ट्रेन में भाभी की मालिश

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प्रेषक : दीपक …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम दीपक है, में  वड़ोदरा में रहता हूँ,  मेरी उम्र 27 साल है और में बिजनेस करता हूँ। मुझे बिजनेस के काम से हमेशा कभी कहाँ कभी कहाँ जाना पड़ता है। फिर एक बार में वड़ोदरा से राजधानी एक्सप्रेस में दिल्ली जा रहा  था, तो तब मुझे मेरे रिश्तेदार की बीवी मिल गयी। तब उसके पति ने मुझसे कहा कि आप जा रहे हो तो इसका ध्यान रखिएगा। तो तब मैंने कहा कि ठीक है। अब हम दोनों की  सीट एक साथ ही थी, वहाँ पर्दा भी लगा था। फिर हम दोनों अपना-अपना सामान रखकर आस पास बैठ गये और बातें करने लगे थे। अब हम ट्रेन में सफर की बाते  कर रहे थे। तब उसने कहा कि मैंने कभी Ist क्लास में सफ़र नहीं किया। तब मैंने कहा कि मैंने तो बहुत बार किया है, क्योंकि ये सारे स्टाफ मुझे जानते है। तब उसने कहा कि आज किसी को पटाकर अपनी सीट चेंज करवा लो, में भी Ist क्लास में जाना चाहती हूँ कि उसमें कैसा लगता है? तो तब मैंने स्टाफ से बात करके हमारी सीट Ist क्लास में शिफ्ट करवा ली। अब वहाँ और भी अच्छा था, पूरे रूम के जैसे।

फिर कुछ देर के बाद हम खाते पीते बात कर रहे थे। तभी मैंने कहा कि यहाँ अच्छा है कोई नहीं आता, में चेंज कर लेता हूँ और फिर मैंने अपना टावल निकाला और अपना हाफ पेंट पहन लिया। फिर कुछ देर के बाद उसने कहा कि में भी चेंज कर लेती हूँ और फिर उसने कहा कि मेरे पास फुल गाउन नहीं है, में कैसे रहूंगी? कोई आ गया तो? तो तब मैंने कहा कि कोई नहीं आएगा और जब कोई आए तो तब चादर लगा लेना। फिर उसने अपनी एक नाइट गाउन निकाली और चेंज करने चली गयी। फिर जब वो वापस आई तो तब में उसे देखता ही रह गया, उसने गहरे कलर का चमकदार गाउन पहना था, जो उसके घुटनों से भी ऊपर था और एक टॉप पहना था, जिसमें उसके बूब्स झलक रहे थे।

अब उसे देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया था। फिर वो मेरे सामने बैठ गयी और में उसे बहुत देर तक देखता रहा। फिर हम बातें करने लगे। अब वो मुझसे फ्री होकर बातें कर रही थी। फिर उसने सेक्सी क्लिप्स देखने के लिए मुझसे मेरा मोबाईल माँगा। तब मैंने कहा कि अभी कुछ नया नहीं है और फिर मैंने लैपटॉप में एक हिन्दी मूवी लगा दी। अब हम मूवी भी देख रहे थे और बातें भी कर रहे थे। तभी वो किसी काम से उठी और ट्रेन के झटके से अचानक गिर गयी। अब उसके पैर में और कमर में मोच आ गयी थी। अब वो दर्द के मारे तड़पने लगी थी। अब मुझे भी समझ में नहीं आ रहा था कि में क्या करूँ? तब उसने कहा कि मेरे बेग में बाम है निकालो। तब मैंने बाम निकाली। अब वो बाम लगाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन दर्द के कारण उससे हिला नहीं जा रहा था। तब मैंने कहा कि में लगा देता हूँ और फिर में उसके पैर पर बाम लगाने लगा।

उसके पैर इतने मुलायम थे कि हाथ लगाते ही मेरा लंड खड़ा होने लगा था। अब में धीरे-धीरे उसके पैर पर बाम से मालिश कर रहा था। तभी उसने अपनी जाँघो की तरफ इशारा करते हुए कहा कि यहाँ भी दर्द हो रहा है। तब मैंने उसकी जाँघो की भी मालिश की। अब तो मेरा लंड पूरा तैयार हो गया था और मेरी हाफ पेंट में साफ़-साफ़ पता भी चल रहा था। अब भाभी देख भी चुकी थी की मुझे कुछ हो रहा है। फिर मैंने कहा कि लाओ आपकी कमर पर भी लगा देता हूँ। तब वो पेट के बल लेट गयी और अपने टॉप को कुछ ऊपर कर लिया था। अब पेट के बल लेटने के कारण उसके बूब्स कुछ साइड में निकल गये थे। अब में उसकी पीठ की मालिश करने लगा था। अब वो चुपचाप लेटी हुई थी। अब मुझे उसकी नर्म-नर्म कमर पर हाथ लगाने में बहुत अच्छा लग रहा था। फिर मैंने कहा कि भाभी आपके टॉप पर बाम लग रही है। तब उसने कहा कि थोड़ा ऊपर कर दो। तब मैंने भाभी के टॉप को ऊपर किया तो तब मुझे उसकी ब्रा नज़र आ गयी, उसने गहरे ब्लू कलर की चमकीली वाली ब्रा पहनी हुई थी।

