिर मैंने उसकी वो सभी बातों शर्तो को मान लिया और कुछ दिन के बाद उसी काम के सम्बंध में उसके पास किसी का फोन आया और उसने रोहित को बहुत धमकाया जिसकी वजह से वो डर गया और फिर वो तुरंत मेरे पास आ गया। तो मैंने उससे कहा कि अगर अगली बार उसको किसी भी तरह की कोई भी समस्या हो तो वो मुझे बताए और अगर उसके पास कोई भी फोन आ जाए तो मेरी उससे बात करवा दे और वो बहुत देर बाद मेरी उस बात को मान गया।

फिर करीब चार पांच दिन के बाद वो एक बार फिर से मेरे केबिन में आ गया और वो मुझसे बोला कि मेडम आज मेरे घर पर पुलिस आई थी और वो मेरे घर वालो से मेरे बारे में पूछ रही थी और अब आप मेरे घर पर मेरे साथ चल कर मेरे घर वालो को समझाएँ कि इसमे मेरी कोई ग़लती नहीं है। फिर मैंने उससे कहा कि हाँ ठीक है और फिर में उसके साथ उसके घर पर चली गयी। अब घर पर पहुँचकर उसने मुझे अंदर जाने को कहा और बोला कि में थोड़ी देर में आता हूँ जब तक आप मेरे घर वालो का गुस्सा कम करिए और मुझसे यह बात कहकर वो चला गया। फिर में उसके घर के अंदर चली गयी, लेकिन मुझे घर पर कोई भी नहीं दिखा, लेकिन उस समय आवाज सुनकर मुझे लगा कि शायद बाथरूम का नल चालू था इसलिए मुझे लगा कि जैसे कोई बाथरूम में है और वो उस समय फ्रेश हो रहा है। तो यह बात सोचकर में सोफे पर बैठकर उसके बाथरूम से बाहर आने का इंतजार करने लगी, लेकिन थोड़ी ही देर में रोहित भी अंदर आ गया और वो मेरे पास बैठ गया उसके बाद वो मुझसे बोला कि मम्मी अभी आ रही है और मुझसे यह बात कहकर उसने टीवी को चालू कर दिया वो मेरे पास बैठे हुए टीवी देखने लगा था। दोस्तों में भी उसके साथ टीवी देखने लगी थी, लेकिन अचानक से कुछ देर बाद उसने अपना एक हाथ मेरी जांघ पर रख दिया। उसके मेरे साथ ऐसा करने से में एकदम से चोंक गयी और मैंने उसका वो हाथ पकड़कर अपने पैर के ऊपर से हटा दिया था और तब मैंने उससे कहा कि तुम यह क्या कर रहे हो? तो उसने मुझसे कहा कि कुछ नहीं जो आप समझ रही है में वही करने की कोशिश कर रहा हूँ, अब मैंने वहीं पर बैठे हुए उसकी मम्मी को आवाज़ लगाई, लेकिन मुझे कोई भी जवाब नहीं मिला। तो वो अब मुस्कुराते हुए मुझसे कहने लगा कि घर पर कोई नहीं है और मैंने घर के सारे दरवाज़े भी बंद कर दिए है और मुझसे इतना कहकर उसने मुझे कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया। फिर मैंने उससे कहा कि यह सब करना ठीक नहीं है तुम चुपचाप अब मुझे छोड़ दो वरना में ज़ोर से शौर मचाना शुरू कर दूंगी। अब वो मेरी तरफ देखकर हंसते हुए मुझसे बोला कि आप मुझे अब तक जितना बेवकूफ़ समझती है वैसे में उतना बेवकूफ़ नहीं हूँ क्योंकि मुझे भी बहुत अच्छी तरह से पता है कि जो काम आपने मुझसे करवाया है वो काम भी सही नहीं है और अगर अब आपने मुझे कुछ भी करने से मना किया या रोकना चाहा तो में खुद ही जाकर पुलिस को वो सब कुछ सच सच बता दूँगा कि आपने मुझे लालच देकर यह सब करने के लिए कहा था और यह बात कहकर वो मुझे अब पालों की तरह किस करने लगा। अब मैंने बहुत बार कोशिश की अपने आप को उससे छुड़ाने की, लेकिन में उसमे सफल नहीं हो सकी और कुछ देर बाद जब वो मुझे किस करके थोड़ा सा हटा तो मैंने सही मौका देखकर उससे कहा कि क्या अब में यहाँ से जा सकती हूँ अब तो तुमने वो सब मेरे साथ कर लिया है जो तुम चाहते थे। