टीचर और उसकी कज़िन की चुदाई

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प्रेषक : शैलेश …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम शैलेश है, में इंदौर का रहने वाला हूँ, में एक बिजनसमैन हूँ। मेरी शादी हो चुकी है, मेरी उम्र 26 साल है, मेरी हाईट 5 फुट 6 इंच है, मेरे लंड की लंबाई 8 इंच और मोटाई 4 इंच है, में दिखने स्मार्ट लड़का हूँ, भूरे बाल, काली आँखे। ये कहानी तब शुरू होती है जब में मेरे गाँव में रहता था। में 10वीं क्लास में पढ़ता था, तब मेरी उम्र 18 साल थी। मेरी हाई स्कूल में पढाई अभी शुरू ही हुई थी। मेरे घर से स्कूल 1 किलोमीटर दूर था तो में घर से पैदल ही स्कूल जाता था और तब मुझे सेक्स के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं थी। उस हाई स्कूल में लड़के लड़कियों के साथ पढ़ते थे, तो में बहुत खुश था।

फिर 2 महीने के बाद एक नयी टीचर आई, उसका नाम हैतल था, वो पास के एक गाँव में रहती थी और वहाँ से रोजाना अप-डाउन करती थी। फिर उसने हमारे प्रिन्सिपल से कहा कि अगर उसे गाँव में कोई मकान किराए पर मिल जाए तो उसे आसानी रहेंगी। तो तब प्रिन्सिपल ने मुझे बुलाया, क्योंकि में जॉइंट फेमिली में रहता था और हमारा मकान बहुत बड़ा था, तो पहले भी कई टीचर हमारे यहाँ रह चुके थे। फिर प्रिन्सिपल ने मुझसे कहा कि आपके दादाजी से पूछ लो कि क्या आप नयी टीचर को रहने दोगे? फिर दूसरे दिन में घर से सीधा हैतल टीचर के पास गया और कहा कि आप कल अपना सामान लेकर आ जाना तो वो खुश हो गयी। फिर दूसरे दिन वो अपना सामान लेकर मेरे घर आ गयी तो मैंने उन्हें उनका कमरा दिखाया जो स्टडी-रूम के साईड में ही था।

फिर मैंने उनकी सामान रखने में मदद की। फिर शाम को उसने हमारे साथ ही खाना खाया और मुझे होमवर्क के लिए अपने कमरे में आने को कहा तो में थोड़ी देर के बाद अपनी बुक्स लेकर उसके कमरे में गया तो में देखता ही रह गया, वो साड़ी निकालकर नाइटी पहन रही थी। फिर वो मुझे देखकर मुस्कुराई। अब उसकी नंगी टाँगे देखकर मुझे अपनी चड्डी में कुछ महसूस होने लगा था। फिर उसने अपने बेड पर मुझे बैठने को कहा और बुक साईड में रखने को कहा।

हैतल : क्या तुम किसी से प्यार करते हो?

में : नहीं

हैतल : तुम चोदना जानते हो? तो में शर्मा गया और मैंने कोई जवाब नहीं दिया, क्योंकि जब में सिर्फ 18 साल का था। फिर उसने दरवाज़ा बंद किया और मेरे पास आ गयी और मुझे किस किया। अब मुझे थोड़ा अच्छा लगने लगा था। फिर उसने मेरे कपड़े उतारना शुरू किया। फिर मैंने कहा कि ये आप क्या कर रही है? तो उसने कहा कि में तुम्हें चोदना सिखाऊँगी और फिर उसने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए, क्या बदन था उसका? उसका फिगर साईज 36-26-36 था। मैंने पहली बार किसी जवान लड़की को नंगा देखा था। फिर उसने मुझे अपने बूब्स चूसने को कहा तो मैंने धीरे-धीरे उसके बूब्स चूसना शुरू किया। अब वो आहें भरने लगी थी, लेकिन मुझे अज़ीब लग रहा था। अब वो पूरी तरह से गुलाबी हो गयी थी। अब मुझे भी अपने 6 इंच के छोटे लंड में कुछ हो रहा था। फिर वो मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़कर सहलाने लगी। अब में ज़ोर-जोर से उसके बूब्स को चूसने लगा था और अपने एक हाथ से उसके दूसरे बूब्स को मसलने लगा था।

