सुहागरात की उलझन में बीवी की गांड चोदी

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प्रेषक : अभि …

हैल्लो दोस्तों मेरा नाम अभि है और आज आप सभी कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों के मज़े लेने वालों के लिए एक बहुत ही मस्त मज़ेदार कहानी लेकर आया हूँ। में उम्मीद करता हूँ कि इसको पढ़कर सभी को बड़ा मज़ा आएगा। अब में अपना परिचय करवाते हुए उसको सुनाना शुरू करता हूँ। दोस्तों हम लोग एक छोटे से गाँव के रहने वाले है और हमारा गाँव शहर से बीस किलोमीटर की दूरी पर है। दोस्तों कुछ समय बाद पास के ही एक गाँव में मेरे बड़े भैया की शादी हो गयी। मेरी भाभी का नाम सुमन था और मेरी सुमन भाभी बहुत ही अच्छे व्यहवार की हंसमुख स्वभाव की लड़की थी और वो सुंदर भी बहुत थी। उस समय मेरे भैया की उम्र 20 साल थी और मेरी भाभी उम्र में मेरे भैया से दो साल छोटी थी और में अपनी सुमन भाभी से उम्र में बस एक साल बड़ा था। मेरी सुमन भाभी की उम्र 18 साल की थी और गाँव में यह उम्र शादी करने के लिए ठीक मानी जाती है। शादी के बाद मेरे भैया की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी लग गयी और इसलिए वो हमारा घर छोड़कर उस समय पटना में ही रहने लगे थे, वो खुद ही घर का सारा काम करते थे और अपने लिए खाना भी बनाते थे, लेकिन जब उन्हें खाना बनाने में और घर का काम करने में दिक्कत होने लगी, तो उन्होंने मेरी सुमन भाभी को भी पटना अपने पास में बुला लिया था और उस समय मेरी मम्मी तो थी नहीं केवल पापा ही थे हम दोनों भाभी के जाने के बाद अकेले ही रहने लगे थे, लेकिन कुछ दिनों के बाद मेरे पापा का भी अचानक से स्वर्गवास हो गया और उनके भी चले जाने के बाद अब में बिल्कुल अकेला रहा गया था।

फिर भैया ने मुझे भी अपने पास ही रहने के लिए बुला लिया, इसलिए में भी उनके साथ पटना आ गया और अब में वहीं पर रहकर अपनी पढ़ाई करने लगा था। वहां पर रहकर मैंने अपनी बी ए तक की पढ़ाई को पूरी किया और फिर में किसी अच्छी सी नौकरी की तलाश में लग गया और अब मुझे नौकरी तलाश करते हुए पूरा एक साल ही गुज़रा थे कि एक दिन मेरे भैया की एक रोड दुर्घटना में मौत हो गई। दोस्तों उस समय मेरी उम्र 21 साल की हो चुकी थी और अब तक में एकदम हट्टाकट्टा नौजवान हो गया था में बहुत ही ताकतवर भी था, क्योंकि में अपने गाँव में हमेशा कुश्ती भी लड़ता था। फिर मुझे कुछ समय बाद मेरे भैया की जगह पर उसी कंपनी में नौकरी भी मिल गयी और अब घर पर मेरे और सुमन भाभी के अलावा कोई नहीं था। वो मुझसे बहुत प्यार करती थी, में भी उनकी पूरी तरह से देखभाल करता था और वो भी मेरा बहुत ध्यान रखती थी, सुमन भाभी को ही घर का सारा काम करना पड़ता था, इसलिए में भी कभी कभी उनके काम में उका हाथ बंटा दिया करता था और वो मुझसे हर बार बातों ही बातों में शादी करने के लिए कहा करती थी। एक दिन सुमन भाभी ने शादी के लिए मुझ पर ज़्यादा दबाव डाला तब मैंने शादी के लिए उनको हाँ कर दिया।