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब उसने मुझे दोबारा कसकर पकड़ लिया और वो मुझसे कहने लगा कि एक लड़का एक लड़की से सिर्फ़ यही नहीं करना चाहता बल्कि वो और भी बहुत कुछ उसके साथ करना चाहता है। अब तुम मेरे साथ बिल्कुल चुपचाप कमरे में चलती हो या में तुम्हे जबरदस्ती लेकर चलूं। दोस्तों मैंने उसको अपनी तरफ से बहुत बार हर तरह से समझाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वो मेरे मुहं से कुछ भी बात कोई भी शब्द सुनना ही नहीं चाहता था। वो तो बस अपनी जिद पर वैसे ही अड़ा रहा और उसको अपने मन की इच्छा को कैसे भी करके पूरा करना था और वो अब इसलिए ज़बरदस्ती मुझे अपनी गोद में उठाकर अपने बेडरूम में ले गया और फिर उसने मुझे बेड पर लेटा दिया। उसके बाद वो मेरे कपड़े उतारने की कोशिश करने लगा और उसी समय उसने तेज आवाज में मुझसे कहा कि जल्दी से अपने कपड़े उतार दो, लेकिन मैंने उसको ऐसा करने से मना किया तो उसने दोबारा से पुलिस को फोन करने की धमकी देकर मेरी साड़ी को उतार दिया और अब उसने मेरी साड़ी को उस कमरे से बाहर फैंक दिया। फिर उसने मेरे ब्लाउज के हुक को खोलकर उसको भी पूरा उतार दिया और वो अपनी चकित आखों से ब्रा में छुपे हुए मेरे गोरे बूब्स को देखकर खुश होकर मुझसे कहने वाह गीतांजली मेडम आप तो बहुत ही सेक्सी हो वाह आपके क्या मस्त बूब्स है, इन पर अब तक मेरा ध्यान क्यों नहीं गया? अब वो यह बात कहकर पागलों की तरह मेरे बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा था। में उसका उस समय वो जोश देखकर बिल्कुल दंग रह गई मुझे क्या पता था कि वो जो चेहरे से ऐसा दिखने वाला लड़का कभी ऐसा भी मेरे साथ कर सकता है? और कुछ देर बाद उसने मेरी ब्रा को भी उतार दिया, जिसकी वजह से मेरे उठे हुए हल्के भूरे रंग के निप्पल अब उसके ठीक सामने आ चुके थे, जिसको वो अब अपने मुहं में लेकर चूसने लगा था वो चूसने के साथ साथ बार बार मेरे बूब्स को काट भी रहा था और उसके ऐसा करने पर मुझे दर्द होने लगा था। में उसको ऐसा करने से हर बार मना कर रही थी, लेकिन वो तो जोश में होने की वजह से मेरी कोई भी बात को सुनने के लिए बिल्कुल भी तैयार ही नहीं था और वो अपने मन मर्जी का काम करता रहा उसके चूसकर दबा दबाकर मेरे दोनों बूब्स को एकदम लाल कर दिया था। फिर उसने कुछ देर बाद मेरे बूब्स का अब पीछा छोड़कर मेरे पेटीकोट को भी उतार दिया, जिसकी वजह से अब उसके सामने मेरी गोरी चिकनी जांघे थी जिनको देखकर वो उनकी तरफ ललचाता हुआ अब मेरे पैरों पर किस करने लगा।