फिर उसने मुझे अपनी चूत चाटने को कहा तो मुझे थोड़ा अज़ीब लगा, लेकिन फिर में उसके ऊपर जाकर उसकी चूत चाटने लगा। अब वो काफ़ी गर्म हो गयी थी। फिर उसने अपने दोनों हाथों से मेरा सिर पकड़ लिया और अपनी चूत पर दबाने लगी थी। अब में भी अपनी जीभ बाहर निकालकर उसकी चूत में डालने लगा था और अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स दबाने लगा था, क्या टाईट बूब्स थे उसके? अब मेरा पूरा मुँह गीला हो गया था। फिर बाद में उसने मुझे ऊपर उठाया और मुझे अपने ऊपर लेटा दिया और अपनी दोनों टाँगे फैला दी, लेकिन मुझे तो चुदाई के बारे में कुछ आता ही नहीं था। फिर तभी वो मेरा लंड अपने एक हाथ में पकड़कर अपनी चूत में डालने की कोशिश करने लगी, लेकिन उसकी चूत में मेरा लंड जा ही नहीं पाया था। तभी वो समझ गयी कि मुझे सीखने की जरूरत है।

फिर उसने मुझे लेटा दिया और मेरे छोटे लंड को चूसने लगी तो मुझे ऐसा लगा कि जैसे मेरा लंड फट जाएगा। फिर में ऊपर नीचे होने लगा तो वो ज़ोर-ज़ोर से मेरे लंड को चूसने लगी। फिर थोड़ी देर के बाद मुझे ऐसा लगा कि मेरे लंड से कुछ निकलने वाला है तो में ज़ोर-जोर से अपनी गांड ऊपर नीचे करने लगा। अब मेरे लंड से कुछ चिपचिपा निकलने लगा था और वो उसे चूसने लगी थी, तो में बहुत खुश हुआ। फिर उसने मुझे उसकी चूत चाटने को कहा। अब मेरा मूड नहीं था, लेकिन में चाटने लगा तो 5 मिनट के बाद उसकी चूत में से पानी निकलने लगा। फिर उसके कहने पर में उसका सारा पानी पीने लगा। फिर मैंने और उसने अपने-अपने कपड़े पहने और फिर में अपने रूम में चला गया, लेकिन में रातभर सो नहीं पाया था, अब मुझे पूरी रात उसकी चूत दिखाई दे रही थी। फिर दूसरे दिन जब में उठा तो वो स्कूल जा चुकी थी। फिर में जल्दी से तैयार होकर स्कूल गया, आज मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं था। हैतल टीचर थी, फिर वो क्लास में आई और मुझे देखकर मुस्कुराई। मैंने होमवर्क नहीं किया था, तो वो मुस्कुराई और कहा कि आज अच्छी तरह से होमवर्क करना।

अब में उसका इशारा समझ गया था। फिर मैंने शाम को घर जाकर अपना सारा काम ख़त्म किया और खेलने चला गया। फिर शाम को जब में घर आया तो वो खाना खा रही थी। फिर मुझे देखकर उसने मेरी माँ से कहा कि आप राज को मेरे पास रोज पढ़ने भेज देना, उसकी इंग्लिश ठीक नहीं है। मेरी माँ ने कहा कि ठीक है, आप सभी लड़को-लड़कियों को रोज़ पढ़ाए। जैसा कि मैंने आपको बताया है कि में जॉइंट फेमिली में रहता था, तो हम 22 बच्चे थे। अब टीचर का दांव उल्टा पड़ रहा था। फिर तभी माँ ने कहा कि हम आपका किराया नहीं लेंगे, लेकिन अब टीचर खुश नहीं थी। अब में जानता था कि उसने अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार दी है। फिर रात को हम सब पढ़ाई ख़त्म करके सोने चले गये, लेकिन अब मुझे नींद कहाँ आने वाली थी? अब मुझे तो किताब में भी हैतल टीचर की चूत दिखती थी। अब अगले दिन रविवार था। फिर में हैतल को अपना खेत {फार्म} दिखाने ले गया। तो रास्ते में उसने कहा कि जब सब सो जाए, तो आप चुपके से मेरे कमरे में चले आना, तो मैंने कहा कि ठीक है।

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फिर जब हम खेत पर पहुँचे तो उसने कहा कि वो क्या है? तो मैंने कहा कि वो नदी का नाला है और फिर हम उस नाले की तरफ चल दिए। फिर नाले पर जाकर उसने पानी पीया और आस पास देखा, तो वहाँ कोई नहीं था। फिर उसने अपना पेटीकोट थोड़ा ऊपर उठाया और एक पेड़ के पास रेत के टीले पर जाकर बैठ गयी। अब में समझ गया था और उसकी चूत चाटने चूसने लगा, तो 10 मिनट के बाद वो झड़ गयी। फिर उसने मेरी पेंट की चैन खोली और मेरे लंड को चूसने लगी, तो थोड़ी देर में मेरा पानी भी निकल गया। फिर उसने मुझे सेक्स के बारे में काफ़ी सारी बातें बताई और फिर हम घर को लौट पड़े। फिर रात को खाना खाने के हम कोचिंग के लिए गये और फिर कोचिंग ख़त्म होते ही हम सब सोने चले गये। फिर जब मुझे लगा कि सब सो गये है तो में उसके कमरे में चला गया, वहाँ अंधेरा था। फिर जब मैंने स्विच ऑन किया तो में देखता ही रह गया, वो एकदम नंगी सो रही थी।