फिर सुमन भाभी के एक रिश्तेदार थे जो उनके गाँव में ही रहते थे, उनकी एक लड़की थी जिसका नाम प्रिया था। सुमन भाभी ने प्रिया के साथ मेरी शादी की बात चलाई और बात पक्की करने से पहले सुमन भाभी ने मुझे प्रिया की एक फोटो दिखाकर मुझसे पूछा यह लड़की कैसी है? तब में पहली बार प्रिया की वो फोटो देखकर बिल्कुल दंग रह गया, क्योंकि में पहले समझता था कि वो गाँव की लड़की है इसलिए इतनी ज़्यादा सुंदर नहीं होगी, लेकिन वो तो बहुत ही सुंदर थी। मैंने तुरंत हाँ कह दिया उस समय प्रिया की उम्र 18 साल थी। फिर हमारी शादी पक्की हो गयी और प्रिया के मम्मी पापा बहुत ग़रीब लोग थे और फिर एक महीने के बाद ही हमारी शादी गाँव के एक मंदिर में हो गयी। शादी हो जाने के बाद दोपहर को सुमन भाभी मुझे और प्रिया को अपने साथ में लेकर पटना आ गयी। घर पर कुछ पड़ोस के लोग नई बहू को देखने आए और जिसने भी प्रिया को देखा सभी ने उसकी बहुत तारीफ की और कुछ घंटो के बाद सभी लोग अपने अपने घर चले गये। फिर रात के करीब आठ बज रहे थे। सुमन भाभी ने मुझसे कहा कि आज में बहुत थक गयी हूँ तुम जाकर होटल से खाना ले आओ, मैंने कहा कि हाँ ठीक है में अभी लेकर आता हूँ और उनसे इतना कहकर में खाना लाने के लिए चला गया। दोस्तों मेरा एक बहुत अच्छा दोस्त था, जिसका नाम विजय था। उसका एक होटल था। में इसलिए सीधा विजय के पास चला गया। तो ने विजय मुझसे पूछा कि आज इधर कैसे? तब मैंने उसको सभी बातें बता दी और वो मेरी शादी की बात को सुनकर बहुत खुश हो गया। उसने मुझे बधाई दी और उसके बाद हम दोनों कुछ देर तक वैसे ही बातें करते रहे। तभी विजय ने मुझसे कहा कि तुझे असली मज़ा लेना हो तो में एक तरीका बताता हूँ।

फिर मैंने उससे पूछा कि हाँ बताओ? वो बोला कि तुम प्रिया की चूत को कुछ दिन तक हाथ भी मत लगाना, तुम केवल उसकी गांड ही मारना और अपने आप को काबू में रखना और कुछ दिन तक उसकी गांड मारने के बाद तुम उसकी चुदाई करना तुम्हे इस खेल में बड़ा मस्त मज़ा आएगा। तो मैंने मन ही मन सोचा कि विजय ठीक ही कह रहा है, मैंने उससे कहा कि हाँ ठीक है में ऐसा ही करूँगा उसने मेरे लिए सबसे अच्छा खाना जो कि उसके होटल में बनता था, मेरे लिए पेक करवा दिया और में वो खाना लेकर अपने घर वापस आ गया। हम सभी ने खाना खाया और उसके बाद सुमन भाभी ने प्रिया को मेरे रूम में पहुंचा दिया और उसके बाद उन्होंने मुझे अपने रूम में बुलाया और वो मुझसे कहने लगी कि प्रिया अभी छोटी है उसके साथ तुम बहुत आराम से करना। मैंने उनसे मज़ाक करके कहा कि मुझे करना क्या है? वो बोली कि शैतान कहीं का तू तो ऐसे कह रहा है जैसे कि जैसे तू कुछ जानता ही नहीं? मैंने कहा कि हाँ मुझे कुछ भी मालूम नहीं है, तो सुमन भाभी ने मुस्कुराते हुए कहा कि तुम पहले उससे प्यार की बातें करना और उसके बाद अपने औज़ार पर ढेर सारा तेल लगा लेना। उसके बाद तुम अपना औज़ार उसके छेद में बहुत ही धीरे धीरे डाल देना, ज्यादा जल्दी मत करना नहीं तो वो दर्द की वजह से बहुत ज़ोर से चिल्लाएगी, क्योंकि वो सब उसके साथ पहली बार होगा, क्यों समझ गये ना? फिर मैंने कहा कि हाँ में समझ गया। सुमन भाभी ने कहा कि अब जा अपने कमरे में चला जा। तो में अपने कमरे में जा पहुंचा।