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फिर कुछ देर बाद वो अब मेरी पेंटी को भी नीचे उतारने लगा था, तब मैंने उससे कहा कि रोहित प्लीज अब तुम यह सब रहने दो और बाकी सब कुछ कर लो, लेकिन वो नहीं माना और उसने मेरी पेंटी को भी उतार दिया और वो मुझसे कहने लगा कि मेडम अगर में इसको नीचे नहीं उतारूंगा तो मेरे लंड की खुजली कहाँ से मिटेगी और मुझसे यह बात कहकर उसने अपनी एक उंगली को मेरी चिकनी कामुक चूत के छेद में डाल दिया। फिर में उस दर्द की वजह से ज़ोर से चीख पड़ी और में उससे कहने लगी आह्ह्ह उफ्फ्फफ्फ् रोहित प्लीज तुम वहां से अपनी उंगली को बाहर निकालो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है प्लीज अब तुम मुझे छोड़ दो जाने दो। अब वो मुझसे बोला कि गीतांजली इसको छेद नहीं चूत बोलो और फिर मुझे ना चाहते हुए भी चूत शब्द बोलना पड़ा और फिर उसने मुझसे कहा कि इसको गांड कहते है, इसको बूब्स कहते है और इसको चूत, इसको लंड और अब आ जा मेरे लंड पर बैठ जा, में तुझे आज जन्नत के मज़े देता हूँ। अब में उसके कहने पर उसकी गोद में जाकर बैठ गयी जिसकी वजह से उसका लंड मेरी चूत को छूकर मुझे मज़े देने लगा था, लेकिन उसको कुछ देर बाद अच्छा महसूस नहीं हुआ तो उसने मुझे अब बेड पर लेटा दिया। अब वो अपने लंड को मेरी गांड में डालने की कोशिश करने लगा था, लेकिन यह सब उसका पहली बार था इसलिए वो अपने लंड को मेरी कसी हुई गांड में डाल नहीं पा रहा था। फिर वो खड़ा हुआ और जाकर बाथरूम से तेल लेकर आ गया अब उसने अपने लंड पर और मेरी गांड पर बहुत सारा तेल लगा दिया, जिसकी वजह से दोनों चिकने होकर चमक उठे और अब वो दोबारा अपने लंड को मेरी गांड में डालने की कोशिश करने लगा था और कुछ देर तक लगातार कोशिश करने के बाद उसने अपना लंड मेरी गांड में डाल ही दिया उसको अपने उस काम को करने में थोड़ी सी सफलता मिल चुकी थी। तो जिसकी वजह से वो पागलों की तरह तेज़ी से अपने लंड को मेरी गांड पर धक्के मारने लगा था और दर्द की वजह से में चीख पड़ी और मैंने उससे कहा कि उफ्फ्फ्फ़ आईईईईई रोहित प्लीज मुझे बहुत दर्द हो रहा है तुम्हे चोदना है तो आराम से धक्के देकर चोदो तुम्हे अब इतनी जल्दी क्या है, में यहीं पर हूँ कहीं भागी नहीं जा रही हूँ। फिर उसने कहा कि मुझसे अब बिल्कुल भी सब्र नहीं हो रहा है, मेरी जान मुझे करने दो अपनी मर्जी का काम, आज तुम मुझे मत रोको। दोस्तों मुझसे यह बात कहकर उसने अब पहले से भी तेज़ी से धक्के देकर मुझे चोदना शुरू कर दिए, जिसकी वजह से वो कुछ ही देर में थक गया और वो उठ गया। फिर कुछ देर वो मेरे बूब्स के साथ साथ मेरी चूत में अपनी ऊँगली करता रहा उसके बाद उसने मुझे मेरी चूत में अपना लंड डालकर चोदना शुरू कर दिया उसका चिकना लंड मेरी गीली चूत में फिसलता हुआ तेजी से अंदर बाहर होता रहा और अपनी चुदाई खत्म करके उसने मेरी चूत की गहराइयों में अपना वीर्य निकाल दिया, जिसके बाद वो थककर वहीं पर लेट गया और में उसके पास बिना कपड़ो के पड़ी रही मुझे उसके चेहरे से अब उसकी संतुष्टि साफ साफ नजर आ रही थी जिसके लिए उसने मुझे अपने घर पर बुलाकर मेरी इतनी मस्त ताबड़तोड़ चुदाई करके मेरी गांड और चूत दोनों की हालत खराब कर दी और में उसका वो जोश धक्के देने की ताकत को देखकर बड़ी चकित थी।

दोस्तों एक वो दिन था और एक आज का दिन जिस तरह से किसी शेर के मुहं खून लग जाता है वैसे ही उस दिन के बाद तो उसको इस काम को मेरे साथ करने में मज़े के साथ साथ अब उसकी आदत ही पड़ गयी थी और वो मुझे हर रोज़ कहीं ना कहीं ले जाकर चोदने लगा था। शुरू में 10-12 दिन तो मुझे भी उसके साथ चुदाई करने में कुछ अजीब सा लगता था, लेकिन उसके बाद एक स्टूडेंट के साथ करने की उसके साथ अपनी चुदाई के मज़े लेने की मुझे भी आदत पड़ गयी है और अब तो में उसको अपना स्टूडेंट नहीं बल्कि अपना बॉयफ्रेंड मानती हूँ। दोस्तों यह कोई कहानी नहीं मेरी मेरे जीवन की एक सच्ची घटना है जो मैंने आज आप सभी लोगों को सुनाई है उसके बाद में रोहित के साथ दो बार बाहर भी जा चुकी हूँ जहाँ पर भी उसने मुझे मस्त मज़े देकर चोदा ।।

धन्यवाद …

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