फिर उसने लेटे हुए कहा कि अपने कपड़े उतार दो। फिर मैंने झट से अपने कपड़े उतार दिए और उसके बिना कहे ही उसके बूब्स चूसने लगा। फिर थोड़ी देर के बाद उसने मुझसे कहा कि अब तुम लेट जाओ, आज में तुम्हें चोदना सिखाऊँगी तो में लेट गया। फिर उसने मेरे लंड को सहलाया, अब मेरा लंड 8 इंच का लग रहा था। फिर वो मेरे ऊपर आ गयी और अपनी चूत को मेरे लंड पर रखकर धीरे से एक धक्का मारा तो मेरा आधा लंड उसकी चूत में चला गया। फिर उसने एक ज़ोर से धक्का मारा तो मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया। अब वो अज़ीब-अजीब सी आवाजे निकालने लगी थी आआ, ऊहहहहहहहह, हाईईईईईई और फिर वो ऊपर नीचे होने लगी। अब मुझे तो जन्नत मिल गयी थी, अब मेरे लंड में जैसे ज्वालामुखी था। फिर वो लेट गयी और मुझे अपने लंड को उसकी चूत में डालने को कहा। तब में उसके ऊपर आ गया और अपने लंड को उसकी चूत के छेद पर रखकर ज़ोर से एक धक्का मारा तो मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब में पागलों की तरह उसे चोदने लगा था और अपने लंड को उसकी चूत में अंदर बाहर करने लगा था। अब वो ज़्यादा ज़ोर से आवाजे निकालने लगी थी। फिर मैंने अपनी स्पीड और बढ़ाई तो थोड़ी देर के बाद उसने कहा कि अब ज़ोर से करना, अब में अपना पानी छोड़ने वाली हूँ। फिर में और ज़ोर-जोर से उसे चोदने लगा, तो थोड़ी देर में ही वो झड़ गयी। फिर उसने मुझे मेरे गाल पर काट लिया। फिर थोड़ी देर के बाद में भी झड़ गया, लेकिन टीचर को चोदकर मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा था। फिर में उसकी बाज़ू में ही सो गया। फिर मैंने उससे पूछा कि आपकी उम्र क्या है? तो उसने कहा कि 21 साल। तो मैंने पूछा कि आपको चोदना किसने सिखाया? तो उसने कहा कि मेरी टीचर ने अपने पति से चुदवाया था और फिर उसने अपने बारे में सारी बातें बताई कि वो अभी तक बहुत सारे लड़को को चोदना सिखा चुकी है।

फिर उसने मुझे बाथरूम में बुलाया और फिर हम दोनों एक नहाए और फिर थोड़ी देर के बाद हम बाहर आ गये। फिर वो अपनी दोनों टाँगे खोलकर खड़ी हो गयी और मुझसे अपनी भीगी चूत चटवाई। फिर मैंने उसकी चुदाई की और फिर हम दोनों एक साथ झड़ गये और फिर में अपने रूम में जाकर सो गया। फिर हम लोगों ने लगातार 6 महीने तक चुदाई की और फिर उसने मुझे चुदाई के सारे गुण सिखाए। अब हमने मेरे घर में किसी को शक भी नहीं होने दिया था। फिर जब में 12 वीं क्लास में आया तो मेरे लंड की लंबाई पूरी 8 इंच हो चुकी थी। फिर में अच्छे नम्बरों से पास हुआ और मेरी छुट्टियाँ शुरू हो गयी थी और फिर वो अपने गाँव चली गयी और में प्यासा रहकर अपनी छुट्टियाँ ख़त्म होने का इंतज़ार करने लगा। फिर छुट्टियाँ ख़त्म होते ही वो वापस आ गयी। अब मेरी उम्र 19 साल हो गयी थी, अभी स्कूल खुलने में 3 दिन की देर थी।