फिर मैंने देखा कि उस समय प्रिया बेड पर ही बैठी हुई थी, में भी उसके पास में जाकर बैठ गया। मैंने उससे पूछा क्या में तुम्हें पसंद हूँ तो उसने अपना सर हाँ में हिला दिया, मैंने कहा कि ऐसे नहीं बोलकर बताओ। अब उसने शरमाते हुए कहा हाँ और फिर मैंने उससे पूछा कि तुम कहाँ तक पढ़ी हो? वो बोली कि बस आठ क्लास तक, तो मैंने उससे पूछा कि मेरी सुमन भाभी ने मुझे कुछ समझाया है क्या तुम्हें भी किसी ने कुछ सिखाया है? वो कुछ नहीं बोली तो मैंने कहा अगर तुम कुछ नहीं बोलोगी तो में बाहर चला जाऊंगा और इतना कहकर में उठकर खड़ा हो गया। फिर उसने मेरा हाथ पकड़ लिया में उसके पास में बैठा गया और मैंने उससे कहा कि हाँ अब तुम मुझे बताओ? अब वो कहने लगी कि मेरे घर पर केवल मेरे मम्मी पापा ही है और उन्होंने तो मुझसे कुछ भी नहीं कहा, लेकिन मेरे पड़ोस में रहने वाली भाभी ने मुझसे कहा था कि तुम्हारे पति जब अपना औज़ार तुम्हारे छेद के अंदर डालेगा तब बहुत दर्द होगा। उस दर्द को तुम्हे बर्दाश्त करना होगा और तुम ज़्यादा ज़ोर से चीखना और चिल्लाना मत, नहीं और तुम अपने पति से कह देना कि वो अपने औज़ार पर ढेर सारा तेल लगा ले, मैंने आज तक औज़ार नहीं देखा, यह औज़ार क्या होता है? तब मैंने उससे कहा कि तुमने क्या कभी आदमियों के पेशाब करते समय उनकी नूनी देखी है? उसने कहा कि हाँ गाँव में तो सारे मर्द कभी भी कहीं भी पेशाब करने लगते है आते जाते समय मैंने कई बार देखा है, लेकिन उसको तो गाँव में सभी लोग लंड कहते है? तो मैंने उससे कहा कि उसी को औज़ार भी कहते है, वो मुझसे बोली कि मैंने तो देखा है कि किसी किसी का बहुत बड़ा होता है, मैंने कहा कि हाँ जैसे आदमी कई तरह के होते है, ठीक उसी तरह उनका औज़ार भी कई तरह के आकार का होता है, क्या तुम मेरा औज़ार देखोगी? वो बोली कि मुझे बहुत शरम आती है, मैंने कहा कि अब तो तुम्हें हमेशा ही मेरा औज़ार देखना पड़ेगा और उसको अपने हाथ में भी पकड़ना पड़ेगा, क्या तुम देखोगी मेरा औज़ार? वो बोली कि हाँ ठीक है दिखा दो, में पहले से ही जोश में था और मैंने अपनी शर्ट और बनियान को उतार दिया। उसके बाद मैंने अपनी पेंट और अंडरवियर को भी उतार दिया, जिसकी वजह से मेरा पांच इंच लंबा और मोटा लंड फनफनाता हुआ बाहर आ गया।