फिर में धीरे-धीरे उसकी पूरी पीठ की मालिश करने लगा, तो कभी-कभी उसके बूब्स पर अपना हाथ टच कर देता था, लेकिन उसने कुछ नहीं कहा। फिर उसने कहा कि आप तो बहुत अच्छी मालिश करते हो। तब मैंने हँसते हुए पूछा कि आपको मालिश करवाना अच्छा लगता है क्या? तो तब उसने कहा कि हाँ बहुत अच्छा लगता है। तब मैंने कहा कि मुझे भी मालिश करवाना बहुत अच्छा लगता है। तब उसने पूछा कि तुम किससे करवाते हो? तो तब मैंने कहा अपनी बीवी से करवा भी लेता हूँ और कर भी देता हूँ। तब उसने कहा कि तब तो स्पेशल मालिश होती होगी? तो तब मैंने हँसते हुए कहा कि हाँ कुछ स्पेशल होती है। तब उसने कहा कि किस चीज से मालिश करते हो अपनी बीवी की? तो तब मैंने कहा कि ऐसे ही बिना किसी क्रीम के, क्योंकि उस मालिश में कुछ अलग ही मज़ा होता है, कुछ लगाने से हाथों का स्पर्श अच्छा नहीं लगता और यह कहते हुए में भाभी की गांड के पास दबाने लगा।

तब उसने कहा कि कितनी देर तक मालिश करते हो? तो तब मैंने कहा कि करीब 1 घंटा। तब उसने कहा कि मेरी कितनी देर तक करोगे? तो तब मैंने कहा आप जब तक बोलोगे। फिर भाभी ने कहा कि मेरे पैरो में थोड़ी देर और मालिश कर दो बिना बाम के। तब मैंने कहा कि हाँ कर देता हूँ। अब में भाभी के पैरो को हल्के-हल्के हाथों से सहलाने लगा था। अब मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। अब में भाभी की जाँघो को भी सहलाने लगा था। तब भाभी ने कुछ नहीं कहा। तो कभी-कभी तो में उनकी जाँघो को दबाते हुए भाभी की चूत को भी टच कर देता था, लेकिन फिर भी भाभी ने कुछ नहीं कहा। अब में सोच में पड़ गया था कि आख़िर भाभी कुछ क्यों नहीं बोल रही है? फिर मैंने उठकर देखा तो भाभी को नींद आ गयी थी, लेकिन में अंजान बनकर भाभी की पीठ दबाने लगा और धीरे-धीरे उनकी चूत पर अपना हाथ फैरने लगा था। अब में पूरे जोश में आ गया था, लेकिन में और कुछ कर भी नहीं सकता था, क्योंकि मुझे डर था कि कहीं भाभी जाग गयी तो क्या सोचेगी?

फिर 10 मिनट के बाद भाभी की आँखे खुल गयी। फिर जब भाभी की आँख खुली तो तब मेरा हाथ भाभी की चूची पर था, लेकिन भाभी ने कुछ नहीं कहा। फिर हम वापस में बातें करने लगे। तब भाभी ने मुझसे कहा कि आप बहुत अच्छी मालिश करते हो, मुझे बहुत अच्छा लगा। तब मैंने हँसते हुए कहा कि आप बोलो तो और कर दूँ। तब भाभी ने कहा कि हम खाना खा ले, फिर थोड़ी देर और कर देना, ताकि मुझे अच्छे से नींद आ जाए। तब मैंने कहा कि ठीक है और फिर हम दोनों खाना खाने लगे। फिर खाना खाते-खाते भाभी ने मुझसे पूछा कि तुम्हारे कोई गर्लफ्रेंड भी है क्या? तो तब मैंने कहा कि स्कूल लाईफ में थी अब नहीं है। अब भाभी बार-बार मेरे लंड को देख रही थी, जो अभी भी खड़ा था। फिर हमने खाना खा लिया और लाईट बंद करके बातें करने लगे थे। अब मुझे बार-बार भाभी की मालिश याद आ रही थी। फिर मैंने भाभी से कहा कि लाओ में आपकी मालिश कर देता हूँ।  तो तब भाभी ने कहा कि लाओ पहले में तुम्हारी मालिश कर देती हूँ और फिर तुम मेरी कर देना। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर तब मैंने कहा कि भाभी मेरे बदन में कोई दर्द नहीं है, लेकिन भाभी ने कहा कि लाओ फिर भी कर देती हूँ। फिर मैंने लाईट ऑन कर ली और फिर भाभी ने अपने बैग में से एक खुशबूदार क्रीम निकाली और मुझे लेटने को कहा तो में लेट गया। फिर भाभी ने मेरे पैरो पर क्रीम लगाकर मालिश करनी शुरू की। अब मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था और मेरी पेंट से साफ पता चलने लगा था। फिर भाभी ने कहा कि बनियान उतार दो, वरना क्रीम लग जाएगी। तब मैंने अपनी बनियान उतार दी। फिर भाभी ने कहा कि हाफ पेंट भी उतार दो, क्यों खराब करते हो? तो तब मैंने कहा कि नहीं भाभी रहने दो। तब भाभी ने कहा कि लाईट बंद कर दो, मुझे कुछ नहीं दिखेगा। फिर भाभी ने खुद ही लाईट बंद कर दी और जबरदस्ती मेरी हाफ पेंट उतार दी और मालिश करने लगी थी।