फिर उसने आते ही मुझे बताया कि मेरे अंकल की लड़की यहाँ हमारे स्कूल में पढ़ाई के लिए आने वाली है, तो ये सुनकर में थोड़ा टेंशन में आ गया। फिर मैंने कहा कि अब हम क्या करेंगे? तो वो मुस्कुराई और बोली कि कुछ नहीं जब भी वो सो जाएँगी, तो तब हम अपना काम करेंगे। फिर स्कूल चालू होने के एक दिन पहले उसकी अंकल की लड़की जिसका नाम मनीषा थी, वो आ गयी, वो काफ़ी खूबसूरत थी, छोटे-छोटे बूब्स, पतली सी कमर, लंबे बाल, उसके दाँत जैसे अनार के दाने हो, क्या बताऊँ यारो? आज भी उसके बारे में सोचता हूँ तो नजर के सामने वही दिखाई देती है। फिर मनीषा ने अपना सामान अपनी दीदी के कमरे में रख दिया। फिर मम्मी ने हैतल टीचर से कहा कि अब उसे अलग से रसोई बनाने की जरूरत नहीं है, वो हमारी फेमिली मेंबर है और हमारे साथ ही खा सकती है। तो वो काफ़ी खुश हो गयी। फिर स्कूल शुरू हो गया, लेकिन अब मुझे और हैतल टीचर को चुदाई का चान्स नहीं मिल पा रहा था, क्योंकि मनीषा के कारण हम दोनों परेशान थे, लेकिन फिर मैंने एक तरकीब निकाल ली। फिर मैंने हैतल को रात को मेरे रूम में आने को कहा।

फिर जब वो एक रात मेरे कमरे में आई, तब काफ़ी बारिश हो रही थी और ठंड भी काफ़ी थी। फिर वो आते ही मेरी रज़ाई में घुस गयी। अब मेरा लंड 8 इंच का हो गया था। फिर उसने आते ही मुझे बुरी तरह से चूमना शुरू किया। अब वो पागलों की तरह मुझे चूम रही थी। फिर उसने मेरे सारे कपड़े उतारे और मुझे ऊपर से नीचे तक खूब चूमा, शायद मेरी बॉडी का एक भी पार्ट बाकि नहीं था। फिर उसने मेरा लंड चूसना शुरू किया तो मुझे ऐसा लगा जैसे आज वो मेरा लंड काट खाएँगी। फिर उसने अपने सारे कपड़े उतारे और फिर वो अपनी चूत को मेरे मुँह पर रखकर 69 पोजिशन में हो गयी। अब में उसकी चूत चाटने लगा था। अब उसकी चूत काफ़ी गुलाबी हो चुकी थी, ऐसा लगता था उसे अपने गाँव में चुदवाने का मौका ही नहीं मिला था। फिर में अपनी पूरी जीभ उसकी चूत में घुसाने की कोशिश करने लगा। अब मेरा पूरा मुँह उसकी चूत के पानी से भीग गया था। अब वो बेतहाशा मेरे लंड को चाटने लगी थी।

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फिर उसने मेरा पूरा लंड अपने मुँह में ले लिया और अंदर बाहर करने लगी और फिर थोड़ी देर के बाद वो मेरे ऊपर से हट गयी और मेरे नीचे आकर लेट गयी थी। फिर में अपना लंड उसकी चूत में डालने की कोशिश करने लगा। तब उसने मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत के छेद पर लगाया तो मैंने एक ज़ोरदार धक्का मारा तो मेरा पूरा लंड उसकी गीली चूत में घुस गया। तभी उसके मुँह से चीख निकल गयी। तो मैंने झट से उसके मुँह पर अपना एक हाथ रख दिया और उसे अपनी पूरी ताकत लगाकर चोदने लगा था। अब वो भी अपनी गांड उठा-उठाकर चुदवाने लगी थी, उसकी चूत काफ़ी टाईट लग रही थी और अब हम दोनों को बहुत ही मज़ा आ रहा था।

फिर थोड़ी देर के बाद वो बोली कि राज में खल्लास होने वाली हूँ और फिर थोड़ी देर के बाद वो खल्लास हो गयी। लेकिन में उसे चोदता रहा, उसकी चूत से काफ़ी पानी निकला था, तो छप-छप-छप की आवाज़े आ रही थी। फिर थोड़ी देर के बाद वो फिर से जोश में आ गयी। फिर उसने मुझसे कहा कि मुझे डॉगी स्टाइल में चोदो और फिर वो डॉगी बन गयी और मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत में डाल दिया तो में उसके दोनों कूल्हें पकड़कर उसे ज़ोर-जोर से चोदने लगा। अब उसे भी काफ़ी मज़ा आ रहा था। फिर थोड़ी देर के बाद हम दोनों ने अपना पानी एक साथ निकाल दिया। अब में 2 महीने के बाद चुदाई करके काफ़ी खुश था। फिर हम दोनों बाथरूम गये और अपने-अपने कपड़े पहने और फिर वो अपने कमरे में सोने चली गयी। फिर दूसरे दिन उसकी अंकल की लड़की मनीषा, हैतल टीचर और में स्कूल के लिए निकल पड़े। फिर हमने आगे भी कई बार चुदाई का भरपूर आनंद उठाया और खूब इन्जॉय किया ।।

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धन्यवाद …

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