अब मैंने अपना लंड उसके चेहरे के सामने कर दिया और कहा कि देख लो मेरा औज़ार और उसने अपनी तिरछी नजरों से मेरे लंड को देखा और वो शरमाते हुए बोली तुम्हारा तो बहुत बड़ा है और इतना कहकर उसने अपने दोनों हाथों से अपने चेहरे को ढक लिया। फिर मैंने उसके हाथों को पकड़कर उसके चेहरे पर से हटा दिया और कहा कि शरमाती क्यों हो? जी भरकर देख लो इसे अब तो सारी ज़िंदगी तुम्हें मेरा यह औज़ार देखना भी है और इसको अपने छेद के अंदर भी लेना है, देखो मैंने तो अपने कपड़े पहले से ही उतार दिए है और अब तुम भी अपने कपड़े उतार दो। तो वो बोली कि में अपने कपड़े कैसे उतार सकती हूँ, मुझे बहुत शरम आती है? अब मैंने उससे कहा कि अगर तुम अपने कपड़े नहीं उतारोगी तो में अपना औज़ार तुम्हारे छेद में कैसे डालूँगा? वो कुछ नहीं बोली और अब मैंने प्रिया के कपड़े उतारने शुरू कर दिए तो वो शरमाने लगी थी और धीरे धीरे मैंने उसको एकदम पूरा नंगा कर दिया था और में पहली बार उसके संगमरमर जैसे सुंदर गोरे बदन को देखकर बिल्कुल दंग रह गया और मैंने देखा कि उसके बूब्स अभी बहुत छोटे आकार के थे। मैंने उसको बेड पर लेटा दिया और में उसके बूब्स को सहलाते हुए उसके होठों को चूमने लगा और फिर मैंने देखा कि उसकी चूत पर अभी बहुत हल्के हल्के बाल ही उगे हुए थे और उसकी चूत एकदम गुलाबी नजर आ रही थी। अब मैंने उसके बूब्स को सहलाना शुरू कर दिया तो वो बोली कि मुझे बहुत गुदगुदी हो रही है और फिर मैंने उससे पूछा क्या तुम्हे अच्छा नहीं लग रहा? वो बोली कि हाँ बहुत अच्छा लग रहा है और अब मैंने उसके निप्पल को अपने मुहं में लेकर चूसना शुरू कर दिया तो वो सिसकियाँ भरने लगी थी और उसके बाद मैंने उसकी चूत को सहलाना शुरू कर दिया जिसकी वजह से उसको गुदगुदी होने लगी थी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब उसने मेरा हाथ हटा दिया और मैंने उससे पूछा क्यों क्या हुआ? वो बोली कि मुझे बहुत ज़ोर की गुदगुदी हो रही है। मैंने उससे कहा क्या तुम्हे अच्छा नहीं लग रहा? वो बोली कि हाँ अच्छा तो लग रहा है मैंने उससे कहा कि फिर तुमने मेरा हाथ क्यों हटाया? अगर तुम ऐसा ही करोगी तो में कैसे कुछ कर सकता हूँ? वो बोली कि हाँ ठीक है और में अब तुम्हें कुछ भी करने से मना नहीं करूँगी, मैंने उससे कहा कि फिर ठीक है और अब मैंने उसकी चूत को सहलाना शुरू कर दिया और थोड़ी ही देर में उसकी चूत गीली होने लगी थी, जिसकी वजह से वो जोश में आकर ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ भरने लगी थी। उसी समय मैंने अपनी एक उंगली को उसकी चूत के अंदर डाल दिया, तो उसने ज़ोर से आह भरी, मेरा लंड अब तक बहुत ज़्यादा टाईट हो चुका था और थोड़ी देर तक में उसकी चूत में अपनी उंगली को अंदर बाहर करता रहा तो वो गरम होकर झड़ने लगी और झड़ते समय उसने मुझे ज़ोर से अपनी बाहों में जकड़ लिया और वो बोली कि तुम्हारे इस तरह उंगली करने से मुझे तो पेशाब आ रहा है। फिर मैंने उससे कहा कि यह पेशाब नहीं है, जोश में आने के बाद चूत से पानी निकलता है और अब वो कुछ नहीं बोली। मेरी उंगली उसकी चूत के पानी से एकदम गीली हो चुकी थी और तभी थोड़ी ही देर में वो पूरी तरह से जोश में आ गयी। फिर मैंने उससे कहा कि अब में अपना औज़ार तुम्हारे छेद में डालूँगा। तुम अब अपने पेट के बल लेट जाओ और वो मेरे कहने पर अपने पेट के बल लेट गयी।