अब मालिश करते-करते भाभी का हाथ बार-बार मेरे लंड को छू रहा था और अब मेरी हालत खराब हो रही थी। फिर भाभी ने मुझे उल्टा होने को कहा तो में उल्टा हो गया। अब भाभी मेरी गांड पर बैठ गयी थी और मेरी पीठ की मालिश करने लगी थी और बार-बार मेरी छाती पर अपना हाथ फैरते हुए दबाने लगी थी। तब मैंने मज़ाक करते हुए कहा कि भाभी में लड़का हूँ लड़की नहीं, लड़कियों की छाती की मालिश की जाती है लड़को की नहीं। तब भाभी हंसने लगी। फिर आधे घंटे तक भाभी ने मेरी मालिश की। अब मेरा लंड बिल्कुल टाईट हो चुका था। फिर मैंने कहा कि अब में आपकी मालिश कर देता हूँ। तब भाभी लेट गयी। फिर मैंने भी भाभी से कहा कि आप अपना टॉप उतार दीजिए, ऐसे ठीक से मालिश नहीं होती है। तब भाभी ने कहा कि ठीक है, लेकिन लाईट ऑन मत करना। तब मैंने कहा कि ठीक है और फिर भाभी ने अपनी टॉप उतार दी। अब में भाभी की पीठ को मसलने लगा था, भाभी का बदन एकदम दूध के जैसे गोरा था और उसने गहरे कलर की ब्रा पहन रखी थी। अब तो मेरा मन कर रहा था कि उसे पूरी तरह से मसल दूँ और जमकर चोदूं, लेकिन मेरी कुछ करने की हिम्मत नहीं हुई थी। फिर मैंने भाभी की गांड पर अपना हाथ रखते हुए कहा कि अपनी स्कर्ट भी उतार दो, लाईट तो बंद है मालिश करवाकर वापस पहन लेना और ये कहते हुए मैंने भाभी की स्कर्ट उतार दी और मालिश करने लगा था। अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था। अब में भाभी के पूरे बदन की मालिश करने लगा था और बार-बार अपने हाथ को भाभी की चूत के पास फैरने लगा था। तभी अचानक से भाभी ने कहा कि जैसे मैंने तुम्हारी मालिश की वैसे तुम भी मेरी मालिश करो। तब में कुछ समझा नहीं। फिर भाभी ने कहा कि मेरे बूब्स में भी दर्द होने लगा है। तब में समझ गया कि अब भाभी गर्म हो चुकी है। तब में तुरंत भाभी की पीठ को दबाते हुए भाभी की चूचीयों को दबाने लगा। फिर मैंने कहा कि भाभी आपकी ब्रा पर क्रीम लग रही है। तब भाभी ने कहा कि पीछे से हुक खोलकर निकाल दो। तब मैंने भाभी की ब्रा के हुक खोलकर उनकी ब्रा निकाल दी। अब भाभी ऊपर से पूरी नंगी हो गयी थी।

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फिर में भाभी की चूचीयों की मालिश करने लगा और बार बार निप्पल को मसलने लगा था। अब भाभी पूरी गर्म हो चुकी थी। फिर भाभी ने कहा कि तुम्हारे हाथों में जादू है, मन ही नहीं भरता है। तब मैंने कहा कि भाभी तुम्हारे बदन में जादू है इतना मज़ा तो मुझे मेरी बीवी की मालिश करके भी नहीं आता है। फिर मैंने भाभी को खुश करने की सोची और भाभी की तारिफ करने लगा, ताकि वो मुझसे खुश हो जाए, वैसे तारीफ सच्ची ही थी। फिर मैंने भाभी से कहा कि भाभी आप कौन से साबुन से नहाती हो? जो आपका बदन इतना गोरा और मुलायम है और फिर मैंने कहा कि भाभी आपको देखकर कोई बोल नहीं सकता की आपकी शादी को 3 साल हो गये है, आप तो अभी भी बिल्कुल कच्ची कली की तरह लगती हो। अब अपनी तारीफ सुनकर भाभी खुशी से हंसने लगी थी और कहने लगी कि तुम भी तो अभी बिल्कुल कुंवारे लगते हो। तो तब मैंने कहा कि आप ये कैसे कह सकती हो? तो तब भाभी ने कहा कि तुम्हारी मालिश करके पता चल गया।