अब मैंने देखा कि उसकी गांड भी एकदम गोरी चिकनी थी और उसकी गांड का छेद बहुत ही हल्के भूरे रंग का था। में अपनी उंगली को उसकी गांड के छेद पर घुमाने लगा था और उसके बाद मैंने एक झटके से अपनी एक उंगली को उसकी गांड में डाल दिया, जिसकी वजह से वो ज़ोर से चीख पड़ी। फिर मैंने उससे कहा कि अगर तुम ऐसे चीखोगी तो सुमन भाभी आ जाएगी। वो बोली कि में क्या करूं मुझे बहुत दर्द हो रहा है? मैंने उससे कहा कि दर्द तो होगा ही, अभी तो में अपना लंड तुम्हारी गांड में भी डालने वाला हूँ और थोड़ी देर तक में अपनी उंगली को उसकी गांड में अंदर बाहर करता रहा। फिर बोली कि मेरा छेद तो बहुत ही छोटा है और तुम्हारा औज़ार बहुत बड़ा यह अंदर कैसे जाएगा? मैंने उससे कहा कि जैसे दूसरी औरतों के अंदर घुसता है, वैसे ही यह भी अंदर चला जाएगा। फिर वो बोली कि तब तो मुझे उसमे बहुत दर्द होगा, मैंने उससे कहा कि इसलिए तो तुम्हारी सुमन भाभी ने तुमसे कहा था कि तुम दर्द को बर्दाश्त करना ज़्यादा चीखना चिल्लाना मत। वो बोली कि हाँ ठीक है में समझ गयी। अब में उसके ऊपर आ गया तो वो बोली कि क्या तेल नहीं लगाओगे? मैंने कहा कि हाँ लगाऊंगा और फिर मैंने अपने लंड पर ढेर सारा तेल लगा लिया और उसके बाद मैंने उसकी गांड के छेद पर अपने लंड का टोपा रख दिया और उससे कहा कि अब तुम अपना मुहं ज़ोर से दबा लो, जिससे तुम्हारे मुहं से चीख ना निकले। फिर उसने कहा कि हाँ ठीक है में दबा लेती हूँ, लेकिन आप बहुत धीरे धीरे से करना और मैंने उससे कहा कि हाँ ठीक है में बहुत धीरे ही डालूँगा और उसने अपने हाथों से अपने मुहं को दबा लिया।

फिर मैंने थोड़ा सा ही ज़ोर लगाया था कि वो ज़ोर से चीख पड़ी और मेरे लंड का टोपा ही अभी उसकी गांड में नहीं घुस पाया था और वो दर्द की वजह से रोने लगी थी और फिर वो बोली कि तुम अब आईईईईई मुझे छोड़ दो आह्ह्हह्ह बहुत दर्द हो रहा है। फिर मैंने उससे कहा कि तुम्हे दर्द तो होगा ही तुम अपना मुहं ज़ोर से दबा लो और उसने अपना मुहं फिर से दबा लिया तो मैंने इस बार कुछ ज़्यादा ही ज़ोर लगा दिया, जिसकी वजह से वो दर्द से तड़पते हुए ज़ोर ज़ोर से चीखने लगी थी। दीदी बचा लो मुझे, आह्ह्हह्ह नहीं तो में मर जाउंगी। दोस्तों इस बार मेरे लंड का टोपा उसकी गांड में घुस गया, और उसकी गांड से खून भी निकल आया था। वो इतने ज़ोर ज़ोर से चीख रही थी कि में थोड़ा सा डर गया इसलिए मैंने एक झटके से अपना लंड बाहर खींच लिया और मेरे लंड का टोपा उसकी गांड से बाहर आ गया। अब मैंने उसको चुप करते हुए कहा कि अगर तुम ऐसे ही चिल्लाओगी तो काम कैसे बनेगा? वो बोली कि में क्या करूँ मुझे बहुत तेज दर्द हो रहा था? मैंने कहा कि थोड़ा सा सब्र से काम लो सब ठीक हो जाएगा अब तुम अपना मुहं दबा लो में फिर से कोशिश करता हूँ और उसने अपना मुहं दबा लिया तो मैंने फिर से अपने लंड का टोपा उसकी गांड के छेद पर रख दिया, उसके बाद मैंने उसकी कमर के नीचे से हाथ डालकर उसको ज़ोर से पकड़ लिया।

फिर मैंने अपनी पूरी ताक़त के साथ एक ज़ोर का धक्का मार दिया, जिसकी वजह से वो बहुत ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी और वो मेरे नीचे से निकलना चाहती थी, लेकिन मैंने उसको बुरी तरह से जकड़ रखा था। मेरा लंड इस धक्के के साथ उसकी गांड में तीन इंच तक घुस गया और वो ज़ोर ज़ोर से चिल्लाते हुए सुमन भाभी को पुकार रही थी। वो कह रही थी उफ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह्हह्ह दीदी बचा लो मुझे, नहीं तो यह मुझे मार डालेंगे आईईईईइ मुझे बहुत दर्द हो रहा है। तभी कुछ देर बाद कमरे के बाहर से सुमन भाभी की आवाज़ आई और वो पूछने लगी कि क्या हुआ प्रिया इतना ज़ोर से क्यों चिल्ला रही है? फिर मैंने कहा कि कुछ नहीं, में अपना औज़ार अंदर घुसा रहा था, लेकिन यह मुझे डालने ही नहीं दे रही है बहुत ज़ोर से चिल्ला रही है। फिर सुमन भाभी ने कहा कि तुम दोनों बाहर आ जाओ में प्रिया को समझा देती हूँ और फिर मैंने लूँगी पहन ली और प्रिया से कहा कि बाहर चलो सुमन भाभी बुला रही है। दोस्तों वो उठना चाहती थी, लेकिन दर्द की वजह से वो उठ नहीं पा रही थी, इसलिए मैंने उसको सहारा देकर खड़ा किया। उसने केवल अपनी साड़ी को अपने बदन पर लपेट लिया था और में उसको अपना सहारा देकर कमरे से बाहर ले आया, क्योंकि वो ठीक से चल भी नहीं पा रही थी।

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फिर सुमन भाभी ने प्रिया से पूछा तुम इतना क्यों चिल्ला रही थी? वो रोते हुए सुमन भाभी से कहने लगी कि यह अपना औज़ार मेरे छेद में घुसा रहे थे, इसलिए मुझे बहुत दर्द हो रहा था, सुमन भाभी ने उससे कहा कि पहली पहली बार दर्द तो सभी को होता ही है, तुम्हे भी होगा यह कोई नयी बात नहीं है। अब सुमन भाभी ने मुझसे कहा कि मैंने तुझसे कहा था कि तेल लगाकर धीरे धीरे डालना, तो मैंने कहा कि हाँ में तेल लगाकर ही धीरे धीरे डालने की कोशिश कर रहा था। जैसे ही मैंने थोड़ा सा ज़ोर लगाया और मेरे औज़ार का टोपा ही इसके छेद में घुसा कि यह ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी इसके चिल्लाने से में डर गया और मैंने अपना औज़ार बाहर निकाल लिया और उसके बाद मैंने इसको समझाया तो यह तैयार हो गयी। उसके बाद मैंने एक बार फिर से कोशिश की तो यह फिर दोबारा ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी और मेरा औज़ार केवल ज़रा सा ही अंदर घुस पाया था कि तभी आपने हम दोनों को बुला लिया और हम बाहर आ गये। फिर सुमन भाभी ने कहा कि इसका मतलब तुमने अभी तक कुछ भी नहीं किया? मैंने कहा कि हाँ बिल्कुल भी नहीं, आप चाहो तो प्रिया से पूछ लो? सुमन भाभी ने अब प्रिया से पूछा क्या यह सही कह रहा है? उसने अपना सर हाँ में हिला दिया। अब सुमन भाभी ने प्रिया से कहा कि तुम अपने कमरे में जाओ में इसको समझाकर अंदर भेजती हूँ और इतना सुनकर प्रिया कमरे में चली गयी। उसके जाने के बाद उन्होंने मुझे समझाते हुए कहा कि इस बार बहुत ही धीरे धीरे डालना, नहीं तो में तुझे बहुत मारूँगी।