फिर तब मैंने पूछा कि कैसे? तो तब भाभी ने कहा कि तुम्हारा टाईट रोड देखकर जो अंदर से इतना मस्त लग रहा था। फिर मैंने भाभी की चूचीयों को दबाते हुए कहा भाभी आप बुरा ना मानो तो में आपकी निपल्स को चूसना चाहता हूँ। तब भाभी ने कहा कि एक शर्त पर। तब मैंने कहा कि आपकी जो भी शर्त होगी मुझे मंजूर है। तब भाभी ने कहा कि में तुम्हारे लंड की मालिश करूँगी तो तब मैंने कहा कि में तैयार हूँ। तब भाभी ने कहा कि चूसो मेरी निप्पल। फिर मैंने उनकी निपल चूसने से पहले उनकी निपल पर अपनी जीभ को फैरते हुए भाभी को गर्म करने की कोशिश की। अब भाभी पूरी गर्म हो गयी थी और सिसकियाँ लेने लगी थी आआआआआ, दीपक प्लीज ऐसे मत करो। अब में फिर भी अपनी जीभ से उनकी निपल को चाटते हुए उनकी चूचीयों को दबाने लगा था। फिर भाभी ने मेरी चड्डी में अपना एक हाथ डाला और मेरे लंड को पकड़कर हिलाने लगी थी। अब में भाभी की निप्पल को चूसने लगा था। अब में भी पूरे जोश में आ गया था और अब मेरा लंड खंबे के जैसे टाईट हो गया था।

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फिर में उठा तो तब भाभी ने तुरंत मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी थी। अब में भाभी के मुँह में अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा था। फिर करीब 10 मिनट तक भाभी ने मेरे लंड का स्वाद लिया। फिर मैंने भाभी से कहा कि भाभी अब सो जाते है। तब भाभी ने गुस्से में कहा कि मुझे गर्म करके सोने की बात करते हो। तब मैंने कहा कि में तो मज़ाक कर रहा था और अब में भाभी के पूरे बदन को चाटने लगा था। अब भाभी बर्दाश्त के बाहर हो रही थी। अब भाभी की चूत में से पानी निकलने लगा था। फिर मैंने अपने लंड को भाभी के पूरे बदन पर घुमाया। अब भाभी बार-बार मेरे लंड को अपने मुँह में लेने की कोशिश करने लगी थी। फिर जब मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ तो तब मैंने पहले भाभी की गांड में अपना लंड डाला और करीब आधे घंटे तक भाभी की गांड का मज़ा लिया। अब भाभी पूरी तरह से कराह उठी थी और कहने लगी कि अब मुझसे बर्दाश्त नहीं होता है। फिर मैंने भाभी की चूत पर अपने लंड का सुपाड़ा फैरा तो तब भाभी जोश में आकर मेरे लंड को पकड़कर अपनी चूत में डालने लगी और आहह, एहह, आआआआ, उूउउ, आआआआ, उउउ करने लगी थी।

फिर करीब आधे घंटे तक उनकी चूत की चुदाई करने के बाद हम दोनों शांत हो गये और नंगे ही सो गये थे। फिर सुबह होने के बाद दिल्ली आने से पहले हमने एक बार फिर से चुदाई का मज़ा लिया। फिर हम दिल्ली में 10 दिन तक रहे और फिर हम रोज मिलते और किसी होटल में जाकर चुदाई का मज़ा लेते थे। फिर जब में वापस वड़ोदरा आया तो तब भाभी ने मुझे अपने घर बुलाया और अपने ए.सी रूम में चुदाई का मज़ा लिया। फिर हम एक साथ बाथ टब में नहाए और फिर हमने बाथ टब में भी चुदाई का मज़ा लिया और फिर ऐसा करीब 3 साल तक चलता रहा। फिर अचानक से भाभी के ससुराल वालों ने सिटी चेंज कर ली और मुंबई शिफ्ट हो गये थे। अब में जब भी मुंबई जाता हूँ तो वो मुझसे होटल में मिलती है और हम होटल में चुदाई का मज़ा लेते है और खूब इन्जॉय करते है ।।

धन्यवाद …

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