फिर मैंने कहा कि में तो बहुत ही धीरे धीरे डाल रहा था, लेकिन उसका छेद बहुत ही छोटा है में क्या करूं? सुमन भाभी ने कहा कि फिर तो ऐसे काम नहीं बनेगा, तुम उसके साथ थोड़ी से ज़बरदस्ती करना, लेकिन ज़्यादा भी ज़बरदस्ती मत करना क्योंकि यह अभी कुंवारी लड़की है इसलिए इसको ज़्यादा दर्द हो रहा है। फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है और इतना कहकर सुमन भाभी मुस्कुराने लगी और में वापस कमरे में आ गया और मैंने अपनी लूँगी को उतार दिया। मैंने प्रिया से अपनी साड़ी को उतारने के लिए कहा तो उसने इस बार खुद ही अपनी साड़ी को उतार दिया साड़ी को उतारने के बाद अब प्रिया खुद ही बेड पर पेट के बल लेट गयी। अब मैंने अपने लंड पर ढेर सारा तेल लगाया और उसके ऊपर आ गया और उसके बाद मैंने जैसे ही अपने लंड का टोपा उसकी गांड के छेद पर रखा तो उसने अपना मुहं दबा लिया और उसके बाद मैंने थोड़ा सा ज़ोर लगाया तो इस बार वो ज़्यादा ज़ोर से नहीं चीखी और मेरे लंड का टोपा उसकी गांड में घुस गया। अब मैंने अपने लंड के टोपे को उसकी गांड में अंदर बाहर करना शुरू कर दिया तो वो दर्द की वजह से आहें भरने लगी। थोड़ी देर के बाद जैसे ही मैंने थोड़ा सा ज़ोर लगाया तो उसने ज़ोर की आह भरी और मेरा लंड उसकी गांड में दो इंच तक घुस गया मैंने थोड़ा ज़ोर और लगाया तो वो ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने और रोने भी लगी, क्योंकि मेरा लंड बहुत मोटा था। अब तक उसकी गांड में तीन इंच ही घुस पाया था में रुक गया, लेकिन वो दर्द की वजह से अभी भी बहुत ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी मुझे गुस्सा आ गया तो मैंने ज़ोर का एक धक्का लगा दिया और इस धक्के के साथ ही मेरा लंड उसकी गांड में थोड़ा अंदर चला गया वो और ज़्यादा ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी आईईईइ दीदी बचाओ मुझे में मर जाउंगी। फिर उसके चिल्लाने की आवाज़ सुनकर सुमन भाभी ने बाहर से पूछा कि अब क्या हुआ? तो वो रोते हुए कहने लगी दीदी आप मुझे बचा लो नहीं तो में मर जाउंगी, सुमन भाभी ने कहा कि अच्छा ठीक है तुम दोनों बाहर आ जाओ।

फिर मैंने अपना लंड उसकी गांड से बाहर निकाला और में उससे दूर हट गया। मैंने देखा कि मेरे लंड पर ढेर सारा खून लगा हुआ था और उसके बाद हम दोनों ने कपड़े पहने और बाहर आ गये। मैंने देखा कि प्रिया ठीक से चल नहीं पा रही थी। में उसको सहारा देकर बाहर ले आया और बाहर आने के बाद सुमन भाभी प्रिया को समझाने लगी, देखो प्रिया अगर तुम ऐसे ही चिल्लाओगी तो काम कैसे बनेगा? हर औरत को पहली पहली बार बहुत दर्द होता है और उसको उस दर्द को बर्दाश्त करना पड़ता है। अब प्रिया रो रोकर कहने लगी दीदी, मैंने अपने आप को संभालने की बहुत कोशिश की, लेकिन में दर्द को बर्दाश्त नहीं कर सकी, इसलिए मेरे मुहं से वो चीख निकल गयी, क्योंकि इनका औज़ार भी तो बहुत बड़ा है। तो सुमन भाभी ने कहा कि औज़ार तो सबका बड़ा होता है, लेकिन एक बार जब अंदर घुस जाता है फिर कभी भी बड़ा नहीं लगता उसके बाद हर औरत को मज़ा आता है और तुम्हें भी आएगा। तो प्रिया बोली कि दीदी मेरी बात पर आप विश्वास करो इनका औज़ार बहुत बड़ा है मैंने गाँव में बहुत से आदमियों को पेशाब करते समय देखा है, लेकिन इनके जैसा औज़ार मैंने आज तक कभी नहीं देखा, तुम चाहो तो खुद ही देख लो तुम्हें मेरी बात पर विश्वास हो जाएगा।

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अब सुमन भाभी ने मुझसे कहा कि दिखा तो सही अपना औज़ार ज़रा में भी तो देखूं कि यह बार बार क्यों तेरे औज़ार को बहुत बड़ा कह रही है? अब मैंने कहा कि नहीं सुमन भाभी मुझे बहुत शरम आ रही है। सुमन भाभी ने कहा कि में तो तेरी भाभी हूँ मुझसे कैसी शर्म? चल अब तू अपना औज़ार बाहर निकालकर मुझे दिखा दे। फिर मैंने शरमाते हुए अपनी पेंट को खोल दिया और मेरा लंड पहले से ही तनकर खड़ा था। मेरा वो लंबा और मोटा लंड फनफनता हुआ बाहर आ गया उस पर खून भी लगा हुआ था। सुमन भाभी ने जैसे ही मेरा लंड देखा तो उन्होंने अपना हाथ मुहं पर रख लिया और बोली कि बाप रे तेरा यह औज़ार तो सच में बहुत ही बड़ा है, मैंने भी ऐसा औज़ार तो कभी देखा ही नहीं था। अब मेरी समझ में आ गया कि प्रिया क्यों इतना चिल्ला रही है? मैंने देखा कि सुमन भाभी की आखें भी मेरे लंड को देखकर चमक सी गई थी। उन्हें भी जोश आने लगा था क्योंकि मेरा लंड देखने के बाद उन्होंने अपना एक हाथ अपनी चूत पर रख लिया था। अब मैंने कहा कि भाभी अब तुम ही मुझे बताओ कि में क्या करूँ? में अपना औज़ार छोटा तो नहीं कर सकता? सुमन भाभी ने प्रिया से कहा कि इसका औज़ार तो सच में बहुत बड़ा है तुम्हें दर्द को बर्दाश्त करना ही पड़ेगा, नहीं तो हमारी बड़ी बदनामी होगी और सुमन भाभी ने प्रिया को बहुत समझाया तो वो मान गयी।

फिर सुमन भाभी ने प्रिया से कहा कि अब तुम अपने कमरे में जाओ थोड़ा सा आराम करो में इसको अभी अंदर भेजती हूँ और वो चली गई। दोस्तों प्रिया के अंदर जाते ही भाभी ने मेरे लंड को अपने हाथ से सहलाना शुरू कर दिया वो मुझसे बोली कि मैंने भी आज तक ऐसा कभी नहीं देखा, यह तो तुम्हारे भैया से भी ज्यादा दमदार नजर आ रहा है, इसकी वजह से प्रिया को इतना दर्द होना स्वभाविक है चलो में भी तो देखूं इसमे कितना दम है? और इतना कहकर वो तुरंत नीचे अपने घुटनों पर बैठ गई और उन्होंने अपने एक हाथ से मेरे लंड को पकड़कर अपने मुहं में ले लिया और वो अपने दूसरे हाथ से मेरे आंड को सहलाते हुए लंड को लोलीपोप की तरह चूसने लगी और में भी सारी शरम लाज को छोड़कर अपने लंड को उनके मुहं में धक्के लगाने लगा, लेकिन कुछ देर धक्के देने पर ही मेरा वीर्य उनके मुहं में निकल गया जिसको वो बड़े मज़े से चूसकर चाटकर पूरा गटक गई। दोस्तों उसके बाद में भी अपने मुर्जाए हुए लंड को अपने साथ लेकर पहले बाथरूम और उसके बाद अपने कमरे में चला गया। मैंने कमरे में पहुंचकर देखा कि अब तक प्रिया थककर बड़ी गहरी नींद में सो चुकी थी और में भी उसके ऊपर हाथ रखकर सो गया ।।

धन्यवाद …

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